नीतिवचन 7:3
उनको अपनी उँगलियों में बाँध, और अपने हृदय की पटिया पर लिख ले।
सुलैमान ने नीतिवचन के इस भाग में अपने बेटे को वेश्यावृत्ति करनेवाली स्त्रियों के खतरे के बारे में सिखाया, और वह नहीं चाहता कि उसका बेटा उसके शब्दों और नियमों को भूले (नीतिवचन 7:1-2)। दुष्ट स्त्रियों का रूप और चिनाकी बातें बहुत शक्तिशाली होती हैं। मेरे बेटेम मेरी चेतावनियों को मत भूल! व्यभिचार का परिणाम मृत्यु और नरक है। तू अपना जीवन बर्बाद कर देगा। मेरे सबक को मत भूलना।
अच्छे पिता अपने पुत्रों को परस्त्रीगमन के भयानक खतरे के बारे में चेतावनी देते हैं, लेकिन अगर पुत्र अपना भला चाहते हैं, तो उन्हें इन चेतावनियों को याद रखना अवश्य है। चेतावनी सुनना एक बात है, लेकिन इसे याद रखना और खतरे से बचना दूसरी बात है, खासकर तब जब खतरा एक मनमोहक स्त्री के रूप में अति आकर्षक और बहकानेवाला हो। मेरे बेटे, याद रख कि मैंने तुझे क्या सिखाया है!
अगर किसी को यह बताया जाए कि भारी बारिश के कारण एक सड़क बह गई है, लेकिन फिर वह व्यक्ति रात में उसी सड़क पर गाड़ी चलाते हुए ले जाए तो यह पागलपन है! पराई स्त्री के बारे में सुलैमान की बुद्धिमान चेतावनियों को पढ़ना लेकिन फिर किसी पराई स्त्री के साथ रहना, अश्लील साहित्य देखना, या मादक बातें करने वाली महिला को संदेश भेजना उतना ही मूर्खतापूर्ण है। यहां उसकी अनुग्रहपूर्ण चेतावनियों को सुन लेना और जिस खतरे की पहचान उसने दीं है उससे जितना संभव हो उतना दूर भाग जाना बुद्धिमानी है।
इस नीतिवचन में दो रूपक प्रयुक्त किए गए हैं जो बुद्धिमानीपूर्ण दी गई चेतावनियों को याद रखने के व्यावहारिक महत्व को सिखाते हैं। आप वास्तव में अपनी उंगलियों के चारों ओर बाइबल के पद नहीं बाँध सकते, और न उन्हें अपने हृदय की पटिया पर लिख सकते हैं। सबक यह है कि इन चेतावनियों को हमेशा अपने साथ ही रखें और उन्हें अपनी आंतरिक विचार प्रक्रियाओं में दृढ़ता से स्थापित करें। आप इन चेतावनियों को अपने हाथ से यूँही जाने नहीं दे सकते।
दाऊद ने कहा, “मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं” (भजन 119:11)। आप ऐसा केवल तभी कर पाते हैं जब आप परमेश्वर के वचन को याद रखते हैं, ताकि जब आपको इसकी आवश्यकता हो तो आप इसे अपने हृदय में रख सकें; या आप परमेश्वर के वचन पर भी मनन कर सकते हैं और यौन पापों के खिलाफ उसकी शक्तिशाली चेतावनी को दृढ़ता से थामे रह सकते हैं। आपको हर समय पराई स्त्रियों के प्रति सावधान रहना अवश्य है।
इस्राएल के पूर्वजों ने अक्सर परमेश्वर की आज्ञाओं को दोहराया। उसने कहा, “और ये आज्ञाएँ जो मैं आज तुझको सुनाता हूँ वे तेरे मन में बनी रहें और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। और इन्हें अपने हाथ पर चिन्ह के रूप में बाँधना, और ये तेरी आँखों के बीच टीके का काम दें। और इन्हें अपने-अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।” (व्यवस्था 6:6-9)।
यौन-पाप में गिरने की परीक्षा आज हर जगह हैं। कई लड़कियां और औरतें वेश्या होती हैं। ऐसे में यदि आप परमेश्वर के वचन को भूल जाते हैं जो आपने सुना है, तो आप अपने जीवन में वचन की उस सामर्थ्य को खो देते हैं जो आपको बचाती है (1 कुरिन्थियों 15:2; 1 तीमु 4:16)। आप इस शिक्षा को हाथ से जाने नहीं दे सकते (इब्रा 2:1-4)। आपको इसे याद रखना और स्मरण रखना अवश्य है, और जो प्रचारक बार-बार इन चेतावनियों को दोहराते हैं उन पर आप गुस्सा नहीं हो सकते और न उन्हें ठुकरा सकते हैं (2 पतरस 1:12-15)।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।