नीतिवचन 6:15
इस कारण उस पर विपत्ति अचानक आ पड़ेगी, वह पल भर में ऐसा नष्ट हो जाएगा, कि बचने का कोई उपाय न रहेगा।
ओछा और अनर्थकारी को, अर्थात् एक दुष्ट व्यक्ति को अचानक और गंभीर रूप से दण्ड दिया जाएगा। उसके लिए कोई उपाय या मुक्ति न होगी। परमेश्वर उसकी मूर्खता और उसके पाप के कारण उसका न्याय करेगा। परमेश्वर ऐसे व्यक्ति से बैर रखता है, और उसे अपने प्रतापी प्रतिशोध में कुचल देगा। इन्सान जो भी चुनाव करता है उसके परिणाम होते हैं, भले ही आप ऐसे विचारों को अपने मन में छिपाएँ रखते हो जहाँ दूसरे लोग उन्हें आसानी से न देख सकें।
राजा सुलैमान ने कुछ नीतिवचन ओछे और अनर्थकारी तथा दुष्ट लोगों के खिलाफ लिखें (नीतिवचन 6:12-19)। इन दुष्ट लोगों के मुँह टेढ़े होते हैं (नीतिवचन 6:12), वे शारीरिक भाषा का उपयोग करते हैं कि धोखा दे और चोट पहुँचायें (नीतिवचन 6:13), उनके मन में उलट–फेर की बातें रहतीं, वे लगातार बुराई गढ़ते हैं और झगड़ा–रगड़ा उत्पन्न करते हैं (नीतिवचन 6:14)। वे उन सात पापों के दोषी हैं जिनसे परमेश्वर बैर रखता है (नीतिवचन 6:16-19)। नीतिवचन में वही है जो परमेश्वर इन लोगों के साथ करने की प्रतिज्ञा करता है।
नूह के दिनों की पीढ़ी पर विचार करें। एक भयानक आपदा अचानक आ गई! बचने का कोई उपाय नहीं था! अचानक सभी डूब गए! परमेश्वर ने देखा कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई थी, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता, वह निरन्तर बुरा ही होता था (उत्पत्ति 6:5)। इसलिए, वह विश्वव्यापी जल-प्रलय को ले आया जिसमें उसने हर पुरुष, स्त्री, बच्चे और शिशु को डुबाकर और उनका दम घोंटकर मार डाला। इस पर विश्वास करें!
झूठे शिक्षक बाइबल के परमेश्वर के बारे में झूठ बोलते हैं कि वह सभी से प्रेम करता है, इसलिए बाइबल में लिखी हुई बातों पर विश्वास करना ख्रिश्चन लोगों के लिए भी कठिन है। लेकिन स्वर्ग का पवित्र परमेश्वर सभी पापों और पापियों से बैर रखता है, क्योंकि वह अपने धर्मी स्वभाव के कारण मूर्खों और उनकी दुष्टता को तुच्छ जानता है। सुलैमान ने ऐसा इसी संदर्भ में कहा (नीतिवचन 6:16-19)। उसके पिता दाऊद ने भी एक अन्य स्थान पर ऐसा ही कहा (भजन 5:5; 11:5)।
परमेश्वर लंबे समय तक विद्रोह को बर्दाश्त नहीं करेगा। “जो बार बार डाँटे जाने पर भी हठ करता है, वह अचानक नष्ट हो जाएगा और उसका कोई भी उपाय काम न आएगा” (नीतिवचन 29:1)। “दुष्ट अधोलोक में लौट जाएँगे, तथा वे सब जातियाँ भी जो परमेश्वर को भूल जाती हैं” (भजन 9:17)। ” और जिस किसी का नाम जीवन की पुस्तक में लिखा हुआ न मिला, वह आग की झील में डाला गया” (प्रकाशितवाक्य 20:15)।
कोरह ने खुद को इतना पवित्र माना कि वह मूसा से बराबरी करने लगा था, लेकिन परमेश्वर ने उसे और उसके परिवार को धरती में जिंदा ही दफना दिया (गिनती 16:1-33)। हामान फारस में एक उभरता हुआ सितारा था, लेकिन क्षयर्ष राजा ने अचानक उसे और उसके बेटों को उनकी दुष्टता के कारण फांसी के फन्दे पर लटकवा दिया (एस्तेर 7:9; 9:25)। यहूदा इस्करियोती ने नासरत के यीशु को पकडवा देने की साजिश रची, लेकिन वह ऐसी दर्दनाक मृत्यु मरा कि उसकी आंतें जमीन पर फैल गई (प्रेरितों के काम 1:18)। यदि आप अपने जीवन में ओछे और अनर्थकारी बनना चाहते हैं, तो स्वर्ग से आनेवाले परिणामों को भुगतने के लिए तैयार रहें।
बस आप समाचार पत्र पढ़ें और आप इस नीतिवचन में वर्णित घटना को लगभग प्रतिदिन होते हुए देखेंगे। प्रिंसेस डायना, अन्ना निकोल स्मिथ, मर्लिन मुनरो, जेनिस जोप्लिन, क्लाइड बैरो, जॉन लेनन, जेम्स डीन, जिमी हेंड्रिक्स, जिम मॉरिसन जैसी हस्तियों पर विचार करें। इस नीतिवचन का नियम गुरुत्वाकर्षण के नियम जितना ही सत्य है। परमेश्वर इस पीढ़ी को कब तक बर्दाश्त करेंगा? वह आपकी मूर्खता और विद्रोह को कब तक बर्दाश्त करेगा? आपको चेतावनी दी जा रही है! हठीले मत बनों (नीतिवचन 29:1)!
पाठक, अगर यह लेख आपको समझ में आ रहा है और आप अपने मन में किसी भी तरह का अपराध-बोध, शर्म और कायलता को महसूस कर पा रहें हैं तो अभी भी ज्यादा देर नहीं हुई है। अगर आप पश्चाताप करते हैं और अपने पापों को छोड़ देते हैं, और परमेश्वर के सामने स्वीकार करते हैं कि वे कितनी दुष्टता से ओतप्रोत जघन्य कृत्य हैं, तो वह आपको माफ कर सकता है और करेगा। कैसे? एक महिमामय और परिपूर्ण मध्यस्थ – प्रभु यीशु मसीह की उसके लोगों के लिए मृत्यु के द्वारा (यशायाह 55:6-9; लूका 13:1-5; प्रेरितों के काम 2:38)! इतने हठीले मत बनों कि अपना ही विनाश कर बैठों!
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