नीतिवचन 8:17
जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उनसे मैं भी प्रेम रखती हूँ, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं।
बुद्धिरूपी स्त्री उन लोगों से प्रेम रखती है जो उससे प्रेम रखते हैं। उसका प्रेम सम्मान, धन, जीवन और परमेश्वर का अनुग्रह को ले आता है। आपको और क्या चाहिए? उसका प्रेम हीरे-जवारात, चाँदी, सोना या ऐसी किसी भी वस्तु से जिसकी आप कल्पना कर सकते हैं, बढ़कर है। क्या आप उस से प्रेम रखते हैं? वह आपके प्रेम को इस आधार पर मापती है कि आप उसे कितनी प्राथमिकता देते हैं।
दुनिया के अधिकांश लोग इस बुद्धिरूपी स्त्री से नफरत करते हैं (भजन 14:1-3)। वे उसकी सबसे बड़ी शत्रु अर्थात् मूर्खतारूपी दुष्ट स्त्री से प्रेम करते हैं (नीतिवचन 2:16-19; 9:13-18)। उन्हें दुनिया के मूर्खतापूर्ण झूठ और साबुन के बुलबुले से अधिक प्रेम है- जिसका हॉलीवुड, सार्वजनिक शिक्षा, समाचार मीडिया और अज्ञानी मित्रों ने सौन्दर्यीकरण किया है। वे परमेश्वर, बुद्धि और सत्य से घृणा रखते हैं और उनका तिरस्कार करते हैं। वे मृत्यु से से प्रेम रखते हैं (नीतिवचन 8:36)।
लेकिन आपका क्या? आपके जीवन में सुलैमान के नीतिवचनों का महत्व इस बात पर निर्भर करता है कि आप उनके प्रति क्या कदम उठाते हैं। क्या आप बुद्धि से प्रेम रखते हैं? आप उस प्रेम कैसे दिखाते हैं? आपके जीवन में बुद्धि का क्या महत्व या क्या प्राथमिकता है? क्या आप उसे तड़के ढूंढते हैं? क्या आप उस को यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं?
नीतिवचन के अध्याय 8 और 9 के अधिकांश भाग में, सुलैमान ने बुद्धि को एक ऐसी स्त्री के रूप में चित्रित किया जो आपके सामने अपने प्रेम और मित्रता का प्रस्ताव रखती है। इस बुद्धिरूपी स्त्री की तुलना मूर्खतारूपी पराई स्त्री से करते हुए, वह ऐसी दो स्त्रियों की एक शक्तिशाली तस्वीर बनाता है जो मनुष्यों की आत्माओं की लालसा करती हैं, और उनके पीछे हैं। इन दो स्त्रियों और उनकी मित्रता के अह्वाहनों की तुलना करें क्योंकि दोनों के परिणाम बिलकुल विपरीत हैं (नीतिवचन 9:4-5,16-17)।
बुद्धिरूपी स्त्री उन लोगों से प्रेम रखने का वादा करती है जो उससे प्रेम रखते हैं, और वह उन लोगों से जो उसे यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वादा करती है कि वे उसे पाएँगे। यदि आप बुद्धि से प्रेम रखते हैं, तो वह भी आपसे प्रेम रखेगी और आपके जीवन को आशीषित करेगी। यदि आप बुद्धि की खोज करते हैं, तो आप उसे आसानी से पा लेंगे, क्योंकि वह किसी से दूर नहीं है (नीतिवचन 1:20-23; 8:1-5)। क्या है जो आपको उससे प्रेम रखने और उसकी अभिलाषा करने से रोक रहा है? बुद्धि से प्रेम रखो और आज ही उसकी खोज करो।
बुद्धिरूपी यह स्त्री किस बात का प्रतिनिधित्व करती है? बुद्धि आखिर है क्या? बुद्धि जीवन में उठनेवाली किसी भी प्रकार की परिस्थिति में सही कदम उठाने का ज्ञान, और सही निर्णय लेने की शक्ति है। उसकी बुनियाद क्या है? परमेश्वर का भय! बुद्धि की सबसे सटीक और स्पष्ट परिभाषा कहा कीं गई है? बाइबल में! यदि कोई व्यक्ति पूरी लगन से परमेश्वर के वचन से प्रेम रखता है और उस पर ज़ोर देता है, तो वह उसके जीवन को पूरी तरह से बदल देनेवाले ज्ञान को प्राप्त कर लेगा।
बुद्धिरूपी स्त्री किसी भी मनुष्य की कर्ज़दार नहीं है। मनुष्य ने अदन की वाटिका में बुद्धि को अस्वीकार कर दिया, इसलिए उन्हें सत्य जानने का कोई अधिकार नहीं है; आज के प्रचलित सभी विषयों पर शिक्षित लोगों द्वारा विश्वास की जाने वाली मूर्खतापूर्ण विचारधाराएं उनके मन की भ्रष्टता को साबित करती हैं। जब कोई व्यक्ति झूठ को चुनता है, तो परमेश्वर ऐसा शक्तिशाली भ्रम भेजता है कि वे अपने विनाश के लिए कई और झूठी बातों पर विश्वास करें (यहेज़केल 14:7-11; 2 थिस्स 2:9-13)।
यहां परमेश्वर और सुलैमान की ओर से एक वास्तविक निमंत्रण और वरदान पाने का प्रस्ताव है, लेकिन इसे केवल परमेश्वर के बच्चें ही पहचानेंगे और उसे अपनाएंगे। मनुष्यों की एक बड़ी भीड़ विश्वास से रहित है, इसलिए वे जीवित परमेश्वर और बाइबल में प्रकाशित उसके वचन दोनों को अपनाने से इनकार करते हैं। आप इस निमंत्रण को जिसे परमेश्वर अपने अनुग्रह और दया से आपके सामने रख रहा है, कैसे देखते हैं? प्रेरित पौलुस इस दिव्य ज्ञान की तुलना में सभी बातों को हानि की और कचरा समझता था, जो प्रभु यीशु मसीह को पूरी तरह जानने में व्यक्त होता है (कुलुस्सियों 2:3; इफि 3:16-19)।
बुद्धि चाहती है कि आप उससे प्रेम करें। जो बुद्धिमान लोग ज्ञान प्राप्त करने पर अपना मन लगाते हैं वे अपने जीवन को सब प्रकार की मूर्खतापूर्ण बातों से अपने आप को अलग कर लेंगे (नीतिवचन 18:1)। उनके जीवन का प्रथम उद्देश्य परमेश्वर को प्रसन्न करना होगा (मत्ती 6:33)। अगर आप पूरी धुन से बुद्धि की खोज में नहीं लगते हैं, तो आपका सारा परिश्रम व्यर्थ है (नीतिवचन 2:1-5)। दाऊद ने कहा, “आहा! मैं तेरी व्यवस्था से कैसी प्रीति रखता हूँ! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है” (भजन 119:97)। इससे कम कुछ भी काम नहीं करेगा। बुद्धि की उपेक्षा करना मृत्यु से प्रेम करना है (नीतिवचन 8:36)।
बुद्धि चाहती है कि आप जीवन के आरंभ में ही उसकी खोज करें, इससे पहले कि जब आप में जवानी का जोश और ताकत है, आप मनुष्य की मूर्खता सीखें, या मूर्खता की चाल से अपने जीवन की हानि कर बैठें। सुलैमान ने लिखा, “अपनी जवानी के दिनों में अपने सृजनहार को स्मरण रख, इससे पहले कि विपत्ति के दिन और वे वर्ष आएँ, जिन में तू कहे कि मेरा मन इन में नहीं लगता” (सभोपदेशक 12:1)। बचपन और जवानी मूर्खता का दौर होता है, इसलिए उम्र के ये दोनों पड़ाव मूर्खता को ठुकरा देने और जवानी के पापों से बचने के लिए बुद्धि प्राप्त करने का सबसे अच्छा समय है (सभो 11:10; भजन 25:7; नीतिवचन 22:6; 2 तीमु 2:22)।
बुद्धि चाहती है कि आप यत्न से तड़के उठकर ही उसकी खोज करे, इससे पहले कि जीवन के कर्तव्य और ध्यान भटकानेवाली बातें आपके दिल और दिमाग को जीवन की उस सबसे महत्वपूर्ण चीज से दूर कर दें जिसे आपको सबसे बढ़कर प्रेम करना ज़रूरी है। सुबह सबसे पहले समय निकालकर परमेश्वर का वचन पढ़ें और उसे बताएं कि आप उससे कितना प्रेम करते हैं और उसकी बुद्धि के लिए कितने भूखे हैं (भजन 63:1-6; 84:1-2; 119:18)। बाइबल में वर्णित महान लोग ऐसा ही किया करते थें (उत्पत्ति 19:27; भजन 5:3; 119:147)। या ऐसा आप दाऊद और दनिय्येल की नाई दिन में तीन बार करें (भजन 55:17; दानिय्येल 6:10)।
सुसमाचार का अनमोल सुसमाचार यह है कि परमेश्वर ने अपने बच्चों से बहुत पहले ही प्रेम किया, इससे भी पहले कि वे उससे प्रेम करें, तब भी जबकि वे उसके शत्रु ही थे (1 यूहन्ना 4:19; रोमियों 5:8)। अपने चुने हुए लोगों के लिए परमेश्वर का प्रेम इतना महान है कि उसने हर एक को अपनी ओर खींच लिया, प्रत्येक को उससे प्रेम करने के लिए प्रेरित किया, और जैसे-जैसे वे उससे प्रेम करते हैं, वह हर एक के प्रति अपना प्रेम और अधिक दिखाएगा, और उनमें से एक भी उसके प्रेम से अलग नहीं हो सकता है, चाहे समय हो या अनंत काल (यिर्मया 31:3; होस 11:3-4; यूहन्ना 14:23; रोमियों 5:5; 8:35-39)।
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