नीतिवचन 5:20

हे मेरे पुत्र, तू अपरिचित स्त्री पर क्यों मोहित हो, और पराई को क्यों छाती से लगाए?

आप पराई स्त्री से सम्बन्ध बनाने के बारे में सोचते भी क्यों हैं? यौन-सम्बन्ध के लिए मोहित करने वाली एक खूबसूरत स्त्री हर मर्द के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी होती है। उसकी मीठी मीठी बातें और आकर्षक सुडौल शरीर बहुत-से पुरुषों को अभिभूत कर देता है। लेकिन सम्बन्ध के बाद उभरनेवाले भयानक नतीजें इस आनंद को कुचल देते हैं! आखिर आप किसी पराई स्त्री से सम्बन्ध बनाने के बारे में सोचते भी क्यों हैं? यह लालसा आपको बर्बाद कर देगी।

धर्मी पिता अपने बेटों को वेश्याओं और व्यभिचारी शादीशुदा औरतों के बारे में साफ़ साफ़ सावधान कर देते हैं, जैसा कि सुलैमान अक्सर किया करता था (नीतिवचन 2:16-19; 5:1-23; 6:20-35; 7:1-27; 9:13-18; 22:14; 23:26-28,33; सभोपदेशक 7:26)। ऐसी औरतें युवाओं, विशेषकर राजकुमारों के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक होती हैं। क्या आप उनके बड़े खतरे से आगाह हैं?

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितनी खूबसूरत दिखती है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितनी मीठी मीठी बातें करती है, और इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप पकड़े नहीं जाएंगे, किसी भी अपरिचित स्त्री के साथ व्यभिचार एक मूर्खतापूर्ण और भयानक अपराध है। परिणाम मृत्यु से अधिक दर्दनाक, जीवन से अधिक स्थायी, नरक के समान गहरे होते हैं, और शायद ही कोई बचकर जीवितों की भूमि में लौटने पाता है।

एक पराई स्त्री वह स्त्री होती है जिससे आपने शादी नहीं की है। चूँकि उससे आपका विवाह नहीं हुआ है, इसलिए आपको उसे छूने का कोई अधिकार नहीं है। आपकी पत्नी जीवन भर के लिए आपकी साथी है, और कोई भी अन्य स्त्री पराई है। उस पराई स्त्री के खिलाफ नकारात्मक (नीतिवचन 5:1-14) और फिर सकारात्मक (नीतिवचन 5:15-19) कारण बताने के बाद, सुलैमान अपने बेटे से पूछता है कि क्यों वह उसके बारे में अपने मन में विचार भी लाए।

पराई स्त्री का इलाज आपकी पत्नी के साथ एक सफ़ल और मोहब्बत से भरा वैवाहिक जीवन है (नीतिवचन 5:19; 1 कुरिन्थ 7:1-5; इब्रानियों 13:4)। अपने मन में अपनी पत्नी को ऊँचा उठाने से, उसके शरीर से संतुष्ट रहने का फैसला लेने से, और उसके प्यार से अभिभूत होने का फैसला लेने से, आप दोनों के बीच किसी अन्य स्त्री के लिए कोई जगह नहीं रहेगी। आप किसी भी कड़वाहट या यौन पाप के कारण अपनी पत्नी के साथ बेवफ़ाई नहीं कर सकते (कुलु 3:19)।

पराई स्त्री से सम्भोग के नतीजें भयानक होते हैं। सुलैमान ने उन नतीजों का वर्णन करते हुए कहा कि वे मृत्यु और नरक हैं (नीतिवचन 2:18; 5:5; 7:27; 9:18)। मृत्यु और नरक का जीवन, और मृत्यु के बाद नरक! बहुत कम लोग कभी व्यभिचार के डंक से बाहर निकल पाते हैं (नीतिवचन 2:19)। जवान, सुंदर चेहरे और शरीर को भूल जा। मीठी मीठी बातों पर ध्यान मत दे। किसी भी बुलावे को ठुकरा दे। वह तुझे छूने या चूमने न पाए। उससे बहुत दूर भाग।

आप अपनी पत्नी का दिल तोड़ देंगे, जिसे परमेश्वर देखता है (मलाकी 2:13)। आप अपने असली जीवनसाथी को खो देंगे (मलाकी 2:14)। आप अपना पैसा (नीतिवचन 5:10) और अपनी प्रतिष्ठा खो देंगे (नीतिवचन 5:9)। आपकी पत्नी आपसे नफरत करेगी (नीतिवचन 6:34-35)। कोई नहीं समझेगा कि आपने ऐसा क्यों किया (नीतिवचन 6:30-33)। परमेश्वर यह सब देखेगा और आपको दण्ड देगा (नीतिवचन 5:21; 15:3; इब्रा 13:4)।

आप खुद को एक अनियंत्रित यौन लत लगा बैठेंगे जो आपका अन्त में विनाश कर देगी (नीतिवचन 5:22-23; 23:27)। आपका ज़मीर आपको दोष लगाकर दण्ड देगा (नीतिवचन 5:11-14)। आप जायज बच्चों का एक समृद्ध परिवार खो देंगे (नीतिवचन 5:15-18)। पराई औरत से सेक्स का आनंद क्षण भर का है; परन्तु इसका दर्द हमेशा के लिए बना रहता है (नीतिवचन 9:17-18)। आप परमेश्वर के शत्रुओं को उसकी निन्दा करने का अवसर दे बैठेंगे (2 शमू 12:14)। आपकी प्रार्थनाएँ नहीं सुनी जाएंगी (भजन 66:18), और आपको आग की झील का सामना करना होगा (प्रकाशितवाक्य 21:8)।

परमेश्वर ने बड़ी दया करके हव्वा को आदम के लिए बनाया, और उसने आपके लिए विवाह निर्धारित किया ताकि आप एक समर्पित और मददगार पत्नी के साथ यौन सुख में तृप्त रहें (1 कुरिन्थ 7:1-5; इब्रानियों 13:4)। उसने प्रेम, विवाह और यौन का आविष्कार किया। आप भला क्यों सृष्टिकर्ता के इस आविष्कार के नियमों का उल्लंघन करने की सोचेंगे? उसकी अनंत बुद्धि के सामने स्वयं को विनम्र करें और अपने वैवाहिक जीवन को रोमांचक और महान बनाएं।

अगर आपने मूर्खता में आकर किसी पराई औरत को अपने सीने से लगाया हो, तो भी छुटकारे की आशा अब भी है, लेकिन इसके लिए परमेश्वर-प्रेरित दुःख और पश्चाताप की आवश्यकता होती है जिसे बहुत-से लोग न तो समझ पाते हैं, और न खुद से उसे उत्पन्न कर सकते हैं (2 कुरिन्थ 7:11)। दाऊद अपने गंभीर व्यभिचार और हत्या से पहले और बाद में भी परमेश्वर के मन के अनुसार पुरुष बना था, क्योंकि उसने खुद को परमेश्वर के सामने पूरी तरह से विनम्र कर दिया और अपने जघन्य अपराध को सही ढंग से कबूल कर लिया (अय्यूब 33:27-28; 2 शमू 12:13; भजन 51:1-19)। परमेश्वर आपके टूटे और खेदित हृदय को तुच्छ नहीं जानेगा।

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