नीतिवचन 21:30

यहोवा के विरुद्ध न कोई बुद्धि, न कोई समझ, और न कोई युक्ति चलती है।

यदि आपको संदेह है कि परमेश्वर संप्रभु है, तो इस नीतिवचन को पढ़ने और उस पर विचार करने के बाद आपका यह संदेह दूर हो जाएगा। आमेन, और आमेन! जो यहोवा परमेश्वर को जानते और उससे प्रेम करते हैं, वे सब कहें, “आमेन!” बाइबल में जितनी भी परम-सत्य की प्रतिज्ञप्तियां और सिद्धांत की शास्त्रसम्मत घोषणाएँ हैं, उन सर्वश्रेष्ठ में से यहाँ एक है।

वह अकेला ही परमेश्वर है, और स्वर्ग में या पृथ्वी पर निवास करनेवाला कोई अन्य प्राणी उसका विरोध नहीं कर सकता और न ही उससे प्रश्न कर सकता है। उसकी महिमा हो! वह स्वर्ग की सेना में और पृथ्वी के निवासियों के बीच अपनी इच्छा पूरी करता है। अपने प्रत्येक विद्रोह को मान लो। अपने आप को उसके चरणों में नम्र करो। उसकी सदासर्वदा स्तुति करो और आराधना करो।

उसने जगत के इतिहास में सबसे महान सम्राट को घास खाने वाले बैल में बदल दिया, जब तक कि उस मनुष्य ने उसे स्वर्ग के राजा के रूप में धन्य नहीं कहा और उसकी प्रशंसा नहीं कीं (दानि 4:1-37)। यह बेबीलोन साम्राज्य के इतिहास में भी दर्ज है। इस घटना का समाचार पूरी पृथ्वी पर के प्रत्येक ज्ञात राष्ट्र की हर ज्ञात भाषा में प्रकाशित हुआ था। उस शक्तिशाली सम्राट ने लिखा:

“उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आँखें स्वर्ग की ओर उठाईं, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैं ने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कहकर करने लगा : उसकी प्रभुता सदा की है, और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहनेवाला है। पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके सामने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी ही इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, “तू ने यह क्या किया है?” उसी समय, मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; और मेरे राज्य की महिमा के लिये मेरा प्रताप और मुकुट मुझ पर फिर आ गया। मेरे मन्त्री और प्रधान लोग मुझ से भेंट करने के लिये आने लगे, और मैं अपने राज्य में स्थिर हो गया; और मेरी और अधिक प्रशंसा होने लगी। अब मैं नबूदकनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूँ; और उसकी स्तुति और महिमा करता हूँ, क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।” (दानि 4:34-37)।

यहाँ बुद्धि का आरम्भ है (नीति 1:7), समझ का सोता है (नीति 9:10), और ज्ञान का स्रोत (नीति 1:29)। सही सोच और सही जीवन जीने के लिए परमेश्वर यहोवा की संप्रभुता पर पूरी तरह से विश्वास करना आवश्यक है। प्रत्येक पाठक सावधानी से ध्यान दें।

पराक्रमी फिरौन, जो उस समय का अनन्य राजा और मिस्र का देवता था, उसने यहोवा के उपदेशक मूसा से कहा, “यहोवा कौन है कि मैं उसका वचन मानकर इस्राएलियों को जाने दूँ? मैं यहोवा को नहीं जानता, और मैं इस्राएलियों को नहीं जाने दूँगा” (निर्ग 5:2)। दस विपत्तियों से मिस्र को तबाह करने और राष्ट्र के पहिलौठों को मारने के बाद, यहोवा ने फिरौन के रथ से पहियों को उखाड़ डाला और लाल समुद्र के पानी के नीचे उसका दम घुटने देने से पहले उसे अपना संप्रभु पराक्रम दिखाया। परमेश्वर की महिमा हो!

सीरिया के राजा बेन्हदद ने सोचा कि यहोवा और इस्राएल केवल पहाड़ियों पर लड़ने तक ही सीमित हैं, परन्तु परमेश्वर ने मैदान में और शहरपनाह की दिवार को गिराकर उसकी सेना का विनाश कर दिया (1 राजा 20:22-30)। राजा अहाब ने सोचा कि वह युद्ध के दौरान अपना भेष बदलकर अपनी मृत्यु के विषय में यहोवा की भविष्यवाणी को उलट सकता था, परन्तु यहोवा ने किसी से एक अटकल तीर चलवाया जिसने सीधे उसके कवच में की एक दरार के बीच से होकर उसे छेद दिया (1 राजा 22:30-40)। अश्शूर के राजा सन्हेरीब ने यहोवा की निन्दा कीं। उसने अपनी सेना को एक ही रात में यहोवा के दूत के हाथों खो दिया, और जब वह अपने मूर्तिपूजक देवता से पूछ ही रहा था कि वह इस्राएल के खिलाफ इतनी शर्मनाक लड़ाई क्यों हार गया, उसके अपने पुत्रों ने आकर उसकी हत्या कर दी, (2 इतिहास 32:21)।

हेरोदेस महान ने सोचा कि वह बेथलहम के बच्चों को मारकर परमेश्वर के राजा से बच सकता है, लेकिन कुछ महीने बाद वह बुरी तरह मर गया, जबकि यीशु मिस्र में सुरक्षित था (मत्ती 2:1-20)। हेरोदेस अग्रिप्पा प्रथम ने सोर और सीदोन के खुशामदी नागरिकों को राजनीतिक सहायता पाने के लिए ईश्वर के रूप में उनकी चापलूसी करने की अनुमति दी, लेकिन परमेश्वर ने उसे मार डाला और कीड़े उसे खा गए (प्रेरितों 12:20-23)।

यहूदियों ने यीशु को मारने और इस धर्मी व्यक्ति को उनके देश से मिटाने की साज़िश रची, परन्तु वह सेना के साथ लौटा और उन हत्यारों को बुरी तरह नष्ट कर दिया और उनके शहर को जला दिया (मत्ती 22:1-7)। उन्होंने पुकारा, “हम नहीं चाहते कि यह हम पर राज्य करे” (लूका 19:14); उन्होंने कहा, “इसका लहू हम पर और हमारी सन्तान पर हो” (मत्ती 27:25)। और ऐसा ही हुआ! यीशु ने फिर भी उन पर राज्य किया और सन 70 में रोमन सेनाओं को भेज कर अपने खून का बदला लिया।

परमेश्वर यहोवा राजाओं का राजा है! वह प्रभुओं का प्रभु है! दुनियाभर के राष्ट्रपतियों, सरकारों, सर्वोच्च न्यायालयों और अन्य सभी निर्वाचित और नियुक्त अधिकारियों को उस के सामने खुद को विनम्र करना चाहिए। कोई भी कानून, परिभाषा, या कार्रवाई जो बाइबल में प्रकट कीं गई उसकी इच्छा के विपरीत हो उसे जल्द ही भयानक और दर्दनाक दंड दिया जाएगा। भजन 2 की चेतावनी यह है कि इससे पहले कि वह पूरी तरह से उनका विनाश कर दे, उन्हें पुत्र को चूमना चाहिए।

कोरह और उसके साथियों ने सोचा कि वे मूसा पर भौंक सकते हैं, इसलिए यहोवा ने पृथ्वी को खोल दिया और उन्हें और उनके परिवारों को जीवित ही निगल लिया (गिनती 16:1-34)। हनन्याह और सफीरा ने सोचा कि वे अपनी अचल संपत्ति की क़ीमत और चर्च में दान देने के बारे में झूठ बोल सकते हैं, लेकिन यहोवा ने उन्हें मार डाला (प्रेरितों 5:1-11)। पाठक, क्या आप उस दूत का सम्मान करते हैं जिसे परमेश्वर ने आपके पास उसका वचन लेकर भेजा है?

वह कुम्हार है; मनुष्यजाति तो मात्र मिट्टी है (रोमियों 9:21)। मनुष्यों को उससे प्रश्न करने का भी अधिकार नहीं है (रोमियों 9:20)। वह कुछ मानव-पात्रों को विनाश पाने के लिए अपने क्रोध और सामर्थ के पात्रों के रूप में चुनता है, और वह कुछ मानव-पात्रों को अपनी महिमा और अनुग्रह पाने के लिए चुनता है (रोम 9:22-24)। परमेश्वर को महिमा दो। उसके सामने अपने आप को नम्र करों। अपने पापों की क्षमा के लिए उससे प्रार्थना करों, और उसके क्रोध से बचने के लिए उसके पुत्र प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करों।

उद्विकासवादी दुष्ट लोग एक सृष्टिकर्ता को अस्वीकार करते हैं, परन्तु वे उस मृत्यु और उन के उस तय समय को मिटा नहीं सकते जब उन्हें ईश्वरीय न्याय के भयावह कटघरे में खड़ा रहना होगा (इब्रानियों 9:27)। आत्मघाती मूर्खों को लगता है कि वे आत्म-हत्या द्वारा अपने अपराध-बोध पैदा करने वाले विवेक का अंत कर सकते हैं, परन्तु जब वे कब्र से बाहर निकलेंगे तब अपने-आप को स्वर्ग के एक भयावह संप्रभु परमेश्वर के सामने खड़ा पाएँगे जो घोषणा करेगा कि हत्या का अपराध एक शाश्वत, सचेत नरक का हकदार है!

आदम और हव्वा ने सोचा कि वे अपने अपराध और लज्जा को अंजीर के पत्तों से ढँक सकते हैं और वाटिका के पेड़ों के बीच यहोवा से छिप सकते हैं, जैसा कि लोग आज तक अपने पापों को ढापने और उससे छिपने की कोशिश करते हैं। परन्तु उन्हें ढूंढ़कर निकाला गया और दण्ड दिया गया! योना ने सोचा कि वह तर्शीश की ओर भागकर सेवकाई के अपने बुलावे से बच सकता है, लेकिन यहोवा ने उसे सुधारने के लिए एक विशालकाय मच्छ भेजा!

यहोवा की बुद्धि के विरुद्ध कोई बुद्धि नहीं है, इसलिए उसकी बुद्धि को चुनो (भजन 119:128; 8:20 है)। यहोवा की विधि-व्यवस्था के विरुद्ध कोई बुद्धि नहीं है, इसलिए नम्रतापूर्वक अपनी परिस्थितियों को शांति और संतोष के साथ स्वीकार करें (फिल 4:11; 1 तीमु 6:6)। यहोवा के न्याय के विरुद्ध कोई बुद्धि नहीं है, इसलिए हर्षित मन से उसकी आज्ञा का पालन करें (गिनती 32:23)। उस बुद्धि छोड़ जो वह देता और प्रकट करता है, कोई दूसरी बुद्धि नहीं है, इसलिए उसी से बुद्धि मांगो और उसका धन्यवाद करो (याकूब 1:5)।

उस से आनेवाले ज्ञान को छोड़ कोई और ज्ञान नहीं है, इसलिए आपके पास जो कुछ भी है उसके लिए उसका धन्यवाद करें, अन्यथा वह इसे भी आपसे ले लेगा (भजन 119:18; 2 थिस्स 2:9-12)। प्राकृतिक सृष्टि से शुरू करें (रोम 1:18-20), फिर प्रकृति का अवलोकन करें (रोमियों 1:26-27), फिर अपने विवेक की जाँच करें (रोमियों 2:13-15), और फिर पवित्रशास्त्र की ओर जाए (2 तिमु 3:16- 17)। सृष्टिकर्ता परमेश्वर की आराधना करने के लिए स्वयं को नम्र करें और किसी भी प्रतिस्पर्धी देवता को ठोकर मारे; उसे अपने ज्ञान में बिठाकर रखो अन्यथा नाश पाओं (रोमियों 1:28)!

परमेश्वर के सच्चे सेवकों को इसलिए नियुक्त और अभिषिक्त किया गया है कि वे आपकी कल्पनाओं और विचारों के विरुद्ध युद्ध लड़ सके (2 कुरिं 10:4-6)। यह उनका कर्तव्य है कि वे इन शब्दों में कि “यहोवा यों कहता है,” प्रचार करें, जो बाइबल में 413 बार आता है, जो कि आपके विचारों के ऊपर और उनके विरुद्ध परमेश्वर के विचारों का प्रचार करना है। वे दास इसलिए नहीं हैं कि आपके मूर्खतापूर्ण प्रश्नों में अपना मूल्यवान समय बर्बाद करें (1 तीमु 4:7; 6:20-21; 2 तीमु 2:16,23; तीत 3:9-11)। यदि आपका पास्टर इस तरह प्रचार नहीं करता है, तो एक नया पास्टर खोजें।

एक मिनट के लिए भी यह कल्पना न करें और न ही सोचें कि आप पाप कर सकते हैं और उन पापों से और परमेश्वर के न्याय से बच सकते हैं। यह सोचकर अपने आप को धोखा मत दो कि आप बुद्धि के उसके नियमों से समझौता कर सकते हैं और सफल हो जाएंगे। यह सोचना भी मत कि आप अपने आप को उसके न्याय से बचाने के लिए एहतियाती उपाय कर सकते हैं। यह मत सोचो कि तुमने ऐसी बुद्धि की खोज कीं है जो उसकी बुद्धि से बढ़कर है। विरोध या विद्रोह करने के बजाय, पश्चाताप और सुधार करें। कौन जाने कि वह तुमपर अनुग्रह करे।

तुम यहोवा से कैसे बचोगे? तुम आज भी उसके वचन के विरुद्ध क्या युक्ति कर रहे हो? जान लो कि तुम्हारा पाप तुम्हें खोज लेगा। क्या तुम्हारा पाखंड उसे धोखा दे सकता है? क्या तुम अपने भले कामों को उसके साम्हने तौलेगे? क्या न्याय के दिन तुम उसे भावुक कर सकोगे? यदि तुम इनमें से किसी भी भ्रम पर भरोसा करते हो, तो तुम एक महामूर्ख हो। उससे दया की भीख मांगो, अभी!

न तो घोड़े (भजन 33:17), न रथ (भज 20:7), न राजा, और न ही लोग (भज 146:3-4) तुम्हें बचा सकते हैं। तुम उसके न्याय के सिंहासन के सामने नग्न खड़े रहोगे और वह मात्र अपनी इच्छा से अपना फैसला सुनाएगा, क्योंकि स्वर्ग और पृथ्वी उसकी उपस्थिति से भाग गए होंगे, और वह तुम्हारे हर काम का न्याय करेगा (प्रकाशितवाक्य 20:11-15)। आज ही उसके सामने स्वयं को नम्र करो, उसके वचन पर विश्वास करो, अपने पापों को मान लो, और उसकी दया की भीख माँगो। कांपते हुए उसके सामने खड़े रहो, और पाप न करो (भजन 4:4)। अपने परमेश्वर के सामने आने के लिए तैयार हो जाओ (आमोस 4:12)।

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