नीतिवचन 27:4
क्रोध तो क्रूर, और प्रकोप धारा के समान होता है, परन्तु जब कोई जल उठता है, तब कौन ठहर सकता है।
क्रोध अनर्थकारी है, परन्तु जलना उससे भी ज्यादा अनर्थकारी है। क्रोधी स्वभाव थोड़े समय के लिए विनाशकारी होता है, परन्तु जलन व्यक्ति के मन में ऐसी कड़वाहट उत्पन्न करती है जो कभी मिटती नहीं। मनुष्य क्रोध के कारण अपना आपा खो सकता है, परन्तु जलन या ईर्ष्या हर चीज़ को विषैली दृष्टि से देखती है। क्रोध कुछ समय के लिए भावनाओं को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन जलन आपके प्राण को तब तक खाएगी जब तक आप मृत्यु के अधोलोग में नहीं पहुँच जाते।
क्रोध और प्रकोप सर्वविदित है। ये दोनों गुण आवेशपूर्ण आक्रोश, तेज़ गुस्सा या चिड़चिड़ापन, या किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति नाराज़ी हैं। परमेश्वर ने अनुचित क्रोध की निंदा की है, और वह चाहता है कि उचित क्रोध शाम ढलने से पहले शान्त हो जाए (भजन 37:8; मत्ती 5:21-22; इफि 4:26,31-32)। क्रोध को ज़रूर क़ाबू में रखा जाना चाहिए (नीतिवचन 14:17,29; 16:32; 19:11; सभोपदेशक 7:9; याकूब 1:19-20)। क्रोधी पुरुषों से बचना चाहिए, ऐसा न हो कि आप उनके जैसा सोचना और आचरण करना सीख जाएं (नीतिवचन 13:20; 22:24-25; 1 कुरिन्थ 15:33)।
क्रोध और प्रकोप मनुष्यों को क्रूर और शर्मनाक कार्य करने के लिए उकसाते हैं। हिंसक भावनाएँ बहुत प्रचण्ड होती हैं; वे मनुष्य की अच्छी सोच-समझ और सामान्य ज्ञान को अपने क़ाबू में ले लेती हैं। क्रोध मनुष्य को कुछ समय के लिए पागल बना देता है। इस्राएल ने मूसा को भड़काया, और उसकी क्रोधित और अविवेकपूर्ण प्रतिक्रिया के कारण उसे कनान देश में प्रवेश से वंचित रहना पड़ा (भजन 106:32-33)। क्रोध मूर्खतापूर्ण झगड़ों और परेशानियों का कारण बनता है जिनसे मनुष्य चाहे तो बच सकते हैं (नीतिवचन 29:22)। क्रोध मनुष्य को ठट्ठा करनेवाला बना सकता है (नीतिवचन 21:24)।
जब शकेम ने शिमोन और लेवी की बहन को भ्रष्ट किया तो वे दोनों इतने क्रोधित हुएं कि उन्होंने उसके साथ अपने पिता की वाचा की अनदेखी की और उसके पूरे खानदान और नगरवासियों मौत के घाट उतार दिया (उत्पत्ति 34:1-31; 49:5-7)। जब ज्ञानी पुरुष यीशु को देखने के बाद वापस राजा हेरोदेस के पास नहीं लौटें तो उसने अपने क्रोध के कारण बेथलहम और उसके आसपास के सभी बच्चों को मरवा दिया (मत्ती 2:16)। क्रोध तो क्रूर, और प्रकोप धारा के समान होता है!
लेकिन जल उठना क्या है? जलन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्राप्त लाभ के बारे में दर्दनाक या क्रोधपूर्ण जागरूकता, और शत्रुतापूर्ण और दुर्भावनापूर्ण भावना से उसी लाभ को प्राप्त करने की इच्छा करना। क्रोध या प्रकोप तो तुरंत ख़त्म हो जाता है, लेकिन जलन आपको हमेशा दूसरों की श्रेष्ठता की याद दिलाने के लिए आपके मन में पनपती रहती है। क्रोध क्षण भर के लिए अंधा कर देता है, लेकिन जलन स्थायी रूप से अंधा कर देती है, जिससे आपका पूरा जीवन दूसरों की सफ़लता देखकर जहरीला बन जाता है।
जलन क्रोध या प्रकोप से भी बदतर है। इसे क्रोध और प्रकोप की तरह किसी उकसावे की आवश्यकता नहीं है। लोग दूसरों में अच्छाई और समृद्धि को देखकर उन से जलते हैं! जलन मनुष्य के हृदय में गहरी होती है और उसे मिटाना कठिन होता है, जबकि क्रोध समाप्त होने पर क्रोध शीघ्र ही दूर हो जाता है। जलन दूसरे के अपराध को माफ नहीं करेगी; समय के बीत जाने पर भी, प्रतिशोध की भावना अभी भी उबल रही होती है। और इनका सबसे खतरनाक पहलु यह है कि जलन दृष्टि से छिपी हुई होती है, इसलिए लोग दूसरे के दिल में इसके उभरते खतरे से अनजान होते हैं।
दाऊद राजा शाऊल के लिए पूर्ण रूप से उपयुक्त था। वह वीणा बजाकर उसके व्याकुल मन को शान्त करता था; वह उसके बेटे का घनिष्ठ मित्र था; उसने उसकी बेटी से शादी की; उसके लिए लड़ाईयाँ लड़ी; इस्राएली जनता उसका आदर करते थीं; वह अत्यंत बुद्धिमान था; उस पर पूरा विश्वास किया जा सकता था; और यहोवा उसके साथ था। परन्तु जब शाऊल ने दाऊद के प्रति इस्राएल के प्रेम को देखा तो वह जल उठा (1 शमू 18:6-11)। शाऊल को उसका अच्छा उपयोग करना चाहिए था; उसे उसकी बुद्धि और परमेश्वर के साथ उसके जैसी संगति में आने की खोज करनी चाहिए थी; इसके बजाय उसने बार-बार उसे मारने की कोशिश की।
याकूब राहेल से सबसे अधिक प्रेम करता था, परन्तु वह अपनी बहन लिआ से जलन रखती थी, क्योंकि उसने याकूब के लिए बच्चें जने थें (उत्पत्ति 30:1)। यूसुफ के दस भाई उससे जलन रखते थें, क्योंकि उसका पिता उससे उनसे अधिक प्रेम करता था, और यद्यपि वह एक नेक युवक था, उन्होंने उसे दास बनने के लिए मिस्र के व्यापारियों को बेच दिया (उत्पत्ति 37:11; प्रेरितों के काम 7:9)। यहूदियों ने जलन के कारण निर्दोष प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया (मत्ती 27:18)। दूसरों के जीवनों में ऐसी आशिषों और अच्छाइयों ने लोगों के मनों में ऐसे कड़वे और दुष्ट कार्यों को कैसे जन्म दिया? जलन जघन्य पाप है!
योआब दाऊद का भतीजा था। वह एक महान योद्धा और 40 वर्षों तक दाऊद के शक्तिशाली लोगों का कप्तान था। उसने ईमानदारी से दाऊद की सेवा की, उसने दाऊद की रक्षा करने और उसके राज्य को बढ़ाने के लिए अक्सर अपनी जान जोखिम में डाली। परन्तु वह अपनी आत्मा पर शासन नहीं कर सका, और जलन के कारण उसने अपने से बेहतर दो व्यक्तियों की हत्या कर दी जिनका दाऊद ने सम्मान किया था (1 राजा 2:5-6,28-34)। सुलैमान को उसे मारना पड़ा।
मूसा को एक बार यहोशू की जलन का सामना करना पड़ा और उसे सुधारना पड़ा। जब यहोशू ने सुना कि छावनी में दो मनुष्य भविष्यद्वाणी कर रहे हैं, तो मूसा के कारण डाह करके उसने मूसा से उन्हें रुकने की आज्ञा देने को कहा। परन्तु मूसा ने कहा, “क्या तू मेरे कारण जलता है? भला होता कि यहोवा की सारी प्रजा के लोग नबी होते, और यहोवा अपना आत्मा उन सभों में समवा देता!” (गिनती 11:27-30) आमीन!
परमेश्वर के पवित्र विधान ने आपके जीवन की हर घटना को पहले से ही निर्धारित कर रखा है, यहाँ तक कि पाप और उसके परिणामों को भी। इसलिए, दूसरों की कामयाबी से जलन रखना परमेश्वर और उसके फैसले की ठट्ठा करना है (नीतिवचन 19:3; 1 कुरिन्थ 4:7)। इसके बजाय, जो आपके पास है उसके लिए आभारी रहें; उन लोगों को क्षमा करो जिन्होंने तुम्हारे विरुद्ध पाप किया है; अपनी महिमा के लिए परमेश्वर ने आपके जीवन में जो जो दिया है उन सब बातों के लिए उसकी प्रशंसा करें (नीतिवचन 16:4; दानि 4:35; रोमियों 11:36)।
यह घृणास्पद है जब गरीब लोग अमीरों से जलन रखते हैं, और वे अक्सर जलन रखते भी हैं। यदि अमीरों ने देश की अर्थव्यवस्था में अपनी पूंजी और विशेषज्ञता को जोखिम में नहीं डाला होता, तो गरीबों के पास कुछ भी नहीं होता, यहां तक कि नौकरियां भी नहीं। गरीब लोगों को उनके पास जो कुछ भी है उसके लिए आभारी होना चाहिए, और उन्हें आभारी होना चाहिए कि परमेश्वर ने कुछ लोगों को अमीर बनाया है जो उनके लिए नौकरियां उपलब्ध कराना चाहते हैं।
यदि आप जलन को नष्ट नहीं करते हैं – अर्थात् दूसरों के अपराधों को क्षमा करना और उनके जीवन में परमेश्वर की आशिषों पर खुशी मनाना नहीं सीखते हैं, तो आप अपने ही प्राण का विनाश कर देंगे। जलन का ज़हर कैंसर की तरह आपके दिल को खा जाएगा, जब तक कि यह आपके जीवन को कड़वे आक्रोश से नहीं भर देगा (नीतिवचन 14:30; अय्यूब 5:2)। तुम जीने का अपना ही आनंद खो दोगे; जलन के कारण आप ग़लत फैसले ले लेंगे, जैसे किसी रिश्तेदार या मित्र की कार को देखकर खुद भी बजट न होने पर भी कार खरीदकर खुद को कर्ज़े में डालना और अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की शिक्षा और बेहतर निवेश के बजाए किसी और चीज पर बर्बाद कर देना। सबसे बुरी बात यह है कि दूसरों के प्रति आपका जलन से भरा द्वेष उनका कुछ नहीं बिगाड़ता। वे आपके बिना फलते-फूलते रहते हैं। और आप खुद को पीड़ा देते हैं।
जलन बराबरी करने की प्रतिस्पर्धी की ओर ले जाती है (गला 5:20)। प्रतिस्पर्धी क्या है? यह किसी उपलब्धि या गुणवत्ता में दूसरे के बराबर या उससे आगे निकलने की होड़ या प्रयास है। यह सत्ता या सम्मान के लिए समाज के लोगों के बीच महत्वाकांक्षी प्रतिद्वंद्विता है; यह दूसरों की श्रेष्ठता के प्रति दुर्भावना रखना है। जलन और प्रतिद्वंद्विता भयानक पाप हैं, और परमेश्वर को उनसे घृणा है, क्योंकि उनकी पैदाईश नरक से है (याकूब 3:14-16)। ख्रिश्चन विश्वासी दूसरों को दिए गए आशीर्वाद और सम्मान से आनन्दित होते हैं (रोमियों 12:15; 1 कुरिन्थ 12:26)।
ख्रिश्चन पाठक, क्या आप अपने जीवन में सब लोगों के लिए खुश हैं? क्या आप उन लोगों की सफलताओं और खुशियों से आनन्दित हैं जिन्होंने आपके साथ अन्याय किया है? या क्या पाप के कारण आपके अंदर कड़वाहट की जड़ अब भी है जो आपकी आत्मा के जीवन को ख़त्म कर देगी? गुस्सा और क्रोध तो क्षणिक मूर्खता का कारण बन सकता है, लेकिन जलन आपके जीवन को ख़त्म और नष्ट कर देगी। क्रोध और प्रकोप शैतान को जगह देते हैं (इफि 4:26-27), लेकिन जलन अपने आप में शैतान है (यशायाह 14:14; 1 तीमु 3:6)। बुद्धिमान बनो, और तीनों पापों को अपने जीवन से दूर करो!
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।