नीतिवचन 29:26
हाकिम से भेंट करना बहुत लोग चाहते हैं, परन्तु मनुष्य का न्याय यहोवा ही करता है।
यदि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, या कम से कम आपके क्षेत्र का कोई सांसद, या पुलिस अधिकारी, या ज़िलाधिकारी आपका मित्र होता, और आपको सुरक्षा की, या अपना कोई ज़रूरी काम करवाने की, या किसी से बदला लेने की आवश्यकता होती, तो वह आपकी कुछ न कुछ मदद करेगा, जैसा कि हमारे देश में होता भी है। परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, मुसीबत या संकट चाहे जो भी हो उनकी हर हाल में बड़ी अद्भुत रीति से सहायता की जाएगी। यहोवा अपने आदिकाल से ही निर्धारित प्रोयोजन के द्वारा हर एक मनुष्य का न्याय पूरी निष्पक्षता से करता है। इसलिये सब समयों में अपना सब भरोसा केवल यहोवा परमेश्वर पर रखें। आज ही उसे खोजें।
ग़ैर मसीही मनुष्य अपनी सहायता के लिए इस दुनिया की ओर देखता है। वह अन्य लोगों पर भरोसा करता है, जैसे माता-पिता, नियोक्ता, सांसद, विधायक, मजिस्ट्रेट या पास्टर। जब वह मुसीबत में होता है तो वह उनसे मदद की उम्मीद करता है। लेकिन उनकी ताकत सीमित हैं; वे खुद भी मुसीबतों में पड़ते हैं; उनका न्याय विकृत होता है; वे अपने मार्गों में अक्सर चंचल होते हैं; और वे हमेशा इतने व्यस्त होते हैं कि आपकी दुर्दशा की उन्हें कोई परवाह नहीं होती और न आपकी मदद के लिए उतना तत्पर होते हैं।
एक सच्ची व्यावसायिक कहावत है, कि ज़रूरी यह नहीं कि आप क्या जानते हैं, बल्कि आप किसे जानते हैं। सिर्फ़ अपने काम से काम रखनेवाली इस पेशेवर दुनिया में, आपकी शिक्षा, तकनीकी कौशल और बायोडाटा किसी भी कंपनी के लिए तब तक किसी काम के नहीं हैं जब तक आप किसी बड़े आदमी के मित्र न हो, या किसी सलाहकार या कम्पनी के प्रतिनिधी की मदद नहीं लेते। लेकिन उससे में उत्तम और अटल सच्चाई यह है: ज़रूरी यह नहीं कि आप इस पृथ्वी पर किसे जानते हैं, बल्कि यह कि आप स्वर्ग में विराजमान को जानते हैं! परमेश्वर को जानना और उसके साथ चलना जीवन के सब क्षेत्रों में आपके लिए अधिक फायदेमंद होगा (भजन 75:6-7)।
हालाँकि माता-पिता आम तौर पर अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं और उनकी मदद करना चाहते हैं, फिर भी दाऊद ने कहा कि मेरे माता–पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा (भजन 27:10)। मनुष्य को स्वर्ग की ओर देखना चाहिए, वही से उसे सहायता मिलेगी (भजन 121:1-8)। पृथ्वी पर जो दिखाई देता है उस की ओर देखना मूर्खता है, क्योंकि आप केवल ऐसे ही मिट्टी के बर्तनों को देख सकते हैं जो आपके जैसे ही कमज़ोर और टूटेफूटे हैं (यशायाह 45:9)।
इस नीतिवचन में प्रयुक्त शब्द भेट और न्याय समानार्थी हैं। यहां न्याय का तात्पर्य सज़ा से नहीं हैं, बल्कि तात्पर्य निष्पक्ष और सही व्यवहा से है। लोग बड़े अधिकारियों को अपना मित्र बनाना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ज़रूरत पड़ने पर वे उनके काम आएँगे और इससे फ़ायदा होगा। परन्तु उन्नति, समृद्धि, और सुरक्षा यहोवा की ओर से है। उसका अनुग्रह किसी भी मनुष्य की कृपा से उत्तम है। आज ही उस पर भरोसा करें!
क्या आपके कोई दुश्मन हैं? प्रतिशोध लेना परमेश्वर का काम है; वह बदला चुकाएगा (रोमियों 12:19)। क्या आपकी चिंताएँ बहुत भारी हैं? उसको तुम्हारा ध्यान है (1 पतरस 5:7)। क्या आप अकेले हैं? वह तुम्हें न कभी छोड़ेगा और न कभी त्यागेगा (इब्रानियों 13:6)। क्या आपकी बहुत-सी ज़रूरतें हैं? वह उन्हें जानता है और उन्हें पूरा भी करेगा (मत्ती 6:25-33)। क्या शासक तुम पर अत्याचार कर रहे हैं? वह उनसे ऊँचा है (सभो। 5:8)। क्या आप डरते हैं? वह आपको अपने मंडप में छिपाएगा और आपके सब शत्रुओं से आपकी रक्षा करेगा (भजन 27:1-6)।
एस्तेर ने फारस के राजा क्षयर्ष से विवाह किया। उसे सुरक्षित होना चाहिए था। लेकिन उसके पति ने अनजाने में उसे और उसके लोगों को ख़त्म करने के नए क़ानून पर हस्ताक्षर कर दिए। वह उपवास और प्रार्थना के साथ यहोवा के पास गई, और उसने उसे और उसके लोगों को आश्चर्यजनक रूप से बचाया। उसकी महिमा हो!
प्रिय हन्ना से उसका पति एल्काना बहुत प्रेम करता था, लेकिन उसकी दूसरी पत्नी उसे बहुत पीड़ा देती थी। इसलिये वह अपनी शिकायत यहोवा के पास ले गई। जिस बात का हल एल्काना नहीं निकाल सका, धन्य परमेश्वर ने वह हल निकाला। हन्ना के महान शमूएल और पांच अन्य बच्चे हुएं। उसकी महिमा हो!
दाऊद ने अच्छा कहा। “तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। उसका भी प्राण निकलेगा, वह भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएँ नष्ट हो जाएँगी” (भजन 146:3-4)। “यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है” (भजन 118:8-9)।
एकमात्र शासक जिससे आपको दया के लिए प्रार्थना करनी चाहिए वह यीशु मसीह, राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु है। आपका इस दुनिया में आज का जीवन और आनेवाले नये जगत में आपका अनन्तकाल का जीवन उसके हाथों में है। उसकी स्वीकृति और आशीर्वाद किसी भी अन्य शासक की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, चाहे वे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों। आज से ही उसकी आज्ञा मानें, और आज्ञाकारिता और प्रार्थना के साथ उसकी आशिषों को प्राप्त करें।
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