नीतिवचन 7:12

कभी वह सड़क में, कभी चौक में पाई जाती थी, और एक एक कोने पर वह बाट जोहती थी।

क्या आप वेश्यावृत्ति करनेवाली स्त्री को पहचान सकते हैं? यहाँ सुलैमान एक मूर्ख जवान का दृष्टांत दे रहा है जो बहकावे में आता है (नीतिवचन 7:6-23), परन्तु इस दृष्टांत के अधिकांश भाग में उसने एक परिष्कृत वेश्या के मनोभाव और उसने क्या क्या व्यवस्था कर रखी है उसका वर्णन किया (नीतिवचन 7:10 -20)। ज़ोर दिए ये दो पद इंगित करते हैं कि ये उसके विशेष चरित्र-लक्षण हैं जिन पर विचार किया जाना चाहिए (नीतिवचन 7:11-12)।

यहां वर्णित औरत कोई गली या रास्ते पर खडी रहनेवाली आम वेश्या नहीं है। वह एक क़ामयाब मनुष्य की व्यभिचारी पत्नी है (नीतिवचन 7:19 -20)। वह अपने पति के साथ घर में रहती है (नीतिवचन 7:8 और 11)। उसने उसके लिये विलासिता की वस्तुएं खरीद रखी हैं, जिन्हें वह जवानों को फुसलाने के लिए उपयोग में लाती है (नीतिवचन 7:16 -17)। वह अपने विश्वासघाती हृदय और आचरण को शराफत से ढकने के लिए धार्मिक गतिविधियों में लिप्त एक परिष्कृत और इज्ज़तदार महिला है (नीतिवचन 7:14)। उसे उस जवान से कोई धन नहीं चाहिए; वह कामुकता की ज्वाला से भरी रतिक्रीड़ा करना चाहती है (नीतिवचन 7:15,18)।

हम उसके बारे में क्या सीख सकते हैं ताकि पुरुष उससे बचे और अन्य स्त्रियाँ उससे मित्रता न रखें? उसे घर पर रहना पसंद नहीं है। सुलैमान ने कहा, “कभी वह सड़क में…..पाई जाती थी।” एक वेश्यासी वृत्ति रखनेवाली विवाहित स्त्री घर में रहने से संतुष्ट नहीं होती। वैवाहिक और घरेलू कर्तव्यों का निर्वहन करना उसके लिए कठिन हैं। वह घर से बाहर निकलने के बहाने ढूंढती है। वह अपनी इच्छानुसार बाहर आनेजाने में सक्षम होने की ख़ुशी और स्वतंत्रता से प्रेम करती है, विशेष रूप से मनपसन्द कपड़े पहनने की आज़ादी से। वह घर पर रहकर बोर और हताश हो चुकी है।

परमेश्वर ने स्त्री को उसके पति की सहायक होने के लिए बनाया (उत्पत्ति 2:18)। इसलिए एक सद्गुणी स्त्री, बुद्धिमान और बहुत सक्षम होने के बावजूद, वैवाहिक और घरेलू कर्तव्यों का निर्वहन करने में आनंदित होती है (नीतिवचन 31:10 -31)। वह घर की व्यवस्था रखने के प्रति समर्पित होती है (तीतुस 2:5)। वह बाहर जाने के खतरे को जानती है (पहला तीमुथी 5:11-15)। और अगर वह घर से बाहर जाए भी, तो वह अपने पति की प्रतिनिधि बनकर सामाजिक या उसके व्यवसाय से जुड़े काम करती है या दूसरों के लिए अनुग्रह के काम करती है (नीतिवचन 31:14,16,20,24)। वह मौजमस्ती की तलाश में व्यस्त सहलियों और भटकती औरतों की पापपूर्ण जीवनशैली और कार्यों को ठुकरा देती है। वह जानती है कि पत्नी और मां के रूप में अपनी भूमिका को अच्छी तरह से निभाने से बेहतर इस दुनिया में और कुछ भी नहीं है।

हम व्यभिचारी औरत के बारे में और क्या क्या सीख सकते हैं, ताकि पुरुष उसके बहकावे में न आएं और अन्य कुलीन स्त्रियाँ उससे मित्रता न रखें? उसे भीड़- भाड़ वाले लोकप्रिय स्थानों पर जाना पसंद है। सुलैमान ने कहा, वह “कभी चौक में पाई जाती थी।” वेश्या जैसा चालचलन रखनेवाली विवाहित स्त्री को इस दुनिया की लोकप्रिय चीजें अच्छी लगती हैं। वह वर्तमान संगीत, चलन और ग्लैमरस जीवनशैली से प्रभावित रहती है। उसे घर से बाहर निकलना अच्छा लगता है जहां वह लोगों की कामुक गतिविधियों को देख सके। वह घर के बजाय बाहर खाना-पीना पसंद करती है, और ऐसा अकेले या अपनी सहलियों के साथ करना उसे और भी बेहतर लगता है।

परन्तु सद्गुणी स्त्री को घर का सुख, सुरक्षा और शांति पसंद होती है। वह इस संसार से सुरक्षित एक आरामदायक शरण बनाना पसंद करती है, जहां वह अपने पति और बच्चों को स्नेह, नए नए पकवानों और घरेलू सुख सुविधाओं से प्रसन्न कर सके। वह शहर के सांसारिक भीड़ को जुटानेवाले कार्यक्रमों या उत्सव से दूर रहती है, जहाँ पाप और परीक्षाएं लाजिमी है। वह शांति से अपने परिवार के लिए समर्पित रहना पसंद करती हैं। वह सहज वृत्ति से घर पर संतुष्ट रहती है और अपने व्यक्तित्व और कौशल का उपयोग करके घर को बहुत ही आकर्षक और रहनेयोग्य बनाती है।

हम व्यभिचारी औरत के बारे में और क्या क्या सीख सकते हैं, ताकि पुरुष उसके बहकावे में न आएं और अन्य कुलीन स्त्रियाँ उससे मित्रता न रखें? वह वहां वहां जाने का प्रयोजन करती है जहाँजहाँ उस पर पुरुषों की नज़र पड़ेगी। सुलैमान ने कहा, “एक एक कोने पर वह बाट जोहती थी।” एक व्यभिचारी स्त्री अपने लिए पुरुषों के ध्यान और मीठी मीठी बातों के लिए तरसती है, इसलिए वह उन कार्यक्रमों और स्थानों को ढूंढती है जहां कई पुरुष उसे देख सकें। वह पुरुषों के बीच अपने नारीत्व का आनंद लेती है। वह पुरुषों की मित्रता के अनुकूल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से छेड़खानी भरी बातें या चैटिंग करना पसंद करती है।

परन्तु सद्गुणी स्त्री अपने पति के प्रति पूरी तरह से समर्पित होती है। वह सुरक्षित रूप से उस पर भरोसा करता है, क्योंकि वह अन्य पुरुषों की वासना या उनका ध्यान अपनी ओर नहीं खिंचती है (नीतिवचन 31:10 -12)। वह सार्वजनिक स्थानों पर शालीनता और हया का वस्त्र धारण किए रहती है (पहला तीमुथी 2:9 -10)। अपने पति के साथ रहना, चाहे वह कुछ भी कर रहा हो, उसे अन्य पुरुषों के साथ रहने की तुलना में अधिक आकर्षक लगता है। वह खुद को इस तरह से पेश करती है, ताकि उनकी तारीफों को कम करे या खत्म करे। सभी जानते हैं कि वह केवल अपने पति से ही प्यार करती हैं।

ख्रिश्चन पुरुषों, ऐसी औरतों से दूर रहने में ही आपकी बुद्धिमानी है, चाहे वे आपके चर्च की स्त्रियाँ ही क्यों न हों, जो घर पर रहने से असंतुष्ट हैं, और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रहना पसंद करती हैं। उस स्त्री का आदर न करना जो बाहर आनाजाना पसन्द करती है, क्योंकि उसका हृदय विश्वासघाती हो सकता है। ऐसी महिलाओं के साथ आपको किसी भी तरह से बारबार या नियमित रूप से बातचीत करने की आवश्यकता नहीं है।

ख्रिश्चन स्त्रियों, यह आपका कर्तव्य है कि आप घर की सीमाओं और अपने पति और बच्चों की सेवा को प्राथमिकता दें। जितना हो सके घर पर रहने और दुनियादारी से दूर रहने के द्वारा आप अपनी आत्मा को वैवाहिक असंतोष और यौनाचार की परीक्षाओं से मुक्त रखोंगी। और अगर आपको बाहर काम करना ही पड़ता है, तो किसी भी पुरुष से फ्लर्ट किए बिना हमेशा प्रोफेशनल और केवल अपने काम से काम रखनेवाली बनी रहें।

पवित्रशास्त्र झूठे धर्म, विशेष रूप से रोमी कलीसिया और ख्रिश्चन धर्म-सिद्धांतों के उसके व्यभिचारपूर्ण भ्रष्टता की तुलना अक्सर वेश्यावृत्ति से करता है (प्रकाशितवाक्य 17:1 – 6)। अपने सदस्यों में पवित्रता और भक्ति को बढ़ावा देने में संतुष्ट रहने के बजाय, उसने एक और धर्मांतरित व्यक्ति को अपने से दूना नारकीय बनाने के लिए सारे जल और थल को पार करने में हर साधन लगाया है (मत्ती 23:15)। कभी वह सडक में है, अब चौक में है, और एक एक कोने पर वह घात में बैठी है। हे प्रभु यीशु मसीह के सब विश्वासयोग्य चेलों, सावधान रहो।

ख्रिश्चन पाठक, यह आपका कर्तव्य है कि आप प्राचीन मार्गों पर चलकर घर पर (अर्थात सच्चे मसीही विश्वास में) रहें और नए नए तथा रोमांचक धार्मिक वर्तमान चलनों की तलाश न करें (यिर्मयाह 6:16; 18, 15; यहूदा 1:3)। आप एक पति से विवाहित हैं, अर्थात प्रभु यीशु मसीह से (दूसरा कुरिन्थियों 11:1- 4)। आज के तथाकथित ख्रिश्चन धर्म की झूठी शिक्षाएं आपको फुसलाने और आपको पथभ्रष्ट करने के लिए प्रतीक्षा कर रही हैं। बाइबल से खरी धर्मशिक्षा का प्रचार करने वाली कलीसिया में रहें, और मरते दम तक विश्वासी रहें, और आप जीवन का मुकुट पाएंगे (याकूब 1:12; प्रकाशितवाक्य 2:10)।

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