नीतिवचन 26:15

आलसी अपना हाथ थाली में तो डालता है, परन्तु आलस्य के कारण कौर मुँह तक नहीं उठाता।

आलसी लोगों ताने मरना अच्छा ही है। और सुलैमान इस कला में विशेषज्ञ था। भूल जाइए कि राजनीतिक रूप से सही, सेमिनरी से प्रशिक्षित और उद्देश्य-चालित महिलाओं को क्या कहना है। इस नीतिवचन में, पवित्र आत्मा एक ऐसे व्यक्ति का वर्णन करता है जो इतना आलसी है कि वह खाने के लिए भी अपना हाथ आगे नहीं बढ़ाता और कौर को अपने मुँह तक नहीं उठाता। परमेश्वर ने इस आनंददायक और बुद्धिमान नीतिवचन को एक जुड़वाँ भाई दिया है (पढ़े नीतिवचन 19:24)। क्या आप परमेश्वर की बुद्धि को इतना महत्व देते हैं जो आलसियों और उनके मूर्खतापूर्ण आलस्य से घृणा करती है?

अपनी बाहों को अपनी छाती पर मोड़कर आराम की स्थिति में बैठने का आसन लें। अब आपके हाथ कहाँ हैं? वे विपरीत भुजाओं की स्थिति में आपकी छाती के सामने छिपे हुए हैं। यहीं पर एक आलसी मनुष्यअपनी जेबों के साथ-साथ अपने हाथ भी रखता है। चूँकि वह भोजन के लिए कड़ी मेहनत नहीं करेगा, इसलिए सुलैमान ने उसका उपहास यह कहकर किया कि वह कौर को मुँह तक ले जाने में लगनेवाली मेहनत की विचार से भी दुःखी होता है। उसके हाथों में कोई ज़ोर या लचक नहीं है, लेकिन उसके होंठों में हमेशा ज़ोर या लचक है, क्योंकि जो भी मूर्ख उसे सुनेगा, उसके सामने वह खुद को सही ठहराता है (नीतिवचन 26:13-16)।

कड़ी मेहनत भक्तिमानता है, यह आवश्यक है और अपेक्षित है। पाप इस दुनिया में आया उस से पहले ही, परमेश्वर ने आदम को अदन की वाटिका की देखरेख का काम सौंपा था (उत्पत्ति 2:15)। बेशक, पाप करने के बाद, काम मनुष्य के जीवन का अत्यन्त महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया (उत्पत्ति 3:17-19,23)। कठिन, लगातार और निरंतर परिश्रम के बिना, एक व्यक्ति जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर पाएगा (नीतिवचन 10:4; 13:4; 19:15)। परमेश्वर ने आदेश दिया है कि आलसी लोगों को चर्च से बहिष्कृत कर दिया जाना चाहिए और भूखा रखा जाना चाहिए (नीतिवचन 20: 4; 2 थिस्स 3: 6-14)।

परमेश्वर ने तुम्हें सिर्फ़ इसलिए हाथ नहीं दिएँ की तुम उनका उपयोग केवल अंगूठियाँ पहनने के लिए करों। आपकी पांच अंगुलियों के दो सेट अब तक डिज़ाइन किए गए सबसे अधिक उत्पादक छोटे उपकरण हैं। अगर इच्छा, प्रयास की आत्मा और थोड़ा-सा भी प्रशिक्षण हो तो, आप प्रति मिनट 1 बटन सिल सकते हैं, प्रति मिनट 10 सरल भागों को जोड़ सकते हैं, प्रति मिनट 100 शब्द टाइप कर सकते हैं, या प्रति मिनट 1000 टुकड़ों के आकार के अनुसार फलों को क्रमबद्ध कर सकते हैं। आपके हाथों में अद्भुत शक्ति है। वे हथोड़ा उठाकर औज़ार बना सकते हैं या पियानो को बजाकर संगीत सिखा सकते हैं। परमेश्वर को महिमा दो! अपने हाथों को काम पर लगाओ!

चूँकि आपके हाथ आपके सबसे मूल्यवान उपकरण हैं, इसलिए सुलैमान अक्सर उनका उल्लेख करता है। ढीला हाथ आपको गरीब बना देगा; एक मेहनती हाथ आपको अमीर बना देगा (नीतिवचन 10:4)। मेहनती व्यक्ति के हाथ में शासन होगा (नीतिवचन 12:24)। सद्गुणी स्त्री के हाथ अथक होते हैं (नीतिवचन 31:13,16,19-20,31)। और जो भी काम आपके पास हो, उसे अपने हाथों का पूरी शक्ति से उपयोग करते हुए करो। (सभो 9:10)

इच्छा आलसी आदमी को मार डालती है, क्योंकि जो वह हासिल करना चाहता है उसके हाथ उस चीज़ को पाने के लिए कड़ी मेहनत करने से इनकार कर देते हैं (नीतिवचन 21:25-26)। आलसी लोग अपने हाथ मोड़ लेते हैं और अपने विनाश के लिए कुछ और मिनटों तक बिस्तर पर पड़े रहते हैं (नीतिवचन 24:33)। मूर्ख अपने हाथ मोड़ लेता है और अपना जीवन बर्बाद कर लेता है (सभो 4:6)। और एक स्त्री अपने आलसी हाथों के कारण अपने परिवार की संपत्ति को बर्बाद कर सकती है (नीतिवचन 14:1; सभो 10:18)।

आज आपको क्या काम करने की आवश्यकता है? उसे अभी करो! अपने काम में परिश्रमी होना सच्चे ख्रिश्चन मनुष्य को चिह्नित करता है (रोमियों 12:11; 1 थिस्स 4:11-12)। स्वर्ग में बैठे अपने सृष्टिकर्ता और पिता को आज ही अपनी भक्तिपूर्ण कार्य नीति दिखाएं और उन सांसारिक ईसाइयों और सांसारिक लोगों को शर्मिंदा करें जिनके हाथ निष्क्रिय और आलसी हैं। अगर इस नीतिवचन का पाठ ध्यान में रखकर उसपर अमल किया जाए तो कई श्रमिकों को आगे बढ़ने में आसानी होगी।

आपके हाथ दूसरों की सेवा कर सकते हैं – इसे मदद के लिए हाथ बढ़ाना कहा जाता है, “क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ?” यापा में रहनेवाले दोरकास को ऐसे ही सद्गुण के लिए जाना जाता था (प्रेरितों 9:36,39)। जब दूसरे लोग जुड़ते हैं, तो कई हाथ मिलकर काम को और भी हल्का और आसान कर देते हैं। आलस्य और स्वार्थ लोगों को दूसरों की मदद करने से रोकते हैं, फिर भी यह दूसरी आज्ञा है। आज आपके हाथ किसी और के लिए क्या कर सकते हैं?

सिर्फ़ अपने मुँह के लिए रोटी प्राप्त करने के अलावा भी इस जीवन में और भी बहुत कुछ है – आपको परमेश्वर के वचनों को सीखने और लागू करने की भी आवश्यकता है, जो रोटी से भी अधिक महत्वपूर्ण हैं (लूका 4:4; व्यवस्था 8:3)। आपके हाथों ने आखिरी बार बाइबल के पन्ने कब पलटे थे, आपके हाथों ने पास्टर के किसी धर्मोपदेश की समीक्षा करने के लिए अपने चर्च की वेबसाइट पर आखरी बार क्लिक किया था, या अपनी आत्मा के लिए उत्कट प्रार्थना के लिए वे आखरी बार कब उठे थे। उन्हें आज ही काम पर लगायें!

नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।