नीतिवचन 6:14
उसके मन में उलट–फेर की बातें रहतीं, वह लगातार बुराई गढ़ता है और झगड़ा–रगड़ा उत्पन्न करता है।
इस दुनिया में बुराई गढ़नेवाले लोग बहुत हैं, और परमेश्वर उन्हें दण्ड देकर रहेगा। उनके कई चरित्र-लक्षण हैं, जिनमें से तीन का वर्णन यहाँ किया गया है, लेकिन उनपर अचानक विनाश आ पड़ेगा और कोई छुटकारा न होगा।
क्या आप ऐसे इन्सान हैं जो बुराई गढ़ता है – एक दुष्ट व्यक्ति? क्या आप ऐसे लोगों को पहचान सकते हैं जो बुराई गढ़ते हैं? सुलैमान ने दुष्ट पुरुषों और औरतों के लक्षणों की उनपर आनेवाले विनाश की सूची दीं (नीतिवचन 6:12-15)।
बुद्धि के कई लाभ और पहलू हैं। यहाँ उनमें से दो का ज़िक्र किया गया है: क्या आप का चरित्र इस नीतिवचन में वर्णित लक्षणों से भिन्न है? और क्या आप उन लोगों की पहचान कर सकते हैं जो बुराई गढ़ते हैं, और उन्हें जो बुराई नहीं गढ़ते हैं? बुद्धि सही परख करने की शक्ति है, और आप को ये दोनों लक्षण खुद में विकसित करने ज़रूरी हैं – एक पवित्र जीवन और ईश्वर से प्राप्त विवेक।
सुलैमान ने बुराई गढ़नेवाले या दुष्ट मनुष्य की पहचान उस इन्सान के रूप में की जो उलट–फेर की बातें करता है (नीतिवचन 6:12)। यहाँ एक मूर्ख या दुष्ट व्यक्ति को पहचानने का एक आसान तरीका है – ध्यान से सुनें! वह हर बात पर बहस करेगा, हर बात का विरोध करेगा, असभ्य होता है, उसका मन कठोर होता है, बहकी बहकी बातें करता है, और दूसरों के लिए खतरा है और किसी भी बात में कोई सहयोग नहीं देता। बुद्धि हमें इन पापों से बचाती है (नीतिवचन 15:28; 16:23), और यह आपको ऐसे चरित्रवाले लोगों को पहचानने का हुनर देती है (नीतिवचन 9:7-8; 14:7; सभोपदेशक 10:12-14)।
बुराई गढ़नेवाले या दुष्ट लोग दूसरों के साथ चालाकी से या छल-कपट से पेश आते हैं (नीतिवचन 6:13)। ये लोग सीधाई, खराई, ईमानदारी, और साफ़ साफ़ बोलने के बजाय, घुमाफिराकर बाते करते हैं और दूसरों की ओर इशारे करते हैं, जो पलके झपकाने और हिलते-डुलते पैरों और हाथों से संकेतित होता है। भक्तिपूर्ण लोग खुले दिल से साफ़ साफ़ बोलनेवालें और सच्चे होते हैं, और वे किसी भी तरह की चालाकी या छल-कपट नहीं करते। आप उनके नेक इरादे आसानी से पहचान सकते हैं।
यह नीतिवचन दुष्ट व्यक्ति के तीन और चरित्र-लक्षणों की ओर संकेत करता है। सबसे पहला, उसका मन में उलट–फेर की बातें रहतीं हैं, अर्थात उसका मन टेढ़ा है। उसके मुँह में उलट–फेर की बातें अचानक नहीं आती है (नीतिवचन 6:12); वे बातें उसके विकृत और बेक़ाबू हृदय से निकल आती हैं। ऐसे लोगों का स्वभाव दुष्ट होता है। वे घमंडी, संभालने में मुश्किल, खुश करने में मुश्किल, विद्रोही और स्वार्थी होते हैं। वे शांति से रहने के बजाय बहस करना, शिकायत करना, वाद-विवाद करना और लड़ना पसंद करते हैं। भक्तिमान लोग इसके ठीक विपरीत होते हैं। वे अपनी ज़िन्दगी में संतुष्ट, सहयोगी, दयालु और धैर्यवान होते हैं।
दूसरा, वह लगातार बुराई गढ़ता रहता है। उसका मन बुद्धिमान व्यक्ति के अच्छे और सद्गुणी विचारों में कोई रुचि नहीं रखता (फिलिप्पियों 4:8)। वह दूसरों का फ़ायदा उठाने के लिए साज़िश रचे बिना चैन से नहीं बैंठ सकता (नीतिवचन 4:16; भजन 36:4; मीका 2:1)। परमेश्वर ऐसे लोगों से बैर रखता है (नीतिवचन 6:18)। उनके विकृत और टेढ़े हृदय और मन दूसरों के बारे में सबसे बुरा सोचते हैं और उन्हें कमज़ोर करने, उनसे छीनने, उनकी योजनाओं को विफल करने या उनकी शांति को भंग करने के षडयंत्र रचते हैं।
तीसरा, वह झगड़ा–रगड़ा उत्पन्न करता है, और शांति को भंग करता है – वह कलह बोता है। सद्भाव, शांति और एकता बुद्धिमान लोगों के जीवन-उद्देश्य होते हैं, क्योंकि वे शांत और स्थिर रहना पसंद करते हैं। लेकिन बुराई गढ़नेवाले लोग चुगली, राजद्रोह, बदनामी, पीठ पीछे बुराई और कानाफूसी करने पर आमादा रहते हैं। परमेश्वर ऐसे लोगों से बैर रखता है (नीतिवचन 6:19)। वे झगड़ालू होते हैं, और वे अपनी नाखुशी को अपने तक ही सीमित नहीं रख सकते; उन्हें दुष्टतापूर्वक दूसरों के संतोष और सुख-चैन को भंग करना ही होता है (नीतिवचन 16:28; 26:21)।
परमेश्वर इन टेढ़े लोगों के साथ क्या करेगा? वह बहुत बुरी तरह से उनका नाश कर देगा (नीतिवचन 6:15)। वह उन्हें तोड़ने के लिए अचानक उनके जीवन में विपत्तियाँ लाएगा और उन्होंने दूसरों को जो दर्द और तकलीफ़ पहुँचाईं है उस का वह बदला चुकाएगा। वह उनके षडयन्त्रो को नाकाम कर देगा और उनके जीवन से शांति छीन लेगा, और उसके क्रोध से बचने का कोई उपाय नहीं होगा। जान लें कि आपका पाप आपको ढूंढ ही लेगा! दुष्टता विपत्ति ही को ले आती है।
परमेश्वर आपसे कहता है, “इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर करके, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है” (याकूब 1:21)। अपनी दुष्टता और बुरी आदतों को छोड़ दो। पश्चाताप करो, और अपने इन पापों को परमेश्वर के सामने स्वीकार करो। जिनके साथ तुमने बुरा व्यवहार किया है उनके पास जाओ और मेल-मिलाप करें और उनकी नुकसान-भरपाई करो। एक मिनट के लिए भी यह मत सोचिए कि इस चेतावनी को सिर्फ सुनने से आपका कुछ भला हो जाएगा। परमेश्वर और मनुष्य की ओर से आशीषे और पुरस्कार इसे अपने जीवन में लागू करने में हैं (याकूब 1:22-27)।
आप दुष्ट और बुराई गढ़नेवाले लोगों के ठीक विपरीत चरित्र के बनकर परमेश्वर और मनुष्यों की दृष्टि में महान हो सकते हैं। सबसे पहले, आपके पास एक शुद्ध मनहो सकता है जिसके परिणामस्वरूप अनुग्रहपूर्ण वाणी होता है जिसकी प्रशंसा एक राजा भी करेगा (नीतिवचन 22:11; मत्ती 5:8)। दूसरा, आप अपना मन दूसरों के लिए प्रेम से प्रेरित भले कामों की योजना बनाने में लगा सकते हैं (यशायाह 32:8; भजन 112:9; प्रेरितों 20:35)। तीसरा, आप अपने परिवार और दोस्तों के बीच शांति स्थापित करने वाले बन सकते हैं (याकूब 3:18; मत्ती 5:9)। आज ही ऐसे व्यक्ति बने!
परमेश्वर और सुलैमान ने आपको इस नीतिवचन में बुद्धि दी है। एक बुद्धिमान व्यक्ति बुराई गढ़नेवाले लोगों के लक्षणों को पहचानेगा और जहाँ तक संभव हो, अपना चरित्र उनके ठीक विपरीत विकसित करेगा। एक बुद्धिमान व्यक्ति दूसरों में दुष्ट लक्षणों को पहचानना और समझना सीखेगा – उन्हें चेतावनी देगा और फटकारेगा, या उनसे बचकर रहेगा। एक बुद्धिमान व्यक्ति अपने बच्चों में से इन दुर्गुणों को पूरी तरह से बाहर निकाल देगा। एक बुद्धिमान व्यक्ति परमेश्वर को उसके वचन की बुद्धि के लिए धन्यवाद देगा और वचन पर चलने की शक्ति मांगेगा, दृढ़ विश्वास से प्रार्थना करेगा।
यीशु मसीह एक सिद्ध मनुष्य था। उसका मन सबसे शुद्ध था जिससे सबसे अनुग्रहपूर्ण वाणी निकलती थी (भजन 45:2; लूका 4:22)। वह हमेशा दूसरों के सांसारिक और शाश्वत लाभ के लिए अच्छा करने के लिए समर्पित था (लूका 7:12-15; 9:51; यूहन्ना 4:34)। उसने पृथ्वी पर विवादों को सुलझाया और परमेश्वर और उसके चुने हुए लोगों के बीच युगानुयुग के लिए मेल-मिलाप किया (लूका 9:46-48; कुलु 1:20)। उसके पीछे हो लें।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।