नीतिवचन 23:3
उसकी स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं की लालसा न करना, क्योंकि वह धोखे का भोजन है।
चैन और आराम की ज़िन्दगी से सावधान रहें। स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं जैसी बढ़िया चीजें खतरनाक हो सकती हैं। ऊँचें लोगों की जीवनशैली को देखकर शानोशौकत की अपनी भूख और लालसा को न बढ़ाएं, क्योंकि यह धोखा है। अमीर और प्रसिद्ध लोगों की जीवनशैली? नहीं, यह मरें हुएं और शापित लोगों की जीवनशैली है।
यीशु मसीह के सच्चे धर्म में आपका परिवर्तित होने से पहले उनकी जीवनशैली से मिलतीजुलती आपकी बिती हुई ज़िन्दगी काफ़ी थीं। अब आप कामुकता, वासना, शराब की अधिकता, मौज-मस्ती और दावतों को अस्वीकार करें। और भले ही उन्हें लगे कि अब उनके साथ संगत न करके आप एक अजीब-सी सख्ती कर रहें हैं, फिर भी आप जानते हैं कि उन पर दण्ड आने पर है (1 पतरस 4:3-5)।
सुलैमान के नीतिवचन अक्सर बिना किसी संदर्भ के अपने आप में स्वतंत्र कथन हैं, आम तौर पर पहले और बाद के नीतिवचनों से उनका कोई सम्बन्ध नहीं होता है, लेकिन यहाँ यह महत्वपूर्ण है। इस नीतिवचन का संदर्भ किसी राजा के साथ दोपहर का भोज है (नीतिवचन 23:1)। बुद्धि चेतावनी देती है कि आप पहले ठण्डे दिमाग से विचार करें (नीतिवचन 23:1), क्योंकि शानोशौकत का जीवन आपको धोखा दे सकता है, खासकर यदि आप ऐसे जीवन के प्रति एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं तो (नीतिवचन 23:2-3)। उसकी जीवनशैली की चाहत में मूर्ख मत बनो, क्योंकि यह व्यर्थ है और जल्द ही उड़ जाती है (नीतिवचन 23:4-5)। स्वादिष्ट भोजनवस्तुयें और चापलूसी भरे शब्द यह साबित नहीं करते कि न्योता देनेवाले का मन साफ़ है, इसलिए सावधान रहें (नीतिवचन 23:6-8)।
शरीर की वासना एक शक्तिशाली और आम परीक्षा है (1 यूहन्ना 2:16)। यह शरीर की वासना ही थीं जिसने हमारी आदि माता को वर्जित फल खाने के लिए बहकाया, उस ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने के लिए अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहनेयोग्य भी था (उत्पत्ति 3:6)। शैतान ने हमारे प्रभु यीशु मसीह की परीक्षा ली तब उसने अपने प्रथम चरण में शरीर की वासना का ही इस्तेमाल किया – “कह दे, कि ये पत्थर रोटियाँ बन जाएँ” (मत्ती 4:1-4)। अमीरों की आलीशान ज़िंदगी जीने और उनके जैसी महंगी भोजनवस्तुएं खाने की आपकी लालसा आपको बहका सकती है।
स्वादिष्ट भोजनवस्तुयें ज़्यादातर लोगों के लिए घातक होती हैं। अगर आपको स्वादिष्ट खाना पसंद है, तो अपने गले पर छुरी रख लें (नीतिवचन 23:2)। आपको सख्ती से आत्म-संयमी होना होगा (मत्ती 18:8-9)। यह आपको ख़ुमार, अर्थात् लोलुपता की ओर ले जा सकता है, इसलिए हमारे प्रभु ने इसके खिलाफ चेतावनी दी है (लूका 21:34)। और जैसा दिन को शोभा देता है, आपको जागते और सतर्क रहना होगा, और विलासितापूर्ण जीवन जीने के आदी होकर आलसी नहीं होना है (रोमियों 13:11-14; 1 थिस्सलुनीकियों 5:6-8)। आप जीने के लिए खाते हैं, न कि खाने के लिए जीते हैं। ज़रूरी है कि आप अपनी भूख पर नियंत्रण रखें; ऐसा न हो कि वह आप को अपने वश में कर ले।
स्वादिष्ट भोजनवस्तुयें ज़्यादातर लोगों को लुभाती हैं। ऐसी भोजनवस्तुओं और जीवनशैली का आनंद और माहौल बड़ा लुभावना होता है। एक बढ़िया रेस्टोरेंट का माहौल सावधानी से योजनाबद्ध किया हुआ होता है, और इसकी शक्ति आकर्षक हो सकती है। यह आसानी से आपकी कमाई, विलासिता और बढ़िया चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करने की ओर ले जा सकता है, जबकि आपकी प्राथमिकता आनंद से ज़्यादा परमेश्वर का प्रेम हो (2 तीमुथियुस 3:4)। संतोष के साथ भक्ति बहुत बड़ी कमाई है, लेकिन शासक की मेज इस संतोष से रहित होती है (1 तीमुथियुस 6:6-10)।
इन नीतिवचनों के लेखक राजा सुलैमान, प्रतिदिन एक शानदार मेज पर बैठते थे, जहाँ अब तक का सबसे बढ़िया भोजन तैयार और परोसा जाता था। यहाँ तक कि शेबा की रानी भी उनकी मेज पर जो कुछ देखती थी, उससे हैरान हो गई थी (1 राजा 10:4-9)। वह किसी भी अमीर आदमी, पाक विशेषज्ञ या कार्यकारी रसोइये से ज़्यादा जानता था कि सच्ची खुशी क्या है। उसने समझदारी से सिखाया कि जहाँ प्रेम, शांति और धार्मिकता निवास करती है वहां कोई भी मामूली भोजन, चाहे दाल-रोटी ही क्यों न हो, दावत में बदल सकता है, जिसका आनंद गरीब भी रोज़ ले सकते हैं (नीतिवचन 15:16-17; 17:1; 28:6)। इन ईश्वर-प्रेरित प्राथमिकताओं पर विश्वास करें और आज रात आपके घर जो भी दाल-रोटी और अचार हो, वही खाएँ।
स्वादिष्ट भोजनवस्तुयें ज़्यादातर लोगों के लिए धोखा है। स्वादिष्ट भोजनवस्तुयें और शराब लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह बनने की ओर ले जाती हैं और उन्हें फँसाती हैं (नीतिवचन 23:33; उत्पत्ति 19:30-38; हब 2:15)। भोजन के दौरान कई पापों की योजना बनाई जाती है। स्वादिष्ट भोजनवस्तुयें आत्म-प्रतिरोध को तोड़ती है, जैसे शराब। महिलाओं को यह सिखाया गया है कि पुरुषों के दिल तक पहुँचने का सबसे तेज़ रास्ता उनके पेट से होकर जाता है। वासना से भरे पुरुष भी स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं के ज़रिए औरतों को बहकाते हैं। दोपहर के भोजन के दौरान बहुत सारा व्यापार किया जाता है, क्योंकि किसी स्कीम का प्रतिनिधि या सेल्समैन के पास अपने ग्राहकों को किसी अच्छे रेस्तरां में ले जाकर स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं के ज़रिए लुभाने के लिए व्यय खाते होते हैं। सावधान!
जिस दौड़ में आप शामिल हुए हैं उसे जीतने के लिए आपको अपने शरीर को वश में रखना होगा (1 कुरिन्थ 9:24-27)। हमारे प्रभु के पास अपना सिर धरने की भी कोई आरामदायक जगह नहीं थी, आलीशान भोजन से सजी बढ़िया मेज पर एक आरामदायक कुर्सी तो बहुत दूर की बात थी (मत्ती 8:20)। आपको पाँच सितारा नामक किसी भी चीज़ की ज़रूरत नहीं है। अपने शरीर की अभिलाषाओं को पूरा करने का उपाय न करो, क्योंकि आप पहले से ही बहुत-सी परीक्षाओं के ख़तरों में हैं (रोमियों 13:14; मत्ती 6:34)। समझदार और बुद्धिमान बनें। अमीर और मशहूर लोगों की जीवनशैली से बचें, और प्रेम और शांति के ज़रिए किसी भी भोजनवस्तु को स्वादिष्ट बनाएँ।
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