नीतिवचन 4:7
बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए।
इस नीतिवचन में नीतिवचन के पुस्तक की कुंजी है। इस पद में जीवन की कुंजी है। ये राजा दाऊद के शब्द हैं जो अपने पुत्र सुलेमान के लिए कहे गए थे (नीति 4:1-9)। वे नीतिवचन की पुस्तक का उद्देश्य स्पष्ट करते हैं। वे आपके जीवन के सबसे बड़े लक्ष्य का वर्णन करते हैं – बुद्धि और समझ प्राप्त करने का महत्व।
अधिकतर मनुष्य सब प्रकार की दूसरी चीजों का पीछा करते हुए भटक जाते हैं। यह मनुष्य की मूर्खता और संघर्ष है कि बुद्धि पाने के मार्ग में कोर्इ दूसरी महत्वाकांक्षा कभी भी प्रतिस्पर्धा करने लगती है। यह आपका दायित्व और विशेषाधिकार है कि आप बुद्धि पाने के अद्भुत अवसर पर विचार करें और अपनी पूरी सामर्थ के साथ इसे खोजें।
बुद्धि प्रमुख बात है – जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज! बुद्धि क्या है? यह सही-सही परख करने की ताकत है – किसी भी परिस्थिति के लिए उचित समाधान चुनने की योग्यता है। यह जीवनपर्यंत परमेश्वर और मनुष्यों को प्रसन्न करने के लिए किस प्रकार सोचना, बोलना, और कार्य करना आदि बातों का ज्ञान है।
बुद्धि जयवंत जीवन का आधार है। बुद्धि के बिना मनुष्य ऐसे चुनाव करते हैं जो दर्द, कंगाली, परेशानी, और यहां तक कि मृत्यु भी लेकर आते हैं। अगर बुद्धि हो तो मनुष्य ऐसे चुनाव करते हैं जो उनके लिए स्वास्थ्य, शांति, समृद्धि, सफलता, और जीवन लेकर आते हैं। आपका भविष्य आपकी बुद्धि के स्तर पर निर्भर करता है।
समझ बुद्धि से जुड़ी है, और यह एक महत्वपूर्ण लक्ष्य भी है। समझ विवेक की ताकत है – ताकि आंखों के आगे जो दिख पड़ता है उसको तथा किसी चीज के वास्तविक दोषों या गुणों को पहचान सकें। यह किसी मामले या परिस्थिति को समझने और उसका सही आकलन करने की योग्यता है।
समझ के बिना, मनुष्य आसानी से धोखा खा जाते हैं और भटक जाते हैं। इसके बिना, मनुष्य भ्रांत और विकल रहते हैं। इसके साथ, मनुष्य यह देख पाते हैं कि दूसरे किस बात में चूक रहे हैं, और वे मूर्खता एवं ललचाने वाले पापों के जाल और फंदों से बच सकते हैं। अगर बुद्धि हो तो जीवन की कठिनार्इयां काफी आसान हो जाती हैं।
यहाँ सफलता का मार्ग है। आप इस सिद्धांत का क्या उपयोग करेंगे? अगर आप बुद्धि की उपेक्षा करते हैं, तो अपने व अपने परिवार के ऊपर दर्द और परेशानी लेकर आएंगे। यदि आप बुद्धि और समझ पाने को अपनी प्राथमिकता बना लेते हैं, तब फिर आप सुखद समृद्धि का आनंद लेगें। बुद्धि प्राप्त करने से जीवन और परमेश्वर का अनुग्रह मिलता है; इसकी उपेक्षा करना आपकी अपनी आत्मा को हानि और मृत्यु का कारण बनता है (नीति 8:35-36)
विश्व में शिक्षा के ऊपर खरबों खर्च किए जाते हैं, किंतु बुद्धि और समझ की उपेक्षा की जाती है। माता-पिता बच्चों को ‘‘शिक्षा दिलाने के लिए’’ त्याग करते हैं मानो यही सबसे महान मानवीय लक्ष्य है। वे यह नहीं समझते हैं कि बिना बुद्धि और समझ के सीखना खतरनाक है, क्योंकि यह ज्ञान में झूठा आत्मविश्वास पैदा करता हैं। एक शिक्षित मूर्ख एक अज्ञानी मूर्ख से भी बदतर है (नीति 26:12)।
यह बहुत कम मायने रखता है कि बोलीविया की खोज किसने की, या फिर इसे खोजा भी गया था या नहीं। जब तक आप नासा के लिए कार्य नहीं करते हैं, कैलकुलस का बहुत कम उपयोग होता है, यद्यपि, यह लोअर ग्रेड पार्इंट औसत से छुटकारा अवश्य देता है। वास्तविक दुनिया में आप जिन तथ्यों का कभी भी उपयोग नहीं करेंगे, वे अब तक बेचे गए सबसे बड़े झांसों में से एक हैं। पौलुस ने अधिक सीखने के लिए चेतावनी दी है कि यह कभी भी सत्य या बुद्धि की ओर नहीं ले जाता (2 तीमु 3:6-7)।
बुद्धि प्रमुख चीज है, परंतु यह किसी भी श्रेणी, या किसी भी राज्य या किसी भी देश के कार्यक्षेत्र और अनुक्रम के दायरे से बाहर है। अमेरिका में स्नातक डिग्री के लिए 17 वर्ष की औपचारिक शिक्षा अनिवार्य है, लेकिन बुद्धि का कोर्इ मूल्यांकन किए बिना डिग्री प्रदान की जाती है। नौकरी के लिए प्रस्तुत किए गए आवेदन में औपचारिक रूप से शिक्षा और व्यावसायिक अनुभव का वर्णन किया जाता है, किंतु बुद्धि के लिए एक पंक्ति नहीं लिखी होती है।
बुद्धि और समझ के लिए परमेश्वर को जानना और उसका भय मानना आवश्यक है (नीति 1:7; 9:10; अय्यूब 28:28; भजन 111:10)। आप बाइबल के यहोवा – सच्चे सृष्टिकर्ता परमेश्वर से डरे और प्रेम किए बिना बुद्धिमान होना भी आरंभ नहीं कर सकते हैं। किंतु इन अत्यावश्यक परमाधिकार वाली बातों और उनके स्त्रोत दस्तावेज को अमेरिका और दूसरे राष्ट्रों के ‘‘उच्च शिक्षा’’ संस्थानों में प्रतिबंधित किया जाता है और उनका मखौल उड़ाया जाता है।
शिक्षक किस उच्च शिक्षा के विषय में बात कर रहे हैं? अप्रासंगिक तथ्य और विक्षिप्त तर्क! सही संदर्भ रहित और एक बिना उपयोगी उद्देश्य वाले तथ्य अप्रासंगिक और ध्यान भटकाने वाले होते हैं। ठीक-ठीक प्रथम कारक और नैतिक निरपेक्षता के बिना तर्क करना मतिभ्रम है। इन शिक्षकों को, हैंस क्रिश्चियन ऐंडरसन रचित दि एम्परर्रस न्यू क्लोथ्स पढ़ने की आवश्यकता है।
इन तथाकथित प्रबुद्ध राष्ट्रों के मुख्य लक्ष्य कौन से हैं? देह-विलासिता! जो यूनानियों के एपिक्यूरी पागलपन से बेहतर नहीं है (प्रेरितों के कार्य 17:16-34) पैसा! जो समस्त बुरार्इयों की जड़ है और मनुष्य को विनाश के समुद्र में डूबो देता है (1 तिमोथी 6:6-10) स्वास्थ्य! जो बिल्कुल व्यर्थ है, अगर आपके मजबूत और लंबे जीवन का उपयोग आपके बेकार जीवन की अवधि बढ़ाने के लिए किया जा रहा हो (नीति 13:15)।
पालक! आप अपने बच्चों के साथ और उनके लिए क्या करते हैं? क्या आप उन्हें सही निर्णय और उचित विवेक की ताकत के बारे में सिखाते हैं? क्या स्वयं आपके पास ये योग्ताएं हैं? या क्या आप सोचते हैं कि आप एक बड़े अच्छे पालक हैं क्योंकि आप दिन में तीन बार बच्चों को भोजन प्रदान करते हैं, कुछ घंटे टी वी देखना प्रतिबंधित करते हैं और स्कूल के बाद फुटबॉल अभ्यास से उन्हें लेने जाते हैं? जीवन और भी बहुत कुछ है।
पालक! बुद्धि बाइबल में पायी जाती है, और इसके विपरीत कोर्इ भी विचार अंधकारपूर्ण अज्ञानता है (भजन 119:128; यशा 8:20; 1 तिमोथी 6:3-5, 20)। आपको बाइबल से ज्ञान सीखना होगा, और आपको अपने बच्चों को अवश्य इसे सिखाना होगा (व्यवस्था 6:4-9; इफि 6:4; 2 तीमुथि 3:15)। प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका ऐसा नहीं करेगी। अधिकतम पास्टर्स और चर्च आज भी ऐसा नहीं करते हैं।
पालक! बुद्धि बाइबल-विश्वदर्शन है। मनुष्य शून्यवाद, प्रकृतिवाद, मानवतावाद, सर्वेश्वरवाद, इत्यादि के नशे में चूर है। आपके बच्चों को एक सृष्टिकर्ता परमेश्वर की प्रतीति करना आवश्यक है, जिसने बाइबल में पूर्ण सत्य को प्रकट किया, जो प्रत्येक भाग में सिद्ध है, और यीशु मसीह, शैतान, मनुष्य का आरंभ और भविष्य, अनंत दंड, और जीने के लिए नियम जैसे तथ्य समाहित हैं।
पालक! बुद्धि की तुलना मूर्खता से करने पर इसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जैसा कि सुलेमान के कर्इ नीतिवचन ऐसा करते हैं। इस भ्रांत और भ्रष्ट संसार में मनुष्य की मूर्खता को पहचानने और बुद्धिमय उत्तर – सीधे परमेश्वर के वचन से दिखाने के आपके पास दैनिक अवसर हैं। धर्मी का यह धन्य सौभाग्य है कि वह मूर्खों की अज्ञानता की हंसी उड़ाए और उपहास करे।
पालक! परमेश्वर ने आपको साधनविहीन नहीं छोड़ा। उसने आपको छियासठ पुस्तकों का प्रेरित पुस्तकालय दिया जो बुद्धि और समझ के संपूर्ण क्षेत्र को समाए हुए है। उसने दाऊद और सुलेमान को प्रेरणा दी कि वे आपके लिए नीतिवचन प्रस्तुत करें। प्रत्येक बच्चे को नीतिवचन की पुस्तक से सीखना आवश्यक है। उसने पास्टर्स और शिक्षकों को भी आपको सिखाने के लिए वरदान दिया है और अभिषिक्त किया है।
बुद्धि आपके विचारों को अस्वीकार करने के लिए (नीति 3:5; 17:16; 18:2) प्रतिबद्ध रहती है (नीति 18:1)। यह एक अंशकालिक खोज नहीं हो सकती है, क्योंकि इसके लिए सावधानीपूर्ण परिश्रम की आवश्यकता होती है जो एक छिपे हुए खजाने की खोज के लिए आवश्यक होता है (नीति 2:1-9)। इस खोज के लिए आपको अपना समय निकालना आवश्यक है (इफि 5:15-17)। फिर भी यह उनके लिए आसान है जो इसे प्रेम करते हैं और विनम्र तत्परता के साथ इसे खोजते हैं (नीति 8:17; 14:6)।
परमेश्वर अपनी संतानों को उनके जीवन को सरल बनाने के लिए आशीषित करे – अनावश्यक शोर और भटकाव से छुटकारा पाने के लिए – बुद्धि और समझ – जैसी प्रमुख चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सके। यह संसार और शैतान आपको तुच्छ और व्यर्थ की खोजों से विचलित न होने दे। जैसा कि पौलुस ने चिताया था, आज के तथाकथित मसीहियों की भीड़ के साथ मत जुड़िए क्योंकि वे सत्य से दंतकथाओं की ओर मुड़ जाते हैं (2 तिमोथी 4:3-4)।
यीशु बुद्धि में और परमेश्वर और मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ता गया (लूका 2:52), आपके और आपके परिवार के लिए ये सिद्ध लक्ष्य हैं। उसी में बुद्धि और ज्ञान के सारे भंडार छिपे हुए हैं (कुलु 2:3)। परमेश्वर ने अपने चुने हुओं को मसीह यीशु में रखा और उसे उनके लिए बुद्धि, धार्मिकता, पवित्रता और छुटकारा ठहराया (1 कुरूं 1:30)। सबसे बड़ी बुद्धिमानी है इस पर विश्वास करना और इसके समान जीना।
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