नीतिवचन 27:12
बुद्धिमान मनुष्य विपत्ति को आते देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़े चले जाते और हानि उठाते हैं।
सावधान रहें! सतर्क रहें! चौंकिए मत! आपके साथ ऐसा क्या हो सकता है जिससे आपको नुकसान पहुँच सकता है? आशावाद जोखिम से भरा है; निराशावाद में सुरक्षा है। बुद्धि और ज्ञान सीखो। बुद्धिमान लोग आगे की ओर देखते हैं और हानि उठाने, पीड़ा भुगतने या परेशानी से बचने के लिए अपने जीवन को समायोजित करते हैं। बुद्धिमान लोग आने वाले उन बदलावों के प्रति सतर्क रहते हैं जिनकी उन्हें कीमत चुकानी पड़ सकती है, और इसलिए वे उनसे बचते हैं। मूर्ख मनुष्य भविष्य की परवाह किए बिना दिन-ब-दिन जीते रहते हैं और जीवन में बार-बार होने वाले बदलावों में फँस जाते हैं, जिसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ता है।
आप जो सुनते या पढ़ते हैं क्या आप उन सब बातों पर विश्वास करते हैं? आप जो सुनते या पढ़ते हैं क्या आप उसके प्रति निश्चयकारी और प्रतीतिवादी हैं? सावधान रहें! सतर्क रहें!बुद्धिमान लोग अप्रमाणित दावों या परिस्थितियों के प्रति सतर्क, आलोचनात्मक, निराशावादी और संशयवादी होते हैं। वे जो कुछ भी सुनते या पढ़ते हैं उस पर आसानी से विश्वास नहीं करते हैं, और वे संभावित खतरे का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किए बिना निर्णय नहीं लेते हैं (नीतिवचन 14:15)। केवल मूर्ख और भोले लोग ही भविष्य को भोलेपन से देखते हैं और आशावादी बनकर आगे बढ़े चले जाते हैं। और उन्हें इसकी सज़ा मिलती है।
बुद्धिमानी या विवेक चीजों को वस्तुनिष्ठ तरीके से परखने की शक्ति है। किसी भी मामले में निहित-समस्याओं या निहित-खतरों का पता लगाना और सबसे लाभदायक मार्ग खोजने के लिए कार्यों में बदलाव करके उनसे बचना विवेक या व्यावहारिक बुद्धि है। जाहिर है, बुद्धिमान लोग मूर्खों की तुलना में अधिक धीमी गति से आगे बढ़ते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि जल्दबाजी या जल्दबाजी में लिए गए निर्णय जोखिम भरे होते हैं (नीतिवचन 14:29; 19:2; 21:5; 25:8; 29:20; 2 तीमु 3:4)। बुद्धिमानीपूर्ण जीवन जीने के लिए यह नियम इतना महत्वपूर्ण है कि सुलैमान ने हमारे लिए इस नियम को नीतिवचन 22:3 में फिर एक बार दोहराया।
बुद्धिमान – अर्थात् सतर्क विवेक वाला – मनुष्य आगे देखता और छलावे या जोखिमों को देख लेता है। वह अपनी मान्यताओं या काम करने के अपने तौर-तरीकों को बदलकर उन खतरों से खुद को छुपा लेता है। वह कभी भी झूठ पर विश्वास करते या जाल में फंसते नहीं पकड़ा जाएगा। दूसरी ओर, भोले-भाले लोग ख़ुशी ख़ुशी अपने जीवन में कुछ भी होने देते हैं। वे इस बात पर कोई सवाल नहीं करते कि वे क्या मानते हैं या क्या कर रहे हैं। वे बस आगे बढ़े चले जाते हैं और बार-बार उन खतरों और जोखिमों से घिर जाते हैं जिन्हें उन्होंने नज़रअंदाज कर दिया था।
निस्संदेह, आपका मूर्ख स्वभाव वही करना चाहता है जो उसे अच्छा लगता है, और वह उसे अभी करना होता है! मूर्ख मित्र और उनका दबाव जीवन के प्रति इस पागलपनपूर्ण दृष्टिकोण को और भी उकसाकर उसे बढ़ावा देते हैं। यह विवेक ही है –बुद्धि और ज्ञान का एक घटक- जो लोगों को प्रेरित करता है कि वे जो कर रहे हैं उस पर ठन्डे दिमाग से सोचें। केवल बुद्धिमान लोग ही निर्णय लेने से पहले मामले की पूरी तफ्तीश करने के लिए प्रत्येक पहलू और पक्ष को सावधानी से परखते हैं – सावधान रहें- (इफि 5:15-17)। मूर्ख लोग अँधा जोश और खोखले आत्मविश्वास से आगे बढ़े चले जाते हैं।
कुछ लोग अपनी जमापूँजी खो देते हैं, संकट के समय अपने अतिरिक्त कौशल का उपयोग नहीं करते, और ज्यादा पैसा बनानेवाली नौकरी की प्रतीक्षा में मौजूदा अवसरों को भी खो देते हैं, जिसमे उनकी ज़िन्दगी के वे उत्पादक साल निकल जाते हैं जिनमें वे अपने लिए कुछ कर सकते थें। तो वही, कुछ लोग अपनी नौकरी खो देते हैं, उनके पास कोई आर्थिक बल नहीं होता, वे अप्रशिक्षित होते हैं, अपने परिवार के लोगों को चोट पहुँचाते हैं, और नहीं जानते कि क्या करें, क्या न करें। कुछ लोग उत्तम माता-पिता बनने के लिए अपने बच्चों की संख्या को सीमित रखते हैं और जो हैं उनकी अच्छी परवरिश करते हैं। तो वही कुछ लोग खरगोश के समान बच्चें पैदा करते हैं और उनके बड़ें होने तक उन सभी में ख्रिश्चन चरित्र का निर्माण करने, घर का खर्च चलाने, पढ़ाई का खर्च, और सबकी शादियाँ, इन सब बातों पर लगनेवाली लागत, परिश्रम, समय या बुद्धि पर विचार नहीं करते हैं।
बुद्धिमान लोग किसी भी चीज़ पर तब तक विश्वास नहीं करेंगे या उस बारे में तब तक कुछ भी नहीं करेंगे जब तक कि वे उस मामले को परमेश्वर के सत्य या उसकी प्रगट इच्छा से प्रमाणित नहीं कर लेते। बाइबल तो प्रेरित पौलुस के उपदेश का भी परीक्षण करने के लिए बिरीयावासियों की सराहना करती है, और थिस्सलुनिकियों को भी ऐसा ही करने का आदेश दिया गया था (प्रेरितों 17:11; 1 थिस्स 5:21)। यह अन्धभक्त मूर्ख हैं जो शाम की खबरों, बच्चों की देखभाल संबंधी मतिभ्रम करनेवाली बातों, किसी भी चरित्र के लोगों की प्रशंसाओं, राजनीतिक पक्ष-विपक्ष के छलपूर्ण जूमलों या किसी भी पास्टर पर सिर्फ़ इसलिए विश्वास करते हैं क्योंकि वह खुद को एक रेवरेंड या थिओलॉजी का डॉक्टर कहता है।
यदि यह धर्म या नैतिकता का मामला न हो, तो वे सुलैमान के नीतिवचन की बुद्धि का व्यवहारिक उपयोग करेंगे (नीतिवचन 1: 1-4), वे कई सलाहकारों की शरण में अपनी सुरक्षा की तलाश करते हैं (नीतिवचन 11:14; 24: 6), और वे खतरे को देखते ही छिप जाते हैं (नीतिवचन 30:26; 6:1-5)। वे अपनी भावना पर भरोसा नहीं रखते (नीतिवचन 26:12; 16:2,25; 21:2)। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं होती कि बाकी सब क्या सोचेंगे या कहेंगे (निर्गमन 23:2)। वे जाँच-पड़ताल किए पुख्ता सबूतों के बिना किसी भी बात पर विश्वास नहीं करते (नीतिवचन 14:15; 13:16)।
बुद्धिमान या चालाक बनने का सबसे अच्छा मार्ग है बाइबल से शिक्षा प्राप्त करना (भजन 19:7-11; 119:98-100; 2 तीमु 3:16-17)। बाइबल में ही परमेश्वर अपना सत्य और सफल जीवन के लिए अपनी इच्छा को प्रकट करता है। नीतिवचन की पुस्तक समृद्ध जीवन के लिए सुलैमान द्वारा लिखित ईश्वर-प्रेरित नीतियाँ हैं। परमेश्वर के सत्य और उपदेशों के बिना, आप मनुष्यों की भावनाओं और व्यर्थ कल्पनाओं की मूर्खता के बड़ी आसानी से शिकार होने के लिए खुले हो जाते हैं। अगर आप परमेश्वर के विश्वासयोग्य सेवकों द्वारा वचन की शिक्षा नहीं पाते हैं, तो आपको चालाक और धोखेबाज़ लोग सिर्फ़ इधर-उधर उछालेंगे (इफि 4:14)। अगर आप विवेक और बुद्धि को सिद्धता से विकसित करना चाहते हैं, तो आपको किसी ऐसे चर्च में जाना होगा जहाँ बाइबल से वचन का ठीक ठीक विभाजन करके उपदेश दिया जाता है।
क्या आप इतने बुद्धिमान या समझदार हैं कि अपनी सब कमाई में से कुछ बचत कर सकें, ताकि भविष्य में अगर कभी आर्थिक मंदी आये तो आप उसमें सुरक्षिक रह सकें (नीतिवचन 30:25)? क्या आपने विनाशकारी आपदाओं के समय के लिए अपनी प्रमुख संपत्तियों का बीमा कर रखा हैं, ताकि आप बर्बाद न हो (नीतिवचन 22:26-27)? क्या आप अपनी या अपने बच्चों की शादी को लेकर बहुत सतर्कता बरतते हैं, ताकि आप बड़ी चालाकी से एक घृणास्पद स्त्री से बच सकें (नीतिवचन 30:21-23; 31:30)? क्या आपने यह निरिक्षण करने के लिए आगे देखा है कि भविष्य में आपको नौकरी, पेशा या व्यवसाय की आवश्यकता होगी या नहीं (नीतिवचन 27:23-24)? क्या आपने अपने बच्चों को प्रशिक्षण दिया कि कैसे अपना भविष्य बर्बाद करने से बचा जाए (नीतिवचन 29:15)?
क्या आप में ऐसा कोई अतिरिक्त कौशल है ताकि आप उसका उपयोग कर सके जब आप अपनी मौजूदा नौकरी खो दें? या फिर आप हर काम में अकुशल हैं और कामगार-छंटनी के पात्र हैं (नीतिवचन 24:27)? क्या आप उन अवसरों के शिकार हो जाते हैं जो अधिक कमाई के वादें करते हैं, या क्या आप उन अवसरों पर सवाल उठाते हैं जो देखने में इतने अच्छे लगते हैं कि उनके सच होने का यकीन नहीं होता? क्या आप बाइबल के ऐसे नए नए संस्करणों के आदि हैं जिनके मूल, पाठ और बुरे नतीजों की जांच नहीं की गई हैं? क्या आप चर्च में जो कुछ भी सुनते हैं उसका बाइबल में प्रमाणिकरण ढूंढते हैं, या मान लेते हैं कि आपने जो कुछ भी सुना वह सही है? आप अपने बच्चों को जो शिक्षा देते हैं क्या आपने उसकी सख्ती से जांच की है ताकि प्रतिफल की संभावना को और बढ़ा सकें? क्या आप अपने वैवाहिक जीवन के स्थायी निर्माण के लिए अपने जीवनसाथी के साथ वैसा आचरण रखते हैं जैसा परमेश्वर ने अपने वचन में करने के लिए कहा है?
क्या आप मेल गिब्सन के “द पैशन ऑफ द क्राइस्ट” की ओर आकर्षित हुए या आपने इसकी रोमन कैथोलिकवाद के केवल एक एनिमेटेड ड्रामा के रूप में पहचान की हैं? क्या आप “दी चोज़न” के शिकार हुए हैं, और एक कल्पित ‘यीशु’ को मानने लग गएँ हैं? क्या आप रिक वॉरेन की पाखंडी पुस्तक के ‘उद्देश्य-चालित’ ख्रिश्चन हैं, या क्या आप आत्माओं का विनाश करनेवाली उसकी इस भयानक झूठी शिक्षा को देख पाएं हैं जो ‘भावना-प्रधान जिज्ञासु’ लोगों के लिए लिखी गई है (2 तीमु 4:3-4)? क्या आपने “लेफ्ट बिहाइंड” उपन्यास पढ़ी हैं, या क्या आप जानते हैं कि मसीह-विरोधी यीशु मसीह के दूसरे आगमन से पहले आता है (2 थिस्स 2:3)? क्या आप आज के “स्वास्थ और समृद्धि” के झूठे सुसमाचारों में विश्वास करते हैं, या क्या आप परमेश्वर-प्रेरित धर्मग्रंथ के प्राचीन मार्गों पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं (नीतिवचन 19:18; 22:15; 23:13-14; यिर्मयाह 6:16)?
नीतिवचन की पुस्तक परमेश्वर की प्रेरणा से लिखी गई और इसे लिखने के लिए उसने सुलैमान को प्रेरित किया कि आपको बुद्धि और ज्ञान की बातें सिखाए। इस नीतिवचन में बुद्धि का नियम यह है कि आप जो कुछ भी विश्वास करते हैं और करते हैं, उसको लेकर अपने विवेक में सतर्क रहें, ऐसा न हो कि आप झूठ पर विश्वास करें और खुद को खतरे में डालें। केवल मूर्ख ही आलोचनात्मक और संदेहपूर्ण विश्लेषण के बिना ही आगे बढ़ते हैं। यदि आप ठन्डे दिमाग से सोचते हैं, अपनी गति धीमी करते हैं और सभी चीजों को बाइबल से प्रमाणित करते हैं तो परमेश्वर आपको धोखाधड़ी और खतरों से सुरक्षित रखेगा, और बचाएगा (1 थिस्स 5:21)। यदि आप सतर्क परिक्षण के बिना ही अपने जीवन में घटनाओं को होने देते रहेंगे, तो आपको बार-बार दंड दिया जाएगा।
भविष्य का सबसे बड़ा खतरा जिसका आपको सामना करना पड़ेगा, वह यीशु मसीह का न्याय सिंहासन है, जब वह आपके जीवन में किए गए हर काम को परखेगा (सभो 12:13-14; रोमियों 14:10-12; 2 कुरिन्थ 5:10-11; इब्रानियों 9: 27; प्रकाशितवाक्य 20:11-15)। अपनी नींद से जागने और उस दिन से छिपने का समय आज ही है (रोमियों 13:11-14; इफि 5:3-7; 1 तीमु 6:17-19)। जितनों ने यीशु मसीह पर विश्वास किया हैं, केवल वे ही उस भयानक दिन परमेश्वर के न्याय से यीशु के पीछे छिपने पाएंगे। परंतु अपनी दुष्टता में आगे बढ़ने वाला मूर्ख ही निकट आ रहे न्याय के दिन की परवाह किए बिना खाता-पीता और मौज-मस्ती करता है। इस जीवन के मूर्खतापूर्ण सुखों से ग्रस्त लोगों को जल्द ही अनंत काल के लिए दण्ड दिया जाएगा। आ, प्रभु यीशु आ!
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