नीतिवचन 6:29

जो पराई स्त्री के पास जाता है, उसकी दशा ऐसी है; वरन् जो कोई उसको छूएगा वह दण्ड से न बचेगा।

व्यभिचार एक घिनौना और जघन्य पाप है। इसके भयानक परिणाम सामने आते हैं। जिस प्रकार आग से खेलने वाला मनुष्य या अंगारों पर चलने वाला मनुष्य जलने से नहीं बच सकता, उसी प्रकार आप व्यभिचार के विनाशकारी परिणामों से नहीं बच सकते (नीतिवचन 6:27-28)। इसकी लीपापोती करने की कोशिश न करें। क्या आपको लगता है कि आप इसे उचित ठहरा सकते हैं? क्या आपको लगता है कि आप इसका कोई स्पष्टीकरण दे सकते हैं? क्या आपको लगता है कि यह उतना भी बुरा नहीं है? जिस काम में दो व्यक्ति सहमत होकर परस्पर सुख का आनन्द लेते हैं, वह गलत कैसे हो सकता है? आगे पढ़ते रहें!

क्योंकि व्यभिचार किसी व्यक्ति के जीवन में सफलता की प्राप्ति के लिए एक बड़ा खतरा है, इसलिए राजा सुलैमान अपने बेटे को इसके खिलाफ बारबार चेतावनी देता है (नीतिवचन 2:16-19; 5:1-23; 6:20-35; 7:1-27; 9:13-18; 22:14; 23:27-28; सभोपदेशक 7:23-29)। व्यभिचार के परिणामों में प्रतिष्ठा और इज्ज़त का मिट्टी में मिल जाना (नीतिवचन 5:9; 6:33), आर्थिक कंगाली (नीतिवचन 5:10), मानसिक रूप से उत्पीड़न देनेवाली अपराध-भावना (नीतिवचन 5:11-14), नाजायज बच्चे (नीतिवचन 5:16-18), यौन संबंध की लत लग जाना (नीतिवचन 5:22; 22:14), एक क्रोधी और ईर्ष्यालु पति का प्रतिशोध लेना (नीतिवचन 6:34-35), आदि बातें शामिल हैं।

क्या आपको व्यभिचार की परिभाषा में “प्रेम-सम्बन्ध,” “कैज़ुअल सेक्स,” या “पार्टी करना” जैसे लोकप्रिय और प्रचलित शिष्टोक्तियों का उपयोग करना चाहिए? बिलकुल नहीं! यह व्यभिचार है – एक जघन्य पाप और एक महा-अपराध (अय्यूब 31:9-11; लैव्य 20:10)। परमेश्वर इससे घृणा करता है और इसके लिए दण्ड देगा, फिर चाहे बॉलीवुड, हॉलीवुड, धर्म-निरपेक्ष लोग, या इसकी वक़ालत करनेवाले पढ़े-लिखे मूर्ख बुद्धिजीवी इसके बारे में कुछ भी सोचे (इब्रा 13:4; गलातियों 5:19-21; प्रकाशितवाक्य 21:8)। लोग चोरी करनेवाले चोर की मजबूरी को समझ सकते हैं, परन्तु व्यभिचारी को नहीं (नीतिवचन 6:30-33)। परमेश्वर ने पुराने नियम व्यभिचारियों और परस्त्रीगामियों को पत्थरवाह करके मार डालने का आदेश दिया (लैव्य 20:10; युहना 8:4-5), और दोनों को आग की झील में अनंत काल के लिए यातना भोगने डाल दिया जाएगा (1 कुरिन्थ 6:9-10; गलातियों 5:19-21; प्रकाशित 21:8)।

यह संसार व्यभिचार की वक़ालत और महिमामंडन करता है, जिसके चलते अब व्यभिचार करना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। आपका हृदय स्वभाव से ही व्यभिचार से भरा हुआ है (यिर्मया 17:9; मत्ती 15:17-20; रोमियों 7:8; इफि 4:17-19; 1 यूहन्ना 2:16), जो आपको यौन प्रलोभनों के प्रति संवेदनशील और आसान शिकार बनाता है। जब व्यभिचार के विचार मन में उठने लगते हैं, तो शुरू में वे शरीर के लिए बड़े सुखद महसूस होते हैं। और खुद शैतान आपको इस विनाशकारी पाप में फँसाने की ताक में रहता है (1 पतरस 5:8-9)। आप इस तीन-तरफा साजिश और परीक्षा का सामना या विरोध कैसे करेंगे?

सुलैमान ने इसका हल भी दिया (नीतिवचन 6:20-25)। युवाओं को अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए (नीतिवचन 6:20-23; 7:1-5)। उन्हें किसी भी बुरी औरत से बचना चाहिए, खासकर उसकी चिकनी–चुपड़ी बातों से (नीतिवचन 6:24; 5:3)। उन्हें उसकी सुन्दरता देखकर अपने मन में उसकी अभिलाषा नहीं करनी चाहिए, और न उसके कटाक्ष पर ध्यान देना चाहिए (नीतिवचन 6:25; यशायाह 3:16)। माता-पिता को अवश्य है कि वे अपने बेटों को सांसारिक स्त्रियों से दूर रखें, और अवश्य है कि बेटें भी उससे दूर भागे (नीतिवचन 5:8; उत्पत्ति 39:11-12; 2 तीमु 2:22)। उससे दूर रहना ही इसका हल है। गिरे हुए चरित्र की किसी भी औरत से दूर हो रहों।

परमेश्वर ने व्यभिचार के लिए मृत्युदंड का आदेश दिया, क्योंकि यह एक दुष्ट हृदय को प्रकट करता है, और यह वैवाहिक जीवनों और परिवारों को बर्बाद कर देता है (व्यवस्थाविवरण 22:22; अय्यूब 31:1,12)। इससे मासूम और निष्कलंक विश्वास टूट जाता है। एक मनुष्य जो दूसरे की सबसे कीमती संपत्ति चुराता है, उसमें बुनियादी समझ का अभाव होता है (नीतिवचन 6:32)। निर्दोष पति अपनी अपराधी पत्नी को, और निर्दोष पत्नी अपने अपराधी पति को आसानी से माफ नहीं कर पाते। परमेश्वर ने ईर्ष्यालु पतियों के लिए प्रावधान किया कि वे शक के आधार पर पत्नियों की परीक्षा लें (गिनती 5:11-31)। क्या आप खुश हैं कि ऐसे परीक्षण अब प्रचलन में नहीं हैं? फिर से सोचो (गिनती 32:23)।

क्या तुमने व्यभिचार किया है? सब लोग स्वैर कल्पनाओं और गलत तलाकों के दोषी हैं (मत्ती 5:27-32)। आप क्या कर सकते हैं? अपने व्यभिचार के पाप के लिए पश्चाताप करें, इसे परमेश्वर के सामने मान लें, और आपके जीवन की जो भी चीज आपको इसकी ओर खींचें उससे दूर रहें। यदि आप दाऊद के समान अपना पाप कबूल करते हैं और पश्चाताप करते हैं, तो परमेश्वर आपको माफ कर सकता है और माफ करगा भी, जैसा कि उसने दाऊद को किया था (नीतिवचन 28:13; अय्यूब 33:27-28; मरकुस 16:9; 1 युहन्ना 1:9; 2 शमू 12:13; भजन 51:17)। और फिर अपने जीवनसाथी के प्यार में पागल होने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं वह सब करें।

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