नीतिवचन 7:17
मैंने अपने बिछौने को मुर्र, और एलवा, और दालचीनी से सुगन्धित किया है।
एक बिछौना जो स्वर्ग के समान खुशबु से महकता है, व्यभिचार के नरक को सही नहीं ठहराता। पराई स्त्री अपने फुसलाने के काम में हर सम्भव प्रयास कर रही है, जैसा कि सुलैमान ने एक जवान के अपने दृष्टांत को जारी रखा, जिसे वह स्त्री अपने स्त्री-कला का उपयोग करके छल-कपट से मृत्यु और नरक की ओर ले जाती हैं (नीति 7:27)। उसने कोई कसर नहीं छोड़ी। वह स्त्री-कला में निपुण थी, और उसने अपने शिकार को पकड़ने के लिए एक संवेदी आवेश तैयार किया।
यह दृष्टांत विस्तार से बताता है कि कैसे एक कुशल व्यभिचारिणी ने एक जवान शिकार को बहकाया (नीति 7:6-23)। सुलैमान ने लुभानेवाली कला और विजय का चित्रात्मक रूप से वर्णन किया ताकि अपने बेटे का ध्यान आकर्षित कर सके (नीति 7:1-5, 24-25), परीक्षा की शक्ति को उचित रूप से दिखा सके (नीति 7:21-22, 26), और उसके भयावह परिणामों की शिक्षा दे सके जो गुप्त होते हैं (नीति 7:23, 27)। इस संक्षिप्त नीतिवचन में, उसने उस स्त्री के बिछौने का विवरण जारी रखा जिसे उसने बड़ी खासियत से तैयार किया (नीति 7:16-17)।
सुगंधित किया हुआ बिछौना प्रणय-क्रीडा को भड़काने के लिए जोड़ा गया एक अतिरिक्त कामुक माध्यम है। मूर्र, जो इत्र और धूप बनाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले पौधों की कई प्रजातियों का गोंद-राल होता है, उसे “गहरी और मदहोश करनेवाली” सुगंध माना जाता है। एलवा (अगर), जो सुगंधित राल या एगलोच वृक्ष की लकड़ी होती है, उसमें एक मीठी, लकड़ी जैसी, और फल जैसी सुगंध होती है। दालचीनी, एक ऐसा मसाला जिसे ज्यादातर पुरुष अच्छी तरह जानते हैं, उस में एक मीठी, लकड़ी जैसी सुगंध होती है। इन सब तत्वों को मिलाकर बिछौना खुशबूदार, और मन को कचोटनेवाला बन जाता है।
पवित्र आत्मा यौनाचार और पाप को मसीही माता-पिता की तुलना में बेहतर रूप से और अलग तरीके से निपटता है। मसीही माता-पिता जो आज भी पुराणपंथी भ्रान्ति के अवशेषों को दुत्कारते हैं, ऐसे दृष्टांत के चित्रमय वर्णन को पढ़कर अति संकोच से शर्म से लाल हो सकते हैं, या शर्म महसूस कर सकते हैं। वे कभी भी इस तरह की बातों के बारे में या इस अंदाज़ में अपने बच्चों से बातें नहीं करेंगे। वे किसी तरह सोचते हैं कि वे पवित्र आत्मा से अधिक पवित्र हैं। वे घातक धारणा बनाते हैं कि ऐसे विषयों पर बच्चों के साथ चर्चा नहीं की जानी चाहिए।
इस ग़लत दृष्टिकोण के परिणाम दर्दनाक हैं – बच्चें जानते हैं कि उनके माता-पिता वास्तविकता की पहुँच से बाहर हैं, वे अपने माता-पिता पर विश्वास नहीं करेंगे, वे संसार के प्रलोभनों का सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं, और वे पूरी अज्ञानता और भ्रम के साथ अपने वैवाहिक जीवन का आरम्भ करते हैं, तथा एक और पीढ़ी में यौन दुष्क्रियता को आगे बढ़ाते हैं। पिताओं और माताओं, पवित्रशास्त्र को अपना मार्गदर्शक बनने दो, और किसी भी विषय को लेकर अपनी ही समझ या परवरिश का सहारा न लो (नीति 3:5-6)।
मसीही पुरुषों, जिसने नीतिवचन की ईश्वर-प्रेरित पुस्तक लिखी वह सुलैमान एक सर्वश्रेष्ठ पिता है। उसने अपने बेटे पर बड़ा प्रेम किया, और उसकी अत्यंत चिंता की, और परस्त्रीगमन तथा व्यभिचार के भयावह नतीजे दिखाए। इस अध्याय के दृष्टांत के अनुसार, इन मामलों को खुलेतौर पर, स्पष्ट रूप से, और परिणामकारक तरीके से निपटना ईश्वर की बुद्धि है। फाजिल धार्मिक मत बनो। उसके दृष्टिकोण को अस्वीकार करने के बजाय अपना लो।
मसीही स्त्रियों, परमेश्वर-प्रेरित सुलैमान स्त्रियों के गुणों के विषय में विशेषज्ञ था। यहां इस नीतिवचन में उसने एक निपुण फुंसलानेवाली स्त्री की कला को उजागर किया। जो पत्नी इस नीतिवचन से और श्रेष्ठगीत की पुस्तक से कुछ अंश तक बुद्धि को पा लेती है, वह अपने पति को भटकने से बचाएगी। एक मां जो अपने पति को दिखा देती है कि उसने इस नीतिवचन से और श्रेष्ठगीत की पुस्तक से बुद्धि को पा लिया है, वह अपने बच्चों का विश्वास जीत लेगी और उनके सामने एक नीतिमान पत्नी का उदाहरण प्रस्तुत करेंगी। परंतु बड़े दुख की बात है कि कुछ मसीही पत्नियां अपने वैवाहिक जीवन में यौनरूप से वांछनीय होने और पति को मोहित करनेवाली बनने के विचार से भी भड़क जाती हैं, और न ही वे इसका मूल्य समझती हैं।
बिछौने को सजाना और सुगंधित बनाना पुरुष की सोचने-समझने की शक्ति को हर लेने का अतिरिक्त माध्यम हुआ करता था (नीति 7:16-17)। इससे प्रणय-क्रीड़ा का अनुभव अत्यंत सुखद और चिरस्मरणीय बन जाएगा। मात्र खुशबू से ही प्राचीन यादें ताजा हो जाती हैं। सुलैमान के श्रेष्ठगीत की सिद्ध स्त्री अपने आप को और अपने वस्त्रों को सुगंधित करती है (गीत 1:12-13; 4:10-15; 5:5)।
अब तुम जो नौजवान हो, सुनो। इस नीतिवचन में उल्लेखित इस वेश्या का सुगंधयुक्त सुख और उसके द्वारा प्रस्तावित शारीरिक सम्भोग आकर्षक, बहुत ही मन-मोहक है। सुगंधयुक्त आमोद ने, जो अन्य इंद्रियों को भी आनंद देता है, बहुत से मनुष्य के मनों और दिलों को हर लिया है। तुम्हारी नाक तुम्हें बड़े विश्वास से बताएगी कि यह कामातूर, सुगंधित और सौम्य मनवाली स्त्री और उसका बिछौना तुम्हें चरम सुख देगा।
परंतु हे युवाओं, क्या तुमने इसके पहले कभी मृत्यु की गंध सूंघी है? क्या तुमने कभी नरक की झलक देखी है? क्या तुमने भय के पसीने की गंध को कभी सूंघा है? क्या तुमने अपने दागदार विवेक की गंध महसूस की है? यह वह भयावह गंध है जिन्हें सुबह की रोशनी ले आएगी। अभी अपनी नाक बंद करो, और उस स्त्री से भागो। वह झूठ बोलती है! उसका बिस्तर झूठ बोलता है! उसकी सुगंध मृत्यु और नरक की गंध को दबाकर रखती है जो उसके बिछौने के नीचे छिपे हुए हैं (नीति 7:27)। अभी अपनी नाक बंद करो और उससे दूर, बहुत दूर भागो।
यदि तुम इस स्त्री के इतने करीब पहुंच चुके हो कि उसके शरीर से निकलनेवाली सुगंधित गर्मी को महसूस कर सको और उसकी सुगंध को सूंघ सको, तो तुमने मूर्ख की मृत्यु को चुना है। तुम एक खतरनाक खेल खेल रहे हो। इसी वक्त अपनी नाक बंद करो और उससे भागो। तुम्हारी एकमात्र सच्ची सुरक्षा उससे दूर, बहुत ही दूर रहने में ही है (नीति 4:14-15; 5:8; मत्ती 5:29-30; रोमि 13:14)।
प्रभु यीशु मसीह जिसका भजन संहिता 45 में भजनकार ने महिमामय रूप से वर्णन किया है, वह मूर्र, एलवा, और तेज की महकवाले वस्त्रों में शाही दूल्हे के रूप में प्रकट हुआ (भजन 45:8)। उसकी सुखद सुगंध उसके लोगों के विश्राम और आनंद के लिए है जिन्हें उसने अपनी सदा-सदा की दुल्हन बनने के लिए चुन लिया है। प्रिय मसीही, क्या प्रभु यीशु मसीह आज आपके लिए अनमोल है?
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।