नीतिवचन 7:13
तब उसने उस जवान को पकड़कर चूमा, और निर्लज्जता की चेष्टा करके उससे कहा,
यहाँ पराई स्त्री अपने शिकार को फांसने सक्रिय है। सुलैमान व्यभिचारी स्त्री का अपना लंबा वर्णन जारी रखता है जो किसी युवक को बहका रही है। यहां उसके चरित्र और आचरण के तीन पहलूओं का उल्लेख हैं। वह युवक के साथ अपनी शारीरिक हरकत में आक्रामक रूप से लम्पट है; वह लुभाने के लिए चुंबन का रास्ता अपनाती है; वह इतनी निर्लज्ज और बेशर्म है कि उसे किसी का डर नहीं। उसने उस जवान पकड़ लिया; उसने उसे चूमा; उसने उससे कामुकता से भरी बातें कीं।
सद्गुणी स्त्रियाँ भी शारीरिक रूप से आक्रामक, उत्तम चुम्बन लेनेवाली और बेहिचक होती हैं – अर्थात् अपने अपने विवाहित पतियों के साथ। अन्य पुरुषों के प्रति, और खासकर शादी से पहले, वे संकुचित स्वभाववाली, सदाचारी, शालीन और शर्मीली होती हैं। परन्तु पराई स्त्री – अर्थात् व्यभिचारिणी – विवाहेतर सम्बन्धो के लिए पुरुषों का पीछा करती है, विवाहेतर पुरुषों को चूमती है, और अपने विवाहेतर आचरण में चुलबुली, मनचली, और बेशर्मी की हद से ज्यादा निर्भीक होती है।
एक धर्मपरायण स्त्री शादी से पहले शारीरिक रूप से आक्रामक नहीं होती – वह पवित्र, शुद्ध होती है और खुद को पूरी तरह से अपने पति के लिए सुरक्षित रखती है (2 कुरिन्थ 11:2)। वह आक्रामक होने के लिए तैयार है; वह भी आक्रामक होना चाहती है; लेकिन वह यौन परीक्षा की शक्ति को समझती है, और वह किसी भी पुरुष को, यहां तक कि अपने मंगेतर को भी उत्तेजित करने के लिए किसी भी प्रकार का कामुक आचरण नहीं करेगी। उसका पिता भी इस गम्भीरता को समझता है, और इसलिए वह उसे पाप के हर अवसर से दूर रखने के लिए किसी भी पुरुष के साथ अकेला नहीं छोड़ता, विशेषकर उसके मंगेतर के साथ। और कुछ पिता तो इतने रूढ़िवादी और सावधान होते हैं कि अपनी बेटी को उसके चचेरे-ममेरे भाईयों के साथ भी अकेला नहीं छोड़ते।
एक बार जब एक धर्मपरायण स्त्री की शादी हो जाती है, तो वह एक आक्रामक प्रेमी बन जाती है, जो सुलैमान के श्रेष्ठगीत में शूलेम्मिन के पवित्र उदाहरण का अनुसरण करती है (श्रेष्ठगीत 1:2-4,12-14; 2:3-7; 3:1-5; 5:2-16; 8:1-4)। दोनों में क्या फ़र्क है? विवाहित जोड़े के बीच आक्रामक और गर्म-जोशी से भरा संभोग को परमेश्वर की मंजूरी है, जहां पति-पत्नी दोनों एक -दूसरें को पूरी तरह से संतुष्ट करते हैं (नीतिवचन 5:19; 1 कुरिन्थ 7:1-5; इब्रानियों 13:4)! नैतिक पतन में डूबी यह दुनिया शादी होने तक कुंवारी रहनेवाली युवतियों का मजाक उड़ाती है, परन्तु जो युवतियां सच्ची ख्रिश्चन होती हैं वे धरती की सबसे महान प्रेमिकाएं होती हैं।
जो औरतें व्यभिचारी होती हैं वे विवाह से पहले और विवाह के बाद भी पराएँ मर्दों के साथ गर्म मिजाज की होती हैं। सुलैमान के दृष्टांत में, उसने उस जवान को शारीरिक रूप से पकड़ लिया। वह आक्रामक थी, और इस तरह की यौन-निर्भीकता को मनोरंजन उद्योग सब युवा लड़कियों के लिए प्रतिदिन ग्लैमराइज़ करता है, जबकि केवल दो पीढ़ियों पहले ही अधिकांश लड़कियाँ यौन सम्बन्ध को लेकर संकोचित हुआ करती थीं। ऐसी आक्रामकता का विरोध कर सकें ऐसे शक्तिशाली पुरुष बहुत कम होते हैं। यूसुफ एक अपवाद था, और महान मनुष्य था (उत्पत्ति 39:7-12)। एक पुरुष को क्या करना चाहिए? वह सुलैमान की सलाह का पालन करे, और उनसे दूर रहे (नीतिवचन 5:8; 7:8)।
चुंबन के कई प्रकार के होते हैं। एक धर्मपरायण स्त्री फ़र्क को जानती है, और जो अंतरंग केवल वैवाहिक जीवन में होने चाहिएं उन्हें विवाह होने तक वश में रखती है। वह सांस्कृतिक, आध्यात्मिक या अन्य परिस्थितियों में विभिन्न प्रकार के पुरुषों और स्त्रियों को नमस्कार या अभिवादन के सामाजिक चुंबन के साथ चूम सकती है। राहेल और उसके पिता लाबान, दोनों ने याकूब को इस तरह से चूमा था (उत्पत्ति 29:11,13), और प्रेरित पौलुस उसे पवित्र चुंबन कहता है, क्योंकि इसमें कामुक इरादे का एक भी संकेत नहीं होता है (रोमियों 16:16; 2 कुरिन्थ 13:12)।
असली चुंबन वैवाहिक जीवन के लिए होते हैं – वे प्रणय-क्रीड़ा या प्रेम-प्रसंग का हिस्सा हैं। वे अन्य यौन क्रियाओं की तुलना में अधिक अंतरंग और व्यक्तिगत हो सकते हैं, क्योंकि उनमें चेहरे, आंखों और मुंह की अति निकटता शामिल होती है। शूलेम्मिन स्त्री अपने पति के साथ जिस संभोग के चुम्बन का आनन्द लेती है वह प्रशंसनीय है (श्रेष्ठगीत 1:2; 5:16; 7:9)। लेकिन वह जानती थी कि वह इतना अंतरंग और व्यक्तिगत चुम्बन किसी अन्य पुरुष को नहीं दे सकती, और उसने संभवतः अपनी शादी की रात से पहले सुलैमान को ऐसा चुम्बन नहीं दिया था।
व्यभिचारी स्वभाववाली औरतें पुरुषों को उत्तेजित करने और उन्हें संभोग के लिए न्योता देने के लिए शादी से पहले और शादी के बाद पराएं मर्दों को लुभाने अपने चुंबन की कला का उपयोग करती हैं, जबकि उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं होता है। व्यभिचारी स्वभाववाली औरतें अपने गर्म-जोश चुंबन के द्वारा किसी पुरुष की यौन इच्छा को आसमान की बुलन्दियों तक पहुंचा सकती हैं। सद्गुणी युवा लड़कियाँ, जो अक्सर अज्ञानी और अनुभवहीन होती हैं, शादी से पहले अंतरंग चुंबन देकर गुमराह करनेवाला सन्देश भेजती हैं। सुलैमान के दृष्टान्त की पराई स्त्री, जिसके इरादों में खोट और वेश्यावृत्ति का गुण है, वह अपने शिकार को लुभाने के लिए खुद ही चुंबन की पहल करती है।
शादी से पहले अंतरंग चुंबन क्यों लें? इसका उद्देश्य क्या है? क्या इससे यह साबित करने में मदद होती है कि दूसरा व्यक्ति आपके लायक है या नहीं? क्या यह आपके रिश्ते को तब तक शुद्ध बनाए रखने में मदद करता है जब तक यह रिश्ता विवाह के द्वारा पवित्रिकरण नहीं पा लेता? या क्या यह मन और जिस्म में उस शक्तिशाली वासना को भड़काता है जो पूर्ण प्रणय-क्रीड़ा की फिराक में है? ऐसी भयानक कठिन परिस्थिति क्यों पैदा करें? आखिर शादी से पहले ऐसी यौन-वासना और निराशा को क्यों बढ़ाए? कुंवारी लड़की अपनी अभिभाविका, जैसे माँ, से विवाह के बाद की बातों के विषय में चर्च कर सकती है, और युवक भी कुंवारी लड़की के अभिभावकों के साथ अपने रिश्ते की मज़बूत बुनियाद डाल सकता है।
इसके अलावा, अन्य व्यक्ति के साथ लिए चुंबनों की यादें – जिसका आनंद आपने वैवाहिक जीवन की सीमा के बिना लिया था- भविष्य में आपके ज़मीर को यातना दे सकती हैं। चुंबन के अपने अनुभव और आनंद को उसी तक सीमित क्यों न रखें जिससे आपकी शादी हुई है – शादी के बाद भी? क्या यह आपके लिए दकियानूसी सोच और विचित्र बात है? इस 21वीं सदी में वैवाहिक पवित्रता एक दकियानूसी सोच और विचित्र बात ही है! और याद रखें युवाओं, जो लड़की आपको शुरुआत में ही आक्रामक और गर्म-जोशी से चूमती है, वह बाद में किसी और को भी उसी आसानी से चूम लेगी, भले ही वह आपके साथ विवाह बन्धन में हो।
पिता अपनी बेटियों को उन स्थितियों से दूर रखने के लिए जिम्मेदार हैं जहां चुंबन, आलिंगन और प्रणय के अन्य चरण संभव हैं। जिस युवक और युवती के बीच विवाह तय हुआ है उनके लिए भी कभी लोगों की नज़रों से दूर किसी एकान्त स्थान में मिलने-जुलने का कोई कारण नहीं है। इसका उद्देश्य या मूल्य क्या है? अकेले रहकर ऐसा कुछ भी नहीं सीखा जा सकता जिसे कुंवारी लड़की अपनी अभिभाविका से थोड़े से समय में भी नहीं सीखा जा सकता। लड़कियों को शादी का गौरव और सुख और प्रेम-प्रसंग जो इसका हिस्सा है, सिखाया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें एक दबाव डालनेवाले पुरुष के साथ अकेले मुश्किल क्षणों का सामना नहीं करना चाहिए, जब शरीर की वासना बहुत अधिक हो, भले ही वह उनका मंगेतर ही क्यों न हो।
एक सद्गुणी लड़की या स्त्री शादी से पहले शर्मीली, पवित्र, सदाचारी और किसी भी पुरुष, यहां तक कि अपने मंगेतर के साथ बातचीत में संयमित, और संकोची होती है। निर्लज्ज और निर्भीक तरीके से यौन-संबंधों पर चर्चा करना पुरुषों को उत्तेजित करने और उनकी हवस को जगाने का एक और तरीका है, जैसा कि फ्रेंड्स कॉल सेंटर्स, चैट रूम, फेसबुक, टेक्स्टिंग, सेक्सटिंग आदि की लोकप्रियता से साबित होता है। जो लड़कियां अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर को प्रसन्न करना चाहती हैं और पुरुषों, विशेष रूप से अपने मंगेतर के प्रति अनुग्रहपूर्ण सम्मान दिखाना चाहती हैं, वे सब प्रकार के यौन-संबंधों की चर्चा को केवल उस एक ही पुरुष के लिए, जिससे उसका विवाह होनेवाल है, आरक्षित रखेंगी, और विवाह के बाद भी केवल उसी के साथ चर्चा किया करेगी, न कि किसी पराए मर्द के साथ।
वेश्याओं में कोई शालीनता या संकोच नहीं होता, और क्योंकि वे परमेश्वर-प्रदत्त निषेधों का पहले ही उल्लंघन कर चूकी होती हैं, इस कारण वे अपने मुंह की बातों के ज़रिए यौन निमंत्रण देने में बहुत साहसी होती हैं। वे शरमाती नहीं (यिर्मयाह 3:3)। सुलैमान द्वारा वर्णित पराई स्त्री ने साहसपूर्वक उस यौन सुख का वर्णन किया जो वह उस मूर्ख युवक को देने में सक्षम और साथ ही इच्छुक भी थी (नीतिवचन 7:14-21)। पराई स्त्री उसकी चिकनी-चुपड़ी बातों में, जो उसकी किसी भी अन्य आकर्षक विशेषता से कमतर गुण नहीं हैं, बड़ी प्रबल होती है (नीतिवचन 2:16; 5:3; 6:24; 7:5; 22:14)। बस शिमशोन से पूछो!
एक बुद्धिमान व्यक्ति को क्या करना चाहिए? उत्तर वही है जो पहले दिया गया! उससे दूर रहें। उससे बहुत ही दूर! यदि आप उससे दूर हैं, तो वह आपको कैसे पकड़ सकती है, चूम सकती है या आपसे बात कैसे कर सकती है? यदि आप उसके, उसके ठिकानों या उसकी हरकतों के आस-पास नहीं जाते हैं, तो आप को कभी भी इन शक्तिशाली परीक्षाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा जिनसे कई शक्तिशाली पुरुषों का पतन और सर्वनाश हुआ है (नीतिवचन 7:26; 23:28)। आप ऐसे जिम जाने से बचें जो स्त्री-पुरुष दोनों के लिए होते हैं, साथ ही, नाइट क्लब, व्यक्तिगत ईमेल एक्सचेंज, ऑफिस-पार्टियां, इंटरनेट चैट रूम, नृत्य, टेक्स्टिंग, समुद्र तट, या करीबी रिश्ते या अपनी पत्नी के अलावा किसी भी स्त्री के साथ लगातार बातचीत करने से और संपर्क से दूर रहें।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।