नीतिवचन 6:26

क्योंकि वेश्यागमन के कारण मनुष्य टुकड़ों का भिखारी हो जाता है, परन्तु व्यभिचारिणी अनमोल जीवन का अहेर कर लेती है।

अगर कोई मनुष्य अपना जीवन बर्बाद करना चाहे तो उसका सबसे तेज़ तरीका क्या होगा? बस अपनी पत्नी के अलावा किसी ग़ैर औरत के साथ यौन सम्बन्ध बनाए! इससे उसका चरित्र, प्रतिष्ठा और धन किसी भी अन्य खतरे के समान ही तेज़ी से बर्बाद हो जाएगा। एक व्यभिचारिणी किस प्रकार के पुरुषों की तलाश करती है? मूर्ख या उसका मज़ाक उड़ानेवालों की नहीं, बल्कि ऐसे पुरुषों को जो चरित्रवान, इज्ज़तदार, और धनवान हैं। वह जानती है कि ऐसों का शिकार करने से ज्यादा सुख, मज़ा और बहुत फ़ायदा होगा।

सुलैमान स्त्रियों के बारे में दस पुरुषों से अधिक जानता था। उसकी 700 पत्नियाँ और 300 रखैलें थीं (1 राजा 11:1-3)। उसने औरतों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया और व्यभिचारी औरतों के साथ सम्बन्धों के कारण पुरुषों पर आनेवाली क्रूर नियति को देखा (सभो 7:26-29)। उसने दर्दनाक सबक सीखा कि धूर्त औरतें एक पुरुष के साथ क्या कर सकती हैं। उसने यह भी देखा कि व्यभिचार के कारण उसके अपने पिता को कितने भयावह संकटों से गुज़रना पड़ा। जब सुलैमान औरतों के बारे में चेतावनी देता है, तो जो पुरुष बुद्धिमान हैं वे उसकी ओर बारीकी से ध्यान देंगे।

बेशक, इस दुष्ट और कुटिल पीढ़ी का कुछ और ही मानना है। इस पीढ़ी का दावा है कि जो औरत उनके साथ एक रात गुज़ारती है वह बहुत ही रोमांटिक औरत होती है: वह रूपये लिए बिना या ज़िम्मेदारी का कोई बोझ दिए बिना ही परम आनंद देने के लिए पुरुषों से मित्रता करती है, और इसलिए पुरुषों को किसी भी परिणाम से डरने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उनकी अंतरंगता केवल आकस्मिक सेक्स है, जो एक स्वतंत्र समाज में सुख पाने का एक स्वीकृत माध्यम है। वह व्यभिचारिणी नहीं है; वह कोई शिकारी नहीं है; और उसके कारण किसी भी कीमती जान को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। परमेश्वर सच्चा, परन्तु हर एक मनुष्य झूठा ठहरे (रोमियों 3:4)!

व्यभिचारी औरत क्या होती है? एक ऐसी औरत जो वेश्या के समान व्यवहार करती है – वह औरत जो अपने पति के अलावा किसी ग़ैर मर्दों से यौन संबंध रखती है, चाहे वह विवाहित हो या न हो। वेश्यागमन किसी ऐसे पुरुष के साथ यौन अंतरंगता है जिससे उसने विवाह नहीं किया है (गिनती 5:11-31; व्यवस्था 22:13-21; इब्रानियों 13:4)। व्यभिचारी औरत का ज़मीर मर चुका होता है और उसे किसी अजनबी के साथ यौन संबंधों के लिए कोई अपराधबोध महसूस नहीं होता (नीतिवचन 30:20; यिर्म 3:3)। वह परमेश्वर से दूर होकर और अपनी आत्मा को बुरे विचारों से भरकर ही इस हद तक गिर सकती है।

वेश्याएँ हर शहर में होती हैं, लेकिन सबसे खतरनाक व्यभिचारी औरतें वे हैं जो चर्च में जाती हैं (नीतिवचन 7:6-21)। ये व्यभिचारिणी शहर की मलिन बस्तियों में रहनेवाली सड़क की वेश्याओं से कहीं अधिक शक्तिशाली परीक्षा को ले आती हैं। ऐसे कई पुरुष हैं जो विभिन्न कारणों से सड़क की वेश्याओं की ओर आकर्षित होने का प्रतिरोध कर पाने में सफ़ल हो जाते हैं, लेकिन बहुत ही कम पुरुष ऐसी आकर्षक और धार्मिक औरत के आकर्षण का विरोध कर पाते हैं, जो कामुकता के इरादों से अपना पोशाक, अपनी बोली, पहचान और मित्रता की तत्परता अभिव्यक्त करती है। यह एक भयानक बात है कि कई तथाकथित ख्रिश्चन औरतें अपनी आत्मा में या आचरण से वेश्या होती हैं, यहाँ तक कि के घर में भी।

रोटी के एक टुकड़े की क़ीमत कितनी होती है? लगभग 2 रुपये, जिसे एक औसत आदमी लगभग चौदह सेकंड में कमा सकता है! लेकिन यह उस आदमी की क़ीमत है जो एक व्यभिचारी औरत के साथ यौन संबंध रखता है, जब तक कि परमेश्वर खुद कृपापूर्वक हस्तक्षेप करके उसे छुड़ा न ले। वह बर्बाद हो गया है! वह उसे मोल लेने, उसके मुँह से खुद की चापलूसी करवाने, अपने पाप को छुपाने, न्याय को ख़रीदने और दवाईयों के लिए भुगतान करने में ही खर्च करता है (नीतिवचन 5:10; 6:35)। अधर्म से भरा यौनाचार महंगा है! उड़ाऊ पुत्र ने वेश्याओं पर अपनी सब विरासत में मिली संपत्ति बर्बाद कर दी (नीतिवचन 29:3; लूका 15:13,30)। और अय्यूब ने गवाही दी कि व्यभिचार उसे आर्थिक रूप से मिटा देगा (अय्यूब 31:12)।

लेकिन यह घाटा आर्थिक घाटे से भी आगे जाता है। वह अपनी आत्मा (नीतिवचन 6:32; 5:11-14), अपनी प्रतिष्ठा (नीतिवचन 6:33; 5:9), अपनी मनोशांति (नीतिवचन 6:34; 5:23), अपनी संपत्ति (नीतिवचन 6: 35; 5:10) ) परमेश्वर के साथ अपना रिश्ता (नीतिवचन 5:20-21; 22:14), अपना स्वास्थ्य और जीवन (नीतिवचन 2:17-18; 5:4-5; 7:23,27; 9: 18), अपनी स्वतंत्रता (नीतिवचन 2:19; 5:22; 23:27), अपनी पत्नी और परिवार, अपनी नौकरी, अपना ध्यान, अपना आत्मविश्वास, अपनी यौन शक्ति, अपनी ताकत, और अनन्त जीवन की आशा (प्रका 21: 8; 22:15) भी खो देता है।

क्या आप एक धर्मी और नेक इन्सान हैं? जैसा कि सुलैमान ने चेतावनी दी थी, व्यभिचारिणी स्त्रियाँ आपकी तलाश में हैं (नीतिवचन 7:26; 23:27-28)। वे बहुमूल्य जीवनों का शिकार करती हैं, क्योंकि उन्हें अधर्मी और दुष्ट मनुष्यों में बहुत कम रुचि होती है। वे शरीफ़ों को पाना चाहती हैं, जैसा कि सुलैमान ने निश्चित रूप से खोजा था (1 राजा 11:1-3)। पोतीफर की पत्नी को मिस्र के उन नौकरों या पहरेदारों में कोई दिलचस्पी नहीं थी जिन्हें वह जब चाहे तब पा सकती थी; वह उस यूसुफ को पाना चाहती थी जो सबका चहिता, आत्मिक और सद्गुणी युवा था (उत्पत्ति 39:1-12)।

इस नीतिवचन का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक पाठ क्या है? हर पुरुष को ऐसी किसी भी स्त्री से दूर रहना चाहिए जो वेश्या की तरह कपड़े पहनना, बोलना या व्यवहार करना पसंद करती हो। यह इतना भयानक खतरा है जिससे आप बिना कोई क़ीमत चुकाए खेल ही नहीं सकते (नीतिवचन 2:16-19; 5:1-14; 6:20-35; 7:1-5,24-27; 9:13-18; 22:14 ;23:27-28)। प्रत्येक पुरुष को जान लेना ज़रूरी है कि व्यभिचारिणी उसका शिकार करने की फ़िराक में रहेंगी, और उसे सब प्रकार से सावधानियां बरतनी होगी, फिर उसके लिए चाहे उसे जो भी क़ीमत चुकानी पड़े (मत्ती5:28-30)।

उन्हें पहचानने के संकेत क्या हैं? व्यभिचारी औरतें, यहां तक कि तथाकथित मसीही मित्रों और चर्चों में भी, अकसर कपड़े पहनने की शालीनता की हर सीमा लाँघ देती हैं। वे नम्र और शांत आत्मा की तुलना में अपने बाहरी दिखावे के बारे में ज्यादा सोचती हैं। वे पुरुषों से बातें करने में और बॉडी लैंग्वेज की अभिव्यक्ति में हमेशा आगे रहती हैं। वे अपने पति और पारिवारिक जीवन से असंतुष्ट और दुखी रहती हैं। वे अपने जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं की तुलना में सांसारिक चीजों की अधिक परवाह करती हैं, शरीर के कामों पर अपना मन केंद्रित करती हैं, और उन्हें घर पर रहना अच्छा नहीं लगता।

इस नीतिवचन का अप्रत्यक्ष और व्यावहारिक पाठ क्या है? पोर्नोग्राफी और यौन कल्पनाएँ मनुष्य को उतनी ही तेजी से और पूरी तरह से बर्बाद कर सकती हैं, भले ही वह किसी वेश्या के साथ व्यभिचार के खुले कृत्य से बचा रहे। पोर्नोग्राफ़ी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मॉडल व्यभिचारिणी ही होती हैं, और जो मनुष्य पोर्नोग्राफ़ी और यौन कल्पनाओं का आदी होता है उसकी क़ीमत रोटी के एक टुकड़े से भी कम है! ये दुष्ट स्त्रियाँ शैतान की सहायता से बहुमूल्य जिंदगियों का भी शिकार करती हैं और उन्हें निराशाजनक बंधन में डाल देती हैं।

इस नीतिवचन का अप्रत्यक्ष, आध्यात्मिक पाठ क्या है? आध्यात्मिक व्यभिचार, जो ख्रिश्चन धर्मसिद्धांत या व्यवहार में धार्मिक समझौता करना है, शारीरिक व्यभिचार जितना ही बुरा है (निर्गमन 34:15-16; लैव्य 20:5-6; न्यायियों 2:17; भजन 73:27; 106:39; यिर्म 3: 6-11; यहेज़केल 16:1-59; 2 कुरिन्थ 6:14-18)। झूठा धर्म, विशेष रूप से रोमन कैथोलिक धर्म, आध्यात्मिक व्यभिचार की वेश्या है (प्रकाशित 17:1-6)। वह व्यभिचारी कलीसियाओं की माता है। ये व्यभिचारिणी मिलकर संतों की क़ीमत को रोटी के टुकड़े में बदल देती हैं, और वे शैतान के बहकावे में आकर बहुमूल्य आत्माओं का शिकार करती करती हैं (2 कुरिन्थ 11:3-4,13-15; 2 थिस्स 2:9-12)।

क्या आप रोमी कलीसिया के इतिहास, प्रभाव और परंपराओं के बाहर नए नियम के सिद्धांत और व्यवहार के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं (1 तीमु 4:1-6)? बेहतर होगा कि आप समर्पित रहें, अन्यथा आप प्रभु यीशु मसीह के विरुद्ध व्यभिचार कर रहे हैं, जिसे वह लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा (यहेज़केल 16:35-43; याकूब 4:4; प्रकाशितवाक्य 2:20-23)। रोमी चर्च और उसकी बेटियों में जो सच्चे विश्वासी हैं वह उन्हें उनसे बाहर निकलने का आह्वान देता है, ताकि वे उनके पापों में संगी न बने और न उनके साथ परमेश्वर के भयानक न्याय के भागिदार बनें (प्रकाशित 18: 4)। आपके लिए ज़रूरी है कि आप झूठे धर्म के पीछे जाने की परीक्षा से उतनी ही शिद्दत से बचे जितनी शिद्दत से आप एक व्यभिचारी स्त्री से बचते हैं, क्योंकि आपकी आत्मा और आपके परिवार के लोग खतरे में हैं।

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