नीतिवचन 9:17
चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके छिपे की रोटी अच्छी लगती है।
पाप झूठ बोलता है। और व्यभिचार के पाप तो सबसे अधिक झूठ बोलते हैं। मूर्ख लोग इस झूठ को खरीद लेते हैं कि यौनाचार या व्यभिचार के पाप बहुत ही मधुर और सुखद होते हैं। किसी पाप पर प्रतिबन्ध या उसकी मनाही उसकी लालसा को और भी तीव्र कर देती है, और उसे छिपाने के प्रयास इस कर्म को बढ़ा देते हैं। दुष्ट स्त्रियाँ और आधुनिक समाज यौन पापों को बहुत ही सुखद चीज़ों के रूप में प्रस्तुत करते हैं, और यकीन दिलाते हैं कि इसके नतीजे इतने भी बुरे नहीं होंगे। परन्तु क्या मृत्यु और नरक से भयानक कोई नतीजे हो सकते हैं (नीतिवचन 9:18)?
पाठक! आपके पास एक चुनाव है – ऐसा चुनाव जिसके नतीजे बड़े हैं। आप महिला-बुद्धि के पास दौड़े जा सकते हैं और आत्मा को संतुष्ट करनेवाले मांस, दाखमधु और रोटी के भोज का आनंद ले सकते हैं (नीतिवचन 9:1-5), या आप एक मूर्ख वेश्या के झूठ के झांसे में आ सकते हैं, जो चोरी का पानी और जहरीली रोटी परोस रही है (नीतिवचन 9:13) -18)।
अदन में शैतान ने पाप के बारे में झूठ बोला। उसने हव्वा से कहा कि वह नहीं मरेगी और वर्जित फल उसे परमेश्वर के समान बना देगा। अपनी मूर्खता में जैसे ही उसने उस वृक्ष को देखा, वह जीवन के बहुमूल्य वृक्ष को भूल गई, और वर्जित फल को खाने के लिए अच्छा, और देखने में मनभावना, और बुद्धिमान बनाने की संभावना के रूप में देखा। उसने झूठ को खरीदा! उसका चुनाव भयावह था! कुछ ही पलों में स्वाद कड़वा हो गया!
पाप इतना विकृत है कि यदि परमेश्वर ने पत्नियों के साथ यौन-संबंध बनाने की मनाही की होती, तो विवाह रूमानी-प्रेम और अंतरंगता काअनमोल रिश्ता बन गया होता। यदि देह-स्वभाव के मनुष्य को किसी चीज़ की मनाही कर दी जाती है, तो उस चीज़ को हासिल करने की पापपूर्ण लालसा एक क्रूर राक्षस बन जाती है जो हर सूरत में संतुष्टि की माँग करती है। अगर यकीन न हो तो खाने की मेज पर कुछ कुकीज़ या पेस्ट्री रखे और अपने बच्चों से कहें कि वे इसे नहीं खा सकते, और खुद ही परीक्षण करें।
इस नीतिवचन का सन्दर्भ पराई स्त्री और उसका प्रलोभन तथा उसके शिकार पुरुषों के विनाश का वर्णन है (नीतिवचन 9:13-18)। केवल एक भोला और मूर्ख व्यक्ति ही उसके निर्लज्ज झूठ या कपटपूर्ण फुसलाहटों पर विश्वास करता है (नीतिवचन 9:16; 30:20), इसलिए यह आपका सौभाग्य और कर्तव्य है कि आप बुद्धि को सीखें, ताकि आपको यौन पापों के कारण आने वाली अटल मृत्यु और नरक से बचाया जा सके। सुलैमान ने आपको व्यभिचारिणी से बचाने के लिए बुद्धि को एक महिला का रूप दिया है।
उसने अपने बेटे को सिखाया कि वह यौन-जल अपने ही कुण्ड से, अर्थात् अपनी ही पत्नी से पिए (नीतिवचन 5:1-23)। यहाँ उसने यौन-सुख को चित्रित करने के लिए पानी और रोटी को रूपकों के रूप में प्रयुक्त किया। इस नीतिवचन में, एक वेश्या एक पुरुष को यह बताकर बहकाने की कोशिश करती है कि वह उनके इस पापी अवैध प्रेमसंबंध का कितना आनंद उठाएगा। वह यह कहकर झूठ बोल रही है कि इस अवैध प्रेमसंबंध की मनाही उल्टा उनके इस गुप्त-मिलन के आनंद को और भी बढ़ा देगी।
पराई औरतें, या वेश्याएं, आमतौर पर इन शब्दों को सीधे-सीधे नहीं कहती हैं, बल्कि वे उन्हें मोहक छल के माध्यम से अभिव्यक्त करती हैं; साथ ही, मूर्ख पुरुषों की ‘शरीर और आंखों की वासनाएं’ भी पुरुषों से यही कहती हैं। हमारे यहाँ एक कहावत है, “दूर के ढोल सुहावने।” ये शब्द मानव स्वभाव के असंतोष और निषिद्ध वस्तुओं के प्रति उसके आकर्षण का वर्णन करते हैं। यह नीतिवचन भी कुछ ऐसा ही कहता है। व्यभिचारिणी ऐसे मोहक यौन-सुख देने का वादा करके जो किसी भी वैवाहिक रिश्ते के बीच होनेवाले यौन-सम्बंध से बढ़कर होगा, अपनी दुष्टता में होकर झूठ बोलती है (नीतिवचन 7:10-21)।
पाप में एक रोमांच होता है – खासकर युवाओं के लिए – जो उन्हें आकर्षित करता है। लेकिन वे बाद के नतीजों पर कभी विचार नहीं करते। यह निवाला उनके पेट में जाने के बाद कितना कड़वा बन जाएगा इसका नापतौल नहीं किया जाता। उनकी अनुभवहीनता की मूर्खता उन्हें भविष्य के नतीजों के प्रति अंधा कर देती है। शराब के नशे में सिर पर चढ़ा यौनाचार यह जुनून शुरू में बहुत ही सुखद लगता है, लेकिन इसका स्वाद भयानक होता है (नीतिवचन 23:31-32)। इस कारण यह नीतिवचन आपको यौन पापों के झूठ के विरुद्ध चेतावनी देता है।
हॉलीवुड-बॉलीवुड वैवाहिक रिश्ते के बीच यौन-सम्बन्ध की सुन्दरता और आकर्षकता को कभी चित्रित नहीं करते हैं। कभी नहीं! क्योंकि यह उनके स्वामी, अर्थात् शैतान, उनके मकसद, शरीर की वासनाओं और लोकप्रियता के लिए उनकी भूख के बिलकुल विपरीत होगा। शैतान ने फिल्मों को इस काम पर लगा दिया है कि वे इस नीतिवचन में वर्णित झूठ के प्रति प्रतिबद्ध रहें – कि व्यभिचार, परस्त्रीगमन, पुरुष-गामिता और समलैंगिकता ऐसे सुख हैं जिनका बिना किसी से डरे आनंद लिया जा सकता है। चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके छिपे की रोटी अच्छी लगती है!
इस झूठ के कारण व्यभिचारिणी औरत को विश्वासयोग्य पत्नी से अधिक लाभ होता है। निषिद्ध और रहस्यमय रिश्ते की पापमय तृष्णा एक जिज्ञासु तड़प पैदा करती है जो पुरुषों के प्राणों और जीवन को नष्ट कर देती है। पराई स्त्री पत्नी से बेहतर दिखती है, बेहतर बातें करती है, बेहतर चुंबन लेती है, और प्रेम को बेहतर बनाती है – जब तक कि बहुत देर नहीं हो जाती (नीतिवचन 7:10-27)। यह एक भ्रम है। यह शैतान और भ्रष्ट मानव-हृदय की रचना है। अगर किसी महिला के बारे में आपके मन में ऐसा कोई विचार है तो दूर ही रहें।
पाठक, इस पराई औरत के झूठ को देखें। बाड़ के केवल इस तरफ से ही घास हरी दिखाई देती है, या दूर के ढोल सुहावने। एक बार जब आप एक निषिद्ध क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तो आप उसे आपके पास जो कुछ अभी है उससे कमतर ही पाएंगे, परन्तु तब तक आपने एक भयानक अपराध कर लिया होगा जिसे अब बदला नहीं जा सकता (नीतिवचन 6:20-35)। पाप झूठ बोलता है! नरक और मृत्यु प्रतीक्षा कर रहे हैं। पाप का कोई भी सुख क्षणिक होता है (इब्रा 11:25)। और यह आने वाली पीड़ा की कभी बराबरी नहीं का पाएगा। मीठा पानी और अच्छी रोटी आपके पेट में तब तक कड़वी और पीड़ादायक बनी रहेगी है जब तक आप मर नहीं जाते।
बुद्धि क्या सिखाती है? यह मनुष्य को अपने ही कुण्ड और अपने ही कुँए से. अर्थात् अपनी पत्नी और उसके ही प्रेम और स्तनों से संतुष्ट रहना सिखाती है (नीतिवचन 5:15-20)। बुद्धिमान पुरुष संतुष्ट रहने और बुद्धि से सिखने का चुनाव करते हैं (फिल 4:11), और वे वैवाहिक रिश्ते को एक सुरक्षात्मक आशीष के रूप में गौरवान्वित करते हैं (1 कुरिन्थ 7:1-5; कुल 3:19)।
बुद्धि दूसरों के बाड़े और दूसरों की घास से दूर रहती है – जो अन्य स्त्रियों के साथ कोई भी अनावश्यक जोखिम है, क्योंकि बुद्धि जानती है कि इस बाड़े को परमेश्वर ने ही ठीक-ठीक बांध रखा है (निर्गमन 20:17; मत्ती 5:27-30; रोमियों 13:14)। टीवी चैनल्स और अन्य प्रकाश-माध्यम हमेशा ही इस नीतिवचन में कहे गए पराई स्त्री के झूठ का राग आलापते रहते हैं, उनसे सख्ती से बचना आवश्यक है।
बुद्धि इन बातों को जानती है: पाप झूठ बोलता है कि वह अच्छा है (भजन 36:2); यौन पाप के घातक परिणाम होते हैं (नीतिवचन 2:18-19; 5:3-14; 7:27; 9:18); कोई पाप वास्तव में गुप्त नहीं है (2 शमूएल 11:27; लूका 12:2; इब्रानियों 4:14); पुरुषों को उस परमेश्वर से डरना चाहिए जिसने सभी यौन-सम्बन्धों के बाड़ों को ठहराया है (नीतिवचन 5:21)।
यह कभी मत सोचो कि पाप परमेश्वर के पवित्र वचन से सुखद या मीठा हो सकता है। अम्नोन अपनी प्यारी चचेरी बहन के लिए तड़पा था, लेकिन उससे बलात्कार के बाद जो स्वाद उसने चखा वह भयानक और जानलेवा साबित हुआ। एली ने सोचा कि उसके बेटों के साथ पारिवारिक रात्रि-भोज सुखद थे, लेकिन उसके अनुशासन की कमी ने उसके वंश-वृक्ष को ही मिटा दिया। गेहजी अपने धन और वस्त्रों का आनंद केवल कुछ ही पलों के लिए ले सका (2 राजा 5:20-27)।
शैतान ने यहूदा से कहा कि चाँदी के तीस टुकड़े अच्छा मुआवजा है और यीशु खुद को यहूदियों से बचा सकता है, लेकिन उसके इस अपराध का स्वाद इतना कड़वा था कि उसने पैसे वापस कर दिए और अपने मनोरोगी अपराधबोध के चलते आत्महत्या कर ली। शैतान ने उसे सौदे के इस पहलु की कभी कोई जानकारी नहीं दी। और उसी रीति से वह कभी भी युवा लोगों को यौन-पापों के भयानक परिणामों के बारे में नहीं बताता है।
क्रिश्चन युवतियों, यह मत सोचो कि तुम इस नीतिवचन की शिक्षा से बच सकती हो। यौन पापों के विषय में यह पाठ दोनों तरफ से लागू होता है, अर्थात एक जवान लड़के का आपको अपने प्रेमजाल में फंसाने की कोशिश करना एक रोमांचक खेल प्रतीत हो सकता है, लेकिन परिणाम भयानक और स्थायी होंगे। आपने उसके लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए अपना मूल्य कम कर दिया है। आपके लिए उसके प्यार के इज़हार को मत सुनो। वह झूठ बोल रहा है। अपने शब्दों, अपने कपड़ों, अपने रूप, या अपने कार्यों के माध्यम से किसी भी पुरुष को अपने साथ यौन सुख की अनुमति न दें, अन्यथा आप इस नीतिवचन के शब्दों को कहने की दोषी हैं। विवाह तक प्रतीक्षा करें। यही सलाह विवाहित स्त्रियों पर भी लागू होती है।
संतोष के साथ भक्ति बड़ी कमाई है (1 तीमु 6:6), और यह निश्चित रूप से विवाह पर भी लागू होता है। प्रभु यीशु मसीह को स्वर्ग या पृथ्वी में किसीऔर से अधिक, या किसी भी वस्तु से बढ़कर, तुम्हारे प्राणों के लिये मधुर और मनभावना समझो (भजन 73:25-26; इब्रानियों 13:5)। अपनी पत्नी से प्रेम करो।
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