नीतिवचन 5:3
क्योंकि पराई स्त्री के ओठों से मधु टपकता है, और उसकी बातें तेल से भी अधिक चिकनी होती हैं;
पराई स्त्री की चिकनी-चुपड़ी बातें मधु से भी मीठी और तेल से भी मधुर-भाषी हो सकती है। मूर्ख लोग एक मधुमक्खी के समान फूल की ओर अपने स्वयं के विनाश के लिए दौड़ पड़ते हैं, और जब तक बहुत देर नहीं हो जाती, तब तक वे जहरीले स्वाद को कभी नहीं पहचान पाते। वेश्या की झूठी प्रशंसा और कपटपूर्ण निमंत्रण के विश्वासघाती जाल में फंसने से अच्छा है कि अपने कानों को सूअरी की घुरघुराहट पर लगाए रखे।
मधु का छत्ता परमेश्वर की सबसे सुन्दर रचनाओं में से एक है। इसकी कोशिकाओं से शुद्ध, सुनहरा, मीठा शहद निकलता है। इसमें से ऐसा शहद टपकता है जो स्वादिष्ट व्यंजन की चाहत रखनेवाले व्यक्ति को आनन्द और संतुष्टि से भर दे। तेल, जो किसी भी भोजन की खुश्की और रूप को चिकना, तथा स्वादिष्ट कर देता है, और जो शुष्क वातावरण में शरीर के लिए बहुत सुखद होता है, वह भी एक कीमती भोजन है। मधु और तेल दोनों ही एक चिकनी, मीठी विनम्रता को दर्शाते हैं, और सुलैमान ने एक पराई स्त्री की धोखा देनेवाली चिकनी-चुपड़ी बातें के खतरे का वर्णन करने इन दोनों उपमाओं को प्रयुक्त किया।
एक पराई स्त्री क्या होती है? जिस किसी भी महिला से आपने शादी नहीं की है वह आपके लिए एक पराई स्त्री है! वह आपकी पहुँच से बाहर है; आपके वैवाहिक जीवन की बात आती है, वह एक अजनबी है; वह आपकी अंतरंग साथी नहीं है, जैसे एक पत्नी होती है; वह किसी और की है; आप उसे कामोत्तेजक भावना से अपने गले नहीं लगा सकते। आपको उसके साथ मीठे मीठे शब्दों में संभाषण करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि आपके कान और दिल किसी और के हैं। अय्यूब ने कहा, “मैं ने अपनी आँखों के साथ वाचा बाँधी है, फिर मैं किसी कुँवारी पर कैसे आँखें लगाऊँ?” (अय्यूब 31:1)। अगर वह उसके शरीर को तक नहीं देखना चाहता था, तो उसे उसकी बातें सुनने का भी हक़ नहीं था।
अच्छे पिता अपने बेटों को लुटेरी स्त्रियों के भयानक प्रलोभनों के बारे में चेतावनी देंगे, जैसा कि सुलैमान इस अध्याय में कर रहा है। वह यौन पाप (5:3-14), अच्छे वैवाहिक संबंधों में सुरक्षा (5:15-19), और जीवन के इस क्षेत्र में समझौता करने वाले पुरुषों पर परमेश्वर के न्याय (5:20) के भयानक परिणामों की ओर इशारा करता है। -23)। यह कोई हल्की बात नहीं है। उसने बहुत से बलवानों को घायल किया और मार दिया है (7:26)। मसीही पुरुषों, खबरदार!
सुलैमान एक यथार्थवादी पिता था। उसने सच को साफ-साफ कहा। पुत्र को यह बताने में कोई बुद्धिमानी नहीं है कि वेश्याएं विद्रोह करनेवाली स्त्रियाँ होती हैं। पौलुस ने माना कि पाप कुछ समय के लिए सुख देता है (इब्रा 11:25)। युवाओं को कुछ और बताना झूठ है, और वे उस भयानक परीक्षा से भागने के लिए तैयार नहीं रहेंगे जो कभी भी और किसी भी दिन उनके रास्ते में आएगी। बुद्धिमान पिता मान लेते हैं कि पाप आकर्षक, चित्तहारी होता है, परन्तु साथ ही वे इसके भयानक परिणामों का भी वर्णन करेंगे।
परमेश्वर ने पुरुषों को ऐसा बनाया जो स्त्रियों को चाहते हैं और उन्हें रिझाते हैं ताकि उन्हें अपने से विवाह करने राज़ी कर सकें (30:19; उत्पत्ति 34:1-4; निर्गमन 22:16; व्यवस्था 21:10-14; 24:5)। यह मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा और ख्वाइश होती है। एक स्त्री की ओर से प्रेमपूर्ण प्रतिक्रिया, जो किसी पुरुष के प्रति अपने प्रेम और समर्पण का बड़ी घनिष्ठता और कोमल शब्दों में ऐलान करती है, पुरुष के लिए सबसे शक्तिशाली प्रलोभनों में से एक है जिसका सामना उसे कभी न कभी करना ही पड़ेगा। स्नेह, सम्मान और इच्छा के उसके अनुग्रहपूर्ण और भावुक शब्द आग के में घी डालने के समान हैं, और कोई भी पुरुष जो इससे इनकार करता है वह या तो झूठा है या अप्राकृतिक यौनरोग का शिकार है।
पराई स्त्रियाँ इन तथ्यों को अच्छी तरह से जानती हैं। वे अपने शिकार को रिझाने के लिए अपनी वाक्पटुता की शक्ति का उपयोग करती हैं। यह पराई स्त्रियों की फुसलानेवाली चित्ताकर्षक बातें करने की अदा ही थी जिसके विरुद्ध सुलैमान ने बार-बार चेतावनी दी (नीतिवचन 2:16; 6:24; 7:21; 22:14)। दाऊद ने भी ऐसी कोमल और चिकनी बातों के खतरे के विषय में बताया जिनकी आड़ में बुरे इरादों को छिपाके रखा जाता है (भजन 55:21)। पुरुषों, उससे दूर भागो!
पोतीपर की पत्नी ने यूसुफ को अपनी बातों से बहकाने की कोशिश की, लेकिन उसने उसका विरोध किया (उत्पत्ति 39:7-12)। दूसरी ओर, शिमशोन, दलीला के स्पष्ट और विनाशकारी झूठी बातों के जाल में फँस गया, क्योंकि उसकी बातें चिकनी-चुपड़ी थी (न्यायियों 16:15-17)। रुकों, आप तब तक शिमशोन के बारे में बुरा नहीं सोच सकते जब तक कि आप खुद दो या तीन बार यूसुफ के आदर्शों पर नहीं चलते!
दूरी ही एकमात्र सुरक्षा है। “उसकी डेवढ़ी के पास भी न जाना” (5:8)। कोई भी पुरुष स्त्री की चिकनी-चुपड़ी बातों का विरोध इतनी आसानी से नहीं कर सकता। उसकी बातें बहुत ही सुहावनी, लार टपकाने वाली, और मौज-मस्ती की उम्मीद जगानेवाली होती हैं। वह मधु के छत्ते के समान मीठी और तेल के समान चिकनी होती है। यह आत्मा को झकझोर देती हैं और मनुष्य की यौन-वासनाओं की आग को भड़का देती हैं। किसी स्त्री का यौन-सम्बन्ध बनाने की पहल करना, जिसे वह घायल करनेवाली और गर्म करनेवाली भाषा में व्यक्त करती है, माचिस की एक जलती तिली को बारूद के ठेर में फेंकने जैसा है। उस से दूर भागो!
इस अध्याय की शुरुआत में ही उपदेशक अपने बेटे को अपने पिता के निर्देश पर कान लगाने के लिए कहता है (5:1-2)। यहां अहंकार या हठधर्मिता के लिए कोई जगह नहीं है। पराई स्त्री किसी भी पुरुष के लिए माचिस की एक जलती तिली से भी अधिक भस्मकारक है, जैसा कि बाइबल और सांसारिक दोनों ही इतिहास कई बार दिखाते हैं। हरएक पुरुष को इस चेतावनी के आगे झुकना चाहिए और उससे बचने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। जो आपको आकर्षित करे ऐसी किसी भी स्त्री के साथ सामाजिक बातचीत करने में कोई समझदारी या उचित कारण नहीं है। उस से दूर भागो!
यह गंभीर चेतावनी आमने-सामने की बातचीत, टेलीफोन और सेल फोन पर बातचीत या टेक्स्ट मैसेज, पत्र और चिट्ठियां लिखने, इंटरनेट पर चैटिंग और ईमेल पर भी लागू होती है। स्त्री की मन-मोहक चिकनी बातें बहुत शक्तिशाली होती हैं, फिर चाहे ये बातें कंप्यूटर की स्क्रिन पर ही क्यों न हो। ऑनलाइन चैटिंग आपके हृदय को उस पाप की योजना बनाने के लिए प्रेरित करेगी जो आपका विनाश देगी (याकूब 1:14-15)। उस से दूर भागो!
मसीही विश्वासी स्त्रियों, यहाँ आपके लिए भी परोक्ष रूप से एक पाठ है। क्या आप पुरुष को प्रसन्न करने और उसका दिल जीतने उपयुक्त मीठी बातों और प्रशंसा की शक्ति को समझती हैं? यदि हाँ, तो आप अपने पति से प्यार करने के लिए ऐसी स्त्री-कलाओं का उपयोग करने में कितनी होनहार हैं? यदि आप उसे अपनी ओर आकर्षित नहीं बनाए रखती हैं, तो कोई अन्य स्त्री इसे बहुत अच्छी तरह से कर सकती है। किसी भी पाप के लिए आपका पति तो जिम्मेदार होगा ही , लेकिन व्यभिचार के उसके पाप के लिए आप भी उतनी ही ज़िम्मेदार ठहरोगी (1 कुरिन्थियों 7:1-5)। आखरी बार कब आपने अपने पति को रिझाने के लिए मधुकोश और तेल का इस्तेमाल किया था? अगर आप सुलैमान के गीतरत्न को पढ़ चुकी हैं, तो आप जानती हैं कि वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी का आपस में ही एक-दुसरे के साथ फ्लर्ट करना अच्छा और सुखद होता है। एक महान स्त्री बनें, और अपने मुँह का उपयोग परमेश्वर के वचन से जीवन की बातें बोलने के लिए करें।
झूठी कलीसियाएँ भी अपनी मीठी और भ्रामक बातों का उपयोग करके मनुष्यों को अपना पराया धर्म प्रस्तुत करती हैं (प्रक 17:1-6)। जब कोई झूठी कलीसिया शांति की बात करती है, तो वह केवल अपनी प्यास बुझाने के लिए उनकी आत्माओं को चाहती है। प्रेरित पौलुस को कुलुस्से नाम नगर में ऐसे ही मोहक शब्दों वाले तत्वज्ञान के धोखे का विरोध करना पड़ा था, और उसे डर था कि झूठे शिक्षक कुरिन्थ की कलीसियाओं को उनके आध्यात्मिक कौमार्य से बहकाएंगे (कुल 2:4,8; 2 कुरिन्थियों 11:2-4)। ऐसी झूठी कलीसियाओं से दूर भागो (प्रक 18:4)!
केवल सड़क के किनारे खड़ी वेश्याएं ही अपने इरादों की स्पष्ट शब्दों में घोषणा करती हैं। परन्तु जो वेश्याएं कुलीन समाज की चादर ओढ़े हुए होती हैं वे अपने धोखेबाज हृदयों के सम्मानजनक शीर्षकों और शिष्टाचारों के पीछे छिप जाती हैं (7:13-18)। उसी तरह, पेट के उपासक – देह-स्वभाव के मसीही- अपने अच्छे शब्दों और भली बातों के जरिए अपने धार्मिक पाखंड को छिपाए रखते हैं (रोमि 16:17-18; 2 कुरिन्थ 11:13-15; 2 तीमु 3:3-6)। उन से दूर भागो!
यीशु मसीह के सच्चे दास स्पष्टवक्ता, निर्भय और प्रत्यक्ष बातें करनेवाले होते हैं (2 कुरिन्थियों 1:12; 2:17; 3:12; 4:2; इफि 4:14; 1 थिस्स 2:3-6)। उन्होंने अपने प्रभु के प्रति निष्ठावान रहने की शपथ ली है, जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर विश्वासयोग्य और सच्चे गवाह के रूप में जाना जाता है (प्रक 3:14; 19:11)। वह न तो झूठ बोलेगा और न चापलूसी करेगा (तीतुस 1:2), और न ही उसके दास ऐसा करेंगे। वे कभी भी सत्य का गला नहीं घोंटेंगे, क्योंकि वे सत्य का मुक़दमा लड़ने के लिए सत्य के प्रभु के साथ सदा के लिए विवाह के बंधन में बंध गए हैं।
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