नीतिवचन 6:25

उसकी सुन्दरता देखकर अपने मन में उसकी वासना न कर; न ही वह तुझे अपने कटाक्ष से फँसाने पाए;

पुरुष की आंखें औरत की सुंदरता को एक पल में ही निहार लेती हैं। इसमें कोई पाप नहीं है। लेकिन इसके बाद पाप के तीन चरण आते हैं जो उसे व्यभिचार की ओर ले जाते हैं। पहला, आंखें उसकी सुंदरता के एक एक पहलू पर घुमती हैं और मोहित होने लगती हैं, दूसरा, मन धीरे धीरे शराफ़त से की गई प्रशंसा से होकर उसे पाने की भूख की ओर प्रवृत्त होने लगता है, और तीसरा, भावनाओं का तूफ़ान अब उसकी आंखों के कटाक्ष के लिए लालायित होने लगता है। ये हैं नरक में ले जाने वाली तीन सीढ़ियाँ!

मनुष्य का भ्रष्ट हृदय बहुपत्नीक है। भ्रष्ट हृदय कभी संतुष्ट नहीं होता। उसे दूसरी औरत हमेशा ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक लगती है, ठीक वैसे जैसे अदन की वाटिका में निषिद्ध फल अन्य सभी चीजों से अधिक चाहनेयोग्य था। जो अपरिचित है वह परिचित से अधिक श्रेष्ठ लगता है। पतित पुरुष खूबसूरत औरत के प्रति संवेदनशील होता है, क्योंकि वह जिस आनंद का प्रतीक है वह इस जीवन की बाकी सब विलासिता से अधिक है। इसलिए, बुद्धिमान पुरुषों के लिए अवश्य है कि वे उसकी जानलेवा खूबसूरती और आँखों की मस्तियों से बचने के लिए अपनी आंखों और मन को वश में रखें।

सुलैमान और उसकी पत्नी अपने बेटे को व्यभिचार से बचाना चाहते थे (नीतिवचन 6:20-35)। यहां वह अपने बेटे को इस जघन्य और भयानक पाप से बचाने के लिए नियम देता है, नतीज़ों का वर्णन करता है, और उसे सावधान करता है। जो पुरुष बुद्धिमान होता है वह दिन-रात इन बातों पर विचार करता है (नीतिवचन 6:21-23), कहीं ऐसा न हो कि वह उसकी खूबसूरती और आँखों की पापपूर्ण मस्तियों का शिकार हो कर अपनी संपत्ति, इज्ज़त और प्राण का विनाश कर बैठे (नीतिवचन 6:24-35)।

पाप बहुत ही सरल मार्ग अपनाता है। प्रत्येक मनुष्य में वासनाएं होती हैं। जब उन वासनाओं का ध्यान किसी बात की ओर खींच लिया जाता है और उस पर विचार करने का मौका दिया जाता है, तो वे अपनी पूरी ताकत से मनुष्य को लुभाती हैं। ये वासनाएं पाप की युक्ति बनाती हैं, और मनुष्य अपनी क्रिया से उसे अन्जाम देता है। और तब पाप अपने दर्दनाक परिणाम ले आता है और अंत में मृत्यु को उत्पन्न करता है। यह जीवन की वह सच्चाई है जो प्रत्येक नौजवान को सिखाना ज़रूरी है (याकूब 1:13-16)।

एक खूबसूरत औरत का खिंचाव आपकी कल्पना से भी अधिक शक्तिशाली होता है। ऐसे खिंचाव ने परमेश्वर के पुत्रों को तक पाप में डाल उनका विनाश कर दिया और दुनिया को जलप्रलय में डुबो दिया (उत्पत्ति 6:2), और दाऊद इसमें बहकर कुछ ही पलों में नीचे गिर गया (2 शमू 11:2)। एक खूबसूरत औरत में पुरुष की आंखों का ध्यान अपनी ओर खींचकर उसे घायल करने की जो शक्ति है उसे पूरी तरह से कोई नहीं समझ सकता। पुरुष अगर आत्मा में न चले और अपने ज़ज्बातों को वश में न रखें तो खूबसूरती वह चीज है जिसे पाने की पुरुष की अभिलाषा बड़ी प्रबल होती है। इसलिए ख्रिश्चन स्त्रियों को चाहिए कि वे संकोच और संयम के साथ सुहावने वस्त्रों से अपने आप को संवारे, न कि अंग प्रदर्शन के भड़कीले वस्त्रों से (1 तीमु 2:9-10)।

पुरुषों! जब आपकी नज़र किसी खूबसूरत औरत पर पद जाए, और पड़ेगी ही, तो अपनी वासनाओं को अपने मन पर हावी मत होने दो और न अपने मन में कल्पना करों कि आप उसे कितना चाहते हैं और वह आपको कितना सुख दे सकती है। उसके अंग अंग की कल्पना मत करो। इतना कहना ठीक है, “वह एक खूबसूरत औरत है,” ठीक वैसे जैसे आप किसी घर, कार या बगीचे को देखकर कहते हैं। लेकिन यह सोचना कि, “मुझे उसके गालों के गड्ढे अच्छे लगे, और उसकी आँखों में क्या नशा था, या उसकी काया कितनी कसी हुई थी, और वह मुझे वह सुख देगी जो मैंने इससे पहले कभी एन्जॉय नहीं किया” बिलकुल ग़लत है।

आँखें आत्मा की खिड़कियाँ हैं; आँखें कभी-कभी इंसान को शब्दों से कई अधिक जानकारी देती हैं। सुलैमान उनकी शक्ति को जानता था (श्रेष्ठगीत 4:9)। निर्लज्ज औरतें अपनी आंखों को आकर्षक रूप देने के लिए अपने चेहरे को रंगती हैं, जैसा कि इज़ेबेल ने किया था (2 राजा 9:30)। मटकती आँखें वेश्याओं का हथियार हैं (यशा 3:16 )। जब एक औरत किसी पुरुष को बहकाने और खुद को उसके सामने अंतरंग सम्बन्ध के इरादे से पेश करने अपनी आंखों का उपयोग करती है, जो कि पुरुष के सामने आने वाली सबसे शक्तिशाली परीक्षा है, तब जाल सफ़ल हो जाता है। इसलिए ख्रिश्चन स्त्रियों को चाहिए कि वे संकोच और संयम के साथ सुहावने वस्त्रों से अपने आप को संवारे, न कि अंग प्रदर्शन के भड़कीले वस्त्रों से (1 तीमु 2:9-10)।

उसकी खूबसूरती और कटाक्ष से बचने का क्या तरीका है? नरक के तीन चरणों को याद रखें, और प्रत्येक चरण से बचने अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करें। यहाँ बहुत बुद्धि है। सुलैमान की 700 पत्नियाँ, अर्थात् रानियाँ और 300 रखैलें थीं। अपने इस व्यापक अनुभव और परमेश्वर से प्राप्त अद्भुत समझ के आधार पर, वह औरतों और उनके खतरों के बारे में इतना अधिक जानता था जितना आप और आपके सलाहकार जान भी नहीं पायेंगे।

सबसे पहले, किसी खूबसूरत औरत को देखने और उसके प्रति आकर्षण की ओर बढ़ने से बचें और उसके साथ केवल आवश्यक चीजों तक ही सीमित रहें। ख़ूबसूरत औरतों, विशेषकर परिचित से मिलते समय सावधानी बरतें। इस समाधान में आपके साथ काम करनेवाली महिला-सहकर्मी, मित्रों की पत्नियाँ, पड़ोसी या चर्च की महिला-सदस्य शामिल हैं। यीशु ने कहा कि तुम्हें उससे बचने के लिए अपना दाहिना हाथ काटने के लिए तैयार रहना चाहिए (मत्ती 5:27-30; रोमियों 13:14)। जब आप एक चाहनेयोग्य औरत के कारण अपने शरीर में बढ़ती गर्मी महसूस करते हैं, तो वहां से तुरंत निकल जाएं, भले ही बाहरी दृश्य अभी भी शराफ़त वाली प्रशंसा का और धार्मिक वातावरण का हो।

दूसरा, सबसे बढ़कर अपने मन की रक्षा करें, ताकि यह उसकी खूबसूरती की छवियों को याद न करे और उन छवियों के साथ काल्पनिक सम्भोग के खेल का कारण न बने (नीतिवचन 4:23)। अपने हृदय को ज्ञान, धार्मिकता, संयम और आने वाले न्याय के विचारों से भर दें (प्रेरितों 14:25)। अपना मन यीशु मसीह, स्वर्ग, और धर्मग्रंथ पर लगाएं, और प्रार्थना में समय बिताएं (फिलिप्पियों 3:20; कुलुस्सियों 3:2)। दैनिक रूप से अपना आत्म-परिक्षण करें, जिसमें पश्चाताप और पापों का अंगीकार शामिल हो (भजन 139:23-24)। अपने आप को यौन पापों के भयानक परिणामों की याद दिलाएँ (नीतिवचन 5:1-14)। अगर आपने अय्यूब के समान अपनी आंखों से वाचा बांधी है, तो उसे नवीनीकृत करें (अय्यूब 31:1)।

अंत में, अगर आप उसके बहकावे में आने से बचना चाहते हैं, तो आकस्मिक सामाजिक संपर्क और आंखों से आँखे मिलाकर बात करने से दूर रहें। कीमत बहुत ज़्यादा है, ख़तरा बहुत बड़ा है। हर पुरुष जानता है कि उसे किस प्रकार की औरतें लुभाती हैं, और किनके साथ वह सामाजिक ताल्लुकात या वार्तालाप नहीं कर सकता। और इस चेतावनी में देखना और बातचीत करना दोनों शामिल हैं। याद रखें कि फोन करना और फ़ोन पर व्हाट्सअप मैसजेस भेजना भी आपको परीक्षा में डाल सकता है।

जो भी पुरुष अश्लील साहित्य, सम्भोग-कल्पनाओं या अन्य कामुक बातों से अपनी वासनाओं को तीव्र इच्छा के साथ उत्तेजित कर लेता है, उसे बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा। ऐसे व्यक्ति का शरीर और दिमाग मौके की तलाश में रहता है और किसी लड़की या स्त्री के साथ पहला अवसर मिलते ही पाशविकता से टूट पड़ता है। इस नीतिवचन के नियम का पालन करने अब बहुत देर हो चुकी होती है; भड़की हुई यौन वासना को तृप्त करने की तीव्र इच्छा शर्मीली और संयमी स्त्रियों को भी कामुकता पूर्ति की वस्तु में बदल देती है (2 पतरस 2:14)। जब शर्मीली और संयमी स्त्रियाँ कमज़ोर पड़ जाती हैं या अपना होश खो बैठती हैं, तो यौन वासना से भड़का पुरुष निश्चित रूप से वैसे ही गिरेगा जैसे भेड़ वध करने के लिए ले जाई जाती है।

ख्रिश्चन बहनों, अपने शरीर को अच्छी तरह से ढकने में सावधानी बरतो और पुरुषों के साथ बेवजह बातचीत से दूर रहों, अपने पति के मित्रों से भी, खासकर यदि आप खूबसूरत हैं। आप अपनी शारीरिक उपस्थिति और मित्रता के कारण जिस दर्द और परेशानी को जन्म देती हो उसे आप कभी नहीं समझ पाओगी। घर पर रहों; पति के मित्र आएं तो अपने कमरे में चली जाओ, अपने पति से प्यार करो; संयम के साथ सुहावने वस्त्रों से अपने आप को संवारो, पुरुषो से अपनी आँखें मत मिलाओ; अन्य स्त्रियों से बातें करों; अपने बच्चों को पकड़ो; दयालु और सदाचारी बनो।

ख्रिश्चन पुरुषों, एक भली और सज्जन विश्वासी औरत जो आपसे कम बातें करती है और टालती है, उसे घमंडी या असभ्य समझने में जल्दबाजी न करें, क्योंकि बातचीत, आंखों से संपर्क, मित्रता, या शारीरिक हावभाव में उसकी सावधानी बरतना आवश्यक ही उसका वह विनम्र आचरण हो सकता है जिसकी आज्ञा परमेश्वर ने उन्हें अपने वचन में दी है (1 तीमु 2:9-10; तीतुस 2:3-5)। परमेश्वर को धन्यवाद दो कि आप ऐसी सद्गुणी स्त्री से मिले हैं और उसका सम्मान और रक्षा ऐसी करों मानों वह आपकी दोगुनी बहन है।

इस नीतिवचन की चेतावनी व्यभिचारी रोमन कैथोलिक कलीसिया और उसकी व्यभिचारी संतानों पर भी लागू होती है (प्रकाशित 17:1-6)। वे सब लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अपने बाहरी दिखावे को आकर्षक ढंग से सजाती हैं, जबकि धोखा देनेवाले और जाल में फंसाने वाले अपने झूठे सुसमाचार को छिपाकर रखती हैं। वे सीधे-सरल लोगों को लुभाने के लिए अपनी चालाकियों का इस्तेमाल करती हैं, और उन्हें आने वाले नर्क के बारे में कोई चेतावनी नहीं देती। वे आकर्षक दिखाई देती हैं और अपने निमंत्रणों में आगे रहती हैं, परन्तु वे मसीह और उसके सुसमाचार की शत्रु हैं। “हे मेरे लोगो, उस में से निकल आओ” (प्रकाशितवाक्य 18:4)।

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