नीतिवचन 28:27

जो निर्धन को दान देता है उसे घटी नहीं होती, परन्तु जो उससे दृष्टि फेर लेता है वह शाप पर शाप पाता है।

जब आप किसी निर्धन व्यक्ति को आवश्यकता में देखते हैं तब आपके मन में क्या ख़याल आता है? आपके विचार, शब्द और कार्य आपके भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। परमेश्वर इन तीनों पर दृष्टि रखता है, और वह आपके साथ वैसा ही व्यवहार करेगा। आपके निर्धन न होने का मुख्य कारण आपके जीवन में परमेश्वर की वह दया है जिसके आप काबिल नहीं, इसलिए उन लोगों पर भी दया करें जिन्हें उसने उतना आर्थिक आशीर्वाद नहीं दिया जितना आपको दिया है। वह आपकी प्रतिक्रिया को माप रहा है।

जब आप किसी निर्धन व्यक्ति को आवश्यकता में देखते हैं तब आपके मन में क्या ख़याल आता है? “मुझे इससे कुछ लेना-देना नहीं है।” “कोई और उनकी देखभाल कर लेगा।” “उसकी जो भी हालत है उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” “मेरी खुद की आमदनी इतनी कम है।” “मैं फिर कभी मदद करूँगा।” “वह तो आलसी मुफ़्तखोर है।” “मैं पैसे देकर निर्धन हो सकता हूँ।” इस तरह की सोच से परमेश्वर आपको शापित कर कई परेशानियों में डाल देगा। यदि आप समृद्ध होना चाहते हैं और सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो ज़रूरतमदों को दें।

निर्धनों को देने से आप का कुछ नुकसान नहीं होगा। बल्कि आपको लाभ होगा! गणितीय रूप से न सोचें, क्योंकि परमेश्वर अलौकिक रूप से काम करता है। यह आर्थिक रहस्य किसी भी बिजनेस स्कूल में नहीं पढ़ाया जाता है, लेकिन यह बाइबल के अर्थशास्त्र का एक नियम है। अगर आप इसे तुच्छ समझते हैं या अनदेखा करते हैं, तो आप बहुत बड़ा खतरा मोल ले रहे हैं जो आपको दरिद्रता की ओर ले जाएगा। निर्धनों को देना यहोवा को उधार देना है, और वह निश्चित रूप से आपके द्वारा दिए गए एक एक पैसे को चुकाएगा (नीतिवचन 19:17; 22:9; 28:8; व्यवस्थाविवरण 15:7-18; भजन 41:1-3; 112:1-10; लूका 6:26; इब्रानियों 6:10)।

परमेश्वर यहोवा इस दुनिया के आर्थिक और व्यवसायिक मामलों में हस्तक्षेप करता है। वही है जो लोगों और राष्ट्रों को या तो निर्धन बनाता है या अमीर (नीतिवचन 10:22; 1 शमूएल 2:7; अय्यूब 34:29; भजन 33:12-22; यशायाह 10:5-19)। वह पदोन्नति देता है (भजन 75:6-7)। वह चतुर आविष्कार की बुद्धि और धन देता है (नीतिवचन 8:12-21)। मूर्तिपूजक लोग उसके काम को देख या माप नहीं सकते, इसलिए वे इस तथ्य को अस्वीकार करते हैं। लेकिन यह ठीक है, क्योंकि तब विश्वासी आसानी से आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से उनसे आगे निकल सकते हैं (नीतिवचन 1:32; 28:11; सभोपदेशक 7:18)।

परमेश्वर यहोवा लेखा नियमों, बजट और अर्थशास्त्रीय प्रारूपों से ऊपर उठकर काम करता है। यह बाइबल के अर्थशास्त्र का एक नियम है कि आप अपना पैसा देकर आर्थिक रूप से आगे और तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं। नियम निश्चित है – यह केवल आपका विश्वास है जो कमज़ोर है। मूर्तिपूजक मानसिकता को त्यागें और परमेश्वर पर विश्वास करें। आप निर्धनों को पैसा देकर आगे बढ़ सकते हैं (नीतिवचन 11:24-28; 28:8; सभोपदेशक 11:1-6; मलाकी 3:8-12; लूका 6:38; 2 कुरिन्थियों 9:6-11)। यह नियम इतना शक्तिशाली है कि कड़ी मेहनत करने का लक्ष्य ही ज़रूरतमदों को देने के लिए पास में कुछ रूपये होना होना चाहिए (इफिसियों 4:28)।

अगर आपको लगता है कि कंजूस होने और दान देने के मामलों में मितव्ययी होने से समृद्धि आती है, तो आप निर्धनता की ओर जा रहे हैं। आपकी यह आर्थिक “समझदारी” आपको बर्बाद कर देगी। यदि आप अपने पैसे को बचाने के प्रयास में थोड़े भी कंजूस हैं, तो यहोवा आपके थैले में छेद करके आपकी मजदूरी को बरबाद कर सकता है (नीतिवचन 11:24-28; हाग्गै 1:5-11)। यह नियम किसी भी अन्य बाइबल-सम्मत सत्य के समान ही निश्चित है। आपको बताया जा चूका है। इस पर विश्वास करें! इसका पालन करें!

केवल वही निर्धन दान और दया के पात्र हैं जो परमेश्वर के कृत्यों से निर्धन हैं। यदि कोई व्यक्ति आलसी, मूर्ख, गैर-ज़िम्मेदार, अपव्ययी या दुष्ट है, तो वह दान के योग्य नहीं है (नीतिवचन 18:9; 20:4; 21:20; 28:19; 2 थिस्सलुनीकियों 3:10; भजन 139:21-22)। कई लोगों के लिए इसे स्वीकार करना कठिन है, क्योंकि उन्होंने सभी विषयों पर बाइबल के नियमों को मानने से इनकार कर दिया है। परमेश्वर आलस्य, वित्तीय मूर्खता या फिजूलखर्ची के पापों को बर्दाश्त नहीं करता है। बुद्धिमान बनने के लिए उसकी बुद्धि को सीखें।

योग्य निर्धनों को केवल जीवन की ज़रूरतें ही दान में मिलनी चाहिए – भोजन, कपड़े, आश्रय और आपातकालीन चिकित्सा उपचार। अच्छे सामरी को याद रखें (लूका 10:25-37)। परमेश्वर बच्चों को खिलौने देने से प्रभावित नहीं होते, जबकि बच्चों के मनोरंजन से कहीं ज़्यादा वास्तविक ज़रूरतें होती हैं जो आपके खिलौनों के बिना भी आसानी से अपना मनोरंजन कर सकते हैं। बाइबल में दी गई दानशीलता वास्तविक ज़रूरतों तक सीमित है (यशायाह 58:7; यहेजकेल 18:7; प्रेरितों के काम 2:45; 4:35; याकूब 2:15-16)।

परमेश्वर ने इससे कहीं ज़्यादा का वादा किया है, बशर्ते आप निर्धनों की सुधि लें और उनकी ज़रूरतों को पूरा करें। परमेश्वर आपको और आपके परिवार को कई पीढ़ियों तक आशीष देगा (यशायाह 58:3-12)। यकीन मानिए! आप न्याय के दिन के लिए एक अच्छी नींव रख सकते हैं और आनन्द से दान करके अनंत जीवन को थामें रह सकते हैं (1 तीमुथियुस 6:17-19; यशायाह 32:8; इब्रानियों 6:10)। यीशु मसीह आपकी धार्मिकता के प्रमाण के रूप में परमेश्वर के सामने आपके दान का लेखा देगा (मत्ती 10:42; 25:31-46)।

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