नीतिवचन 27:8
जो मनुष्य अपने स्थान से भ्रमता है, वह उस चिड़िया के समान है जो अपने घोंसले से भ्रमती है।
यदि कोई चिड़िया अपने घोंसले से भटक जाती है, तो वह अपने बच्चों का नाश कर देती है और खुद को खतरे में डाल देती है। उसी तरह, जो पुरुष या स्त्रियाँ अपनी उचित भूमिकाओं को छोड़ देते हैं, वे अपने परिवार के लिए विनाशकारी होते हैं और अपने आप को खतरे में डाल देते हैं। क्या आप ईमानदारी से अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का निर्वाहन करते हैं?
यह संसार बदलता रहता है, लेकिन हर बदलाव अच्छा नहीं होता। बदलाव हर जगह है, लेकिन हर बदलाव सही नहीं होता। आज के समय की कई विचारधाराएं मूर्खतापूर्ण, विनाशकारी और घिनौनी हैं, भले ही दुनिया हमें बताती हो कि वे विचारधाराएं अच्छी हैं। आज कई लोग अपनी उन भूमिकाओं को त्याग रहे हैं जो परमेश्वर और प्रकृति ने उन्हें दी हैं।
भिन्न भिन्न समयों में कई कार्यक्षेत्रों या भूमिकाओं को लेकर स्त्री और पुरुष में अत्यंत मूर्खतापूर्ण विचारधाराएं रही हैं, जो स्वार्थी और दुष्क्रियात्मक हैं। पिछली पीढ़ियों और उनकी आस्थाओं, दृष्टिकोणों और प्रथाओं के खिलाफ विद्रोह करना तब तक बुद्धिमानी नहीं है जब तक उन्हें एक उच्च और सिद्ध प्रमाण से ग़लत साबित नहीं किया जाता।
कुछ परंपराएं अच्छी होती हैं, और न केवल अच्छी, बल्कि वे अक्सर आवश्यक और लाभदायक होती हैं। सब बातों के लिए निर्धारित और स्थापित भूमिकाएं, नियम और मानदंड हैं। कुछ परमेश्वर द्वारा प्रेरित हैं, तो कुछ प्रकृति द्वारा आवश्यक। इन तय सीमाओं का उल्लंघन करने से पीड़ा, परेशानी होती है और समाज में पतन आता है। नए विचारों और योजनाओं को जल्दबाज़ी में अपनाने के बजाए अपनी अपनी तय भूमिकाओं पर बने रहना और परंपरा का पालन करना अधिक सुरक्षित होता है।
दाऊद अपने भजनों में समाज में अधिकार और संबंधों के पतन को संबोधित करता है, क्योंकि दाऊद ने शाऊल के भ्रष्ट शासन के कारण इस्राएल में उत्पन्न हुई अराजकता और पतन को देखा। भजन संहिता 11 में, उसने समाज की नींव के ढह जाने और उसके नतीजों का वर्णन किया है (भजन 11:3)। भजन संहिता 75 में, उसने परमेश्वर को वचन दिया कि वह ठीक ठीक शासन करेगा और प्रजा के खम्बों को फिर से खड़ा करेगा (भजन 75:2-7)। भजन संहिता 82 में, परमेश्वर ने भ्रष्ट शासकों को फटकार लगाईं और उनके विनाश की चेतावनी दी (भजन संहिता 82:1-8)।
कर्तव्य का निर्वहन समृद्धि और सफलता की कुंजी है। परमेश्वर ने परिवार के भीतर और बाहर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के कर्तव्यों को उनकी विभिन्न भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को बांटकर निर्धारित किया है। सभी के सुख और प्रगति के लिए उन कर्तव्यों को समझना और उन्हें पूरा करना अवश्य है। क्या आप अपने कर्तव्यों को जानते हैं? क्या आप उन्हें अपने जीवन के हर क्षेत्र में पूरा कर रहे हैं? या फिर आप इस दुराचारी संसार के बहकावे में आकर अपने कुछ कर्तव्यों से भटक गए हैं?
आज की पीढ़ी बदलाव चाहती है। इस पीढ़ी के लोग उन चिड़ियों के समान हैं जो घोंसलों में रहने के प्रतिबंधात्मक जीवन से घृणा करती हैं। वे अपने क्षितिज का विस्तार करना चाहते हैं। वे नए पानी का परीक्षण करना चाहते हैं। वे अधिक क्षमता का एहसास करना चाहते हैं। वे नए विस्तार तलाशना चाहते हैं। वे पुरानी रूढ़ियों को मिटाना चाहते हैं (जैसा कि वे उन्हें कहते हैं)। वे दुनिया में क्रांति लाना चाहते हैं। वे उन मूर्ख चिड़ियों के समान हैं जो अपने अंडे नष्ट होने के लिए छोड़ देती हैं और जिन्हें शिकारी अपने जाल में फँसाते हैं।
आप एक ऐसी चिड़िया के बारे में क्या सोचेंगे जो अंडे देती है और फिर उन्हें खुद को खोजने के लिए आसमान में भटकने के लिए छोड़ देती है? आपको वर्तमान समय की पक्षी-मानसिकता वाली इस पीढ़ी के बारे में भी यही सोचना चाहिए जो मानव अस्तित्व, कार्य-भूमिकाएँ, नैतिकता, उत्पादकता और रिश्तों की नए सिरे से परिभाषा कर रही है। उन्होंने अपना दिमाग खो दिया है, क्योंकि परमेश्वर ने उन्हें अनुचित काम और अधर्मी चीजें करने के लिए उनके विनाशकारी मनों पर छोड़ दिया है (रोमियों 1:28)। वे खुद को ही खोजना चाहते हैं? परमेश्वर ने उनकी भूमिकाएँ निर्धारित कीं, और उन्हें उन्हीं तय भूमिकाओं को पूरा करना चाहिए।
वे कहते हैं कि लड़कों को गुड़ियों से खेलना चाहिए और लड़कियों को बंदूकों से। लड़कों को क्लब में गाना चाहिए और लड़कियों को फुटबॉल खिलाड़ी होना चाहिए। लड़कों को लंबे बाल और झुमके पहनने चाहिए और लड़कियों को डेनिम और बूट्स के साथ छोटे बाल पहनने चाहिए। लड़कों को नर्स और लड़कियों को डॉक्टर बनना चाहिए। लड़कों को सहमत होना चाहिए, और लड़कियों को स्वतंत्र होना चाहिए।
इसलिए आज महिला फाइटर पायलट हैं, पुरुष घरेलू दाई के रूप में काम करते हैं, कॉलेज छात्र पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों को चुनाव में जीताते हैं, श्रमिक संघ कंपनियों को बंद कर रहे हैं, पत्नियां पतियों की अवहेलना कर रही हैं, बच्चे तलाक लेने वाले माता-पिता से नफ़रत करते हैं, पुलिसकर्मी अपराधियों को पीट-पीटकर जान से मार रही हैं, अपना कैरिएर बनाने में व्यस्त महिलाएं अपने पतियों को पीछे त्याग रही हैं, पुरुष अपना स्त्रैण-पक्ष सीख रहे हैं, महिला न्यायाधीश और महिला राज्यपाल हैं, पूंजीगत मामलों में फैसला सुनानेवाली अनपढ़ ज्यूरी है, और मूर्ख एथलीट और अभिनेता उद्दोगपतियों से अधिक पैसा कमाते हैं।
सेना में लड़कियां हैं जो घर पर उनका इंतजार कर रहे लड़कों को चिठ्ठियां लिखती हैं, शादी से पहले एक साथ रहने वाले जोड़े हैं, कलीसियाओं में महिलाएं मतदान करती हैं, डिकन (कलीसिया में पास्टर के अधीनस्थ सेवक) पास्टरों की नियुक्ति करने और हटाए जाने के फैसले लेते हैं, आध्यात्मिक रूप से अपने परिवार की अगुवाई करने वाली महिलाएं हैं, ऐसी पत्नियाँ हैं जो अपने शौक पुरे करने के लिए अपने कामकाजी पतियों से दिन-रात काम कारवाती हैं, युवावस्था में बेटियों के विवाह न करने का समर्थन करने वाली महिलाएँ हैं, महिला-पास्टर हैं। क्या ही पागलपन है!
क्या यह पुराने ज़माने की शैली है? क्या यह पुरातनपंथी सोच है? एक कालभ्रम है? केवल उतना ही जितना कि चिड़ियों से अपने घोंसलों में रहने और अपने अंडे देने की अपेक्षा की जाती है। पुराने ज़माने की शैली बुद्धि है। इसपर विश्वास करो। इसे अपनाओ। इस पर अमल करो। यह संसार अपनी व्यापक दुष्क्रियता से अपने विचारों के दिवालियापन को पहले ही सिद्ध कर चुका है।
परमेश्वर ने इस विश्व को और उसमें मौजूद प्रत्येक भूमिका और संबंध को बनाया (उत्पत्ति 1:1)। वह उसके द्वारा तय भूमिकाओं में किसी भी परिवर्तन को स्वीकार नहीं करता है। कोरह मूसा और हारून के अधीन लेवी होने से असंतुष्ट था, इसलिए परमेश्वर ने उसे और उसके परिवार को जीवित दफन कर दिया। उज्जिय्याह परमेश्वर के पक्ष में राजा होने से असंतुष्ट था, परन्तु जब उसने एक दिन के लिए याजक बनने का दुस्साहस किया, तो परमेश्वर ने उसे जीवन भर के लिए कोढ़ी बना दिया।
आज माएँ अजन्मे बच्चों का ऐसे तरीकों से गर्भपात कराती हैं जो पहले से तय, परपीड़क और हिंसक हैं – एक ऐसा अत्याचार जो वे पागल कुत्तों पर भी कभी नहीं करने देंगे। इस पीढ़ी का वर्णन करने के लिए सुलैमान को एक भटकती हुई चिड़िया के दृष्टांत का उपयोग करने की ज़रूरत नहीं होती। ये आधुनिक दुष्ट मानव-प्राणी अपने स्वार्थ के लिए अपने ही बच्चों का नाश कर देते हैं। असली और सच्ची माएँ कहाँ हैं?
परमेश्वर यहोवा यों कहता है! स्त्री को पुरुष के लिए बनाया गया था, और उसे घर पर अपने प्राथमिक कर्तव्यों को पूरा करते हुए आज्ञाकारी और समर्पित पत्नी बनना है (उत्पत्ति 3:16; 1 कुरिन्थ 11:9; तीतुस 2:4-5)। यदि वह मानव-सफलता के लिए इस ईश्वर-प्रदत्त आज्ञा के प्रति बेचैन या क्रोधित हो जाती है, तो समाज का तुरंत ही बिगड़ना शुरू हो जाता है, उसका परिवार वास्तविक पीड़ा झेलता है, और यदि उस में कोई ज़मीर या विवेक जिंदा हो तो वह अपने को एक अभागी स्त्री पाएगी। सबूत? कुदरत इसकी शिक्षा देती है, जैसे चिड़िया अपने घोसले से भटकती है।
तथाकथित नकली मसीही लोग भी आज यही कर रहे हैं। मूर्ख स्त्रियाँ सदा सीखती रहती हैं, परन्तु सत्य के ज्ञान तक कभी नहीं पहुँच पाती (2 तीमुथियुस 3:6-7)। वे घर पर अपने पतियों को परमेश्वर के वचन का अर्थ पूछने के बजाय वे घर पर अपने पतियों को परमेश्वर का वचन पढ़ाना चाहती हैं (1 कुरिन्थ 14:34-35)। वे चर्च में बड़ी भूमिकाएँ चाहती हैं। वे एक आवाज़ बनना चाहती हैं। वे उपदेश देना चाहती हैं। वे अपनी कमज़ोर क्षमताओं को उन विषयों पर लागू करने के लिए जिनमें वे कभी निपुण नहीं बन सकती, एक सेमीनार से दूसरे सेमीनार में दौड़ती रहती हैं, जिनका आध्यात्मिक प्रगति में या तो बहुत कम मूल्य या कोई मूल्य ही नहीं है, और जो स्थापित सत्य और उसपर आधारित मानव-आचरण को कमज़ोर बना देते हैं।
परन्तु पुरुष भी उतने ही बुरे होते हैं। सत्य यह है कि, अगर पुरुषों ने ईश्वर-प्रदत्त अपनी भूमिकाओं का निर्वहन किया होता तो स्त्रियाँ भी ईश्वर-प्रदत्त अपनी भूमिकाओं में होतीं। एक दुष्क्रिय जीवन के लिए ज़िम्मेदार सबसे प्रभावशाली कारक एक आलसी पिता है। परमेश्वर ने पुरुष को यह आज्ञा और भूमिका दी कि वह अपने बच्चों की रक्षा करे और उन्हें प्रशिक्षित करे; बाइबल ऐसी चेतावनियों और आज्ञाओं से भरी हुई है। परन्तु पुरुष अनावश्यक ओवरटाइम काम करने में और अपने अधर्मी मित्रों के साथ पार्टियाँ करने में समय बर्बाद करते हैं, या व्यभिचारी स्त्रियों के लिए घर छोड़ देते हैं। और अगर वे घर पर रहते भी हैं, तो वे टीवी पर क्रिकेट देखते हैं, इंटरनेट पर समय बिताते हैं, या अपने किसी शौक को पूरा करने में व्यस्त रहते हैं। वे अपने बच्चों के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में अपनी भूमिका खो देते हैं।
वे साल में एक बार स्पोर्ट्स डे पर अपने बेटों की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का हवाला देकर या उनके विवाहों में ख़ुशी-ख़ुशी एक भव्य विवाहोत्सव में रूपया खर्चा करके घर पर उनके साथ समय न बिता पाने और उन्हें बाइबल से शिक्षा न दे पाने की लीपापोती करते हैं, परन्तु वे अपनी ज़िम्मेदारी को लेने से, और अपने बेटों की बुद्धिमानी से विवाह करने सहायता करने में स्वयं की जबाबदेही से इनकार करते हैं। बहुत व्यस्त होने और अपने बच्चों में कोई दिलचस्पी न लेने के कारण, उनके बेटे शायद ही कभी उनसे कोई महत्वपूर्ण बात पूछते हैं। अगर बेटा या बेटी कोई गंभीर सवाल पूछते हैं, तो वे अक्सर जवाब देते हैं, “अपनी मां से पूछो।” अब्राहम और यहोशू जैसे पुरुष कहां हैं जिन्होंने शक्तिशाली पुरुषों के रूप में अपने परिवारों का नेतृत्व किया (उत्पत्ति 28:19; यहोशू 24:15)?
कुलपिताओं का औपचारिक युग मूसा के साथ समाप्त हुआ (रोमियों 5:12-14)। परन्तु स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा से प्रेम करने और उसकी सेवा करने में अपने परिवार की अगुआई करके प्रत्येक क्रिश्चन मनुष्य को कुलपिता होना चाहिए। उसे अपनी पत्नी का नेतृत्व करना चाहिए, बच्चों को प्रशिक्षित करना चाहिए, और अपने स्थानीय कलीसिया में एक स्तंभ बनना चाहिए। उसे फलवन्त जीवन जीने, यीशु मसीह के राज्य की सेवा करने, और परमेश्वर के सामने खड़े होने और न्याय के दिन में उनके जीवन का हिसाब देने के लिए तैयार रहने उसके अधीन सभी को तैयार करने की अपनी भूमिका को पूरा करना चाहिए।
एक विश्वासयोग्य व्यक्ति अपने पद और प्रभाव को न भूलेगा, न नज़रअंदाज़ करेगा और न ही उनसे भागेगा। वह अवसर का लाभ उठाएगा और अपने परमेश्वर और अपने परिवार के लिए इसका अधिकतम लाभ उठाएगा। वह अपनी इन भूमिकाओं और कर्तव्यों को संडेस्कूल के शिक्षकों या पास्टर पर नहीं छोड़ेगा। वह इन भूमिकाओं और कर्तव्यों को अपनी पत्नी पर नहीं छोड़ेगा। वह इस बात की परवाह नहीं करेगा कि यह अधर्मी संसार पृथ्वी पर परमेश्वर की विधियों का अंत कर देने की उसकी दुष्ट चाल के तहत हर तरफ पिताओं का उपहास उड़ाता है। वह मर्द बनेगा और अपने परिवार के लिए परमेश्वर का प्रतिनिधि होगा।
वह अंत के दिनों के संकटमय समय को पहचानता है (2 तीमुथियुस 3:1-4:4)। वह यहोवा के लिये बाड़े को सुधारना चाहता है, और नाके में खड़ा होना चाहता है; वह यह जानकर कि परमेश्वर एक विश्वासयोग्य मनुष्य की खोज कर रहा है, प्रेरित होता है (यहेज 22:30)। यद्यपि अन्य सभी पुरुष समझौता करते हैं, वह जानता है कि वह अपने प्रभु के अलावा किसी और से लोकप्रियता की प्रतियोगिता में नहीं है। वह यहोवा के प्राचीन मार्गों पर बना रहता है, और वह अपने घराने को उन्हीं मार्गों पर चलाता है (यिर्मयाह 6:16), और वह भक्ति का अनुसरण करता है और अपने परिवार पर उसे लागू करता है।
इस विकृत मानसिकता का स्रोत क्या है? मनुष्यों ने न तो परमेश्वर की महिमा की और न ही सत्य के उस के प्रकाशन के लिए उसे धन्यवाद दिया, इसलिए उसने उन्हें अंधा कर दिया कि वे चीजों का सही मार्ग बिगाड़ दे और पुरुषगामिता जैसी बीमार विकृतियों के पीछे भागें (रोमियों 1:18-32)। आधुनिक मनुष्य का विक्षिप्त मन – पुरुषगामिता, गर्भपात, रैप स्त्रीवाद, और ऐसे ऐसे कई आन्दोलन- उसकी उपेक्षा करने के लिए परमेश्वर की ओर से उन्हें मिला प्रतिफल है। आज का जगत उद्विकासवाद के गड्ढों में भटक गया, इसलिए धन्य परमेश्वर ने मनुष्यों को सभी प्रकार के घृणित कार्य करने के लिए विनाशकारी मन पर उलट दिया है। आज समलैंगिक लोग प्रचारक, पुलिसकर्मी और पालक हैं। अधर्म!
उसके महिमामयी नाम की स्तुति करो! कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो कभी नहीं बदलतीं। पुराने नियम का यहोवा -विश्वव्यापी बाढ़, सदोम का अग्नि-तांडव, और फिरौन और उसकी सेना के डूब जाने पर चिंतन करें -और नासरत का यीशु मसीह एक ही है, जो समस्त विश्व पर स्वर्ग के संप्रभु राजा के रूप में शासन करता है। “यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक सा है” (इब्रानियों 13:8)। मनुष्य का संपूर्ण कर्तव्य आज भी परमेश्वर का भय मानना और उसकी आज्ञाओं का पालन करना ही है (सभोपदेशक 12:13-14)।
बाइबल के यहोवा परमेश्वर ने इस्राएल में एक ऐसी ही स्थिति का रेखांकन किया है – यहूदियों पर उनके समझ-बूझकर किए विद्रोह के लिए उनका न्याय (यशा. 3: 1-26)। उसने उनके शक्तिशाली पुरुषों को छीन लिया, और स्त्रियों और बच्चों को दंड देने के लिए उन्हें त्याग दिया, और स्पष्ट रूप से उन्हें कई मूर्खतापूर्ण गलतियों को करने की ओर ले गया। उसने प्रतिज्ञा कीं कि वह घमंडी और ज़िद्दी औरतों के कपड़े उतार देगा और उन्हें सड़ने के लिए छोड़ देगा। क्या यह बहुत कठोर है? आप उस चिड़िया के साथ क्या करेंगे जो अण्डों का एक घोंसला छोड़ गई है?
पाठक, क्या आप उस भूमिका पर खड़े हैं जो आपके सृष्टिकर्ता ने आपको सौंपी है? यदि आप एक स्त्री है, क्या आप एक प्रेम करने वाली, आज्ञा मानने वाली, सेवा करने वाली और प्रतीक्षा करने वाली पत्नी के रूप में खुश हैं? यदि आप पुरुष है, तो क्या तू उत्साह के साथ अपनी पत्नी की अगुवाई और उससे प्रेम करता है और अपने बच्चों को यहोवा का भय मानने की शिक्षा देता है? यदि आप एक कर्मचारी हैं, तो क्या आप अपने स्वयं के बजाय अपनी कंपनी के लक्ष्यों को ईमानदारी से पूरा करते हैं? यदि आप एक बच्चे हैं, तो क्या आप अपने माता-पिता के लिए आभारी हैं और उन्हें उचित रूप से सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं? यदि आप एक क्रिश्चन हैं, तो क्या आप उस चर्च में हैं जहाँ आप आत्मा और सच्चाई से यीशु मसीह की आराधना कर सकते हैं? या कही ऐसा तो नहीं कि आप समझ के मार्ग से भटक कर मरे हुओं की मण्डली में जा मिले हैं (नीतिवचन 21:16)?
क्या आप अपने परिवार में, स्कूल में, नौकरी पर, सरकार के अधीन और चर्च में अपनी जगह जानते हैं? क्या आप इन और अन्य भूमिकाओं, संबंधों, और आपकी जिम्मेदारियों में आपके व्यवहार और आचरण के लिए परमेश्वर के नियमों को जानते हैं? आपको अपना स्थान जानने की आवश्यकता है, और उस स्थान पर सफल और सुरक्षित होने के लिए जो आवश्यक आचरण है उसके सम्बन्ध में परमेश्वर की आज्ञाओं को जानने की आवश्यकता है। आप के लिए ज़रूरी सभी बातें बाइबल में पाई जाती है, जो बुद्धिमान और फलवन्त जीवन के लिए एक मार्गदर्शिका है।
पौलुस ने सिखाया, “हर एक जन जिस दशा में बुलाया गया हो, उसी में रहे” (1 कुरिन्थियों 7:20-24)। भूमिकाओं और संबंधों को बनाए रखना है, इस में अविश्वासी भी शामिल हैं। यद्यपि एक साथी विश्वासी शामिल हो, फिर भी कर्त्तव्य और उत्तरदायित्व बना रहता है (1 तीमुथियुस 6:1-2)। यद्यपि विश्वासी पुरुष और स्त्री मसीह में समान हैं, धर्मी स्त्रियाँ जानती हैं कि उनकी भूमिका अपने पति के प्रति अधीनता और उनका आदर करना है, फिर पति चाहे अविश्वासी ही क्यों न हों (तीतुस 2:3-5; 1 पतरस 3:1-6)।
परमेश्वर और उसके नियमों से चिढ़ने के बजाय, उनसे प्रेम करो और उनका पालन करो। उसने जो भूमिकाएँ और कर्तव्य निर्धारित किए हैं, वे उसकी महिमा और आपकी भलाई के लिए हैं। वे सामान्य रूप से मानव जाति और विशेष रूप से परमेश्वर के राज्य की रक्षा, अटलता, और समृद्धि के लिए परमेश्वर की ओर से मिले बुद्धि के वरदान हैं। यदि आप परिवर्तन के वर्तमान और आधुनिक मार्ग को अपनाते हैं या चुनते हैं, तो आप प्रकट करते हैं कि आप पर भरोसा करने वालों की परवाह किए बिना आप एक मूर्ख चिड़िया हैं, और आपको स्वयं दंडित किया जाएगा।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।