नीतिवचन 9:14

वह अपने घर के द्वार में, और नगर के ऊँचे स्थानों में अपने आसन पर बैठी है।

यह ख़तरा बड़ा है। परीक्षा शक्तिशाली है। यह ख़तरा हर जगह है। यद्यपि बुद्धि रूपी स्त्री ने पुरुषों के सामने अपनी शानदार आशीष और सुरक्षा का वरदान रखा कि वे उसे अपनाएं (नीतिवचन 9:1-12), फिर भी एक दूसरी प्रतिस्पर्धी स्त्री, जो धोखेबाज़ और बहकावी है, पुरुषों को उनके विनाश के लिए अपनी अदाओं से भरमाती है और उन्हें अपने पास बुलाती है (नीतिवचन 9:13-18)।

यह दूसरी स्त्री कौन है? बुद्धि रूपी स्त्री की यह प्रतिस्पर्धी कौन है? वह मूर्खता रूपी स्त्री है, और सुलैमान पाप और सांसारिक सुख के प्रतीक के रूप में उसका व्यक्तित्वकरण करता है, जिसका प्रतिनिधित्व एक मूर्ख और व्यभिचारी स्त्री द्वारा किया जाता है जो पुरुषों को शाब्दिक और लाक्षणिक दोनों ही रूप से उसके साथ व्यभिचार करने के लिए पुकारती है।

नीतिवचन 8 में बुद्धि का एक स्त्री के रूप में व्यक्तित्वकरण किया गया। इस अध्याय में सुलैमान सबसे पहले इस बुद्धि रूपी स्त्री का परिचय देता (नीतिवचन 8:1-9), फिर उसके लाभों की सूची देता है (नीतिवचन 8:10-21), फिर यह दिखाता है कि वह परमेश्वर सृष्टि से पहले ही उसके पास थी (नीतिवचन 8:22-31), और अन्त में उसे अपनाने का अनुरोध करके समापन करता है (नीतिवचन 8:32-36)। नीतिवचन 9 में, वह बुद्धि रूपी स्त्री के आशीष के उपहार की तुलना मूर्खता रूपी स्त्री के विनाश के प्रलोभनों से करता है। विशेष रूप से दो निमंत्रणों (नीतिवचन 9:4,16), दो भोज (नीतिवचन 9:5,17), और दो परिणामों (नीतिवचन 9:11,18) की तुलना करें।

यह व्यक्तिकरण एक भाषालंकार है जिसमें किसी अमूर्त विचारधारा का प्रतिनिधित्व एक व्यक्ति द्वारा एक किया जाता है। जिन विचारधाराओं को सीखा जाना है उनकी विशेषताएं प्रतिनिधित्व करनेवाले के कार्यों या लक्षणों में पाई जाती हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका में स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी आप्रवासियों का स्वागत करने वाली प्रतिमा है, स्टेच्यू में लगे मुकुट में 7 किरणें दिख रही हैं, जो दुनिया के 7 महाद्वीपों और 7 महासागरों का प्रतीक हैं, स्वतंत्रता के मार्ग का मार्गदर्शन करने के लिए उसके हाथ में एक मशाल है, उसके बगल में न्यायपूर्ण कानूनों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक पटिया है। रोमन गणराज्य का टोगा पहने हुए, और जंजीरों पर खड़ी है जो गुलामी की जंजीरों को तोड़ना दर्शाता है।

मूर्खता – पाप और सांसारिक सुख जो पुरुषों का विनाश कर देते हैं – का प्रतिनिधित्व एक मूर्ख और शोर मचाने वाली स्त्री द्वारा किया गया है, जो व्यभिचारी संबंधों के लिए आने-जानेवाले अजनबी पुरुषों को लुभाने के लिए अपने पति और घर को छोड़ देती है (नीतिवचन 9:13-18)। यह आकर्षक और मोहक जीव, जिसमें कोई नैतिकता और बुद्धि नहीं है, पुरुषों के लिए प्राण-घातक जाल है। जितनी तीव्रता से बुद्धि ने उन्हें बचाने की कोशिश की, उतनी ही तीव्रता से वह भी मनुष्यों को लुभाने की कोशिश करती है, और यह शक्तिशाली भाषा मनुष्यों से बुद्धि को अपनाने और मूर्खता को अस्वीकार करने का आह्वान करती है!

इस स्त्री का चरित्र क्या है? “वह अपने घर के द्वार में बैठी है।” वह बुद्धि रूपी स्त्री के परिश्रमी सद्गुण के विपरीत आलसी है (नीतिवचन 9:1-3)। वह अपने पति और परिवार की सेवा करने के लिए घर पर ही रहने से नफ़रत करती है, क्योंकि वह अपनी शादी से असंतुष्ट है (नीतिवचन 7:11-12; 1 तीमु 5:11-15; तीतुस 2:3-5)। वह सदोम की स्त्रियों की तरह आलसी है, जिन्हें परमेश्वर ने जीवित जला दिया था (यहेज़केल 16:49-50)। उसमें कोई शर्म-हया नहीं है, क्योंकि वह अपने पति के घर दरवाजे पर खड़ी रहकर भी अजनबियों को अपने पास बुलाती है (नीतिवचन 30:20)।

वह “नगर के ऊँचे स्थानों में अपने आसन पर बैठी है।” वह शहर के प्रतिष्ठित स्थानों में साहसपूर्वक बैठने के लिए अपना घर छोड़ देती है (नीतिवचन 7:11-12)। वहां बैठकर पुरुषों की तलाश करने के अलावा उसका कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। भले पुरुष उसके घर के बाजू से भी गुज़रने से बचते हैं, और सीधे अपने रास्ते पर चलते हैं, लेकिन वह उन्हें वहां ढूंढ लेती है जहां उसके आने की उन्हें सबसे कम उम्मीद होती है (नीतिवचन 9:15)। वह किसी सस्ती वेश्या के समान शहर की मलिन बस्तियों का उपयोग करने के बजाय, वह व्यवसायिक और सरकारी के स्थानों में अपनी आवाज़ ऊँची करती और कुलीन पुरुषों में अपने शिकार ढूंढती है।

यह विद्रोही व्यभिचारिणी किस प्रकार मूर्खता का प्रतिनिधित्व करती है? पाप और सांसारिक सुख कर्तव्य और श्रम से मुक्ति देने का वादा करते हैं। यह दुष्ट स्त्री आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए चिल्लाती है, इसलिए वह आपको अपने कर्तव्यों से विचलित कर सकती है और आपके चरित्र, प्रतिष्ठा और तरक्की को नष्ट कर सकती है। वह मूर्खता और पाप के सुखों का चित्रण बहुत आनंद देनेवालों के रूप में करके उनके वास्तविक रूप के बारे में झूठ बोलती है, और उन भयानक परिणामों को छिपाती है जिन्हें उसके साथ सांसारिक जीवन में आने वाले लोगों को भुगतने पड़ते है।

अगर व्यक्ति अपना पूरा ध्यान अपनी बुलाहट पर लगाने में निष्ठावान बना रहे और शरीर की अभिलाषाओं को पूरा करने के हर अवसर से दूर भागता है तो पाप के जीवन से बचा जा सकता है (रोमियों 13:13)। यदि दाऊद अपने सैनिकों के साथ युद्धभूमि में लड़ रहा होता, तो बतशेबा पर उसकी नज़र कभी नहीं पड़ती (2 शमू 11:1)। ख्रिश्चन व्यक्ति को इस पापी दुनिया में चारों ओर पाप और सांसारिक सुख को हासिल करने की परीक्षा का सामना करना ही पड़ता है, इसलिए परमेश्वर के सारे हथियार बाँध लेना ज़रूरी है ताकि शैतान की युक्तियों के सामने मज़बूती से खड़ा रह सके, और सबसे अधिक अपने मन की रक्षा करनी होगी (नीतिवचन 4:23; इफि 6:10-18)।

झूठा धर्म, जो रोम की महान वेश्या और उसकी आरमीनियन बेटियों में सबसे अच्छी तरह से देखा जाता है (प्रकाशितवाक्य 17:1-6), वह पवित्रता और सत्य के कर्तव्य को मानने से इनकार करता है, लेकिन आध्यात्मिक व्यभिचार के लिए लोगों को अपने बिस्तर पर बुलाने के लिए अपने दरवाजे पर बैठा रहता है (याकूब 4: 4; प्रकाशितवाक्य 2:20-23)। वह धार्मिक समुदाय में अपने ऊँचें स्थान पर बैठता है, जबकि उसके धर्म-सिद्धांत और मक़सद नरक से हैं (2 थिस्स 2:9-12; 1 तीमु 4:1-3)। वहाँ निर्दोष लोग उसके सुंदर रूप और गर्मजोशी भरे आलिंगन से फँस जाते हैं, और नहीं देखते कि वहाँ मरे हुए लोग हैं, और उसके अतिथि नरक की गहराइयों में पड़े हैं (नीतिवचन 9:18; 21:16)।

यीशु मसीह, जो महिमा का राजा और अपनी कलीसिया का पवित्र दूल्हा है, रोमी कलीसियाओं में अपने सभी लोगों को पुकारता है, “हे मेरे लोगो, उस में से निकल आओ कि तुम उसके पापों में भागी न हो, और उसकी विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े” (प्रकाशितवाक्य 18:4)। हमारा प्रभु जलन रखनेवाला परमेश्वर है, और उचित ही है। वह आत्मिक व्यभिचार से बैर रखता है। आज ही उनमें से बाहर आ जाओ, पाठक, ऐसा न हो कि कल कोई अवसर न हो। भोलों का संग छोड़ो, और जीवित रहो, समझ के मार्ग में सीधे चलो (नीतिवचन 9:6)।

नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।