नीतिवचन 23:8
जो कौर तू ने खाया है उसे तू उगल देगा, और अपनी मीठी बातें गवांएगा। (केजेवी)
बहकानेवाले का मीठा कौर आप को बीमार कर देगा! आप उसे उगल देंगे जो आप ने सोचा था कि सुखद और आनन्दप्रद होगा। दयालुता के उनके उदार प्रस्ताव के द्वारा धोखा न खायें।
परमेश्वर को आपके जीवन की चिन्ता है। सुलैमान ने यहाँ आप को विलासमय जीवन जीने के विषय में चेतावनी दी है। प्रथम, आप को धनी और प्रसिद्ध लोगों की जीवन-शैलियों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, विशेषकर तब यदि आप उनके प्रति आकर्षित हैं (नीति.23:1-3)। यह इसलिए क्योंकि उनका धन व्यर्थ और दीर्घकालिक है (नीति.23:4-5)। अन्त में, आप को उन के हृदयों को पहचानना है जो आप को भड़कीली चीजें प्रस्तुत कर रहे हैं और मीठे शब्द बोलते हैं (नीति.23:6-8)।
चाहे आप कितना ही सुन्दर चीजें या मीठे शब्दों को सुनना पसन्द करते हैं, उन के साथ मत खाइये, और न ऐसों से मित्रता करें जिनके मंसुबे छिपे हुए होते हैं। ये आपका कर्तव्य है कि आप बुद्धिमान बने और उसका हृदय और उसमें छिपे वास्तविक इरादों को जानने के लिए एक आलोचक दृष्टिकोण से उसके जीवन और परिस्थिति का विश्लेषण करें (नीति.23:6)। इस से फर्क नहीं पड़ता कि वह क्या कहता या आप के समक्ष मेज पर क्या रखा है, आप उस पर भरोसा नहीं कर सकते (नीति.23:7)।
यदि आप मूर्खतापूर्ण ढंग से आगे बढ़ते और उसकी चीजों और शब्दों का आनन्द लेते हैं, आप जल्द ही अपनी भूल को जान लेंगे, और झूठी तरफ्दारियां जो आप ने स्वीकार की थी, आप को पछाड़ लेंगी। आप उस स्वादिष्ट कौर की उलटी कर देंगे, और चापलूसी जो आप ने सुनी उसे आप तुच्छ जानेंगे, दोनों का उपयोग आपका लाभ उठाने के उद्देश्य से आपके विरोध को कम करने के लिए किया गया था। यह इस नीतिवचन की चेतावनी है। धन्यवाद, प्रभु।
पापी अपने शिकार को उस की तारीफ और प्रशंसा करके लुभाते हैं। ऐसा ही शैतान ने हव्वा के साथ अदन की वाटिका में किया (उत्प.3:1–6); हत्यारे उनके दलों में जुड़ने के लिए मित्रता और सुविधा प्रस्तुत करते हैं (नीति.1:10-19); व्यभिचारणियाँ मूर्ख पुरुषों को बहकाने के लिए प्रेम और विलास की बातें करती हैं (नीति.7:10-21); झूठे शिक्षक समकालीन मसीहियों को मनमर्जी का जीवन जीने की स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा देते हैं (2 पतरस 2:18–20); और रोम के पुरोहित बड़ी विनम्रता का ढोंग करते हैं जब वे उनके भव्य ‘मदर चर्च’ को महिमामण्डित करते हैं (प्रका.17:1-6)।
विचार करें कि किस प्रकार स्त्रियाँ पुरुषों को उनके विनाश की ओर लुभाती हुई ले जाती हैं – वेश्या लैंगिक पापों, और तत्पश्चात मृत्यु और नरक की ओर ले जाती हैं (नीति.2:18; 5:5; 7:27; 9:18), और घिनौनी स्त्री एक पीड़ादायक और नर्क जैसे विवाह की ओर ले जाती है (नीति.12:4; 21:9, 19; 30:23)। कैसे ये दो स्त्रियाँ – सबसे बड़े खतरों और शत्रुओं में से दो – इतने सारे पुरुषों, यहाँ तक कि बलवानो पर भी इतनी कामयाब हो जाती हैं (नीति.7:26)?
प्रथम, वे मनभावनी चीज़े प्रस्तुत करती हैं – ऐसी चीजें जिनकी पुरुष लालसा करते हैं, चाहे यौन स्वतंत्रताएँ हो या उत्तम भोजन। यह कई बार कहा जा चुका है कि पुरुष के हृदय तक का सबसे तेज रास्ता उसके पेट से होकर जाता है। कोई अचरज नहीं कि सुलैमान ने भोजन के बारे में ये चेतावनी लिखी (नीति.23:6-8)। फिर, वे हर चीज को जितना सम्भव हो सुन्दरता से तैयार करती हैं – अपने शरीरों और साज-सज्जा को (नीति.7:10-21)।
परन्तु राजा लमूएल की माता ने आपको दोनों युक्तियों से बचाया है। आदर्श स्त्री के लिए उसके महान संक्षिप्त नियम पर विश्वास और पालन करें, “शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है, परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी” (नीति.31:30)। ऐसे बहुमूल्य नीतिवचन के मूल्य का अन्दाज़ लगाना कठिन है। इसका पालन करने के द्वारा लाखों पुरुष बचाये जा सकते थे।
संगति जो आप रखते हैं, वह उस भोजन से अधिक महत्वपूर्ण है जिसे परोसा जाता है या उन शब्दों से जो बोले जाते हैं। बहकाने वाले उनके शिकार को स्वादिष्ट भोजन और चापलूसी के आदर-सत्कार से निःशस्त्र करने में प्रवीण होते हैं। ये आप की बुद्धि है कि मनुष्य को उसके चरित्र और उद्देश्यों के द्वारा मापें और मेज़ पर के भोजन को या उनके मुंह से निकलते हुए शब्दों को अनदेखा करें। परमेश्वर और सुलैमान ने आपको बचाने का प्रयास किया।
कोई भी व्यंजन-सूची एक स्वादिष्ट व मीठा निवाला हो सकती है, यदि वहाँ प्रेम है (नीति.15:16-17; 17:1)। एक सच्चे मित्र से कोई भी शब्द, भले ही वे एक डांट हैं, एक वास्तविक दयालुता और चुम्बनों से बेहतर हैं (नीति.27:5-6; 28:23; भजन 141:5)। ऐसे प्रिय मित्र आप कहाँ पा सकते हैं? यीशु मसीह की सच्ची कलीसियाओं में, जहाँ वे रहते, सेवा करते, वार्तालाप करते, और उस के प्रति विश्वासयोग्यता में मर जाते हैं।
कुलीन स्त्री रुपी बुद्धि ने एक मेज़ तैयार की है जहाँ आप पूरी बेफिक्री से खा सकते और उसकी हर एक चीज और शब्द का आनन्द ले सकते हैं (नीति.9:15)। आप उसे कहाँ पाते हैं? बाइबल में, जो परमेश्वर की बुद्धि है, और उसके उपदेशकों में जो उसकी बुद्धि सिखाते हैं। और प्रभु यीशु मसीह उसके स्वयं के मांस और लहू का वही भोज प्रस्तुत करता है, उन सभी को जो उस पर विश्वास करते और आज्ञा-पालन करते हैं (यूहन्ना 6:28-69)।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।