नीतिवचन 3:22
तब इन से तेरे प्राण को जीवन मिलेगा, और ये तेरे गले का अनुग्रह बनेंगे।
यहाँ एक राजकुमार है – जिसके सिर पर अनुग्रह से सुसज्जित जीवन का मुकुट है। यहाँ एक सफल पुरुष या स्त्री है – जो शानदार प्रतिष्ठा का एक महान जीवन जी रहे हैं। यहाँ समृद्धि है – जो जीवन की तकलिफों और सामाजिक अप्रतिष्ठा से मुक्त है। जिस मनुष्य में खरी बुद्धि और विवेक हैं, उसका जीवन अद्भुत होगा और उसका नाम बड़ा प्रतिष्ठित होगा। पाठक, कौन-सी बात आपको एक राजकुमार बनने से रोक रही है?
यह नीतिवचन इससे पहले के नीतिवचन का सारांश है, जो कहता है, “हे मेरे पुत्र, ये बातें तेरी दृष्टि की ओट में न होने पाएँ, खरी बुद्धि और विवेक की रक्षा कर” (नीतिवचन 3:21)। जैसा की संदर्भ से पता चलता है, बहुवचन सर्वनाम “ये बातें” बुद्धि, समझ और ज्ञान को सूचित करता है (नीतिवचन 3:13-20)। आपके प्राण के लिए जीवन और आपके गले के लिए अनुग्रह, ये दोनों बातें खरी बुद्धि और खरे विवेक का अथक रूप से अनुसरण करने से ही प्राप्त होती हैं।
खरी बुद्धि क्या है? यह वास्तविक बुद्धि, सच्ची बुद्धि, परमेश्वर की बुद्धि है। इस दुनिया की बुद्धि -गर्भपात, तलाक, बन्दर से मानव-उद्विकास, व्यभिचार, पशु-हक़, रैप और पॉप सोंग्स, पुरुषगामिता- मूर्खता है। इस दुनिया के बुद्धिमान पुरुष – डार्विन, आइंस्टीन, मार्क्स, सगन, स्पॉक – मूर्ख हैं (यशायाह 8:20; 1 कुरिन्थ 1:20; 2:6; 3:19)। खरी बुद्धि केवल परमेश्वर और बाइबल से आती है (नीति 2:7; 8:14; 1 तीमुथियुस 1:10; 2 तीमुथियुस 4:3-4)। यही एकमात्र बुद्धि है जिसकी आपको लालसा करनी है, जिसका आपको अनुसरण करना है।
विवेक क्या है? विवेक जानता है कि किसी भी अवसर के लिए कौन से शब्द या कार्य सर्वोत्तम होते हैं। यह जानता है कि किसी भी परिस्थिति में क्या करना है, कब करना है, कहाँ करना है और कैसे करना है। विवेक संयम है जो व्यक्ति को मूर्खतापूर्ण आवेगों से दूर रखता है। आप जो पहला शब्द सोचते हैं उसे न बोलना या आपके मन में जो बात सबसे पहले आती है उसे न करना अनुशासन और अपने आप से इनकार करना है। किसी भी परिस्थिति से कैसे निपटना है और कैसी प्रतिक्रिया देनी है इसका ज्ञान होना विवेकपूर्ण और विभेदकारी समझ है।
“तेरे प्राण को जीवन” का अर्थ क्या है? उदास, बेकार या विनाशकारी जीवन मानों मृत्यु के समान है। सच्ची बुद्धि और विवेक इस मृत्यु के स्थान पर सुखी और सफल जीवन देते हैं। वे आपको घातक गलतियाँ करने से रोकते हैं, और वे एक अच्छे जीवन को बढ़ाते और दीर्घायु बनाते हैं। सुलैमान ने पहले ही संदर्भ में एक अच्छा जीवन क्या होता है इसका एक विस्तृत विवरण दे दिया था (नीति 3:13-18)।
” तेरे गले का अनुग्रह” क्या है? किसी व्यक्ति की महिमा, प्रतिष्ठा या उसके जीवन के प्रतिफल को इंगित करने के लिए उसके गले में आभूषण या गहने डाले जाते हैं। उन गले के हारों पर विचार करें जो फिरौन ने यूसुफ को और बेलशस्सर ने दानिय्येल को पहनाया था (उत्प. 41:42; दान 5:29)। बुद्धि और विवेक मनुष्य की प्रतिष्ठा को बढ़ाते और ऊंचा करते हैं, कि मानो उसे एक महान राजा द्वारा सोने का हार पहनाकर सम्मानित किया गया हो (नीतिवचन 1:9)।
एक सुखी जीवन जीने और महान प्रतिष्ठा अर्जित करने के लिए परमेश्वर की ओर से आनेवाली बुद्धि और विवेक की आवश्यकता होती है (नीतिवचन 4:5-13; भज 34:12-15)। इस नीतिवचन की यही सीख है। स्वर्ग का परमेश्वर यहोवा हर उस मनुष्य को बुद्धि और विवेक की शिक्षा देगा, जो अपनी सोच का त्याग करेगा, अपने पापों से मन फिराएगा, और बाइबल की शिक्षा पर चलेगा। बाइबल, विशेषकर नीतिवचन की पुस्तक का का उद्देश्य, एक सफल जीवन के लिए बुद्धि और विवेक की शिक्षा देना है (नीतिवचन 1:1-6; भजन 1:1-3; 19:7-14)।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।