नीतिवचन 24:16

क्योंकि धर्मी चाहे सात बार गिरे तौभी उठ खड़ा होता है; परन्तु दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहते हैं।

परमेश्वर ने भले लोगों के लिए गुलाबों के फूलों से सजा बिस्तर, अर्थात् आरामदायक जीवन का वादा नहीं किया है। वास्तव में, एक अच्छे इंसान को सिद्ध या पूर्ण बनाने के लिए, परमेश्वर अक्सर उसके जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियाँ ले आता है। जब दुष्टों पर सब प्रकार की विपत्ति आती हैं, तो वे मान लेते हैं कि उस पर अब भरोंसा नहीं रखा जा सकता; वे उसे हराने में अपनी भ्रमित सफलता पर खुश होते हैं। परन्तु यहोवा धर्मी को फिर खड़ा करेगा, और दुष्ट को सदा के लिये विपत्ति में गिरा देगा।

इस नीतिवचन को समझने के लिए इसका संदर्भ महत्वपूर्ण है। सुलैमान दुष्ट लोगों का धर्मियों के विरुद्ध उनकी बुरी योजनाओं के लिए सामना करता है। उसने कहा, “हे दुष्ट, तू धर्मी के निवास को नष्ट करने के लिये घात में न बैठ; और उसके विश्रामस्थान को मत उजाड़” (नीतिवचन 24:15)। यह दुष्टों और धर्मियों के बीच प्राचीनकाल से चल रहा संघर्ष है। वह दुष्टों से साफ़ साफ़ कहता है कि वे धर्मी मनुष्यों की शांति को भंग करने के लिए कोई षडयंत्र रचने की सोचें भी नहीं। और यह नीतिवचन उस भयावह वजह को प्रगट करता है कि क्यों!

यद्यपि धर्मी मनुष्य का जीवन दुखों और कष्टों से भरा हो सकता है, यहोवा परमेश्वर उसे उन सभी से छुटकारा दिलाएगा (अय्यूब 5:17-27; भजन 34:19)। धर्मी लोग अपनी विपत्तियों में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उन्हें सब विपत्तियों से छुड़ाता है (भजन 34:6,17)। वह उनका हाथ पकड़कर उन्हें उनकी विपत्तियों से उठाकर खड़ा करता है (भजन 37:24)। लेकिन इस नीतिवचन के दीर्घवृत्त – लुप्त शब्द – घोषणा करते हैं कि दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहेंगे, और उनका कोई छुड़ानेवाला या उनकी सहायता करनेवाला कोई नहीं होगा।

यूसुफ के दुष्ट भाइयों ने उसके विरुद्ध षडयंत्र रचा। उन्होंने उसे गुलाम बनने के लिए मिस्र के व्यापारियों को बेचकर उसका उसके विश्रामस्थान को नष्ट कर दिया। वे खुश हुएं कि उन्होंने उस पर विजय पा लीं। उन्हें लगा कि उन्होंने उससे हमेशा के लिए छुटकारा पा लिया है। लेकिन धन्य यहोवा परमेश्वर जल्द ही उसे फिर से खड़ा करके मिस्र के सिंहासन पर बैठाने जा रहा था, और वे कुछ ही वर्षों में अपनी ज़िन्दगी के लिए उसके सामने झुकने वाले थें। परमेश्वर की महिमा!

शैतान ने अय्यूब के विरुद्ध षड्यन्त्र रचा। उसने परमेश्वर से अनुमति मांगी कि वह उसे अय्यूब के खुशहाल जीवन में अशान्ति मचाने दें। और परमेश्वर ने उसे अनुमति दे दी। शैतान ने विभिन्न घटनाक्रमों को अन्जाम देकर अय्यूब की संपत्ति, कमाई, अचल संपत्ति, परिवार और अन्त में उसके स्वास्थ्य को उससे छीन लिया। परन्तु यहोवा ने फिर भी अय्यूब का हाथ थामे रखा, और एलीहू को भेजा ताकि वह उसकी गलत सोच को सुधारे। यहोवा परमेश्वर ने उसे फिर से खड़ा किया और जो कुछ उससे छीन गया था उसका दोगुना लौटाया।

अभागी हन्ना की कोई संतान नहीं थी। उसके पति की दूसरी पत्नी, पनिन्ना, उसका उपहास करती थी और उसके बांझपन के कारण उस पर अत्याचार करती थी। इस दुष्ट स्त्री ने हन्ना को बहुत सताया और उके दिल में जलन पैदा की। ऐसा लग रहा था कि हन्ना किसी काम की नहीं थी। लेकिन यहोवा परमेश्वर ने उसे फिर से उठाकर खड़ा किया और उसे शमूएल – जो इज़राइल का महान न्यायी और भविष्यवक्ता बना, तथा और पांच अन्य बच्चे भी दिए।

दाऊद ने जघन्य पाप किया। उसके लिए वह अकेला ही ज़िम्मेदार था। उसके शत्रु, यहाँ तक कि उसके अपने पुत्र अबशालोम और अदोनिय्याह भी उसके विरूद्ध घात में बैठे थे। शिमी ने उसे खूनी मनुष्य कहकर सबके सामने कोसा। परन्तु यहोवा ने दाऊद का पाप क्षमा किया, उसे फिर से खड़ा किया, और उसके सभी शत्रुओं को बड़ी बेरहमी से मार डाला। परमेश्वर ने दाऊद को आशीष दी कि वह सुलैमान के राज्याभिषेक को देखेगा और इज़राइल पर महान शांति को देखेगा

दानिय्येल के शत्रु उसके विरुद्ध घात लगाए बैठे थे। उन्होंने उसका पेशा और चारित्रिक आचरण में हर प्रकार का दोष ढूंढने की कोशिश कीं; परन्तु वे नाकाम रहें। उन्होंने दारा को बहकाकर दानिय्येल के धर्म के खिलाफ कानून बनाने के लिए उकसाया। दानिय्येल ने कानून तोड़ा और उसे शेरों की मांद डाल दिया गया। उन्होंने जश्न मनाया और खुशी मनाई। लेकिन परमेश्वर ने उन्हें फिर से उठाकर खड़ा किया और उसके शत्रुओं को भयानक विनाश के लिए कालकोठरी में पहुंचा दिया।

आह, ख्रिश्चन पाठक! क्या आपके पास अपनी वर्तमान परिस्थितियों के बारे में परेशान होने या चिंता करने का कोई कारण है? क्या आप जानते हैं कि शत्रु आपके विरुद्ध घात लगाए बैठे हैं? और शायद वे आपकी विपत्तियों पर खुश हो रहे हैं? यदि आप मन की खराई से चल रहे हैं, तो धन्य परमेश्वर आपको आपके कष्टों और विपत्तियों से उतनी ही निश्चितता से छुड़ाएगा, जैसे उसने उन कई धर्मियों को छुड़ाया था जिनके बारे में आपने अभी अभी पढ़ा।

दाऊद परमेश्वर के मन के अनुरूप मनुष्य था – प्रभु यीशु मसीह का स्वरूप; पुराने नियम के किसी भी अन्य मनुष्य की तुलना में उसे अधिक विपत्तिओं और असफलताओं से गुज़रना पड़ा– वह कई बार गिर पड़ा। फिर भी यहोवा परमेश्वर ने उसे बार-बार उठाया, सात से भी अधिक बार। आप चाहे तो, यहोवा परमेश्वर में उसके चिरस्थायी महान विश्वास के बारे में पढ़ सकते हैं (भजन 3:1-8; 27:1-14; 46:1-11; 118:1-18)।

पौलुस मसीह का सबसे महान प्रेरित था, लेकिन नए नियम में किसी भी अन्य मनुष्य की तुलना में उसे अधिक क्लेश और उत्पीड़न सहना पड़ा – वह कई बार गिर पड़ा। परन्तु परमेश्वर ने उसे फिर से खड़ा किया, यहाँ तक कि मरे हुओं में से भी जिलाया (प्रेरितों 14:19-22)! फिर भी उसने कभी हियाव नहीं खोया (2 कुरिन्थ 4:8-9)। उसके पास अपने उन सब कष्टों की सूची थी जिन्हें पढ़ना भी मुश्किल है, लेकिन वह उन सब कष्टों में केवल आनंद ही करता था (2 कुरिन्थ 11:23 – 12:10)। परमेश्वर में उसके मज़बूत विश्वास के बारे में पढ़ें (2 तीमु 4:16-18; इब्रानियों 13:5-6)।

शैतान, यहूदी, रोमी, हेरोदेस और पीलातुस इन सबने यीशु मसीह के विरुद्ध षडयंत्र रचा। उन्होंने कानून का दुरुपयोग कर उस पर दोष लगाया। उन्होंने उसे क्रूस पर चढ़ाया। उन्होंने एक शताधिपति द्वारा उसकी मृत्यु की पुष्टि की। उन्होंने उसे दफन होते देखा। उन्होंने उसकी कब्र पर पहरेदार तैनात किएँ। ऐसा लग रहा था कि वह ऐसे गिरेगा कि फिर कभी खड़ा न हो पाएगा। उन्होंने इस मनुष्य से छुटकारा पाने के लिए एक साथ जश्न मनाया और खुशी मनाई, जिसने उनके पाखंड को उजागर किया था और उनके धार्मिक और राजनीतिक ढोंग को नष्ट कर दिया था।

लेकिन धन्य परमेश्वर ने “मरे हुओं में से जिलाकर स्वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ्य, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में पर आनेवाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया” (इफि 1:20-21)। शैतान और उसके स्वर्गदूत अब अपने उस नियत दिन की प्रतीक्षा कर रहे हैं जब उन्हें युगानुयुग के लिए पीड़ा में डाला जाएगा।

सन 70 में रोमी सेना ने यहूदियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, और सन 476 में गोथियों ने रोमियों को पराजित कर दिया। हेरोदेस और पीलातुस के शरीर पृथ्वी पर सड़ रहे हैं, और उनकी आत्माएँ नरक में पीड़ा उठा रही हैं। वे भयानक और सर्वकाल के विनाश में पड़ गए हैं, और कोई मुक्ति नहीं है। वे शीघ्र ही घुटने टेकेंगे और स्वीकार करेंगे कि यीशु ही सबका प्रभु है।

दुष्ट यह पढ़कर सावधान हो जाए! धर्मी लोगों के साथ खिलवाड़ करने की कीमत नर्क है। यद्यपि धर्मीजन कभी-कभी पर गिर जाए, तौभी स्वर्ग का संप्रभु अधिपति उसे फिर से खड़ा कर देगा।

धर्मी यह पढ़कर आनन्द मनायें! परेशान होने या चिंता करने का कोई कारण नहीं है, भले ही आप विपत्ति या पाप में पड़ गए हों। यहोवा परमेश्वर पर भरोसा रखो, क्योंकि वह उचित समय पर तुम्हें फिर से खड़ा करेगा।

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