नीतिवचन 21:31

युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है।

क्या आप रात में अपने दरवाज़े को ताला लगाकर बंद कर देते हैं? क्या आपने सुरक्षा के इंतज़ाम कर रखें हैं? क्या आपके पास रात की सुरक्षा के सब इंतज़ाम हैं? क्या आपने अपना फ़ोन नंबर और पता पुलिस के पास दर्ज कराया है? क्या आप रात में अधूरी नींद में होते हैं? आपकी सुरक्षा पूरी तरह से यहोवा पर निर्भर है। क्योंकि अगर वह आपकी सुरक्षा नहीं करता है, तो आपके पास अपनी सुरक्षा को सही मायने में बनाए रखने के लिए कोई उपाय नहीं है।

क्या आप जानते हैं कि सुरक्षा के लिए यहोवा पर कैसे भरोसा किया जाता है? आगे पढ़ें, और अपने आप को यहोवा के भरोसे छोड़ दें। वह उन लोगों को बचाएगा जो उस पर भरोसा करते हैं, भले ही वे केवल एक गोफन और एक चिकने पत्थर को लेकर किसी शक्तिशाली दैत्य के सामने ही क्यों न खड़े रहें, भले ही एक सेना उन्हें घेर लें। मानवीय साधनों और यहोवा की सहायता इन दोनों को विश्वास के पक्ष में संतुलित करना सीखें। आज ही यह ज्ञान सीखें।

इसके पहले का नीतिवचन सिखाता है कि परमेश्वर के विरुद्ध कोई सफलता नहीं है (नीतिवचन 21:30); यह नीतिवचन सिखाता है कि परमेश्वर के विरुद्ध कोई युक्ति नहीं चलती। यहोवा परमेश्वर की महिमा करें, और अपना पूरा भरोसा उसी पर रखें। वह आपको हर संभावित खतरे या दुश्मन से बचा सकता है और बचाएगा भी, चाहे दिन हो या रात, चाहे वह खतरा आप देख सकें या नहीं। भजन 91 पढ़ें और हिम्मत रखें।

दाऊद ने अपने एक अन्य भजन में लिखा, “यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा। तुम जो सबेरे उठते और देर करके विश्राम करते और दु:ख भरी रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को योंही नींद प्रदान करता है” (भजन 127:1-2)। खुद को बचाने के सब कड़े इंतज़ाम या सब व्यवस्था व्यर्थ हैं। यहोवा पर भरोसा रखें और निश्चिन्त होकर सो जाएँ। दाऊद किस मानसिकता में सोता था? सुनें, “मैं शान्ति से लेट जाऊँगा और सो जाऊँगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है” (भजन 4:8)।

यहोवा आपसे यह चाहता है कि आप खुद को बचाने के लिए उचित साधनों का उपयोग करें, लेकिन वह बाकी सब खुद करेगा। यदि आप उचित साधनों से परे जाते हैं, तो आप उस पर भरोसा करने के बजाय खुद पर और अपने साधनों पर भरोसा कर रहे हैं। आपकी सुरक्षा-दिवार बस गिर ही गई समझो! सावधान रहें, कहीं ऐसा न हो कि वह आज रात ही कोई चोर और लुटेरा भेज दे, ताकि यह साबित हो जाए कि आपको उस पर भरोसा करने की कितनी ज़रूरत है। आपको सामान्य सावधानियाँ बरतनी ज़रूरी तो है, फिर भी आप अपनी चिंताओं को उस पर डाल दें, और शान्ति से लेट जाएँ और सो जाएँ।

राजा युद्ध के लिए घोड़े तैयार करते थें, क्योंकि परमेश्वर ने घोड़े को इसलिए बनाया कि वे युद्ध में एक प्रभावी हथियार के रूप में काम में आएँ (अय्यूब 39:19-25)। विमानों, टैंकों और अन्य मशीनी हथियारों के आविष्कार से पहले, उनकी महान गति, शक्ति और साहस मैदान में सेना की क्षमता में बहुत वृद्धि करता था। जिन रथों को घोड़ों द्वारा खींचा जाता था उनका भी युद्ध में अक्सर उपयोग किया जाता था (1 राजा 4:26; 10:26)। घुड़सवार सेना और रथ को बंटी हुई सेना जो केवल पैदल चलती थी उस से कहीं बेहतर माना जाता था।

लेकिन परमेश्वर चाहता है कि आप यह जानें लें कि आप अपनी या अपने परिवार की रक्षा करने के लिए चाहे जितने भी इंतजाम करें, असल में आप में अपनी सुरक्षा के लिए उस पर निर्भर हैं। यहोवा पर आपका भरोसा किसी भी चीज़ से ज़्यादा महत्वपूर्ण है, भले ही वह आपसे सुरक्षा के इस मामले और अन्य सभी मामलों में सामान्य सावधानी बरतने के लिए कहता हो। वह चाहता है कि आप विश्वास करें कि आपकी रक्षा वही करेगा।

दुष्ट अहाब को जब बताया गया कि यहोवा उस दिन उसे मार डालेगा, तो वह यहोवा को गलत साबित करने के लिए भेष बदलकर युद्ध में चला गया। लेकिन एक संयोगवश, बिना किसी खास लक्ष्य के, चलाए गए तीर ने उसके कवच में हल्की सी दरार पैदा कर दी और उसे मार डाला (1 राजा 22:30-38)। यहोवा पर भरोसा करो, तो वह तुम्हारी रक्षा करेगा। अपने प्रयासों पर भरोसा करने के लिए यहोवा को अस्वीकार करो, और देखो कि वह कैसा तुम्हारा न्याय करता है।

इंग्लैंड के लॉर्ड प्रोटेक्टर, ओलिवर क्रॉमवेल, जिन्होंने इंग्लैंड के इतिहास में सबसे सफल सेनाओं में से एक का नेतृत्व किया, के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने बहुगुणित दुश्मन के खिलाफ लड़ाई से ठीक पहले अपने सैनिकों को इन शब्दों के साथ प्रोत्साहित किया था: “यहोवा पर अपना भरोसा रखो – और अपना बारूद सूखा रखो!” बिल्कुल सही! उनके शब्दों में, यह विश्वास और विवेक का सही संयोजन है।

जितना आप घोड़े (या सुरक्षा के किसी अन्य प्राकृतिक साधन) पर भरोसा करते हैं, आप अपनी मेहनत पर परमेश्वर की आशीष खो देते हैं। यहोवा पर अपना भरोसा रखें, और जहाँ तक हो सके प्राकृतिक साधनों पर अपना भरोसा कम करें। बाइबल में ऐसे कई वचन हैं जिनमें उन लोगों के घोड़ों और रथों को नीचा दिखाया गया है जिन्होनें यहोवा पर भरोसा नहीं रखा था (व्यवस्थाविवरण 17:16; 2 इतिहास 16:7-12; भजन 147:10; सभोपदेशक 9:11; यशायाह 30:1-7,15-17; 31:1; 36:6-10; यिर्मयाह 17:5; यहेजकेल 17:15-19; आमोस 5:4-8)।

दाऊद के आदर्शों पर चलें, जिसने लिखा, “किसी को रथों का, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे” (भजन 20:7)। और, “कोई ऐसा राजा नहीं, जो सेना की बहुतायत के कारण बच सके; वीर अपनी बड़ी शक्ति के कारण छूट नहीं जाता। बच निकलने के लिये घोड़ा व्यर्थ है, वह अपने बड़े बल के द्वारा किसी को नहीं बचा सकता है। देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करुणा की आशा रखते हैं, बनी रहती है” (भजन 33:16-18)।

दाऊद द्वारा सिखाई गई जीवन-रक्षक बुद्धि को सीखें कि किसी भी मामले में अपना उचित सर्वश्रेष्ठ परिश्रम ज़रूर करें और सब परमेश्वर पर छोड़ दे और उसी पर भरोसा रखें (भजन 127:1-2)। यह आपके जीवन की सुरक्षा और किसी भी अन्य उद्यम पर लागू होता है। आप किससे डरते हैं? ज़रूरी मेहनत करने के बाद इसे यहोवा को सौंप दें और अपना भरोसा परमेश्वर पर रखते हुए शान्ति से अपने बिस्तर पर सो जाएँ। यदि आप अपना मन यहोवा परमेश्वर और उसकी सामर्थ्य पर स्थिर रखते हैं, तो वह आपको पूर्ण शांति देगा (यशायाह 26:3-4)।

पाठक, युद्ध का महान दिन आ रहा है। वह दिन आता है जब आप धन्य और एकमात्र सर्वशक्तिमान की भस्म करने वाली आँखों और पवित्र न्याय के सामने सभी मानवीय आधारों से नंगे होकर खड़े रहेंगे। उस दिन, सुनिश्चित करें कि आपका भरोसा केवल प्रभु यीशु मसीह पर हो। ध्यान दें कि आपका विश्वास या भरोसा किस पर है। उसके लिए किए गए अपने अच्छे कामों का दावा न करें। उसके बारे में केवल शब्द न बोलें। शुद्ध दया के लिए उससे प्रार्थना करें और उस पर भरोसा करें। आप अनंतकाल के लिए उद्धार पाएँगे, क्योंकि उद्धार यहोवा ही से है (योना 2:9)।

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