नीतिवचन 5:2

कि तू विवेक की कद्र करे, और तू ज्ञान के वचनों को थामे रहे।

क्या आप जानते हैं कि यौनाचार के कारण आनेवाली विपत्ति से खुद को कैसे बचाया जाए? क्या आपके पास यौन-सम्बन्ध के विषय में पर्याप्त ज्ञान है ताकि आप दूसरों को यौनपाप से बचने की चेतावनी और शिक्षा दें सकें? राजा सुलैमान ने अपने बच्चों को यौन पापों, उनके शक्तिशाली प्रलोभनों और उनके भयानक परिणामों के बारे में बार बार शिक्षा दीं (नीतिवचन 2:16-19; 5:1-23; 6:20-35; 7:1-27; 9:13-18; 22:14; 23:27-28; 30:19-20; 31:3; सभोपदेशक 7:26)। प्रिय पाठक, मेरी बात की ओर ध्यान दें, सावधान रहें।

इस नीतिवचन के संदर्भ पर गौर करें। सुलैमान अपने बेटे से विनम्रता से बार बार कहता था कि वह अपने पिता की बुद्धि और समझ को मन लगाकर सुने (नीतिवचन 5:1), और उसने अपने सब बच्चों से कहा कि वे आकर उसकी शिक्षा ग्रहण करें और उसकी बातों से मुँह न मोड़े (नीतिवचन 5:7)। उसे उनके जीवन को लेकर किस बात से इतना डर था? व्यभिचारी स्त्री से! वह उसकी मीठी मीठी बातों (नीतिवचन 5:3), उसे छूने के असह्य दर्दनाक परिणामों (नीतिवचन 5:4-5) और वह कैसे बड़ी आसानी से कई पुरुषों को धोखा दे सकती है और बहका सकती है (नीतिवचन 5:6) इन सब बातों के बारे में जानता था।

व्यभिचार और परस्त्रीगमन ऐसा पाप है जिसके बारें में लोग अब ज्यादा पर्वा नहीं करते हैं। ये ऐसे पाप हैं जिन्हें टेलीविजन, फिल्मों, पुस्तकों, पत्रिकाओं और इंटरनेट पर बड़ी खूबसूरती से प्रस्तुत किया जाता है और लोगों के बीच इनकी पैरवी की जाती है। समाज के कई सितारे – चाहे वे राजनीतिक हों, फ़िल्मी सितारे हों या खेल जगत के सितारे हों – यौन रूप से पापी जीवन जीते हैं जिसे अधिकांश लोग अच्छा जीवन मानते हैं। लेकिन बाइबल व्यभिचार और परस्त्रीगमन की निंदा करती है, और बाइबल परमेश्वर की संतानों को यौन पवित्रता को बरक़रार रखने की मंत्रणा देती है (I कुरिंथ 6:12-20; 7:1-5; I थिस्सलुनीकियों 4:1-8; इब्रानियों 13:4)।

बिना विवाह के प्रासंगिक यौन सम्बन्ध केवल दो पापियों के मूर्खतापूर्ण विचारों में प्रासंगिक होता है। उसके बाद जो विपत्ति आती है वह यकीनन प्रासंगिक नहीं होती: वह दर्दनाक, स्थायी और जानलेवा होती है। अपना फैसला लें – आपको इस पाप के अनगिनत परिमाण भुगतने पड़ेंगे : ईर्ष्या, दंश, तलाक, इज्ज़त का मिट्टी में मिल जाना, प्रमेह, असुरक्षा, एचआईवी, एड्स, यौन रोग, प्रतिशोधी पिता या पति, एकतरफा प्रेमी का खतरा, क्रोधित पत्नी, कौमार्य को खो बैठना, अपराधबोध, अनचाही गर्भावस्था, शर्म, और ऐसी कई बुरी बातें।

इस नीतिवचन में दो खंडीय स्पष्ट सबक है। पहला, परमेश्वर और माता-पिता से मिलने वाली बुद्धि की शिक्षा आपको यौन पाप और दर्द से बचाने में मदद करती है। दूसरा, परमेश्वर और माता-पिता से मिलने वाली बुद्धि की शिक्षा आपको दूसरों को भी यौन पाप और उसके दर्द से बचाने में मदद करती है। क्या आपने इस विषय पर पर्याप्त शिक्षा पाई है ताकि आप खुद को इस पाप से बचाने सक्षम हो? क्या आपने इस विषय पर पर्याप्त शिक्षा पाई है ताकि आप दूसरों को भी इस पाप से बचा सकें? क्या आप बुद्धि से चलाए चलते हैं और दूसरों के लिए आपकी आवाज़ गूंजती है? आपका और दूसरों का भविष्य इस ज्ञान पर निर्भर करता है।

परमेश्वर ने मानवजाति को अद्भुत ज्ञान प्रकट किया है (व्यवस्थाविवरण 29:29)। उन वचनों को सुनना और उन्हें अपने जीवन में लागू करना आपका कर्तव्य है (भजन 119:11,128)। साथ ही, यह आपका कर्तव्य है कि आप उन वचनों को सुनें और दूसरों को सिखाएं कि वे भी उन पर चलें (नीतिवचन 22:17-21; याकूब 5:19-20)। इस पृथ्वी पर सत्य का निरंतर कायम रहना और परमेश्वर के बच्चों की समृद्धि और सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप स्वयं यौन सम्बन्ध के विषय में ज्ञान रखें और बच्चों और दूसरों को भी इसे संप्रेषित करते हैं ताकि उनकी रक्षा और समृद्धि हो।

यदि आप एक अभिभावक हैं, तो क्या आपने अपने बच्चों को सिखाया और चेतावनी दी है? क्या आप उनके जीवन की पर्याप्त निगरानी करते हैं ताकि उन्हें एक ऐसी पीढ़ी में यौन पापों से दूर रखा जा सके जिसके पास आज संचार और परिवहन के आसान माध्यम उपलब्ध हो चुके हैं? यदि आप एक पास्टर हैं, तो क्या आप इसके विरुद्ध प्रचार करते हैं, जैसा कि सुलैमान ने अपनी नीतिवचन की पुस्तक में किया? यदि आप एक चाचा या दादा-दादी हैं, तो आप भी अपने परिवार के लोगों को यौन पापों और उनके बाद होने वाले बुरे परिणामों से बचने में मदद करने के लिए एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

मैं हर एक पाठक से पूछना चाहता हूँ, क्या आपने माता-पिता, पादरी? सलाहकारों, और बाइबल की यौन शिक्षा और चेतावनियों को स्वीकार किया है? आज अधिकांश लोग यौन-शिक्षा नहीं देते हैं, लेकिन आप बाइबल में बहुतसी गंभीर चेतावनियाँ पा सकते हैं। क्या आप यौन प्रश्नों के लिए परमेश्वर के वचन में प्रकट उत्तर जानते हैं? क्या आप अपने विश्वास का कारण बताने के लिए तैयार हैं (नीतिवचन 22:17-21)? तैयार हो जाइए, क्योंकि आप निश्चित रूप से उन लोगों से मिलेंगे जो स्पष्ट, निश्चित, ईश्वर-प्रेरित और विश्वास दिलानेवाले उत्तरों को ढूंढ रहें हैं।

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