नीतिवचन 30:6

उसके वचनों में कुछ मत बढ़ा, ऐसा न हो कि वह तुझे डाँटे और तू झूठा ठहरे।

बाइबल सब धार्मिकता, बुद्धि और सत्य की शिक्षा के लिए पूर्ण रूप से पर्याप्त है (2 तीमुथियुस 3:16-17; 2 पतरस 1:19-21)। अब और नए प्रकाशन, मानवीय तर्क-वितर्क या धार्मिक परंपरा की कोई आवश्यकता नहीं है (1 तीमुथियुस 6:3-5,20-21)। परमेश्वर-प्रेरित वचनों में अपने विचारों को जोड़ना केवल अहंकार और मूर्खता है (व्यवस्थाविवरण 4:2; 12:32; मत्ती 28:20)। चूँकि उसने अपने वचन को अपने नाम से भी ऊपर महान किया है, इसलिए उसके वचन में किसी भी प्रकार की घिनौनी बात को जोड़ा जाना वह हल्के में नहीं लेगा (भजन 138:2)। वह उन मनुष्यों को कड़ी सज़ा देगा जो उसके शुद्ध वचनों में अपने झूठे विचारों को जोड़ते हैं (नीतिवचन 30:5; प्रक 22:18)।

बुद्धिमान आगूर ने अपने दो शिष्यों, इथीएल और उकल को अभी-अभी सिखाया कि परमेश्वर का प्रत्येक वचन शुद्ध है (नीतिवचन 30:1,5)। हालाँकि उसने अपनी निर्बुद्धि अज्ञानता को मान लिया, उसने स्वयं परमेश्वर की महिमा और उसकी बुद्धि को ऊँचा उठाया (नीतिवचन 30:2-4)। वह जानता था कि परमेश्वर ने पवित्र शास्त्र, बाइबल (व्यवस्थाविवरण 29:29; भजन 19:7-11) में मनुष्यों के पुत्रों को दिव्य बुद्धि प्रकट की है। इसलिए, वह इस बात पर अड़ा रहता है कि इथीएल और उकल शास्त्र के बाहर न सोचें, बल्कि बाइबल के लेखक, स्वर्ग और पृथ्वी के सृष्टिकर्ता परमेश्वर के प्रति श्रद्धापूर्ण भय के साथ समर्पित हों जाएँ (यशायाह 66:2,5)।

बाइबल को छोड़ इस दुनिया कोई श्रेष्ठ विचारधारा या विश्व-दृष्टिकोण नहीं है। मानव विचारधारा को ठोकर मारें! मनुष्य के सभी विचार व्यर्थ हैं (1 कुरिं. 1:19-20; 3:19-20)। सब! आधुनिक मनुष्य की विचारधाराएं तो और भी अधिक मूर्खतापूर्ण और बिना किसी लाभ की हैं। जब परमेश्वर ने कहा है, तो हर मुद्दा, विवाद और प्रश्न सुलझ जाता है (भजन 119:128; यशायाह 30:8)। परमेश्वर सच्चा, और हर एक मनुष्य झूठा ठहरे (रोमियों 3:4)। विज्ञान या शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में प्रगति सिर्फ़ मूर्खों की समृद्धि है (नीतिवचन 1:32; व्यवस्थाविवरण 32:15; भजन 69:22; 92:7; 1 तीमुथियुस 6:20-21)। यह मनुष्यों पर परमेश्वर का उन्हें अंधा कर देनेवाला न्याय है क्योंकि वे अज्ञानता और भ्रष्टता के नैतिक दलदल में और भी अधिक डूबते जा रहे हैं। यदि आप मूर्खता की बदबू सूंघ सकते हैं, तो यह दुनिया जीने के लिए कोई बेहतर जगह नहीं है।

लेकिन बाइबल के वचनों को बिगाड़नेवाले भ्रष्ट लंबे समय से मौजूद रहें हैं (2 कुरिं 2:17)। वे शुरू से ही शास्त्रों में कुछ जोड़ते और कुछ घटाते आयें हैं, जब शैतान ने हव्वा को दिए गए परमेश्वर के वचनों को बदलकर मानव-वंश पर विजय प्राप्त करना शुरू किया (उत्पत्ति 3:1-6)। और वे आज पहले से भी बदतर हो गएँ हैं, जैसा कि पौलुस ने तीमुथियुस को चेतावनी दी थी (1 तीमुथियुस 4:1-3; 2 तीमुथियुस 3:13)। आज की विस्तारित शिक्षा और सूचनाक्रांति का विस्फोट इनके माध्यम से, मानव शिक्षा ज्यामितीय रूप से विस्तारित हो रही है, लेकिन परमेश्वर के सत्य से रहित (2 तीमुथियुस 3:6-7)। आज मनुष्य 500 साल पहले की तुलना में अधिक अँधा हो गया है।

बाइबल के वचन में जोड़ी गई कुछ ऐसी बातों पर विचार करें जिन्हें परमेश्वर ने झूठ कहकर धिक्कारा है और धिक्कारेगा। मदर चर्च की अवधारणा तथाकथित चर्च के पिताओं की भ्रमित और विरोधाभासी राय जोड़ती है। सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट एलेन हार्मन के दर्शन को जोड़ता है। मॉर्मन पंथ जोसेफ स्मिथ की साहित्यिक चोरी वाली कल्पनाएँ जोड़ता है। यहोवा के साक्षी नामक पंथ झूठे चार्ल्स रसेल की असफल भविष्यवाणियाँ जोड़ता है। करिश्माई लोग बेनी हिन के वचन-विश्वास भ्रम को जोड़ते हैं। प्रीमिलिनिस्ट हैल लिंडसे और टिम लाहे की भविष्यवादी अटकलें जोड़ते हैं। और समकालीन ईसाई जेम्स डॉब्सन की मनोवैज्ञानिक बकवास और जोएल ओस्टीन के समृद्धि-सुसमाचार को जोड़ते हैं। इन सब ने परमेश्वर के परिपूर्ण वचनों में जोड़ा है।

चारों ओर देखो! मनुष्यों ने परमेश्वर के वचनों में नाना प्रकार के पाखंड जोड़े हैं। मैरी के उड़ते हुए घर, वेरोनिका का तौलिया, पोप पर मछली की टोपी, शुक्रवार को मांस न खाना, ब्रह्मचर्य की शपथ, पादरियों को “पिता” कहना, स्वर्ग में मरियम की मध्यस्थी, धन के द्वारा शुद्धिकरण, शिशु बपतिस्मा, पृथ्वी पर सबसे भव्य सिंहासन, चरम संस्कार, मोमबत्ती की बिक्री, मरियम का यूसुफ से अछूत रहना, कार्डिनल नामक चर्च कार्य, फ़ादर के सामने पापों की स्वीकारोक्ति, मरियम की पापरहित पूर्णता, लेंट के दौरान चालीस दिनों का उपवास, लैटिन भाषा के प्रति श्रद्धा और ननों की आदतें। और ये सब रोमन कैथोलिक चर्च के कुछ अतिरिक्त तत्व हैं जिन्हें उसने परमेश्वर के वचन में जोड़ा है!

सुनो! मनुष्य ने परमेश्वर के वचनों में समलैंगिक विवाह, चमक-धमक से सजी आराधना, महिला प्रचारक, ईसाई झंडा, स्वीकार्य जीवनशैली के रूप में समलैंगिकता, किसी भी मामूली कारण से तलाक, हैलोवीन पार्टियाँ, नारीवाद, अनादर करते बच्चे, सार्वजनिक आराधना में रॉक एंड रोल वाद्ययंत्र, ईस्टर अंडे की खोज, व्यायामशालाएँ, ईसाई रैप, पानी के छिड़काव द्वारा बपतिस्मा, साधक संवेदनशील समझौता, बिना विवाह के लिव-इन-रिलेशन, इस्टर को सूर्योदय आराधना, बच्चों की शिक्षा के लिए समय-सीमा, लिंग-तटस्थ बाइबल संस्करण और भजन, क्रिसमस नाटक, और कई और आविष्कार जोड़े हैं।

यह नीतिवचन बुद्धि और ज्ञान सिखाता है। परमेश्वर ने अपने वचन में बुद्धि, ज्ञान और समझ प्रकट की है, और वह इसे उन लोगों को देता है जो खुद इसे पढ़ेते हैं या उसके द्वारा नियुक्त किसी प्रचारक से सुनते हैं। आप इसके साथ क्या करेंगे? या आप अपने स्वयं के विचारों को पसंद करते हैं? क्या आप ऐसे चर्च में जाते हैं जो परमेश्वर के वचनों में कुछ जोड़ता है? आपको चेतावनी दी गई है। वह आपको अपने वचनों में कुछ जोड़ने के लिए फटकार लगाएगा और झूठा साबित करेगा। आज ही उसके वचनों के सामने खुद को विनम्र करें!

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