नीतिवचन 5:9

कहीं ऐसा न हो कि तू अपना यश औरों के हाथ, और अपना जीवन क्रूर जन के वश में कर दे;

व्यभिचार या परस्त्रीगमन आपका विनाश कर देगा। व्यभिचारिनियाँ क्रूर होती हैं। वे आपकी प्रतिष्ठा, समय, धन, परिवार, प्राण और स्वास्थ्य को आपसे छीनकर आपको बर्बाद कर देंगी। व्यभिचारिनियाँ जो प्रेम, वफ़ादारी और यौनसुख देने का दिखावा करती हैं, आपका उपयोग सिर्फ़ तब तक करेंगी जब तक कि आप उन्हें लाभ पहुँचाते रहेंगे; फिर वे आपको छोड़ देंगी।

सुलैमान ने अपने बेटे को पराई स्त्री के बारे में चेतावनी दी – एक व्यभिचारिणी या वेश्या के विरुद्ध जो पुरुषों का शिकार करती है (नीतिवचन 5:1-7)। उसकी सलाह सरल थी, “ऐसी स्त्री से दूर ही रह और उसकी डेवढ़ी के पास भी न जाना” (नीतिवचन 5:8)। और जो समाधान उसने दिया वह भी उतना ही सरल था – अपनी विवाहित पत्नी के साथ अच्छा रिश्ता रखें और ढेर सारे वैध बच्चे पैदा करें (नीतिवचन 5:15-23)।

सुलैमान का पुत्र वैसी ही विशेषताओं वाला पुरुष था जिसका पीछा व्यभिचारिणीएँ करती हैं (नीतिवचन 6:26; 23:27-28)। निर्धन पुरुष या दुष्ट पुरुष एक औरत को वह भावनात्मक, वित्तीय, सामाजिक या बौद्धिक संतुष्टि प्रदान नहीं कर सकता। इसलिए, व्यभिचारिणीएँ योग्यता, आत्मविश्वास, बुद्धिमत्ता, नेतृत्व-कौशल और यहाँ तक कि आध्यात्मिकता वाले पुरुष की तलाश करती हैं। इज्जत की धज्जियां सिर्फ एक इज्ज़तदार और प्रभावशाली व्यक्ति की ही उड़ाई जा सकती हैं। सुलैमान के सभी पुत्र, अर्थात राजकुमार, खतरे में थे।

जब कोई लड़की अपना कौमार्य खो देती है, या कोई पत्नी किसी गैर मर्द के साथ व्यभिचार करती है, तो परमेश्वर घोषणा करता है कि वह अपनी इज्ज़त खो देती है – उसका मूल्य कम हो जाता है और वह अशुद्ध हो जाती है (उत्पत्ति 34:2; गिनती 5:11-31; व्यवस्थाविवरण 21:14; 22:24,29; न्यायियों 19:24; यहेजकेल 22:10-11)। इसलिए, कुंवारी लड़कियाँ धर्मपरायण पुरुषों के लिए उच्च मूल्य रखती हैं (निर्गमन 22:17; लैव्यव्यवस्था 21:14; व्यवस्थाविवरण 13:22-31; 2 शमूएल 13:18-19; 2 कुरिन्थियों 11:1-2)। यदि यह स्त्री के लिए सत्य है, तो यह पुरुष के लिए भी सत्य है, जो परमेश्वर की छवि और महिमा है (1 कुरिन्थियों 11:7)। जब कोई व्यक्ति व्यभिचारिणी के चक्कर में पड़ जाता है, तो वह परमेश्वर और मनुष्यों की दृष्टि में अपनी इज्ज़त खो बैठता है (नीतिवचन 6:32-33)।

सैमसन ने सबसे शक्तिशाली पुरुष होने का अपना सम्मान एक धूर्त, षड्यंत्रकारी और बहकाने वाली पलिश्ती व्यभिचारिणी के हाथ में दे दिया। हालाँकि वह जानता था कि वह झूठी थी और उसे नष्ट करना चाहती थी, लेकिन वह उसकी चालों का विरोध नहीं कर सका। उसने अपनी ताकत, प्रतिष्ठा, पद, दृष्टि और अपना जीवन खो दिया। फ्लर्ट करने वाली औरतों के शिकार होने के क्या क्या घातक खतरे हैं यह जानने के लिए पुरुषों को उसकी कहानी बार-बार पढ़नी चाहिए।

सुलैमान ने खुद एक हज़ार स्त्रियों से विवाह किया, और उसने उनके बारे में कहा, “मैं ने मृत्यु से भी अधिक दु:खदाई एक वस्तु पाई, अर्थात् वह स्त्री जिसका मन फन्दा और जाल है और जिसके हाथ हथकड़ियाँ हैं, जिस पुरुष से परमेश्वर प्रसन्न है वही उससे बचेगा, परन्तु पापी उसका शिकार होगा” (सभोपदेशक 7:26)। ऐसी स्त्रियाँ ही हैं जो शक्तिशाली पुरुषों को भी पाप की ओर ले जाती हैं (नीतिवचन 7:26; 23:27-28)।

नहेमायाह ने लिखा, “क्या इस्राएल का राजा सुलैमान इसी प्रकार के पाप में न फँसा था? बहुतेरी जातियों में उसके तुल्य कोई राजा नहीं हुआ, और वह अपने परमेश्वर का प्रिय भी था, और परमेश्वर ने उसे सारे इस्राएल के ऊपर राजा नियुक्त किया; परन्तु उसको भी अन्यजाति स्त्रियों ने पाप में फँसाया” (नहेमायाह 13:26)। अगर नीतिवचन का बुद्धिमान लेखक स्त्रियों की ऐसी पीड़ा से गुज़र सकता है, तो आपको तो पक्का उनसे बहुत दूर रहना चाहिए।

खतरा वास्तविक है। एक आकर्षक स्त्री किसी पुरुष को बहला-फुसलाकर व्यभिचार के जघन्य पाप में फंसा सकती है। उसकी सुंदरता और अंगप्रदर्शन लुभाने में बहुत शक्तिशाली हैं (नीतिवचन 6:25)। इसलिए, सुलैमान ने उसके मधुर शब्दों के विरुद्ध भी चेतावनी दी (नीतिवचन 2:16; 5:3; 6:24), और उसने एक लम्बा दृष्टांत देकर उसकी कला को चित्रित किया (नीतिवचन 7:6-23)। उससे दूर रहकर ही आप सुरक्षित हैं (नीतिवचन 5:8)।

यह बड़ी अचम्भित करनेवाली बात है कि जो औरतें योग्यता, चरित्र और बुद्धि में बिलकुल दिवालियाँ हैं वे निपुण और प्रतिभावान पुरुषों पर हावी भी हो सकती हैं। लेकिन यौन पाप इन पुरुषों की सोचने-समझने की शक्ति को ही कचोट लेता है (नीतिवचन 5:22), और वे उन औरतों से प्यार की कल्पना कर अपना सब कुछ त्याग देते हैं जो शायद ही असली प्यार कर पाती हों। कितना सस्ता सौदा! कितना बुरा भविष्य! दूर भागो!

एक व्यभिचारिणी स्त्री क्रूर प्राणी है। वह स्वार्थी होती है, प्रेम और वफादारी का सिर्फ़ दिखावा करती है, और अपने पीड़ितों के लिए कोई दया नहीं रखती (नीतिवचन 30:20)। वह आदमी की प्रतिष्ठा और पैसा छीन लेगी, उसके वैवाहिक जीवन को बर्बाद कर देगी, और बेकद्री से उसका दिल तोड़ देगी। जब उड़ाऊ पुत्र घर लौटा, तो वे व्यभिचारिणीएँ कहाँ थीं जिन्होंने बड़े जोश से उसका पैसा उड़ाया, वचन और कर्म से उससे प्यार का वादा किया (लूका 15:30)? जैसा कि आमतौर पर सच होता है, वे झूठ बोलने वाली चुड़ैले थीं।

उसके शिकार पुरुष अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा देते हैं, पैसा बर्बाद करते हैं, समय बर्बाद करते हैं, नौकरी खो देते हैं, अपने परिवार को छोड़ देते हैं, अपनी पत्नियों की ज़िन्दगी तहस-नहस कर देते हैं, अपने बच्चों की ज़िन्दगी तहस-नहस कर देते हैं, अपने माता-पिता के दिलों को तोड़ देते हैं, चर्च से निकाले जाते हैं, यौन रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं, परमेश्वर को क्रोध दिलाते हैं, और परिवार और दोस्त की नज़रों में गिर जाते हैं, ताकि एक व्यभिचारिणी के साथ प्यार की कपोल कल्पना में खुद को डुबो देकर स्वर्गसुख के सपने देखे। क्यों? क्योंकि उसने सब चीजों से बढ़कर अपने मन की रक्षा न कीं और उसके घर के बहुत करीब चला गया (नीतिवचन 4:23; 7:8)! पाठक, आपका हृदय कैसा है?

युवक! क्या आप को यह गंभीर चेतावनी सुनाई दे रही है? जिस स्त्री से आपने विवाह नहीं किया है, उसके प्रति यौन विचार या एक भी कदम मृत्यु और नरक की ओर जाने वाला विचार या कदम है (नीतिवचन 2:18; 5:5; 7:27; 9:18)। वह आपसे प्रेम नहीं करती है, और न वह आपसे प्रेम करेगी; व्यभिचारी औरतें सच्चा प्रेम नहीं कर सकती। अपने और अपने घराने के सम्मान की रक्षा करें। अपना जीवन बचाएँ। यूसुफ की तरह एक नायक बनें, जो शिमशोन और दाऊद से अधिक शक्तिशाली था। सदाचारी बनो, तो तुम भी एक सदाचारी पत्नी पाने के योग्य बनोगे (उत्पत्ति 41:45)।

क्या कोई व्यभिचारी पुरुष अपनी खोई हुई इज्ज़त फिर से वापस पा सकता है? शायद ही। सुलैमान ने इस प्रश्न को समझा, क्योंकि उसका पिता एक व्यभिचारी हत्यारा था, और जो शरीर की वासनाओं में चलते हैं उन्हें उसने अपनी खोई हुई इज्ज़त फिर से वापस पाने की कोई आशा नहीं दी (नीतिवचन 6:29-35)। फिर भी, दाऊद राजा और भविष्यवक्ता बना रहा, और संतों ने उसकी और उसके भजनों की बहुत प्रशंसा की है। परमेश्वर और भले लोग क्षमा करते हैं (2 शमूएल 12:13; 1 कुरिन्थियों 6:9-11), लेकिन पाप अपनी आदत में इतना व्यसनी और विनाशकारी है कि इसकी पकड़ से बहुत कम लोग कभी मुक्त हो पाते हैं (नीतिवचन 2:18-19; 5:22)।

परमेश्वर-प्रेरित दुःख और सच्चा पश्चाताप ही खोएं हुए इस सम्मान को वापस पाने और इस भयानक पाप से खुद को मुक्त करने का एकमात्र तरीका है। ऐसा दुःख और पश्चाताप उन लोगों की सोच से बिलकुल विपरीत हैं जो सिर्फ़ पकड़े जाने पर दुःख जताते हैं। जो व्यभिचारी मनुष्य खुद को नम्र करता है उसके लिए पौलुस ने पश्चाताप को परिभाषित किया, और घोषणा की कि यह पापियों को अपराध और दागदार प्रतिष्ठा से पूरी तरह से मुक्त कर सकता है (2 कुरिन्थियों 7:10-11)। जैसे स्वर्ग पृथ्वी से बहुत ऊँचा है, वैसे ही परमेश्वर की क्षमा मनुष्य की क्षमा से ऊँची है (यशायाह 55:6-9)।

सामरिया की स्त्री और मरियम मगदलीनी पापी थीं, फिर भी वे नए नियम में वर्णित दो अत्यधिक सम्मानित महिलाएँ हैं। बहुत सी व्यभिचारिणी औरते परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर गईं, क्योंकि यीशु ने उन्हें क्षमा कर दिया (मत्ती 21:31-32)। वह पापियों को बचाने के लिए इस संसार में आया (1 तीमुथियुस 1:15)। उसने कुरिन्थ के अनाचारी व्यभिचारी को भी क्षमा कर दिया (2 कुरिं 2:6-11)। हर पश्चाताप करने वाले व्यभिचारी या व्यभिचारिणी को ऐसे दयालु परमेश्वर के लिए अपने मन और होठों से पवित्र स्तुति करनी चाहिए।

नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।