नीतिवचन 23:2

यदि तू पेटू है तो अपने गले पर छूरी लगा।

जब परिक्षाएँ शक्तिशाली होती हैं, तो उनका सामना करने के लिए उससे भी बढ़कर शक्ति की आवश्यकता होती है। इस नीतिवचन में एक शासक किसी मनुष्य को शानदार भोज के लिए निमन्त्रित करता है (नीतिवचन 23:1,3)। यह शंनदार भोज उसे जमकर मदिरा पिने या भर-भरकर खाने के प्रलोभन में डाल सकता है, वह इस शासक के साथ भोजन करते समय अपना मुँह चौड़ा खोल सकता है या होश खो सकता है, या शासक के “और लें, और लें” के अनुरोधों को सुनकर अपना संयम खो बैठ सकता है। जब ऐसा शानदार और मनचाहा भोज अपनी ओर खिंचता है, तो पेटूपन से अपनी रक्षा करें और अपनी खाने की लालसाओं पर कठोरतम उपायों के साथ क़ाबू रखें।

जब आप उत्तम भोज के लिए जाते हैं, और आपको अच्छे अच्छे स्वादिष्ट व्यंजनों के प्रति अपनी कमजोरी याद आती है, तो आपको अपनी भूख को क़ाबू में रखना चाहिए। यहां भाषालंकार को प्रयुक्त किया गया है ताकि खाने के प्रलोभन को गम्भीरता से निपटने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जाए। दूसरों की उपस्थिति में आपको भोजन करते वक़्त सावधानी बरतनी ज़रूरी है, जैसे कि आपके गले पर छूरी लगी हो। आपको अपने खाने पर ऐसा संयम रखना चाहिए, कि मानों यह ज़िन्दगी और मौत का सवाल हो। प्रेरित पौलुस भी इसी भाषा का उपयोग करते हैं – अपने उन अंगों को मार डालो जो सांसारिक हैं – या मौत के घाट उतार दो (कुलुस्सियों 3:5)।

भोजन-संबंधी वासनाओं पर विचार करते समय, दानिय्येल को याद रखें। वह एक विदेशी भूमि में एक बंदी था और उसे राजा नबूकदनेस्सर का सलाहकार बनने के लिए एक उसकी फास्ट ट्रैक में परीक्षा लीं गई (दानिय्येल 1:1-7)। लेकिन दानिय्येल ने खाने के मेनू पर सावधानी से विचार किया और अपने परमेश्वर का सम्मान करने के लिए इसे अस्वीकार करने का फैसला किया (दानिय्येल 1: 8-16)। और उसके क्या परिणाम हुएं यह आप जानते हैं। दानिय्येल को उसके साथियों से बढ़कर पदोन्नत किया गया था (दानिय्येल 1:17-21)।

क्या भोजन के साथ ऐसी लुभावनी स्थितियाँ केवल बाइबल में पाई जाती हैं? क्या आज होटल व्यवसायी ग्राहकों को शानदार पकवान का लालच देते हैं? क्या राजनेता ऍमपीओं और ऍमएलए की खरीद-परोख्ती करते हैं? क्या चुने हुएं जन-प्रतिनिधि अपने की दलों और मतदाताओं को धोखा देते हैं? क्या वकील कोर्ट के बाहर झूठें गवाहों की खोजबीन करते हैं? क्या सेल्समैन खरीदारों को लुभाते हैं? क्या चर्च के धनवान सदस्य पास्टरों को अपने पक्ष में करने के लिए उपहारों से लुभाते हैं? क्या महिलाएं, या कॉलेज की युवतियाँ किसी पुरुष के साथ बाहर शानदार डिनर करने के बाद यौनाचार की परीक्षा में पड़ती हैं? इस लोकप्रिय अभिव्यक्ति, “खाओ-पीओं, ऐश करों” का क्या अर्थ है? यह ख़तरा जितना बाइबल की घटनाओं के दौरान मौजूद था वह आज भी उतनी ही शक्ति से मौजूद है। सावधान!

प्रभु यीशु ने एक ऐसा ही पाठ सिखाया कि यदि कोई पुरुष किसी आकर्षक महिला को देखकर यौनाचार की परीक्षा में पड़ता है तो उसे अपने-अस्तित्व से ही इनकार कर वहां से पलायन करना चाहिए। यदि किसी पुरुष को किसी स्त्री या किसी स्थिति में सामान्य रूप से महिलाओं के प्रति वासना का सामना करना पड़ता हो, तो उसे उस परीक्षा से दूर भाग जाना चाहिए। उसके प्रयास कितने गंभीर होने चाहिए? यीशु कहते हैं, कि उस पुरुष ने अपनी दाहिनी आंख निकालकर ही फ़ेंक देनी चाहिए या अपना दाहिना हाथ काट देना चाहिए (मत्ती 5:27-30; 18:7-9)। बेशक, जैसा कि इस नीतिवचन में है, यह परीक्षा का गम्भीरतासे सामना करने के लिए प्रयुक्त एक भाषालंकार है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको सचमुच आँखें निकालकर फेंकनी चाहिए, या अपना हाथ काट देना चाहिए, या अपना गला काट देना चाहिए।

भक्ति आपको ऐसी किसी भी चीज़ से बचना सिखाती है जो प्रलोभन की ओर ले जाती हो (रोमियों 13:14)। पौलुस अपने शरीर की भूख को अपने क़ाबू में रखने के लिए प्रतिबद्ध था (1 कुरिन्थ 9:27)। दाऊद अपनी आंखों के सामने किसी भी बुरी चीज़ को आने नहीं देता था (भजन 101:3), और वह दुष्टों के स्वादिष्ट भोज से बचने का पूरा यत्न करता था (भजन 141:4)। एक सज्जन मनुष्य के मूर्ख मित्र भी नहीं होंगे (नीतिवचन 9:6; 14:7; 22:24-25; 1 कुरिन्थ 15:33)। यह संयम है – आत्म-त्याग का धर्मपरायण जीवन (गलातियों 5:23; तीतुस 2:11-14)।

क्या आप अपनी भूख की गहराई से वाकिब हैं? क्या आप उन पापों को जानते हैं जो आपको आसानी से पकड़ लेते हैं? आपका कर्तव्य स्पष्ट है। आपको अपनी उन भूखों पर छुरी रखनी है और उनको जगानेवाले किसी भी अवसर से भागना चाहिए, भले ही उन चीज़ों का खोना एक आँख या हाथ खोने के समान ही महंगा या दर्दनाक क्यों न हो। यीशु ने इसे प्रतिदिन क्रूस उठाना कहा, जो कि उसका शिष्य बनने के लिए आवश्यक अर्हता थी (लूका 9:23)।

एक भव्य भोज आनेपर है, जब परमेश्वर के चुने हुएं लोग उसके साथ भोज के लिए बैठेंगे जो सबका शासक है। इसे मेम्ने का विवाह भोज कहा जाता है। इस अद्भुत दावत में उन्हें अपने गले पर चाकू नहीं रखना पड़ेगा। उनका वासनापूर्ण शरीर हमेशा के लिए चला जाएगा, और इस भव्य भोज का मेजबान पवित्रता और सत्य का रूप होगा (प्रकाशित 19: 7-9)। फिर कभी पाप की कोई परीक्षा न होगी।

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