नीतिवचन 29:10
घातक खरे से बैर रखते हैं; परंतु सज्जन उसका प्राण ढूंढते हैं।
आप एक युद्ध में हैं। इसमें आप किस तरफ है? आप एक युद्ध में हैं। क्या आप युद्ध के लिए तैयार हैं? यह हो रहा है; यह आगे और भी बुरा होगा । इस संसार के दुष्टजन धर्मियों से बैर रखते हैं और उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं, परंतु भले मनुष्य धर्मी से प्रेम रखते हैं और उनकी समृद्धि और मित्रता पाने की कोशिश करते हैं।
प्रारंभ में, पृथ्वी पर प्रथम परिवार में ही, यह हिंसक टकराव जल्द ही दिखाई दे दिया था, क्योंकि कैन ने अपने छोटे भाई हाबिल को मार डाला था। कैन ने ऐसा बुरा और भयानक काम क्यों किया? क्योंकि वह पाप से प्रीति रखता था, और हाबिल का उससे बेहतर होने के कारण वह उससे बैर रखता था (1 यूहन्ना 3:12)।
जैसा कि कुछ लोगों के लिए ऐसी हिंसक घृणा को समझना कठिन है, शैतान की घातक आत्मा अभी भी मानव जाति के हृदयों को नियंत्रित करती है (यूहन्ना 8 :44; इफिसियों 2:1-3)। केवल परमेश्वर का संयमी हाथ ही शैतान को आज विश्वासियों के विरुद्ध दुष्टों का उपयोग करने से रोकता है (भजन संहिता 76:10)। घृणा बुरी तरह से जल रही है, लेकिन परमेश्वर ने अपने शत्रु को बाहरी कार्यों से बांध रखा है। हालांकि, पराजित होने और रक्तपात का समय तेज़ी से निकट आ रहा है (प्रकाशितवाक्य 12:12-17 ;20:7-9)।
यह गहरा और भ्रष्ट विरोध कई लोगों को आश्चर्यचकित करता है, क्योंकि उन्होंने न तो ऐसा प्रचार होते हुए सुना है और न ही उसे कार्यान्वित होते देखा है। उनका सांसारिक धर्म, जो केवल भक्ति का एक दिखावा और परमेश्वर के प्रति प्रेम से अधिक विलासिता के प्रति प्रेम है, शैतान या दुष्टों की हिंसक घृणा को नहीं निकालता। नीतिवचन कहता है घातक “खरे” से बैर रखते हैं। आज की समकालीन कलिसियाएँ और सांसारिक मसीही लोग जो मसीहियत का 99% भाग है, खरे कहलाने के योग्य नहीं हैं। शैतान को उनसे घृणा करने या उन्हें सताने की आवश्यकता नहीं है – वे पहले से ही परमेश्वर के राज्य को नष्ट करने का कार्य अच्छे से कर रहे हैं।
लेकिन सच्चे संतो के प्रति तीव्र घृणा कभी कम नहीं हुई है, वरन बढ़ती ही जा रही है। अच्छाई और बुराई के बीच का संघर्ष अपने अंतिम युद्ध के लिए तैयार है। धर्मी लोग कुटिल मनुष्य से घृणा करते हैं, और दुष्ट जन भी सीधी चाल चलने वाले से घृणा करते हैं (नीति वचन 29:27; भजन संहिता 139:19-22)। भले मनुष्य ठट्ठा करने वाले से घृणा करते हैं, और ठट्ठा करने वाले उनसे नफरत करते हैं (नीतिवचन 24:9; 9:8)। दुष्ट धर्मी के विरुद्ध बुरी युक्ति निकालता है,और उस पर दांत पीसता है और उसे मार डालने का यत्न करता है (नीति वचन 37:12, 32)। विश्वास करें –पर यीशु ही जय पाता है।
परमेश्वर के सिंहासन के नीचे अब तक की सबसे महिमामय और अनमोल मंडली एकत्रित है- जो परमेश्वर के शहीद (प्रकाशितवाक्य 6:9-11)। हत्यारे लोग खरे पुरुष से बैर रखते हैं और उनके प्राण की खोज करते हैं, जैसा की इस नीतिवचन में कहा गया है। मरने से पहले कईयों को अकथनीय पीड़ा और यातना का सामना करना पड़ा। बुद्धिमान लोग परमेश्वर की संतानों के विरुद्ध इन क्रूर अभियानों के कुछ इतिहासों को पढ़ते और उन पर विचार करते हैं। आप उनके बारे में फॉक्सेस बुक ऑफ मार्टिर्स या मार्टिर्स मिरर में पढ़ सकते हैं। वे आपके सबसे योग्य नायक हैं (इब्रानियो 11:35-38), और परमेश्वर उनसे प्रेम करते हैं।
यीशु मसीह पर विचार करें। उसने एक मनुष्य को चंगा किया, और फरीसियों ने तुरंत उसकी हत्या करने की साजिश रची (मती 12:13-14)। इस संसार में एक आत्मा है जो आकाशीय शक्ति का अधिकारी है, उसका नाम शैतान है, जो दुष्टों को उनके हिंसक क्रोध और घृणा में दुष्टता को धर्मियों के विरुद्ध उत्तेजित और निर्देशित करता है। यह यीशु मसीह के विरुद्ध में सबसे अधिक स्पष्टता से दिखा था। यदि आप इस नीतिवचन में सूचित शत्रुता पर संदेह करते हैं, तो ज़रा नासरत के यीशु के बारे में सोचें।
उसके अपने राष्ट्र के धार्मिक लोग उसके प्रति कटु थे, हालांकि वह किसी भी अपराध के लिए दोषी नहीं था, हालांकि उसने केवल अच्छा काम ही किया था, और हालांकि उसने उनके मसीहा के बारे में उन शास्त्रों की हर भविष्यवाणी को पूरा किया था जिन्हें वे अपने आराधनालय में चूमते थे। उन्होंने, यह कहकर कि यीशु राज्य का शत्रु था, उसे बदनाम करने और पिलातुस को उसे सूली पर बलपूर्वक चढ़ाने की एक विशिष्ट सांसारिक रणनीति का प्रयोग किया। सांसारिक लोगों की तरह, पिलातुस ने उनसे डरकर उसकी मृत्यु का आदेश दे दिया।
यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि संसार उस से इसलिए बैर करता है क्योंकि उसने उसके विरूद्ध में यह गवाही दी कि उसके काम बुरे हैं (यूहन्ना 7:7)। उसने आगे उनसे कहा कि संसार भी उनसे बैर रखेगा, क्योंकि उसने उन्हें संसार में से चुन लिया है, और वे अब उसके भाग नहीं रहे (यूहन्ना 15:18-19)। क्या आपको भी यही अपेक्षा करनी चाहिए? “हे भाइयों, यदि संसार तुमसे बैर करता है तो अचंभा न करना” (1 यूहन्ना 3:13)। यदि आप किसी सांसारिक व्यक्ति को स्पष्ट रूप से कहते हैं कि उसकी जीवन शैली बुरी है, तो वह आपको मारना चाहेगा।
यह संसार किसी भी ऐसे पुरुष या स्त्री से घृणा करता है जो धार्मिकता और पवित्रता के लिए खड़ा होगा। यदि आप मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं तो आप सताए जाएंगे (2 तीमुथियुस 3:12)। अंत के दिनों के ये संकटमय समय उन नकली मसीहियों से भरे हुए हैं जो “भले के बैरी हैं” (2 तीमुथियूस 3:3)। वे क्यों किसी भी व्यक्ति से सिर्फ इसलिए घृणा करते हैं क्योंकि वह भला है? शैतान के विषय सोचो। कैन के विषय सोचो। फरीसियों के विषय सोचो। वे सब शैतान के छली रूप हैं, और वे इसे ऐसे ही पसंद करते हैं।
यदि यह संसार आप का और आपकी कलीसिया का तिरस्कार नहीं करता, और न ही बैर रखता है, तो आप और आपकी कलीसिया गलत जीवन जी रहे हैं। बस इतनी ही सरल बात है। यदि आपकी कलीसिया इस दुष्ट पीढ़ी में विकास में वृद्धि कर रही है, तो यह एक भ्रष्ट कलीसिया है। यीशु अपने चेलों और इस संसार के मध्य मेल- मिलाप कराने नहीं आया था; वह तलवार चलवाने आया था, और मनुष्य के शत्रु उसके अपने ही परिवार के होंगे (मत्ती 10:34-36)। आप एक युद्ध में हैं। क्या आप युद्ध के लिए तैयार हैं? यह हो रहा है ; यह और बदतर होगा । पराक्रमी बनो!
इस नीतिवचन में, ‘सज्जन’ वह है जो खरे के प्राण को बचाने की खोज में रहता है, न कि घातक की आत्मा को बचाने। इस व्याख्या को चुनने के तीन कारण हैं: क्योंकि सज्जन खरे की आत्मा को खोजते हैं, वे घातक की आत्मा को नहीं खोजते और यह सर्वनाम “उसके” के सबसे निकट है। इस नीतिवचन का सबक उन आचरणों के मध्य विद्यमान अंतर है जो दुष्ट जन और धर्मी जन उन लोगों के साथ करते हैं जो अपने चरित्र और आचरण में खरे हैं।
यदि आप बाइबल के दाऊद से प्रेम करते हैं, तो विचार करें। उसने परमेश्वर से भय रखने वाले हर व्यक्ति को अपना मित्र बनाना चाहा (भजन संहिता 119:63,79), लेकिन उसके पास दुष्टों के लिए समय या चाहत नहीं थी ( भजन संहिता26:5:119:115)। वह दुष्ट लोगों को अपनी दृष्टि, उपस्थिति या घर में भी बर्दाश्त नहीं कर सकता था ( भजन संहिता 15:4;101: 3- 8)। वह परमेश्वर के शत्रुओं से घृणा करता था और उन्हें अपना शत्रु समझता था (भजन संहिता 31:6;139:21)। यदि आप एक ऐसे पुरुष या स्त्री बनना चाहते हैं जो परमेश्वर के मन के अनुसार है तो यहां आपके अनुसरण के लिए एक सज्जन पुरुष का एक अच्छा उदाहरण है।
सज्जन धर्मी की आत्मा को खोजता है। धर्मी एक दूसरे से प्रेम रखते हैं, और वे एक दूसरे का भला चाहते हैं (यूहन्ना13:35) परमेश्वर के सच्चे सेवकों को भले व्यक्तियों से प्रेम करना चाहिए (तीतुस 1:8), और वे करते भी हैं ( 2 तिमुथियुस 1:3-4; 2 यूहन्ना 1:1; 3 यूहन्ना 1:1)। इस माप से अपने मन को जाँचें। क्या आप भले व्यक्ति से प्रेम करते हैं ? क्या आपके घनिष्ठ मित्र वे सबसे अधिक पवित्र लोग हैं जिन्हें आप जानते हैं? क्या आप उनकी धर्मी संगति की लालसा रखते हैं, और क्या आप उनकी भलाई की इच्छा रखते हैं? क्या वे जानते हैं कि जब घृणा और उत्पीड़न उन्हें डराए तो वे किसी भी बात के लिए आप पर भरोसा कर सकते हैं ?
शाऊल ने दाऊद को मारने का प्रयत्न किया, परंतु योनातान ने उसे ढूंढ कर उसकी रक्षा की। इजेबेल ने परमेश्वर के नबियों को मारने की कोशिश की, लेकिन ओबद्याह ने उनमें से एक सौ नबियों को गुफाओं में छुपा दिया और अन्न जल देकर उनका पालन पोषण किया ( 1 राजाओ 18:3-4)। हठी यहूदियों ने यिर्मयाह को नष्ट करने की साजिश रची, परंतु अबेदमेलेक ने उसे बचा लिया (यिर्मयाह 38:1-13)। हेरोदियास व्यभिचार के प्रति उसकी निंदा करने के लिए यूहन्ना से घृणा करती थी और उसे मरवा डालना चाहती थी, लेकिन उसके शिष्यों ने उचित रूप से दफनाने के लिए उसके सिर रहित देह को भी ढूंढ लिया (मरकुस 6:16-29)।
घातक यहूदी प्रभु यीशु मसीह से बैर रखते थे, उन्होंने उसके साथ विश्वासघात किया और हिंसक रूप से उसकी हत्या कर दी, हालांकि उसके जीवन में कोई पाप नहीं था (यशायाह 53:9)। वह निर्दोष और निष्कलंक रूप से परिपूर्ण था, इसलिए वे उससे नफरत करते थे और उसे रोमन और सैनिकों द्वारा क्रूरता से सूली पर चढ़ा दिया गया। तौभी वहां प्रत्येक जाति के सज्जन लोग थे जो उसे उस तरह खोजते थे जैसा किसी ने नही खोजा था (यूहन्ना 12:20-22; लुका 10:38-42), आज भी कुछ बिखरे हुए जन हैं जो उनके और उनके परमेश्वर के प्रति संसार की क्रूर घृणा के बावजूद अभी भी प्रभु यीशु मसीह की आत्मा की खोज करते हैं।
आपको क्या करना चाहिए? इस नीतिवचन के सबक को सीखें, और धार्मिकता के लिए कष्ट भुगतने के लिए तैयार रहें। उन लोगों के लिए प्रार्थना करें जो आज शहादत की यातना भुगत रहे हैं। एक ऐसी कलीसिया को ढूंढे और उससे जुड़ें जो लोगों की संख्याओं या लोकप्रियता की परवाह किए बिना, परमेश्वर के वचन के प्राचीन मार्गों की खोज कर रही हो। दुष्टों से परमेश्वर और यीशु मसीह के शत्रुओं के रूप में घृणा करें (भजन संहिता 15:4 ; 139:21-22)। उन सभी पवित्र लोगों से प्रेम करें और उनकी मदद करें जिनसे आप मिलते हैं। आनंदित और हर्षित हों जब आपका सामना सताव से हो, जैसा कि यीशु ने सिखाया था (लुका 6:22 -23)। याद रखें कि आप अच्छी संगति में है, क्योंकि उसने और उसके प्रेरितों ने इसे पहले सहा है।
Bottom of Form
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।