नीतिवचन 23:11
क्योंकि उनका छुड़ानेवाला सामर्थी है; उनका मुक़द्दमा तेरे संग वही लड़ेगा।
अपने से छोटों या कमजोरों पर कभी झूठा आरोप मत लगाना, क्योंकि उनका छुड़ानेवाला सामर्थी है; उन पर किए गए हर अत्याचार का वह आपसे हिसाब लेगा। परमेश्वर अनाथों, विधवाओं और हर उस व्यक्ति की रक्षा करता है जो अपनी रक्षा खुद नहीं कर सकता। यदि आप ऐसे लोगों का ग़लत फायदा उठाते हैं, तो प्रभु परमेश्वर स्वयं उनकी रक्षा करेगा और आपका नाश करने के लिए आपको कही से भी ढूंढ निकालेगा (व्यवस्थाविवरण 27:19; नीतिबंचन 12:5)।
यहाँ संदर्भ, अनाथों के खेतों की पुरानी सीमाओं को हटाकर उनमें घुसपेठ करना है—अर्थात उनकी संपत्ति की सीमाओं को हटाकर उन्हें चुराना या बिना इजाज़त के अनाथों के खेतों का उग्रता से उपयोग करना है (नीतिवचन 27:10)। उनके बचाव के लिए उनके पास कोई सांसारिक पिता नहीं है, बल्कि एक स्वर्गीय पिता है, जो सर्वसामर्थी है। उनका मुक़द्दमा वही लड़ेगा और उनका बदला लेगा!
बाइबल के समय में, एक छुड़ानेवाला आपकी आज़ादी को खरीद सकता था या आपको उपद्रवी से छुड़ा सकता था। संपत्ति और लोग, दोनों को खरीदकर छुड़ाया जा सकता था (लैव्यव्यवस्था 25:31,48)। और यहोवा ने इज़राइल को मिस्र और बेबीलोन से बलपूर्वक छुड़ाया (निर्गमन 6:6; व्ययवस्थाविवरण 7:8; यिर्मयाह 50:33-34)। एलीपज और दाऊद ने वर्णन किया कि कैसे परमेश्वर ने उन्हें संकट से छुड़ाया (अय्यूब 5:20; भजन संहिता 25:22)।
सेनाओं का यहोवा, स्वर्ग की सेनाओं का प्रधान ही अनाथों और विधवाओं का छुड़ानेवाला है। वह एक सर्वसामर्थी मुक्तिदाता है। फिरौन का मिस्त्र देश यहोवा द्वारा हाथ बढ़ाए जाने से पहले ही तबाह और बर्बाद हो गया। उन्हें इज़राइल के प्रति अधिक दयालु होना चाहिए था, क्योंकि सेनाओं का यहोवा स्वयं इज़राइल की ओर से लड़ने आया था । वह उत्पीड़ितों के लिए हमेशा लड़ेगा।
दूसरों का मुक़द्दमा उठाना उनके लिए लड़ना होता है, चाहे वह मौखिक रूप से हो, आर्थिक रूप से हो, या हिंसक रूप से हो। दाऊद ने प्रार्थना की “हे यहोवा, जो मेरे साथ मुक़द्दमा लड़ते हैं उनके साथ तू भी मुक़द्दमा लड़; जो मुझ से युद्ध करते हैं, उनसे तू युद्ध कर” (भजन संहिता 35:1)। इसके आगे उसने उस दंड का भी वर्णन किया जिसकी उसने आशा की थी कि परमेश्वर उसके शत्रुओं पर बरसाएगा (भजन संहिता 35:2- 6)। परमेश्वर सतायें हुओं की रक्षा करेगा।
यह नियम एक गंभीर मुद्दा है। सुलैमान ने यह भी लिखा कि, “कंगाल पर इस कारण अंधेर न करना कि वह कंगाल है और न दीन जन को कचहरी में पीसना: क्योंकि यहोवा उनका मुक़द्दमा लड़ेगा और जो लोग उनका धन हर लेते हैं, उनका प्राण भी वह हर लेगा” (नीतिवचन 22:22-23)। मूसा ने लिखा, “किसी विधवा या अनाथ बालक को दुख न देना। यदि तुम ऐसों को किसी प्रकार का दुख दो और वे मेरी दोहाई दें, तो मैं निश्चय उनकी दोहाई सुनूँगा। तब मेरा क्रोध भड़केगा और मैं तुमको तलवार से मरवाऊंगा, और तुम्हारी पत्नियाँ विधवा और तुम्हारे बालक अनाथ हो जाएंगे” (निर्गमन 22:22-24)।
अनाथों और विधवाओ से प्रेम करें: जब भी संभव हो उनकी सहायता बढ़चढ़कर करें। यही यीशु मसीह का पवित्र धर्म है (याकुब 1:27)। उनकी उपेक्षा करने या उनका गलत लाभ उठाने के परिणाम भयानक होते हैं। और यदि आप उन पर अंधेर होता हुआ देखते हैं, तो परमप्रधान आपको देखता है (सभोपदेशक 5:8)। वह अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है (भजन संहिता 68:5)। सभी गर्भपात करानेवाले, उनके व्यवस्थापक और संरक्षक, ध्यान दें। न्याय शीघ्र आने वाला है।
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