नीतिवचन 6:33

उसको घायल और अपमानित होना पड़ेगा, और उसकी नामधराई कभी न मिटेगी।

व्यभिचार से मृत्यु आनी ही है (लैव्य 20:10; व्यवस्था 22:22)। लेकिन यदि नहीं, तो इसके कारण अधिकांश समाजों में इज्ज़त धूल में मिल जाती है और नामधराई होती है। व्यभिचारियों को लाल रंग “A” फीता पहनना चाहिए। व्यभिचार का बचाव नहीं किया जा सकता, उसे माफ़ नहीं किया जा सकता, उसका कोई स्पष्टीकरण नहीं जा सकता, उचित नहीं ठहराया जा सकता, और न ही कोई तर्क दिया जा सकता है। यह एक ऐसा जघन्य अपराध है जिसे न्यायाधीशों द्वारा दंडित किया जाना चाहिए (अय्यूब 31:9-10)। यह एक अतर्कसंगत अपराध है जिसे अन्य लोग नहीं समझ सकते (नीतिवचन 6:30-32)।

राजा सुलैमान जानता था कि व्यभिचार उसके बेटे के लिए खतरा था और उसके राष्ट्र के लिए एक आकर्षक और विनाशकारी पाप था। उसने अपने परिवार में इसके भयावह नतीजें देखे थें (2 शमू 11-13)। इसलिए उसने हर संभव इसकी निंदा की। उसने इसके आनेवाले बंधन, ख़त्म हुए परिवारों, बीमारी, खर्च, नाजायज बच्चों, धूमिल प्रतिष्ठा, प्रतिशोधी जीवनसाथी, मृत्यु और नरक के कारण इसका तिरस्कार किया।

व्यभिचार की इस लंबी भर्त्सना के दो मुख्य विवाद हैं (नीतिवचन 6:20-35)। सबसे पहला, क्योंकि इसका न तो बचाव किया जा सकता है और न ही कोई बुद्धिसम्मत तर्क दिया जा सकता है, लोग इसे माफ नहीं करेंगे, इसलिए यह प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देता है (नीतिवचन 6:26-33)। दूसरा, क्योंकि इसे न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता, और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया जा सकता, इस कारण ईर्ष्यालु पतियों को संतुष्ट करना आमतौर पर असंभव है (नीतिवचन 6:34-35)। बेवफ़ा पत्नी के पति जिस तरह से अपना पक्ष रखते हैं, उससे आपको व्यभिचार से घृणा करने में मदद मिलेगी।

घायल होना क्या है? न्यायाधीश, समाज या उस पति द्वारा सजा जिसकी पत्नी से आप व्यभिचार करते हैं (नीतिवचन 6:30-35)! इस नीतिवचन के संदर्भ को अगर देखें तो यहाँ सब पक्षों की बात हो रही है। जबकि चोर मुआवज़ा देकर खुद को छुड़ा सकता है, परन्तु व्यभिचारी अपने पाप को ज़रा भी कम करने के लिए कुछ नहीं कर सकता है।

अपमानित होना क्या है? व्यभिचार करनेवाले व्यक्ति का चरित्र, जीवन, नाम और प्रतिष्ठा बदनाम हो जाते हैं और उसे लज्जित होना पड़ता है। अपना पेट भरने के लिए अगर कोई भूखा रोटी चुराए तो लोग उसका उतना तिरस्कार नहीं करेंगे, परन्तु व्यभिचार के लिए कोई बहाना नहीं है। इस कारण से व्यभिचार अत्यंत दुष्ट है और इसे हर कीमत पर ठुकरा दिया जाना चाहिए।

नामधराई कभी न मिटेगी का क्या अर्थ है? पाप का लांछन और कलंक जो समझ की कमी को उजागर करता है! इसे मिटाया नहीं जा सकता, क्योंकि इसकी कोई भरपाई या स्पष्टीकरण नहीं है। हालाँकि एक चोर चोरी की गई संपत्ति वापस कर सकता है, एक व्यभिचारी कभी भी अपने अपराध को वापस ठीक नहीं कर सकता।

परमेश्वर की बुद्धि और पाप की मूर्खता के बीच तुलना करें। हॉलीवुड और बॉलीवुड व्यभिचार को प्रोत्साहित और ग्लैमराइज करता है, जबकि परमेश्वर के वचन में इसकी पागलपन और अपवित्र कृत्य के रूप में भर्त्सना की गई है। पाठक, आप किस पर विश्वास करेंगे और किसकी बात मानेंगे? चादरों के नीचे छिपी मृत्यु और नरक को नज़रअंदाज न करें (नीतिवचन 2:18; 5:5; 9:18)।

क्या व्यभिचारियों के लिए कोई आशा है? हाँ, पश्चाताप करने वालों के लिए आशा है! परमेश्वर ने उनके लिए अपने एकलौते पुत्र को घायल किया (यशायाह 53:5)। जो अपने पापों से पश्चात्ताप करते हैं उनके लिए परमेश्वर और मनुष्यों दोनों ने उसका त्याग किया था और (यशायाह 53:3-4)। उनके खातिर उसकी नामधराई भी हुई (भजन 22:6; 69:20)! उनके लिए उसके बलिदान और पीड़ा के कारण, दाऊद और मरियम मगदलीनी और उनके जैसे सब पापी लोग परमेश्वर और मनुष्यों से क्षमा पा सकते हैं, उनका मेलमिलाप किया जा सकता हैं। हालेलूयाह! क्या ही अद्भुत उद्धारकर्ता है!

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