नीतिवचन 24:15
हे दुष्ट, तू धर्मी के निवास को नष्ट करने के लिये घात में न बैठ; और उसके विश्रामस्थान को मत उजाड़;
हे दुष्ट, सावधान! धर्मी की शांति में विध्न डालने के इरादे से उसके विरुद्ध कोई षडयंत्र मत रचना, क्योंकि परमेश्वर तुझे दण्ड देगा (नीतिवचन 24:16)। धर्मी मनुष्य, ढाढ़स बान्ध! परमेश्वर आपके पक्ष में है और हर एक बुराई जो आपके विरुद्ध अपना सिर उठती है उसे देखता है। बहले ही आप गिर जाएँ, परमेश्वर आपको फिर से उठाएगा (नीतिवचन 24:16)।
सुलैमान दाऊद का पुत्र था (नीतिवचन 1:1)। उसने अपने पिता के शत्रुओं को देखा कि कैसे वे धर्मी पुरुष दाऊद की शांति को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उसने अपने पिता के परमेश्वर को उन पर विपत्ति लाते हुए देखा (1 इतिहास 28:9; भजन 18:48)। उसने अपने पिता को गिरते हुए देखा, परन्तु उसने यह भी देखा कि परमेश्वर ने कैसे दाऊद को फिर से ऊँचे स्थान पर पुनर्थापित किया (2 शमूएल 23:1-7)।
दाऊद से भला कोई कैसे घृणा कर सकता है? उससे ईर्ष्या रखकर! डाह करके! दुष्ट लोग उसके श्रेष्ठ चरित्र और परमेश्वर के साथ संबंध के कारण उससे घृणा करते थे। वे उसकी बुद्धि या उसके प्रति लोगों की वफादारी की बराबरी नहीं कर पाएं, इसलिए वे इन दोनों बातों के कारन उसका तिरस्कार किया करते और उससे डरते थे (1 शमूएल 18:6-16)।
राजा शाऊल ने बार-बार दाऊद की उसके साथ शांतिपूर्ण संगति को बाधित करने का प्रयास किया। उसने उसके खिलाफ साजिश रची और उसे कई बार जान से मारने की कोशिश की। लेकिन नतीजा क्या हुआ? परमेश्वर ने दाऊद को छुड़ाया और शाऊल का त्याग कर दिया। उसने धरती पर अपनी आखिरी रात एन्दोर में एक भूत–सिद्धि करनेवाली स्त्री के साथ बिताई और एक दिन बाद उसका सिर काटकर पलिश्तियों की दीवार पर कीलों से ठोंक दिया गया। कैसा भयावह अंत है!
अबशालोम ने दाऊद के विरुद्ध साज़िश रची। हालाँकि यह मामला दाऊद के व्यभिचार और हत्या के पापों से संबंधित था, फिर भी अबशालोम ने जो कुछ किया वह सब करने का उसे कोई अधिकार नहीं था। उसका पिता अब भी उससे कहीं अधिक धर्मी था। और नतीजा क्या हुआ? ताकदवर सेना होने के बावजूद, वह युद्ध हार गया; जब वह एक पेड़ पर लटका हुआ था, तब योआब ने उसका उपयोग तीर चलाने के अभ्यास के लिए किया। कैसा भयावह अंत है!
जब दाऊद अबशालोम के विद्रोह के दौरान यरूशलेम से भाग गया तब शिमी ने दाऊद को शाप दिया। उसके विश्वासपात्रों ने उस मरे हुए कुत्ते का सिर काटना चाहा, परन्तु दाऊद इस दु:ख को यहोवा की ओर से जानकर नरम हुआ। अपनी विजयी-वापसी पर, शिमी ने दया की याचना की, जिसे दाऊद ने अस्थायी रूप से मान ली। कुछ वर्षों बाद सुलैमान ने अपने पिता के कारण उसे मौत के घाट उतार दिया। कैसा भयावह अंत है!
जब दाऊद कमज़ोर होकर अपनी मृत्यु-शय्या पर था तब अदोनिय्याह और योआब ने राज्य लेने की साज़िश की। परन्तु परमेश्वर ने यह बात दाऊद पर प्रगट कीं, और उस ने सुलैमान को राजा बनाने के लिए अपने निजी सुरक्षा दल करेतियों और पलेतियों को भेजा। और नतीजा क्या हुआ? कुछ दिनों के विश्राम के बाद सुलैमान ने उन दोनों को अपने रक्षकों प्रधान से मरवा डाला। कैसा भयावह अंत है!
धर्मी से पंगा लेना मूर्खता है, चाहे भविष्यद्वक्ता हो या चपरासी (1 इतिहास 16:22; भजन 68:5; 105:15; जक 2:8)। परमेश्वर उनकी सहायता करेगा (अय्यूब 5:19; मीका 7:8)। हामान से पूछो! यहूदा से पूछो! उस चालीस यहूदियों से पूछो जिन्होंने षड्यन्त्र रचा और शपथ खाई कि जब तक पौलुस को मार न डालें, तब तक न खाएँगे, और न पिएंगे (प्रेरितों के काम 23:12)! उन यहूदियों से पूछो जिन्होंने यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया था और चालीस साल बाद एक करीबी मुठभेड़ में टाइटस वेस्पासियन के विनाश का शिकार हुए! कैसा भयावह अंत है!
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