नीतिवचन 7:8

वह उस स्त्री के घर के कोने के पास की सड़क पर चला जाता था, और उसने उसके घर का मार्ग लिया।

आपको मृत्यु और नरक के कितने करीब जाना चाहिए? आप उनके करीब आने के बारे में सोचेंगे भी क्यों? यदि आप जानते हैं कि कोई चीज आपको मार डालेगी और आपको नरक में ले जाएगी, तो क्या आपको उस चीज के साथ खिलवाड़ करना चाहिए? क्या आपको उसके बारे में सोचना चाहिए? क्या आपको खुद से झूठ बोलना चाहिए कि आप उससे बच सकते हैं?

आप मृत्यु और नरक से नहीं बच सकते। वे अब और आनेवाले अनन्तकाल के समय में मनुष्यों को पीड़ा देंगे और उनका विनाश कर देंगे। व्यभिचार मृत्यु और नरक की ओर जानेवाला पक्का मार्ग है, लेकिन इस नीतिवचन के मूर्ख युवक ने एक व्यभिचारिणी के घर पास जाने का फैसला किया और फिर सीधे उसके घर चला गया। उसने एक विनाशकारी फैसला किया (नीतिवचन 7:21-23)।

यौनाचार की परीक्षाएं युवा पुरुषों को पूरी ताकत से अपनी ओर खींचती हैं। सुलैमान ने नीतिवचन के कई शुरुआती अध्यायों में इसी विषय को संबोधित किया, क्योंकि उसने अपने बेटे को पराई स्त्री, अर्थात वेश्याओं और व्यभिचारिनियों के खतरे के बारे में आगाह करने की कोशिश की। कुछ लोग सोचते हैं कि यह यौन पापों पर बहुत अधिक ज़ोर दिया जा रहा है, लेकिन वे परमेश्वर की अनंत बुद्धि और मानव इतिहास में अधिकांश पुरुषों के दर्दनाक अनुभव के खिलाफ भौंक रहे हैं। व्यभिचार का खतरा हर जगह है, खासकर आज।

इन प्रारंभिक अध्यायों में सुलैमान ने अपने पुत्र से चार बार कहा कि व्यभिचार मृत्यु और नरक का मार्ग है (नीतिवचन 2:18-19; 5:5; 7:27; 9:18)। और जब उसने बाद में जीवन के बारे में अपने सब अवलोकनों का सारांश प्रस्तुत किया, तब वह इसी निष्कर्ष पर पहुंचा (सभोपदेशक 7:26)। व्यभिचार प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देता है, इज्ज़त को मिट्टी में मिला देता है, आत्मा का विनाश करता है, पुरुष को यौनाचार की लत की ज़न्जिरों में जकड़ देता है, वंश को अशुद्ध कर देता है, स्वस्थ लोगों को रोगी और बीमार बना देता है, ईर्ष्यापूर्ण क्रोध का कारण बनता है, विवेक को दोषी ठहराता है और अन्त में आपको नरक में ले जाता है।

नीतिवचन की पुस्तक मुख्य रूप से परमेश्वर के मन से निकले जीवन के संक्षिप्त, प्रेरित और शक्तिशाली अवलोकनों की एक पुस्तक है जो सुलैमान की कलम से लिखी गई। तथापि, इस अध्याय में सुलैमान ने एक लम्बा नीतिवचन लिखा – अर्थात एक दृष्टान्त (नीतिवचन 7:6-23)। उसके दृष्टांत में इस बात का वर्णन किया गया है कि किस रीति से एक कुशल व्यभिचारिणी किसी युवक को बहकाती है और फिर उसे बर्बाद कर देती है। उस मूर्ख के पास बचने का कोई मौका नहीं था। वह फसाने और लुभाने में उससे दस गुना अधिक श्रेष्ठ थी। एक बकरे के समान वह कटने के लिए चला गया।

लेकिन ऐसा कभी नहीं होता – ऐसा कभी नहीं हो सकता था – अगर वह उसके कोने के पासवाली सड़क से न गुज़रा होता और उसके घर के रास्ते नहीं जाता। यदि आप परीक्षा के स्रोत से दूर रहते हैं तो आप से यौनाचार के पाप नहीं हो पाएंगे। यौनाचार की परीक्षा इतनी अधिक शक्तिशाली होती है कि उसके साथ कभी कोई खिलवाड़ नहीं करना ही बेहतर है। आपको अवश्य उससे भागना चाहिए, जैसा कि पौलुस ने चेतावनी दी (1 कुरिन्थियों 6:18; 2 तीमुथियुस 2:22)। आपको यौन पाप से हर कीमत पर बचना अवश्य है और आपको उसके निकट भी नहीं आना है (नीतिवचन 5:8; 7:25)।

प्रभु यीशु मसीह ने कहा कि यौन पाप आपको नरक में ले जाए इससे बेहतर है कि आप अपनी दाहिनी आंख निकाल लें या अपना दाहिना हाथ काट लें (मत्ती 5:27-30)। कोई चीज, अगर वह आपको यौन पाप करने के लिए बहकाती है, आपके लिए कितनी भी प्रिय और कीमती क्यों न हो, जैसे कि आपकी दाहिनी आंख, तो भला होगा कि आप उससे छुटकारा पा लें। कोई अंग कितना ही आवश्यक और व्यावहारिक क्यों न हो, जैसे आपका दाहिना हाथ, यदि यह आपको यौन पाप के लिए प्रलोभित करता है तो आपको उससे छुटकारा पा लेना ज्यादा आवश्यक है। यह कोई हल्की बात नहीं है। परिणाम विनाशकारी और शाश्वत हैं। यीशु मसीह ने हमें यहाँ दिव्य बुद्धि सिखाई।

समझदार पुत्र, और उनके पिता अगर किसी जिम में जाने की सोच रहे हैं तो वे ऐसे जिम में जाने से चौकस रहेंगे जहाँ स्त्री-पुरुष एकसाथ कसरत करते हैं, और वहां जाने से इनकार करेंगे। साथ ही वे महिलाओं के ब्लॉग पढ़ने या सोशल मीडिया पर उनसे दोस्ती करने, वयस्क-फिल्में, यूनिसेक्स स्विमिंग पूल्स, स्त्री आन्दोलन से भरे और कामुक टेलीविजन कार्यक्रम, किसी भी महिला के साथ बेपनाह समय बिताने के अवसर, सांसारिक पार्टियां करने, किसी भी प्रकार की पोर्नोग्राफ़ी देखने, कॉलेज की टपोरी बिरादरी, क्रूज़ पर परिभ्रमण या रिसॉर्ट्स में जाने, किसी भी प्रकार के बार या नाइटक्लब, सिंगल स्त्री-पुरुषों की यात्राओं, अजनबी औरत का यूही आनेवाला फोन, ईमेल, या अन्य महिलाओं के साथ संपर्क, जहाँ छात्र-छात्राएं एकसाथ रहते हैं ऐसे छात्रावास वाले विश्वविद्यालयों, औरतों के सहकर्मी बनानेवाली नौकरियों, पराई औरतों के साथ रात्रिभोज, सख्त सुरक्षा उपायों के बिना व्यापार यात्राएं, विवाहित महिलाओं के साथ आकस्मिक संबंध, सांसारिक संगीत, कामुक उपन्यास, चुलबुली महिला-मित्र, व्यभिचारी पुरुष-मित्र, और प्रलोभन की कोई अन्य संभावना, जिनमें से कई अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्राप्त होते हैं, और ऐसी सब बातों दूर ही रहेंगे। दूसरे लोग आपके ऐसे नियमों को अति समझेंगे, परन्तु परमेश्वर और सुलैमान ऐसा नहीं सोचते।

आप से व्यभिचार का पाप नहीं हो पाएगा, यदि आप उन्हें जन्म देनेवाली सब परीक्षाओं से दूर रहें। पौलुस ने एक आम सत्य की शिक्षा दी कि मसीही लोग शरीर की अभिलाषाओं को पूरा करने का उपाय न करें (रोमियों 13:14)। यदि उसने इस ईश्वर-प्रेरित व्यवस्था की शिक्षा सामान्य रूप से सभी पापों के लिए दी है, तो आपको इसे यौनाचार की परीक्षाओं के मामलों पर कितना अधिक लागू करना चाहिए, जो जीवन के सबसे अधिक लुभावने और जानलेवा मामले हैं? यदि कोई बात आपको इस मोह की ओर जरा भी झुका देती है तो उससे दूर भागो।

इस नीतिवचन का सबक बिलकुल सरल है। व्यभिचार के पाप की परीक्षाओं से बचें। लूत के समान मूर्ख बनकर अपना तम्बू सदोम की ओर खड़ा मत करो (उत्पत्ति 13:12)। यदि आप पहले से ही इस पाप की परीक्षा का सामना कर रहे हैं, तो अपनी स्थिति को तुरंत बदल लें। यह इस योग्य नहीं है कि आप इस पाप को अपनी आत्मा और परिवार को बर्बाद करने दे। अगर आप इस परीक्षा की जड़ को ही काट दें तो व्यभिचार के पाप से बचा जा सकता है। किसी भी गलत काम को त्याग कर उसे धर्मी और नेक कामों में बदल दें और अपने वैवाहिक जीवन की उन्नति के लिए कड़ी मेहनत करें (नीतिवचन 5:19-20; भजन 119:11; 1 कुरिन्थियों 7:1-5)।

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