नीतिवचन 5:14
मैं सभा और मण्डली के बीच में प्राय: सब बुराइयों में जा पड़ा।
क्या आप पाखंडी हैं? परमेश्वर और राजा सुलैमान ने आपको इस सबसे बड़ी बुराई से दूर रखने के लिए एक चेतावनी भेजी है जिसका लेखा आपको न्याय के दिन देना होगा (सभो 12:13-14)। वे चाहते हैं कि जब आप चर्च जाएं तो यह सुअवसर आपकी आत्मिक उन्नति के लिए हो, न कि यह आप का एक और पाप बन जाए।
क्या आप यौनाचार के मामले में पाखंडी हैं? क्या आप यौन पापों का दोष अपने सिर पर लेकर या परमेश्वर ने प्रेम, विवाह और यौन सम्बन्ध के लिए जो व्यवस्था दीं है उस व्यवस्था के ख़िलाफ जाकर अपने मन में चर्च की किसी स्त्री के साथ यौन कल्पना करते हुए परमेश्वर की सार्वजनिक आराधना में भाग लेते हैं? यौनाचार करनेवाले पापी अपने ऐसे अपराध करने के लिए इस जीवन में और अगले जीवन में छाती पीट पीटकर रोएँगे।
पाखंडी! वे जो बाहर से आराधना करने का दिखावा करते हुए अन्दर पाप की कल्पना में डूबे रहते हैं। पाखंडी! वे जो गुप्त में पाप से प्रेम करते हैं और सार्वजनिक रूप से धर्म का सम्मान करते हैं। पाखंडी!वे जो होठों से आराधना के गीत गाते और प्रार्थना करते हैं, परन्तु हृदय में वासनाओं का स्वाद लेते हैं। पाखंडी! एक अपवित्र आत्मावाला मनुष्य जो एक पवित्र परमेश्वर का दर्शन करना चाहता है। पाखंडी! वह जो परमेश्वर को जानते हुए भी वे ही पाप करते रहता है जिनसे वह घृणा करता है। धार्मिक व्यभिचार की आत्मावालों की पीड़ा क्या ही भयानक होगी!
ठट्ठा करनेवालों! क्या आप परमेश्वर के घर में आते हैं, जहाँ उसकी महिमा की जाती है और उसकी प्रशंसा की जाती है, और जहाँ उसकी व्यवस्था को पढ़ा और समझाया जाता है, और फिर आप मन या शरीर से यौन पाप जारी रखते हैं? तुम मूर्ख और ठट्ठा करने वाले हो! आप अपनी पसंदीदा यौन कल्पनाओं और क्रियाकलापों का पोषण करने के लिए अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर और शिक्षकों का मज़ाक उड़ाते हैं। आपका यह पाप आपको पीड़ा देने के लिए वापस आएगा।
परमेश्वर ने नादाब और अबीहू को, यद्यपि वे उसके चुने हुए याजक थें, उसकी आराधना में अनजानी धूप का उपयोग करने के कारण जला दिया था (लैव्य 10:1-2)। जब परमेश्वर की वाचा का सन्दूक गाड़ी पर चढ़ाकर ले जाया जा रहा था और डगमगा गया और उज्जा ने उसे गिरने से बचाने अपने नेकनीयत इरादे से छू लिया तो परमेश्वर ने उसे वही मार गिराया (2 शमू 6:6-7)। परमेश्वर ने राजा उज्जिय्याह को कोढ़ी बना दिया क्योंकि उसे लगा कि वह याजक का कार्य कर सकता है (2 इति 26:16-21)। फिर भी आप गुप्त यौन पापों के साथ परमेश्वर की कलीसिया में जाते हैं!
इस अध्याय में सुलैमान ने अपने बेटे और बच्चों को व्यभिचार के पाप के बारे में चेतावनी दी (नीतिवचन 5:1-2,7)। किसी पराई औरत की सुन्दरता, और बाहरी मासूमियत एक मूर्ख को विनाश और दुख के दलदल में फँसा सकती है (नीतिवचन 5: 3; 5: 4-10)। जब पाप अपना काम कर चुका होता है, तो वह चेतावनियों को अस्वीकार करने की अपनी मूर्खता पर विश्वास नहीं कर पाता है (नीतिवचन 5:11-13)। नीतिवचन के इन शब्दों में कहें तो, वह अपने जीवन की सबसे बड़ी पीड़ाओं में से एक को मान लेता है – धार्मिक पाखंड!
उस स्थान पर जहां लोग अपनी आत्मा के विश्राम और शांति के लिए जाते हैं – चर्च, उसे वहाँ भय, अपराधबोध और शर्म प्रताड़ित करते हैं। क्योंकि वह जानता है कि परमेश्वर और पाप के प्रति उसकी नफरत उसके विवेक को झकझोर रही है, फिर भी वह अपने पाप की लत में गुलाम रहते हुए भी आराधना करने का दुस्साहस करता है (नीतिवचन 5:22)। आंतरिक संघर्ष बड़ा है – उसका नया मनुष्यत्व पुराने मनुष्यत्व के खिलाफ संघर्ष करता है- पवित्र आत्मा उसे उसकी शैतानी वासनापूर्ण विचारों के लिए उसे दोषी ठहराता है। मैं कैसा अभागा मनुष्य हूँ! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?
कभी-कभी ऐसा समय भी आता है जब पाप करनेवाला पवित्र विश्वासी कामना करता है कि काश उसे सत्य के मार्ग का ज्ञान न हुआ होता। सांसारिक मनवाले लोगों को ऐसी कोई पीड़ा कभी नहीं होती। वे परमेश्वर से दूर अपनी भटकी अवस्था में पाप करते हैं। उनकी अंतरात्मा इतनी आहत होती है कि वे बिल्कुल चुप रहते हैं। परन्तु पापी संत जानता है कि ऐसी असंवेदनशील अवस्था केवल नास्तिक की होती है, जो कि वह नहीं है, चाहे वह कितनी भी कोशिश कर ले। पाखंडी के लिए धर्मी की प्रशंसा सुनना, विश्वासियों का आनन्द देखना, और बाइबल-पठन करना पीड़ादायक बातें है। यह एक धार्मिक पाखंडी की व्यथा है!
इसकी शुरुआत कैसे हुई? एक छोटे से आकर्षक पाप के साथ खेलने से! उसने उस परीक्षा के सामने जो पुरुष के लिए सबसे आकर्षक होती है – एक पराई स्त्री – घुटने टेक दियें। वह उसकी मीठी मीठी बातों में फंस गया (नीतिवचन 5:3)। फिर उसकी अभिलाषाओं को यह विचार आया कि उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध की पेशकश को स्वीकार करने में बड़ा मज़ा आएगा (याकूब 1:14-15)। लेकिन जब उसने अपनी आत्मा को व्यभिचार के उस घृणित कृत्य से घायल कर लिया, मज़े का वह ख़याल जितनी तेजी से आया था, वह उतनी ही तेजी से लुप्त भी हो गया। अब उसकी अंतरात्मा को अपराधबोध ने कचोट लिया है!
वह अपने पाप के लिए परमेश्वर को क्या बहाना देगा? और कैसे! उसे अपने जीवन में एक ऐसे चर्च जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था जहाँ सत्य की शिक्षा दी जाती है और यौन शुद्धता और वफ़ादारी के साथ साथ सद्गुणों को बढ़ावा दिया जाता है। लेकिन इस धन्य विशेषाधिकार के बावजूद, उसने अपना प्रिय यौनपाप कर लिया और उसमें शामिल हुआ। अब उसकी अंतरात्मा उसका पीछा करती है और उसे यातना देती है – उसे अनगिनत चेतावनियों की याद दिलाती है जिन्हें उसने अनदेखा किया और ठट्ठा उड़ाया। जल्द ही उसे सब के भयावह न्यायाधीश के सामने खड़े होकर अपनी मूर्खता का स्पष्टीकरण देना होगा।
पाठक, सबसे अधिक अपने मन की रक्षा करें (नीतिवचन 4:23)। परमेश्वर को पाखंड से नफरत है। वह चाहता है कि आप अपने पूरे मन से उससे प्रेम रखें। अगर आपका मन पहले उसका नहीं है, तो उसे आपके होठों की स्तुति की कोई परवाह नहीं है। यदि आप पाप के बारे में रूचि के साथ सोचते हैं तो उसे आपकी उपस्थिति की कोई परवाह नहीं है। जो पुरुष व्यभिचार से भरी आंखों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रार्थना करते हैं, वह नरक के अंधेरे में डाले जाने के लिए ठहराया जाता है (2 पतरस 2:13-19)। परमेश्वर टूटे और पिसे हुए हृदय का बलिदान चाहता है (भजन 51:17)। अपने पापों को त्याग दो!
सार्वजनिक या निजी तौर पर धर्म के प्रति कोई भी गुनगुना रवैया परमेश्वर की दृष्टि में घृणास्पद है। आप गुनगुने रहें इसकी अपेक्षा वह चाहेगा कि आप ठन्डे हो जाए (प्रकाशितवाक्य 3:14-15)। क्योंकि आप गुनगुने हैं इस कारण यीशु मसीह आपको अपने मुंह से उगल देगा (प्रकाशितवाक्य 3:16)। उसने इफिसुस की कलीसिया को फटकारा कि उसने अपना पहला-सा प्रेम खो दिया था (प्रकाशितवाक्य 2:1-5)। अपने गुनगुने मन से बैर रखें। अपनी स्व-धार्मिकता से नफरत करें, ताकि आप किसी भी यौन पाप के लिए दोषी न ठहराएं जाएं। जब आप खुद ही पापी हों तो दूसरों का तिरस्कार न करें।
परमेश्वर की सभाओं में जाएं ताकि आप अपने जीवन के पापों छुटकारा पाने के लिए उसके वचन को मन की दीनता से सुन सकें (याकूब 1:21-25)। सुधार प्राप्त करने के लिए परमेश्वर के घर जाएँ (भजन 63:1-2; 73:16-22)। यदि आपका पास्टर पवित्रशास्त्र से स्पष्ट रूप से और शक्तिशाली रूप से पाप की निंदा नहीं करता है, तो आपको एक नए पास्टर या चर्च की आवश्यकता है (यशायाह 58:1; यिर्मयाह 23:28-29; मत्ती 5:19-20; 2 तीमु 4:3-4)। बोझिल मन से न जाएं। तैयारी करें। प्रार्थना करें। सब के साथ भाग लें। आपको उस प्रत्येक सभा का परमेश्वर को लेखा देना होगा जिसमें आपको भाग लेने का सौभाग्य मिला है।
खुद को धर्मी समझनेवाली स्त्री! क्या आप इस चेतावनी को पढ़ती है तो क्या आप ऐसे मूर्ख लोगों का तिरस्कार करती हैं और उनके पाप के कष्टदायक परिणामों पर खुशी मनाती हैं? आपकी दुष्टता तो और भी बुरी है, क्योंकि आप में ज़मीर नहीं है, और आप के सुधरने की कोई खास आशा नहीं है। आप पहले ही अपने दुष्ट मन और बेवकूफ दिमाग की आत्म-चापलूसी के धोखे और घमंड में डूब चुकी हैं। यदि आप ज़रा सी भी अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को सुन पाती हैं, तो इसके पहले कि वह आवाज़ बंद हो अपनी अहंकारी आत्म-धार्मिकता से पश्चाताप कर लें।
एकपत्नी पुरुष और विश्वासयोग्य पत्नी! ऐसा मत सोचो कि तुम इस चेतावनी से बच गये हो। पाखंड किसी भी पाप से हो सकता है – और परमेश्वर की दृष्टि में सब पाप एक जैसे हैं। अपने जीवनसाथी की उपेक्षा करना या उसे धोखा देना व्यभिचार के समान पाप है। आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमांचक यौन सम्बन्ध करने के लिए एक-दूसरे के कर्ज़दार हैं, जब वह चाहे तब, जहाँ चाहे वहां, और जैसा वह चाहे वैसा (1 कुरिन्थ 7:1-5; नीतिवचन 5:19)। चुगली करना और किसी की उसकी पीठ पीछे बुराई करना हत्या का ही एक स्वरुप है। याकूब ने चेतावनी दी कि परमेश्वर के सामने एक भी पाप पूरी व्यवस्था का उल्लंघन है (याकूब 2:10)। कोई भी पाखंड एक भयानक पाप है।
इस नीतिवचन ने युवाओं को सावधान कर दिया है। आप अगर व्यभिचारी औरतों के साथ फ्लर्ट करते हैं, चाहे चित्रों के ज़रिए हो, शब्दों से हो, हरकतों से हो या विचारों से, तो आपको इस भयानक पीड़ा और अंतरात्मा की पीड़ा का सामना करना पड़ेगा। उनसे दूर हो जाओ! पराई स्त्री से बड़ी कोई परीक्षा नहीं है, और वह आपको मृत्यु और नरक में ले जाएगी (नीतिवचन 2:18; 5:5; 7:27; 9:18)।
परन्तु, परमेश्वर पश्चाताप करने वालों पर अनुग्रह करता है (2 शमू 12:13; मत्ती 21:31-32)। प्रभु यीशु मसीह, जो ख्रिश्चन धर्म का प्रेरित और एकमात्र महायाजक है, स्वर्ग पर महामहिमन् के सिंहासन के दाहिने जा बैठा है (इब्रानियों 3:1; 8:1)। अन्य मनुष्यों के समान ही उसकी भी सब प्रकार के पाप को लेकर परीक्षा हुई (इब्रानियों 2:17-18; 4:15-16; 5:1-6), लेकिन उसने कभी पाप नहीं किया। वह आपके लिए परमेश्वर से प्रार्थना कर सकता है और करेगा।
पाखंडी, क्या तुमने सीखा है कि पश्चाताप करना कठिन है? क्या आपने सीखा है कि आप यौन लत के बंधन को नहीं तोड़ सकते (नीतिवचन 5:22-23)? अगर केवल परमेश्वर आपको पश्चाताप का दान दे तो ही आपको शैतान से बचाया जा सकता है (2 तीमु 2:25-26)। आप क्या कर सकते हैं? अपनी अभिलाषाओं से भागो (नीतिवचन 5:8; 2 तीमु 2:22)! मसीह के पास दौड़ते हुए आये (लूका 7:36-50)! परमेश्वर से दया की भीख माँगें (लूका 18:9-14)! वह तुम्हें क्षमा कर सकता है और करेगा; वह आपकी मदद कर सकता है और करेगा; वह आपको समृद्ध कर सकता है और करेगा!
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