नीतिवचन 23:24
धर्मी का पिता बहुत मगन होता है; और बुद्धिमान का जन्मानेवाला उसके कारण आनन्दित होता है।
एक पिता कैसे आनन्दित हो सकता है? इसका उत्तर सरल है – यदि उसका बेटा धर्मी और बुद्धिमान है। एक पिता कैसे दुखी हो सकता है? इसका उत्तर भी उतना ही सरल है – यदि उसका बेटा मूर्ख और दुष्ट है।
यह सुलैमान का अवलोकन और मनोकामना है, क्योंकि उसके अपने कई पुत्र थें (नीतिवचन 23:19,26)। साथ ही यह सुलैमान का पिताओं को प्रोत्साहन भी है कि वे अपने बच्चों को उस महान आनंद के लिए प्रशिक्षित करें जो वे उन्हें दे सकते हैं (नीतिवचन 4:1-9; 22:6,15; 29:15,17)। यह सुलैमान की चेतावनी है कि बच्चों को अपने धर्मी और बुद्धिमान जीवन से अपने पिता की प्रतिष्ठा बढ़ानी चाहिए (नीतिवचन 20:20; 27:11; 30:11,17)।
सुलैमान ने अपने बच्चों को प्रशिक्षित किया (नीतिवचन 4:1-2), जैसा कि दाऊद ने उसे प्रशिक्षित किया था (नीतिवचन 4:3-9), लेकिन वे दोनों अपने बच्चों को उनकी मूर्खतापूर्ण दुष्टता के कारण खो बैठे जैसे कि अम्नोन, अबशालोम, अदोनिय्याह और रहूबियाम। वे बहुत व्यस्त थे (2 शमूएल 15:1-6; सभोपदेशक 2:4-11), बहुत लापरवाह थे (1 राजा 1:6), और उनके सामने भयानक मिसालें बनें (2 शमूएल 5:13-16; 11:1-27; 1 राजा 11:1-8; 2 इतिहास 11:18-23; 12:1)।
पिताओ, धर्मी और बुद्धिमान बच्चों में बहुत आनन्द है। सुलैमान के बुद्धिमानी भरे अवलोकन को सुनो। मूर्ख और दुष्ट बच्चों को ठीक से प्रशिक्षित न करके आप उनसे मिलनेवाले दर्द और शर्म का जोखिम क्यों उठाते हो? नीतिवचन की यह पुस्तक उनको शिक्षा देने के बारे में चेतावनियों और नियमों से भरी हुई है, और साथ ही यह गहन प्रशिक्षण के लिए बहुमूल्य विषयवस्तु से भरी हुई है।
क्या आप दाऊद और सुलैमान की तरह बहुत व्यस्त हैं? इतना व्यस्त होना कि आप परमेश्वर द्वारा सौपे इस महान कर्तव्य को ही न निभा सके, बुरी बात है (नीतिवचन 22:6,15; इफिसियों 6:4)। क्या आप लापरवाह बनकर इस कठोर प्रेम की उपेक्षा करना चाहते हैं (नीतिवचन 19:18; 23:13-14; 29:15,17)? देखो, एली को इसकी क्या कीमत चुकानी पड़ी (1 शमूएल 2:27-36; 3:13)। आप किस तरह के उदाहरण हैं? अगर वे सार्वजनिक और निजी तौर पर आपके जैसे ही बन जाते हैं, तो क्या वे धार्मिक और बुद्धिमान होंगे?
आप उन्हें समय देना और प्रशिक्षण देना कब शुरू करेंगे? बाद में? जब आपके बच्चे बड़े हो जाएँगे? आप मूर्ख और आलसी हैं। परमेश्वर आपको यह तब करने की आज्ञा देते हैं जब वे छोटे होते हैं (नीतिवचन 19:18; 22:6)। इसके पहले कि बहुत देर जाएं, उन्हें समय देना और प्रशिक्षण देना शुरू करें, जब उनका चरित्र बन चुका होगा और उसे बदलना मुश्किल होगा, और जब आप अपनी कुछ जवानी की ताकत और प्रभावी प्रशिक्षण के लिए अपना उत्साह खो चुके होंगे। उन्हें आज ही से प्रशिक्षित करना आरम्भ करें!
धार्मिकता और बुद्धि ऐसे चरित्र और आचरण हैं जो सिखाएं जाते हैं। आप उन्हें उदाहरण, निर्देश और दंड के द्वारा धार्मिकता और बुद्धि सिखाते हैं। जहाँ एक ओर आपको अपने बच्चों के जीवन में परमेश्वर की आशीष और दया के लिए प्रार्थना करनी चाहिए, तो दूसरी ओर वह आपसे अपेक्षा करता है कि आप उन्हें धर्मपरायण ज्ञान दिखाएँ, उन्हें इसके बारे में शिक्षा दें, और उसे उनके व्यवहारिक जीवन में लागू करें, क्योंकि यही वह ज़रिया है जिसे परमेश्वर ने उनके लिए ठहराया है।
बच्चों, बाइबल आपको अपने माता-पिता की आज्ञा मानने और उनका सम्मान करने की आज्ञा देती है (इफिसियों 6:1-3)। आज्ञाकारिता एक धार्मिक और बुद्धिमान बच्चे का एक सरल और छोटा कर्तव्य है – जो आपको बताया जाता है उसे करना। माता-पिता का सम्मान करना ऊँचे स्तर का काम और बड़ा कर्तव्य है और यह आजीवन चलता है – उन्हें आराम देने, मदद करने, मगन करने, उनकी इज्ज़त बढ़ाने और उनका सीना चौड़ा करने के लिए चीजें करना। यदि धर्मपरायण ज्ञान मगन करता है, तो आपको उनका सम्मान करने के लिए इसे अर्जित करना चाहिए।
धर्मी और बुद्धिमान होना स्वर्ग के परमेश्वर, जो आपका सृष्टिकर्ता है, को भी प्रसन्न करता है, क्योंकि यही आपके जीवन के लिए उसकी आज्ञा है (सभोपदेशक 12:1,13-14)। इस प्रकार यह एक जीत-जीत की स्थिति है। आपको पृथ्वी पर अपने पिता और स्वर्ग में अपने परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए धर्मी और बुद्धिमान बनने का प्रण लेना होगा। ऐसा न सोचे कि आप दोनों की उपेक्षा कर सकते हैं, क्योंकि वह सब अधर्म को दंडित करने में न्यायी और धर्मी है।
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