नीतिवचन 3:24

जब तू लेटेगा, तब भय न खाएगा, जब तू लेटेगा, तब सुख की नींद आएगी।

इस दुनिया में नींद की सभी समस्याओं का कारण अनिद्रा, स्लीप एपनिया का रोग या अन्य शारीरिक बीमारियों नहीं हैं। नींद की कुछ समस्याओं के कारण आध्यात्मिक हैं। परमेश्वर चाहता है कि उसके प्रिय बच्चे अच्छी नींद लें, और यदि वे उस पर भरोसा रखेंगे, तो उन्हें पूर्ण शांति से भरी अच्छी नींद आ सकती है (भजन 127:1-2; 26:3-4)।

सुलैमान ने अपने बेटे से कहा कि वह यह जानते हुए खरी बुद्धि और विवेक की रक्षा करे कि उनसे मनुष्यों को कई लाभ प्राप्त होते हैं (नीतिवचन 3:21-23)। मीठी और शांतिपूर्ण नींद, जो भय और अपराध से मुक्त होती है, उन लोगों के लिए एक अनमोल वरदान है जो परमेश्वर का भय मानते हैं (नीतिवचन 3:25-26)। इस नीतिवचन के सबक को अपनी नींद की गोली बना लें।

बुद्धि के अनेक कल्याणकारी फल हैं। बुद्धि आपको भरपूर आनंद और शांति का जीवन देगी (नीतिवचन 3:22), आपके चरित्र और प्रतिष्ठा की शोभा के ऐसे चार चाँद लगाएगी जैसे सोने का हार गले की शोभा बढ़ाता है (नीतिवचन 3:22), और आपको जीवन में उन चीजों से ठोकर खाने या गिरने से बचाएगी जिनसे बहुतेरे ठोकर खाकर गिर जाते हैं (नीतिवचन 3:23)। बुद्धि हमारे दिनभर के कामों के लिए एक बहुमूल्य चीज तो है ही, परन्तु रात के लिए भी वह एक मूल्यवान चीज है (नीतिवचन 3:24; 6:20-23)।

नींद की समस्या का कारण क्या है? अपराधबोध! नींद न आने का एक कारण पकड़े जाने का डर या पकड़े जाने की शर्म भी है जो दिन-रात आपका पीछा करता है, खासकर रात में। आपका दिमाग रात में सभी प्रकार के दुर्बल करने वाले परिदृश्यों की कल्पना करने के लिए स्वतंत्र होता है, आमतौर पर वास्तविकता से भी बदतर (नीतिवचन 28:1)। बुद्धि, जो सही को जानना और वही करने का सद्गुण है, आपको परमेश्वर या मनुष्यों के विरुद्ध पाप करने से रोककर आपको अपराध बोध से बचाने में सक्षम है। आप चैन की नींद सो सकते हैं।

नींद की समस्या के कौन कौन-से कारण हैं? डर! यदि आप मूर्ख हैं और आपने कोई बेवकूफ़ी से भरा काम किया है, तो आप जानते हैं कि इसके परिणाम दर्दनाक होनेवाले हैं (नीतिवचन 6:1-5)। चाहे आप खुद को बचाने में कितने ही स्मार्ट या चालाक क्यों न हों, आप जानते हैं कि सज़ा तो आपको मिलके ही रहेगी। यदि आपने व्यभिचार किया है, तो आप को अपनी प्रेमिका के पति या अपनी पत्नी का डर है कि कही आपका पता न लग जाए। यदि आपने किसी ऐसी कंपनी में में निवेश किया है जो घोटालेबाज़ है, तो आपको अपना पैसा खोने का डर है। बुद्धि आपको ऐसे ही मूर्खतापूर्ण फैसलों से बचाकर आश्वस्त नींद दे सकती है।

नींद की समस्या के कौन कौन-से कारण हैं? परमेश्वर के न्याय का डर! यदि आपने पाप किया है, तो आप जानते हैं कि परमेश्वर आपसे क्रोधित है और वह आपके पाप के लिए आपको किसी भी वक़्त दंड देगा, और गंभीर दंड देगा (भजन 32:3-5)। उसके दण्ड का डर खासकर रात में बढ़ जाता है, क्योंकि आपको लगने लगता है कि आपके बिस्तर के चारों ओर अदृश्य घातक छिपकर बैठा हो सकता है। ऐसे में अगर आसमान में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ अचानक कोई तूफ़ान आ जाए तो यह परमेश्वर के भय को और भी अधिक बढ़ा देता है। बुद्धि आपको निष्कलंक और धर्मी बनाए रखती है, और आपको परमेश्वर के न्याय या दण्ड का कोई डर नहीं रहता।

नींद की समस्या के कौन कौन-से कारण हैं? वैश्विक महामारी का भय! कई लोग बर्ड फ़्लू से लेकर सुनामी तक, कोरोना से लेकर आधार कार्ड से पहचान और बैंक डिटेल्स की चोरी तक, आर्थिक मंदी से लेकर युद्ध तक हर चीज़ को लेकर भय से कांपते हैं। परन्तु जो परमेश्वर की संतान है वह चैन की नींद सोता है। वह जानता है कि उसका परमेश्वर कभी नहीं सोता, कि उसका परमेश्वर हर गौरैया की रक्षा करता है, कि इस पृथी पर दहशत के साथ गरजकर गिरनेवाली हर बिजली को उसका परमेश्वर ही भेजता है (लैव्य 26:6; अय्यूब 37:3; 38:35; भजन 29:7; 121:4-7; मत्ती 10: 29-31)। ऐसा ज्ञान और बुद्धि इतने मूल्यवान हैं कि अगर ये आपके पास हो तो आप तूफ़ानी रात को भी आराम और चैन की नींद सो पाएंगे।

जब परमेश्वर आपके ओर हो, तो आप कभी भी, और कहीं पर भी शान्ति से सो सकते हैं (भजन 3:5; 4:8; यशा 26:3-4)। यदि प्रभु का दूत आपके साथ डेरा डाले हुए हो, तो रात में बुरे बुरे सपने आने या भय का कोई कारण नहीं है (भजन 34:7)। जब हेरोदेस राजा ने पतरस को पकड़कर बंदीगृह में डाला कि फसह के बाद उसे लोगों के सामने लाकर दण्ड का फ़रमान दे तो बन्दीगृह में बन्द पतरस इतनी चैन की नींद सो रहा था कि प्रभु के एक स्वर्गदूत को उसकी पसली पर हाथ मार के उसे जगाना पड़ा (प्रेरितों 12:1-7)। पौलुस और सीलास आधी रात को फिलिप्पी की कालकोठरी में गाना गा रहे थें (प्रेरितों 16:19-25)। और एक घटना के दौरान पौलुस एक ऐसे भयानक तूफ़ान में जिसके बाद सूरज दो सप्ताह तक दिखाई न दिया, बड़े आनंद से खाना खा रहा था (प्रेरितों 27:12-37)।

लेकिन यह स्थिति और बेहतर और आसान हो जाती है! अगर परमेश्वर के साथ है, तो आप अपने आप को उचित परिश्रम तक सीमित कर सकते हैं, चाहे कार्य कितना भी कठिन या डराने वाली स्थिति क्यों न हो, और चैन की नींद सोने अपने बिस्तर पर जा सकते हैं। बाकी काम वह कर लेगा। वह चाहता है कि आप अपनी शक्ति और कौशल के अनुसार अपना काम ख़त्म करने के बाद निश्चिन्त होकर सो जाएं। सुकून की नींद लिए बिना सुबह जल्दी उठनेउठना, रात को देर तक जागने या काम की चिंता करने से कोई फायदा नहीं होगा। यदि आप अपना काम ठीक ठीक कर लेते हैं, और बाकी उस पर भरोसा करके उसी पर सौंप देतेहैं तो वह इस मामले का ध्यान रखेगा। यह उसका आपसे वादा है (भजन 127:1-2; फिलि 4:6-7; 1 पतरस 5:7)।

विचार करें, जब समुद्री तूफान आया तब नासरत के यीशु को बुद्धि और ज्ञान के इस लाभ का कैसा अनुभव आया (मरकुस 4:36-41)। जब बड़ी आँधी चली, और लहरें जहाज से टकराने लगीं, और जहाज पानी से भर गया, तब वह कहां था? वह शांति से सो रहा था! उसके शिष्यों को उसे जगाना पड़ा! तब उसने अपने भयभीत शिष्यों को क्या सलाह दीं? “तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?” नीतिवचन का पाठ क्या है? बुद्धि और ज्ञान प्राप्त करें! अपने बिस्तर पर लेट जाएं! सुख की नींद सोएं!

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