नीतिवचन 25:5

राजा के सामने से दुष्ट को निकाल देने पर उसकी गद्दी धर्म के कारण स्थिर होगी।

जो शासक बुद्धिमान होते हैं उनके पास अपने निर्णयों में सहायता हेतु कई सलाहकार होते हैं। वे अपने राज्य या राष्ट्र के हर हिस्से का पूरा विवरण नहीं जान सकते, इसलिए वे मदद के लिए सलाहकारों पर भरोसा रखते हैं। परन्तु यदि ये सलाहकार दुष्ट हों, तो अच्छा शासक भी बुरे प्रभाव और छल के कारण भ्रष्ट हो जाता है। ऐसे दुष्ट सलाहकारों को हटाया जाना ज़रूरी होता है, ताकि राज्य या राष्ट्र सत्य और न्याय में समृद्ध हो सके। यहां सुलैमान की ओर से उसके पुत्र को यह ज्ञान दिया गया है जिससे कि वह एक महान राजा बने और आप भी सफलता का मूलमंत्र सीखें।

इस नीतिवचन को समझने में संदर्भ सार्थक है (नीतिवचन 25:4)। अच्छा शासक चाँदी के समान होता है, और दुष्ट सलाहकार मैल के समान होते हैं। यदि मैल हटा दिया जाए, तो शासक शुद्ध होकर अपने राज्य को समृद्धि की ओर ले जाएगा। सत्य और न्याय देश को ऊंचाई पर ले जाते हैं, इसलिए दुष्टता को कुचल दिया जाना ज़रूरी होता है ताकि देश परमेश्वर की आशीष से समृद्ध हो सके (नीतिवचन 14:34; 20:26)। मैल उस काई के लिए एक अच्छा शब्द है जो संवैधानिक रूप से चुने हुएं शासकों को ख़राब करने के लिए ऊंचे स्थानों पर इकट्ठा होता है। लेकिन एक महान नेता उन्हें शुद्धता की भट्टी की आग में डालकर अपने से दूर कर देता है (नीतिवचन 20: 8)।

अच्छी सरकार के लिए बुद्धिमान और वफादार सलाहकार महत्वपूर्ण हैं। एक शासक का कार्यकाल सत्य और न्याय पर निर्भर करता है (नीतिवचन 16:12; 29:14)। अच्छे सलाहकार ढूंढना नेताओं के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। दाऊद अपने प्रशासन और घर से दुष्ट लोगों को दूर ही रखता था (भजन 101:3-8)। उसने सुलैमान से दो वरिष्ठ अधिकारियों को मरवा दिया, भले ही उनमें से एक उसका भतीजा और सेनापति था (1 राजा 2:5-10)। जब राष्ट्र सत्य की ओर पुनर्जीवित हुआ तो आसा ने अपनी माँ को रानी के पद से हटा दिया (1 राजा 15:13)।

मूसा के ससुर यित्रो ने उससे कहा, “फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरुषों को छाँट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उनको हज़ार–हज़ार, सौ–सौ, पचास–पचास, और दस–दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे” (निर्गमन 18:21)। यह मूसा के सहायकों के लिए आवश्यक गुणों का एक प्रेरित वर्णन था। इस बारे में सोचें कि ऐसे स्पष्ट और सरल ज्ञान की नीति पर चलने वाले देश कहाँ से कहाँ पहुँच सकते हैं।

और राजा यहोशापात ने अपने राज्य के न्यायियों को आज्ञा देकर यह कहा, “सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा। अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ भी कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है”(2 इति 19: 6-7)।

क्या ही शानदार बुद्धि और ज्ञान है! प्रिय पाठक, परमेश्वर की महिमा करें। आपको उद्धार के निमित्त बुद्धिमान बनाने के अलावा, बाइबल शासकों के लिए सबक के साथ एक राजनीतिक मैनुअल भी है। बुरे और अच्छे परामर्शदाताओं के निम्नलिखित उदाहरण पढ़ें, और फिर अपने देश की दुर्दशा पर विचार करें।

रहूबियाम जब इस्राएल का राजा बना, तो वह अपने पिता सुलैमान के कदमों पर चला। चूँकि सुलैमान ने राष्ट्र पर भारी कर लगाया था, इसलिए लोगों ने रहूबियाम की सदैव सेवा करने की पेशकश की, यदि वह केवल उनके बोझ को थोड़ा कम कर दे। अपने पिता के सलाहकारों की बुद्धिमान सलाह को सुनने और करों को कम करने के बजाय, उसने अपने युवा मित्रों की सलाह को सुना और देश पर और भी उच्च करों का बोझ डाल दिया। इसके चलते दस गोत्रों ने विद्रोह किया और उसे छोड़ दिया और अंत में उसके पास केवल यहूदा और बिन्यामीन के गोत्र ही रह गएँ (1 राजा 12:1-19)। रहूबियाम अपने पिता के विशाल राष्ट्र पर एक भी दिन शासन नहीं कर सका, क्योंकि दुष्ट सलाहकारों, उसके बचपन के दोस्तों के कारण, उसने राष्ट्र का अधिकांश भाग खो दिया।

हामान फारसी साम्राज्य के राजा क्षयर्ष का दुष्ट सलाहकार था। क्योंकि मोर्दकै सार्वजनिक रूप से उसे नमन नहीं कर्ताथा, इस कारण यहूदियों से अपनी नफरत के चलते उसने राजा के सामने उनकी बुराई की और उन्हें उनके जनसंहार को अधिकृत करने के लिए भड़काया। एस्तेर रानी के हस्तक्षेप से ही वह खुद, मोर्दकै और यहूदी बच गये। एस्तेर के अनुरोध पर हामान को उसके बेटों के साथ फाँसी पर लटका दिया गया। बाइबल की एक पूरी किताब वर्णन करती है कि कैसे परमेश्वर ने सीधे राजा से बात करने का अधिकार रखनेवाले एक दुष्ट सलाहकार की इस दुष्ट साज़िश के बावजूद, अपने लोगों की रक्षा की।

हेरोदेस महान के पुत्र हेरोदेस अंतिपास ने अपने भाई फिलिप की पत्नी हेरोदियास से विवाह किया, जिसके लिए यूहन्ना बैपटिस्ट ने उसे दोषी ठहराया। हेरोदेस यूहन्ना से डरता था, जानता था कि वह एक पवित्र व्यक्ति है, और मन लगाकर उसकी बातें सुनता था। लेकिन हेरोदियास ने हेरोदेस को अपनी साजिश में फंसाया और उसका सिर काटने के लिए अनुरोध किया, क्योंकि यूहन्ना ने उसके व्यभिचार की आलोचना की थी इस कारण वह उससे नफरत करती थी (मरकुस 6:17-29)। हेरोदियास को चाहिए था कि वह यूहन्ना को मरवाने की साजिश रचने के बजाय रात का खाना पकाए। बाद में जब यीशु मसीह को झूठे आरोपों में दोषी ठहराने और उसे सूली पर चढ़ाने के बाद, हेरोदेस और हेरोदियास दोनों को सम्राट कैलीगुलाने स्पेन में निर्वासित कर दिया।

लेकिन ऐसी भी मिसालें हैं जो इन घटनाओं के ठीक विपरीत हैं। जब फिरौन को विश्व इतिहास की सबसे बड़ी खाद्य भंडारण और वितरण योजना की देखरेख के लिए एक व्यक्ति की आवश्यकता थी, जहां गबन और धोखाधड़ी व्याप्त हो सकती थी, तो उसने यूसुफ को चुना। उस ने उसके विषय में अपने सेवकों से कहा, “क्या हम को ऐसा पुरुष, जैसा यह है जिसमें परमेश्वर का आत्मा रहता है, मिल सकता है?” और उसने उसे मिस्र का सर्वोच्च शासक बनाया क्योंकि “तेरे तुल्य कोई समझदार और बुद्धिमान नहीं.”

दानिय्येल, भले ही यहूदी था, पचहत्तर वर्षों की अवधि में नबूकदनेस्सर, बेलशेज़र, मादी राजा दारा, फ़ारसी राजा कुस्रू और अन्य राजाओं का सलाहकार था। जैसा कि अक्सर वफादारी की चिंताओं के कारण पिछले सलाहकारों को मारने की प्रथा थी, उसका यह कार्यकाल अभूतपूर्व रहा। यह कैसे और क्यों हुआ? दानिय्येल ईमानदारी और परमेश्वर के महान आशीर्वाद से एक गौरवशाली और धर्मी परामर्शदाता था (दानिय्येल 1:19-21; 2:48-49; 5:11; 6:25-28)। जब ईर्ष्यालु साथियों ने दानिय्येल की गहनता से जांच की, तब “उसके काम में कोई भूल या दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध या दोष न पा सके” (दानिय्येल 6:4)।

सबक सरल है। पौलुस ने भी यही सिखाया। “धोखा न खाना, बुरी संगति अच्छे चरित्र को बिगाड़ देती है” (1 कुरिन्थ 15:33)। झूठी जानकारी और दुष्ट प्रभाव सत्य और न्याय को नष्ट कर देते हैं। बुरे चरित्र वाले पुरुषों से बचना चाहिए या उन्हें दूर कर देना चाहिए। इस नियम को तोड़ने का परिणाम एक राजा के लिए किसी एक नागरिक की तुलना में कहीं अधिक बड़ा होता है। यदि दुष्ट लोग किसी शासक को पापपूर्ण या आपराधिक सलाह या धोखे से भ्रष्ट कर दें, तो संपूर्ण राष्ट्र को भारी कष्ट उठाना पड़ सकता है।

आज लगभग सभी देश, भारतसहित, ऐसे हजारों पुरुषों और महिलाओं से अभिशप्त हैं जो बालवाडी के बच्चों को भी परामर्श देने के योग्य नहीं हैं, और फिर भी उच्च शासक अक्सर उनके सूक्ष्म और खतरनाक प्रभाव के शिकार बनते हैं। इनमें लॉबिस्ट, समाचार विश्लेषक, जनसंपर्क विशेषज्ञ, भाषण-लेखक, सर्वेक्षणकर्ता, प्रशिक्षु, विशेष रुचि समूह, पार्टी के दानदाता, सहयोगी और अन्य चापलूस शामिल हैं जो योग्य व्यक्तियों के वैध काम का शिकार करते हैं। ईसाइयों को निर्वाचित और नियुक्त शासकों और प्रशासकों को ऐसे सलाहकारों या प्रभाव से बचाने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए (1 तीमु 2:1-2)।

प्रत्येक व्यक्ति को पति, पिता, नियोक्ता या पास्टर के रूप में अपने शासन को भ्रष्ट होने से बचाकर उसे शुद्ध रखना चाहिए। इन पदों के लिए एकमात्र सही सलाह बाइबल में पाई जाती है, जो सभी मनुष्यों के विचारों से श्रेष्ठ है और परमेश्वर के भक्तजन को सब भले कामों में सिद्ध बनाने में सक्षम है (भजन 119:98-100; 2 तीमु 3:16-17)। प्रत्येक व्यक्ति को झूठे शिक्षकों से सावधान रहना चाहिए जो घरों में घुस आते हैं और पारिवारिक रेडियो, सम्मेलनों और सेमिनार के माध्यम से मूर्ख स्त्रियों के दिमागों को बंदी बना लेते हैं (2 तीमु 3:6-7)। जल्द ही आपको अपने इशारों पर नचाने के लिए अपनी खुद की हेरोदियास हो सकती है। प्रत्येक नियोक्ता को अपने सहायकों के चरित्र की जांच करनी चाहिए; प्रत्येक पास्टर किसी भी प्राचीन या सेवक को सावधानीपूर्वक जांचे।

एक राजा है जिसके विषय में तुम्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उसकी उपस्थिति में कोई दुष्ट सलाहकार नहीं हैं। दुष्ट उसकी दृष्टि में टिक नहीं पाएगा – वह अधर्म के सब काम करनेवालों से बैर रखता है (भजन 5:5)। पूर्णतः पवित्र चरित्र के बिना कोई भी व्यक्ति कभी भी उसके राज्य में प्रवेश नहीं करने पाएगा (प्रकाशितवाक्य 21:27)। उसके साथ कोई स्वर्गदूत, राजा, पोप, याजक या पास्टर मिलकर राज्य नहीं करता है, क्योंकि वह बिना किसी सहायता के अकेले ही राज्य करता है (यशायाह 59:16-21; 63:1-6; 1 तीमु 6:15; प्रकाशितवाक्य 12:5-9) )।

परमेश्वर ने उसका सिंहासन युगानुयुग के लिए स्थापित कर दिया है, और उसके सरकार की वृद्धि का कोई अंत नहीं होगा (भजन 45: 6; 89: 4,29,36; यशायाह 9: 7; इब्रानियों 1: 8)। यह पूर्ण धार्मिकता में स्थापित है (भजन 45:6-7; इब्रानियों 1:8-9)। यह गौरवशाली प्रभु यीशु मसीह का सिंहासन और राज्य है। आप उसके शासनकाल पर पूरा भरोसा कर सकते हैं। आज ही उस पर विश्वास करें। आज ही उस पर भरोसा करें और उसकी सेवा करें।

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