नीतिवचन 29:16
दुष्टों के बढ़ने से अपराध भी बढ़ता है; परन्तु अन्त में धर्मी लोग उनका गिरना देख लेते हैं।
प्रकृत्तियों, चुनावों, बहुमत, पाप, भविष्य और उचित विश्वदृष्टि के बारे में यहाँ सीखें। परमेश्वर और सुलैमान यह चाहते हैं कि आप समझें कि संसार में क्या हो रहा है और क्या होगा। प्रत्येक नीतिवचन आपको बुद्धि देने के लिए लिखा गया है, जिसमें यह नीतिवचन भी शामिल है। जैसे-जैसे दुनिया विकृत होती जा रही है, आपको सोचना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है और उसे लेकर आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए, और आपको उसका निश्चित भविष्य भी पता होना चाहिए। यहाँ आपके जीवन के लिए महत्वपूर्ण ज्ञान दिया गया है, जिसमें एक अकेले शब्द में एक गहरा आमंत्रण छिपा हुआ है।
दुष्टजन बहुमत की भीड़ से प्रेम करते हैं – उन्हें अपने गुप्त पापों को अँधेरे से बाहर सार्वजनिक दृष्टि में लाने के लिए भीड़ की आवश्यकता होती है। उन्हें लगता है कि अधिक संख्या उनके विचार और चाल-चलन को सही ठहराती है। जैसे-जैसे प्रवृत्तियाँ विकसित होती हैं, दुष्ट लोग पाप का अंधानुकरण करने लगते हैं, क्योंकि उनके हृदय और मन सदैव पापमय होते हैं। वे अपने द्वेष और विद्रोह को सार्वजनिक करने के लिए बहुमत के प्रोत्साहन की लालसा रखते हैं। इसके परिणामस्वरूप दुष्टता में गुणोत्तरी वृद्धि होती है, जैसा कि आज की दुनिया में देखने को मिलता है।
इस नियम पर विचार करें। जैसे-जैसे दुष्ट किसी आबादी के अनुपात में बढ़ते हैं, वैसे-वैसे अधिकाधिक व्यक्तिगत विद्रोह के लिए बहुमत प्रदान करने वाले समर्थन में वृद्धि के कारण समग्र दुष्टता और भी तेज़ी से बढ़ती है। कभी-कभी संख्या में वृद्धि को भ्रष्टता की बढ़त से अलग करना कठिन हो जाता है क्योंकि आप अक्सर उन दोनों को एक साथ बढ़ते हुए देखते हैं। जब कई कारकों का एक संयोजन एक साथ प्रभाव डाले, तो दुष्टता विस्फोटित हो सकती है।
दुष्ट लोग संख्या में बढ़ते हैं और दुष्टता कई कारणों से बढ़ती है। बाइबल की अज्ञानता के कारण अधिकांश लोग इससे अज्ञात होते हैं कि परमेश्वर समृद्धि और विपत्ति दोनों के द्वारा लोगों के हृदयों को अधिक दुष्टता के प्रति कठोर कर देते हैं, ताकि उनके पापों के लिए उसके भारी दंड को सही ठहराया जाए (निर्गमन 7:3; 9:16; 1 शमुएल 2:25; भजन संहिता 106:14-15; यिर्मयाह 48:11; रोमियों 1.18-32; 2 थिस्सलुनीकियों 2:9-12)। यहोवा को महिमा मिले! जब तक आप यह न समझ लें तब तक आप चीजों को सही ढंग से देखना शुरू भी नहीं कर सकते।
भ्रष्ट सरकार और पापी शासक उच्च कार्यस्थलों में अपनी मूढ़ता और पाप के द्वारा (सभोपदेशक 10:5- 7, 3:16; एस्तेर 1:16- 18), पाप की अनुमति के लिए विधान बनाने के द्वारा (दानिय्येल 3:1- 7; एस्तेर 3:15), अपराधियों को उचित दंड न देने के द्वारा (सभोपदेशक 8:11), और धर्मी नागरिकों को उनकी भलाई का प्रतिफल न देने के द्वारा (एस्तेर 2:21-23) दुष्टता में वृद्धि लाते हैं। उदाहरण बनने और इन सब पर अमल करने के द्वारा समाज के किसी भी वर्ग में धर्मी अधिकारी हो तो वे दुष्टता को रोक सकते हैं (नीतिवचन 20:8,26; उत्पत्ति 18:9)।
सच्चे धर्म का पतन दुष्टता को बढ़ाता है। पुलपिट वह स्थान है जहाँ परमेश्वर द्वारा चुने गए लोगों को पाप के विरुद्ध प्रबलता से प्रचार करना चाहिए (यशायाह 58:1)। अमेरिका के नैतिक औचित्य में इसका कभी बहुत प्रभाव हुआ करता था। लेकिन पापी लोग इस प्रकार के प्रचार को पसंद नहीं करते, इसलिए वे जोएल ऑस्टीन या रिक वॉरेन जैसे झूठे शिक्षकों से विनम्र संदेश की मांग करते हैं (यशायाह 30:8-14)। जब ऐसा होता है, जैसा कि अब दुनिया भर में हो रहा है (2 तीमुथियुस 4:3-4), तो दुष्टता बढ़ती है। नमक की तरह धार्मिकता के संरक्षक होने के बजाय वे आग में तेल की तरह होते हैं (मत्ती 5:13)।
मानवतावादी शिक्षा पाप को बढ़ाती है। जब परमेश्वर से बैर रखने वाले विद्यालयों में जैव विकास के विक्षिप्त सिद्धांत को सिखाते हैं, तब वे नैतिक नियमों, और अस्थायी और अनंत जीवन के दंड की शक्ति के साथ-साथ सृष्टिकर्ता द्वारा स्थापित सीमाओं की उपेक्षा करते हैं। विद्यमान आत्म-प्रेम और आत्म-सम्मान की प्रतिमा से जुड़कर, स्वयं को प्रसन्न करने के एकमात्र मार्गदर्शक के साथ, बच्चे अपनी इच्छानुसार कुछ भी कर सकते हैं। परमेश्वर द्वारा स्थापित सीमाओं का भय अब नहीं रहा (भजन संहिता 4:4; 14:1- 5; 36:1; नीतिवचन 9:10; सभोपदेशक 12:13-14)।
अनैतिक मनोरंजन पापमयता को बढ़ाती है। बीटल्स बैंड और हॉलीवुड ने हर जगह नैतिकता को बर्बाद किया है, क्योंकि उन्होंने स्वयं की नैतिकता को ही विकृत कर दिया है। छोटे बालों वाले और लिवरपूल की सफेद कमीज़ और टाई पहनने वाले लड़के आज नशे में धुत रहते हैं और, हैम्बर्ग के वेश्यालयों और हिंदू गुरूओं के युवा भक्त बन गए हैं। बेन हर (1959) और टाइटैनिक (1997) की भिन्नता पर विचार करें। परमेश्वर के समक्ष मनोरंजन उद्योग निंदनीय है (भजन संहिता 101:3; नीतिवचन 14:9; रोमियों 1:32)|
समाचार प्रसारित करने वाली मीडिया, जो घटनाओं को लेकर समाज के विचारों को बहुत प्रभावित करती है, दुष्टता को बढ़ाती है। इन्होंने दशको से किसी भी नैतिक मुददे को ईमानदारी से पेश नहीं किया है – उपरोक्त कारकों के कारण वे ऐसा करने में असमर्थ हैं। वे उसी विक्षिप्तता का बचाव और प्रचार करते हैं जो स्कूलों में सिखाई और मनोरंजन उद्योग में आकर्षित रूप से दिखाई जाती है। उनका सभी नैतिक मुद्दों का तोड़ना-मरोड़ना और बाइबल आधारित मसीहत के प्रति उनकी प्रबल घृणा, उनके शैतानी अजेंडा को दर्शाती है। उनका पतन होना निश्चित है।
तकनीकी प्रगति ने बुराई को और अधिक बढ़ाया है। मामूली कीमत पर पृथ्वी की पूरी आबादी के आगे प्रकट किए जाने की आधुनिक क्षमता के बिना, उपरोक्त प्रभावों का असर उतना अधिक नहीं होता। तकनीकी पाप उस तकनीक का वर्णन करता है जो दुष्टता को अनुमति या बढ़ावा देती है। विलक्षण आविष्कार तब अच्छे होते हैं (नीतिवचन 8:12) जब वे परमेश्वर की महिमा, मनुष्य की धार्मिकता, या एक बेहतर जीवनशैली के लिए उपयोग किए जाएं। आज प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों के प्रति ऐसे खतरों का सामना करते हैं जिनकी उन्होंने पहले कल्पना भी नहीं की थी।
शहरीकरण दुष्टता को बढ़ाता है। ग्रामीण क्षेत्र शहर से बेहतर होते हैं। जैसे-जैसे लोग बड़े शहरों के लिए, सही स्थानीय व्यवस्थाओं, सुरक्षित परंपराओं और पाप करने के कम तौर-तरीकों वाले ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़ रहे हैं, वैसे-वैसे पापमयता बढ़ रही है। जितना अधिक वे एक शहर में बढ़ते जाते हैं, उतना ही अधिक यह नीतिवचन उन पर लागू होता है। परमेश्वर ने इस कारण की पहचान तब की जब लोग उनके विरुद्ध विद्रोह करने लिए बाबेल में इकट्ठे हुए (उत्पत्ति (11:1-9)। परमेश्वर ने आत्मिक भलाई के लिए राष्ट्रों को विभाजित किया और सीमाएँ निर्धारित की (प्रेरितों के काम 17:26-27)।
इन कारकों के बारे में और भी बहुत कुछ कहा जा सकता है, जो दुष्ट लोगों को संख्या में बढ़ने और परमेश्वर की व्यवस्था के विरुद्ध उनके अपराधों को बढ़ाने का कारण बनते हैं। बुद्धिमान लोग जो इस समय को अच्छे से जानते हैं, वे इन चीजों पर गंभीरता से विचार करेंगे और उन पर आगे विश्लेषण भी करेंगे (1 इतिहास 12:32; एस्तेर 1:13; सभोपदेशक 8:1)। यह अंतिम दिनों का संकटमय समय है जिस के विषय में बाइबल में भविष्यवाणी की गई थी (2 तीमुथियुस 3:1- 17; 4:1- 4)। परमेश्वर की चेतावनी को सुनें: इससे भी अधिक पापमयता के विरुद्ध खड़े होने के लिए तैयार हो जाएँ।
एक बार जब यह स्नोबॉल नीचे की ओर लुढ़कना शुरू करता है, तो वह गति और आकार प्राप्त कर लेता है। जैसे-जैसे दुष्ट लोग संख्या और व्यक्तिगत विद्रोह में बढ़ते हैं, वैसे-वैसे इसके परिणामस्वरूप बुराई में संयोजित वृद्धि होती है। यदि वर्तमान समय की तरह, कई कारक एक साथ काम कर रहे हों; यदि समाज के सभी हिस्से कई प्रभावों के तहत पाप की ओर बढ़ रहे हों, और परमेश्वर ऐसा होने दें, तो आप समझ जाएँ कि शीघ्र ही एक प्रलयकारी घटना होगी जो उन सभी का नाश करे देगी और धर्मी लोग ऐसा होते देखने पाएंगे। आमीन!
इस घटना में दी गयी सीख पर विचार करें। उत्पत्ति के बाद 1500 वर्षों तक, बहुविवाह द्वारा दुष्ट जन संख्या में बढ़ते रहे (उत्पत्ति 4:19; 6:1-2)। संख्या में इस वृद्धि के कारण पाप करने में अधिक दु:साहस दिखा, जिसे परमेश्वर ने देखा (उत्पत्ति 6:5)। परमेश्वर ने पवित्र क्रोध में आकर उन सभी को विश्वव्यापी जल-प्रलय में नष्ट कर दिया (उत्पत्ति 6:6-7)। उसने धर्मी नूह और उसके निकटतम परिवार को बचाया, जिन्होंने समस्त पृथ्वी की आबादी को डूबते हुए देखा (उत्पत्ति 6:8; इब्रानियों 11:7)।
एक और घटना पर विचार करें। लगभग 2000 ईसा पूर्व, दुष्ट लोग यरदन नदी के पास वाली सिंची हुई तराई में एकत्रित हुए। उनके नगर सदोम, अमोरा, अदमा और सबोयीम थे। दुष्ट लोगों के इस संगम ने मनुष्य की सबसे घृणित विकृतियों में से एक को जन्म दिया, जो था पुरुषगामीता (किसी पुरुष का किसी पुरुष के साथ मलद्वार अथवा गुदा द्वार के साथ सम्भोग करना)। अपराध में कितनी भयंकर वृद्धि हुई! परमेश्वर ने आदम के लिए सिद्ध हव्वा (ईव) को बनाया था, न कि किसी स्टीव को (उत्पत्ति 2:18-25) लेकिन इन विकृत मनुष्यों ने एक दूसरे का शोषण किया (उत्पत्ति 19:1-7; रोमियो 1:24-27; 1 कुरिन्थियों 6.9)। परमेश्वर ने उन सब को जलाकर राख कर दिया। अब्राहम ने उन नगरों के विनाश का धुआं उठते देखा (उत्पत्ति19:27-28)।
आज भी वैसा ही है। पिछली दो पीढ़ियों में उपरोक्त सभी कारकों के कारण दुष्ट लोगों की संख्या और उनके पापों में वृद्धि हुई है। एक बिस्तर पर दो पुरुषों का होना, बाइबल में या मानव इतिहास के किसी भी समय में, एक विवाह नहीं माना जाता है। फिर भी बाइबल, मसीहियों और पारंपरिक सांस्कृतिक और कानूनी मानकों के प्रति इन विकृत लोगों की तीव्र घृणा चौंकाने वाली है। तैयार हो जाएं! इन लोगों का नाश करने के उद्देश्य से विश्व को जलाने के लिए एक धधकती हुई आग आ रही है। (1 थिस्सलुनीकियों 1:7-10; 2 पतरस 3:10-14; प्रकाशितवाक्य 20:7-15)। यदि आप परमेश्वर के भय के कारण विषमलैंगिक विवाह में ही विश्वास रखते हैं, तो आप केवल न्याय होते देखेंगे।
मसीही पाठकों, दुष्टों की वृद्धि से और उनके द्वारा प्रत्येक भली चीज़ को बिगाड़े जाने से व्याकुल न हो। आनेवाला संसार का न्यायी, यीशु मसीह ने अपने प्रेरितों से कहा, “मैंने ये बातें तुम से इसलिये कहीं है कि तुम्हें मुझ में शांति मिले। संसार में तुम्हें क्लेश होता है परंतु ढाढ़स बाँधो, मैंने संसार को जीत लिया है” (यूहन्ना 16:33)। एक नया स्वर्ग और पृथ्वी आपके लिए आ रही है, अतः आनंदित हों और शान्ति से जियो (2 पतरस 3:10-14)।
संसार और अधिकांश कलीसियाओं में अधर्म की वृद्धि को देखकर परमेश्वर के प्रति अपने भय और प्रेम को गुनगुना या ठंडा न होने दें, जैसा कि प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ने के बाद कई लोगों के साथ हुआ था (मत्ती 24:12)। केवल चालीस वर्षों के बाद, उस राष्ट्र पर किसी भी अन्य समय की तुलना में अधिक भयानक क्लेशों के द्वारा, धर्मी लोगों ने परमेश्वर को अपने पुत्र की मृत्यु के लिए यहूदियों से प्रतिशोध लेते देखा (लूका 21:20-24; मत्ती 22:1-7; 1 थिस्सलुनीकियों 21:14-16)।
जब दुष्ट बढ़ती हुई पदवी में आनंद महसूस करते हैं, तब याद रखें कि परमेश्वर ने पहले ही घोषित कर दिया है कि जिस भी चीज़ को वे अत्यधिक महान मानते हैं, वह उसके लिए घृणित है (लूका 16:15)। उसने पहले ही संसार की बुद्धि और ज्ञान को मूर्खता घोषित कर दिया है (1 कुरिन्थियों 1:19-21; 3:18-20)। उसने पहले ही उन्हें अपना शत्रु घोषित कर दिया है (याकूब 4:4)। यदि आप परमेश्वर का पक्ष और उसकी धार्मिकता को चुनते हैं, तो आप एक विशाल, पूर्ण रूप से विजयी राज्य का भाग हैं (इब्रानियो 12:22-24; प्रकाशितवाक्य 7:9)।
वह आने वाली विनाशकारी घटना क्या है, जब धर्मी जन सभी दुष्टों के विनाश को देखेंगे? वह स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु के रूप में यीशु मसीह का दूसरा आगमन है, जब न्याय का महान दिन होगा और प्रत्येक व्यक्ति बाइबल के पवित्र परमेश्वर के सामने अपना लेखा-जोखा देगा (सभोपदेशक 12:13-14; रोमियों 14:10-12; 2 कुरिन्थियों 5:9-11; प्रकाशितवाक्य 20:11-15)। सभी दुष्ट लोग अनंत पीड़ा के लिए आग की झील में डाल दिए जाएंगे (मत्ती 7:21-23; 25:41,46; यूहन्ना 5:28-29)।
यह नीतिवचन सामाजिक परिवर्तन और आने वाले न्याय के बारे में कई सीख प्रदान करता है। लेकिन क्या आप सबसे महत्वपूर्ण सीख को जानते हैं? इस नीतिवचन में धर्मी पुरुष और महिलाएं हैं! वे दुष्टों से भिन्न हैं! वे केवल दुष्टों का विनाश देखते हैं क्योंकि उन पर परमेश्वर का क्रोध नहीं आएगा (भजन संहिता 37:34; 58:10-11; 19:8)। क्या आप उन धर्मी लोगों में से एक हैं? प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करें और आज ही उसकी धार्मिकता को अपनी धार्मिकता गिन ली जाने दो (2 पतरस 1:5-11)।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।