नीतिवचन 26:18
जैसा एक पागल जो जलती लकड़ियाँ और मृत्यु के तीर फेंकता है,
कितना जंगली और खतरनाक आदमी है! उसे हथकड़ी लगाओ! उसे हवालात में बंद करो! यहाँ एक उपमा प्रयुक्त हुई है, जो “जैसा” शब्द से इंगित की गई है। यह मानसिक रूप से विक्षिप्त पागल मनुष्य किसके सदृश है? एक ऐसा मनुष्य जो अन्धाधुन्ध तरीके से जलती लकड़ियाँ और मृत्यु के तीर फेंक रहा है? जो कोई अपने पड़ोसी को धोखा देता है और अपने बुरे इरादों को हँसी-मज़ाक में छिपाता है, वह इसी पागल मनुष्य के समान है (नीति 26:19)।
एक पागल व्यक्ति की कल्पना करें, जैसा कि गिरासेनियों के देश का दुष्टात्माग्रस्त मनुष्य (मरकुस 5:1-13)। वह नग्न है, शक्तिशाली है, जंगली जानवर की तरह बर्बर है, मर्दाना तरीके से हिंसक है, अदम्य है और मृतकों के बीच रहता है। अब उसकी कल्पना अपनी संपत्ति पर करें। कल्पना कीजिए कि वह आपके घर में है। आपके साथ काम करता है। सुलैमान ने एक ऐसे पड़ोसी की तस्वीर बनाई जो आपको धोखा देता है और बड़ी आसानी से बाहाना बनाकर बच निकलता है।
दुष्ट पुरुषों को लगता है कि उनके कार्य इतने भी नुक़सान पहुंचनेवाले नहीं हैं। इसलिए सुलैमान ने आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए इन शब्दों का उपयोग किया और उनके कार्यों को सही ढंग से वर्गीकृत किया। पड़ोसियों को, क्योंकि वे एक-दूसरे से निकट रहते हैं, एक-दूसरे पर भरोसा करना चाहिए। उन्हें हर समय एक-दूसरे पर भरोसा करने में सक्षम होना चाहिए। लेकिन एक धोखेबाज और महत्वाकांक्षी पड़ोसी की तुलना इस जंगली दुश्मन से की जा सकती है।
सबक क्या है? जो लोग आप पर भरोसा करते हैं उन्हें धोखा देना एक भयानक पाप और अपराध है। पड़ोसी, नियोक्ता और अन्य लोग आपकी ईमानदारी पर भरोसा करते हैं। आप उनके इतने करीब होते हैं कि उनका फायदा उठाने की गुंजाइश होती है, इसलिए ज़रूरी है कि वे आपकी ईमानदारी पर भरोसा रखें कि आप इस निकटता का ग़लत फायदा उठाकर उन्हें धोखा नहीं देंगे। ख्रिश्चन मनुष्य के रूप में यह आपका कर्तव्य है कि आप सभी लोगों के साथ ईमानदारी से रहें, विशेषकर अपने निकटतम लोगों के साथ।
आप इस नीतिवचन से और क्या सीख सकते हैं? पाप को हल्के में लेकर यह दावा करके छिपाना और बहाना करना कि यह तो महज एक मज़ाक था, एक अत्यंत घिनौने चरित्र को प्रकट करता है। ऐसे व्यक्तियों के पास कोई विवेक नहीं होता; वे पाप पर हंसते हैं; वे यह नहीं समझते कि उनके धोखे से दूसरों को कितनी पीड़ा होती है। आप सभी रिश्तों, विशेषकर पड़ोसियों के प्रति कुलीन और गंभीर दृष्टिकोण रखकर इस मूर्खता का प्रतिरोध कर सकते हैं।
आप इस नीतिवचन से और क्या सीख सकते हैं? केवल मूर्ख ही पाप का मज़ाक उड़ाते हैं (नीतिवचन 10:23; 14:9; 15:21)। पाप एक भयानक चीज़ है – यह आपके सृष्टिकर्ता परमेश्वर की अवहेलना करता है, आपके मित्रों को चोट पहुँचाता है, लाभदायक रिश्तों के लिए असुविधाजनक है, और अनन्त दंड की ओर ले जाता है। केवल निराशा से पीड़ित उपहासक और विद्रोही ही पाप पर हँसते और उसपर हँसी-मज़ाक करते हैं। पाप से बचना है, उससे घृणा करनी है, और उस पर पश्चाताप करना है।
आप इस नीतिवचन से और क्या सीख सकते हैं? परमेश्वर को मूर्खतापूर्ण बातचीत और हँसी-मज़ाक से नफरत है। वह इन जघन्य पापों के लिए इस संसार को नष्ट कर देगा। वह मूर्खतापूर्ण बातचीत और हँसी-मज़ाक को व्यभिचार, अशुद्धता और लोभ के साथ सूचीबद्ध करता है जी कि अन्य घृणित पाप हैं (इफिसियों 5:3-7)। और वह मूर्खतापूर्ण बातचीत और हँसी-मज़ाक का वर्णन वैसे ही करता है जैसे वह पुरुषगामिता का वर्णन करता है – दोनों ही अप्राकृतिक पाप हैं (इफिसियों 5:4 , तुलना करें रोम 1:28)।
ये दुष्ट लोग, उस पागल मनुष्य के समान जो जलती लकड़ियाँ और मृत्यु के तीर फेंकता है, यीशु मसीह की कलीसियाओं में भी पाएं जा सकते हैं (2 पतरस 2:13; नीतिवचन 6:19; गलातियों 5:15)। इसलिए, उन्हें पहचानना और उन्हें उनके रास्ते पर ही रोकना आपका गंभीर और परम कर्तव्य है, क्योंकि ऐसा आचरण कलीसिया की शांति और समृद्धि के लिए विनाशकारी है। प्रभु, अपने लोगों को ऐसे पापों और पापियों से बचा!
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