नीतिवचन 28:25
घमंडी मनुष्य झगड़ा मचाता है, परंतु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह हृष्टपुष्ट हो जाता है।
घमंड झगडे का कारण बनता है, लेकिन विश्वास समृद्धि लाती है। यहाँ बुद्धि के दो नियम हैं – एक आपको संघर्ष और असहमतियों से बचाता है, और दूसरा आशिष और सफलता लाता है। यहाँ दो विपरीत हैं: घमण्डी लोग परमेश्वर पर भरोसा नहीं करते हैं, और जो लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं वे घमण्डी नहीं होते हैं। आप दोनों नहीं हो सकते। क्या आप घमण्डी व्यक्ति हैं या परमेश्वर पर भरोसा रखनेवाले व्यक्ति?
घमण्ड से भरे व्यक्ति का हमेशा किसी न किसी के साथ झगड़ा चलते रहता है – घमंड के कारण एक व्यक्ति अलग-अलग समय पर अधिकांश लोगों के साथ चल रहा अपना झगड़ा कभी ख़त्म नहीं करेगा, क्योंकि वह अपना बदला लेना ज़रूरी समझता है। जब तक उसे यह यकीन नहीं हो जाता कि उसने असहमति पर अपना अंतिम शब्द कह दिया है या बहस जीत लीं है, तब तक वह दबाव बनाना, लड़ना और असहमत होना जारी रखेगा। घमंड छोटे-मोटे अपराधों को अनदेखा नहीं करता; घमंड गलती या अज्ञानता को स्वीकार नहीं करेगा।
घमंड क्षमा माँगनेवाले लोगों को आसानी से माफ नहीं करता; घमंड आसानी से यह नहीं कहेगा, “मुझे खेद है”; घमंड सुधारना नहीं चाहता, और जो लोग उसे सुधारने का प्रयास करते हैं, वह उनसे नाराज हो जाता है। घमंड दूसरों की उन्नति से जलता है, और जो भी सम्मान या पद दांव पर लगा होता है, उसे हथियाने की कोशिश करता है। घमंड को दूसरों के दर्द के प्रति कोई सहानुभूति नहीं होती, और न ही वह किसी की प्रशंसा करता है।
जब किसी व्यक्ति का मन घमंड से भरा होता है, तो वह दूसरों के साथ शांतिपूर्ण संबंध नहीं रख पाता। घमण्डी पति अपनी पत्नी को उसकी छोटी-मोटी गलतियों के लिए माफ नहीं करेगा। घमण्डी पत्नी अपने पति के अधीन नहीं रहेगी और उसकी आज्ञाओं का पालन नहीं करेगी जिसे उसने अपना अगुवा होने के लिए चुना है। घमण्डी बच्चे माता-पिता के नियमों का सम्मान और पालन नहीं करेंगे जो उनकी स्वतंत्रता या आनंद में हस्तक्षेप करते हैं। घमण्डी कर्मचारी कठिन कामों से चिढ़ते हैं; घमण्डी चर्च के सदस्य पास्टर की फटकार से चिढ़ते हैं।
मन की दीनता किसी भी झगड़े को समाप्त करके शांति स्थापित कर सकती है। जब कोई व्यक्ति परमेश्वर और खुद के साथ शांति में होता है, तो वह दूसरों के अपराधों को अनदेखा कर सकता है, वह आसानी से क्षमा कर सकता है, और वह सुधार को स्वीकार कर सकता है। वह जानता है कि वह उतना महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं हैं, इसलिए वह झगड़ा जारी नहीं रखता। उसके लिए बहस जीतने से ज़्यादा महत्वपूर्ण है समर्पण करना और शांति की तलाश करना।
घमंड से जीने के बजाए जीने का एक और मार्ग है। बुद्धिमान लोग, अर्थात भक्तिपूर्ण लोग, यहोवा पर भरोसा रखते हैं। उन्हें खुद की पैरवी करने की ज़रूरत नहीं है – उनका बचाव यहोवा करता है। उन्हें सुधार से चिढ़ने, दूसरों का विरोध करने और आगे बढ़ने के लिए लड़ने की ज़रूरत नहीं है। यहोवा अपनी शक्ति से उन्हें आशीर्वाद देकर उन्हें उनके विश्वास का इनाम देता है। मन का दीन जो व्यक्ति यहोवा पर भरोसा रखता है, वह हमेशा उस घमण्डी व्यक्ति से आगे निकल जाता है जो खुद पर भरोसा रखता है। हमेशा!
हृष्टपुष्ट होना अच्छा है, जब इसका मतलब शांति और समृद्धि के रूप में परमेश्वर की आशीष होता है। और जो व्यक्ति यह विश्वास करता है कि परमेश्वर उसकी देखभाल करेगा, बिना किसी झगडे के, वह हृष्टपुष्ट हो जाएगा। उसके पास यहोवा की ओर से समृद्धि और सुरक्षा होगी। वह शांति और सुरक्षा का आनंद लेगा, जबकि यहोवा उसे अपना घमंड त्यागने और केवल उस पर भरोसा करने के लिए पुरस्कार देगा।
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