नीतिवचन 22:9
दया करनेवाले पर आशीष फलती है, क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है।
उदारता आशीष की निश्चयता देती है। यहाँ अमूल्य ज्ञान है। क्या आप देने के अवसर तलाशते हैं? क्या आप उदारतापूर्वक देते हैं? क्या आप देने को लेकर उत्साहित रहते हैं? उदार दानकर्ताओं को परमेश्वर प्रिय जानता है। यदि आप गरीबों को देते हैं, तो आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर को उधार देते हैं, और वह भरभरकर चुकाता है (नीतिवचन 19:17)!
आर्थिक सफ़लता के इस रहस्य से दुनिया अज्ञात है। कहीं भी कोई बिजनेस स्कूल इसे नहीं सिखाता। बचत और निवेश की तुलना में परमेश्वर-अनुमोदित जरूरतों के लिए पैसा देकर आप अधिक दूर और तेजी से आगे बढ़ेंगे। गारंटी! राजा सुलैमान ने इसकी पुष्टि की (नीतिवचन 11:24-26; 28:8,27)।
परमेश्वर उस व्यक्ति को आशीष देता है जो कंगालों और ज़रुरतमंदो को बड़े आनन्द और उदारता से दान देता है। परमेश्वर गरीबों का ध्यान रखता है, क्योंकि उसने दूसरों को जो योग्यतायें, कौशल, और अवसर दिएँ हैं, उसने उन्हें उनसे वंचित रखा है। उन पर सिर्फ़ तरसभरी नज़र डालना पर्याप्त नहीं है; आपको वास्तव में देना होगा (2 कुरिन्थ 8:11; याकूब 2:16)। वह एक सफल व्यक्ति को मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के लिए प्रसन्नतापूर्वक और उदारतापूर्वक दान करते हुए देखकर प्रसन्न होता है।
परमेश्वर उस मनुष्य को आशीष देता है जो उदारतापूर्वक देता है, जो स्वतंत्र रूप से, उदारतापूर्वक, बुनियादी बातों से परे, अपेक्षाओं से परे, रचनात्मक और सहज भाव से देता है। प्रभु यीशु ने कहाँ कि यदि कोई तुझ पर मुकद्दमा करके तेरा कुर्ता लेना चाहे, तो उसे अंगरखा भी ले लेने दे, तो उस व्यक्ति का क्या जिसे सच में कुर्ते की ज़रूरत है (मत्ती 5:40)? गरीबों को रात के खाने पर ले जाते समय, जैसा कि यीशु ने आज्ञा दीं, उन्हें एक अच्छी जगह पर ले जाएँ (लूका 14:12-14)। यह अपने रुपए बिखराना है जो परमेश्वर को भाता है, और इस दरियादिली को रोकना उसे क्रोध दिलाता है (भजन 11:24)। उसने आपके साथ कभी कंजूसी नहीं की, तो दूसरों को देते वक़्त आपके मन में कंजूसी का ख्याल क्यों आये?
आज आप किसे दे सकते हैं? किसके जीवन में एक्ट ऑफ़ गॉड (ईश्वरीय कृत्य) के कारण कोई वैध आवश्यकता है जिसकी आप मदद कर सकें? किसी गरीब व्यक्ति को खुश करने, परमेश्वर को खुश करने और अपनी संपत्ति और आय को बढ़ावा देने के अवसर के बारे में उत्साहित हों। ऐसा देना केवल जीत-जीत-जीत है। जब आप परमेश्वर के तरीके से काम करते हैं, तो आप देश के अमीर लोगों से भी अधिक विजेता होते हैं।
सुलैमान ने अन्य कई नीतिवचनों में भी गरीबों की देखभाल के बारे में लिखा (नीतिवचन 14:21,31; 19:17; 21:13; 28:8,27)। परोपकारी सोच और देना ईश्वरीय बुद्धि का एक पहलु है जो कुछ लोगों को बाकी लोगों की तुलना में अधिक महान और कुलीन बनाता है। करुणा और प्रेम ख्रिश्चन धर्म के लक्षण रहें है, और आगे भी रहेंगे, इसलिए परमेश्वर के सच्चे बच्चे और यीशु मसीह के अनुयायी दया और उदारता से देते हैं, जिसे कुछ मूर्ख लोग धर्म-परिवर्तन के लिए लालच देने का लांछन समझते हैं।
सुलैमान ने उदार लोगों को वित्तीय रिटर्न के बारे में भी लिखा, ” उदार प्राणी हष्ट-पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी” (नीतिवचन 11:25)। गणित और मनुष्य की सोच के विपरीत, पैसे देना आगे बढ़ने का एक सरल तरीका है। “दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा-दबाकर और हिला-हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा” (लूका 6:38), इसलिए उदारतापूर्वक दो।
प्रभु यहोवा ने मूसा की व्यवस्था में गरीबों के लिए प्रावधान किया, जब उसने इस्राएल को आज्ञा दी कि वे अपने हृदय को कोमल रखें और किसी भी जरूरतमंद भाई के लिए अपने हाथ खुले रखें (व्यवस्थाविवरण 15:7-11)। और वहाँ भी उस ने देनेवालों को आशीष देने की प्रतिज्ञा की। अय्यूब इन सिद्धांतों को अच्छी तरह से जानता था, और उसने गरीबों पर सावधानीपूर्वक ध्यान देने का अनुरोध किया (अय्यूब 31:16-23)।
दाऊद ने कहा कि जो निर्धनों की सहायता करते हैं उन पर बहुत आशीषें होती हैं। उन पर विचार करें। उसने लिखा, “क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा। यहोवा उसकी रक्षा करके उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर धन्य होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़। जब वह व्याधि के मारे शय्या पर पड़ा हो, तब यहोवा उसे सम्भालेगा; तू रोग में उसके पूरे बिछौने को उलटकर ठीक करेगा” (भजन 41:1-3)।
दाऊद ने गरीबों को दान देनेवाले की पहचान धर्मीजन के रूप में की (भजन 112:1-9), जिसके चलते दानवीर, उसके परिवार और उसके वंशजों को बहुमूल्य प्रतिफल दिया जाएगा। यशायाह ने चेतावनी दी कि परमेश्वर की सच्ची आराधना में गरीबों पर दया करना भी शामिल है, और जो लोग इस नियम का पालन करते हैं, उनके लिए परमेश्वर ने कई अद्भुत आशीष का वादा किया (यशायाह 58:7-12)। परमेश्वर ऐसे बलिदानों से बहुत प्रसन्न होता है (इब्रानियों 13:16), और वह मनुष्य की उदारता का बदल उसे और भी सफल बनाकर देता है (2 कुरिन्थ 9:6-11; मलाकी 3:10)।
पूंजीवाद उच्चतम जीवन स्तर के लिए सर्वोत्तम गुणवत्तावाली वस्तुएं बनाने के लिए प्रेरित करता है, जबकि मूर्ख और आलसी को दंडित करता है। फिर भी यदि आप किसी आवश्यक वस्तु या सेवा को रोके रखते हैं तो ऐसे में बाजार में कोई भी कीमत वसूलने के खिलाफ परमेश्वर चेतावनी देता है (नीतिवचन 11:26)। परमेश्वर और मनुष्य निष्पक्षता और उदारता को पुरस्कृत करेंगे, फिर चाहे मुक्त बाज़ार अर्थशास्त्र में लोग गोलमाल क्यों न करते हो।
गणित और वित्तीय नीति केवल एक बिंदु तक ही सही हैं। यदि आप वह पैसा रोकते हैं जो आप किसी जरूरतमंद को दे सकते हैं, तो आप खुद गरीबी की ओर बढ़ रहे हैं। यदि आप अपना पैसा परमेश्वर के सुझाए कार्यों में खर्च करते हैं, तो आप वृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं (नीतिवचन 11:24; 2 कुरिन्थ 9:6)। हालाँकि आप इसकी गणना नहीं कर सकते या इसकी व्याख्या नहीं कर सकते, बिना किसी चिंता के पैसा देना काम करता है (सभो 11:1-6)।
लम्बी आयु और अच्छे जीवन के बारे में आपका क्या ख्याल है? इसका सबसे पक्का और तेज़ तरीका है अपने माता-पिता का सम्मान करना (इफि 6:2-3), और सिर्फ़ जुबान से सम्मान और रंगबिरंगे जन्मदिन कार्ड देना पर्याप्त नहीं हैं। उनके वास्तविक पूर्ण सम्मान में उनका रुपयों की ज़रूरते पूरी करके सम्मान करना, या उनके जीवन को आरामदायक और सुखद बनाने के लिए धन देना शामिल है (1 तीमु 5:3-4)। ऐसा न करना यीशु मसीह के धर्म को नकारना और ऐसा आचरण रखना अविश्वासी से भी बदतर होना है (1 तीमु 5:8)। यदि आपके माता-पिता जरूरतमंद हैं, तो उन पर उदार दृष्टि रखें।
परमेश्वर को उदार सोच पसंद है – राजनीति में नहीं! भविष्यवक्ता यशायाह की बात सुनो, “परन्तु उदार मनुष्य उदारता ही की युक्तियाँ निकालता है, वह उदारता में स्थिर भी रहेगा” (यशायाह 32:8 )। परमेश्वर को जरूरतमंद लोगों के लिए उदार कार्यों के रचनात्मक विचार अच्छे लगते हैं। उदारता से देने का अर्थ है अतिरिक्त देना, बुनियादी बातों से परे, अपेक्षा से अधिक देना, जो आश्चर्यचकित करने के लिए पर्याप्त हो, आदि। उदार व्यक्ति इस तरह सोचते हैं और देते भी हैं, और परमेश्वर उन्हें इस जीवन और अगले जीवन में आशीष देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ऐसा दान अनन्त जीवन को सिद्ध करता है। पौलुस ने धनवानों से कहा कि वे “वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। 18वे भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्पर हों, और आगे के लिये एक अच्छी नींव डाल रखें कि सच्चे जीवन को वश में कर लें” (1 तीमु 6:17-19)। यीशु मसीह अपने छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के लिए किए गए दान के किसी भी कार्य को याद रखेगा (मत्ती 25:31-46)।
परमेश्वर व्यवस्था देता है कि आप अपनी उदारता की शुरुआत अपने परिवार से करें (नीतिवचन 13:22; 1 तीमु 5:8), फिर आपके चर्च के ज़रूरतमंद लोग, और आपके विश्वासयोग्य पास्टर (प्रेरित 2:42-47; 4:32-37; गलातियों 6:6), उसके बाद उन सच्ची कलीसियाओं के गरीब लोग जो उन्हीं शिक्षाओं का अंगीकार करते हैं जिनका आप (रोमियों 15:26), और फिर वे गरीब जिन्हें परमेश्वर आपके आम जीवन में ले आता है (लूका 10:25-37)। आपको इन स्थानों के बाहर गरीबों की तलाश करने की आवश्यकता नहीं है, और पैसे मांगने वाले टेलीवेंजेलिस्टों को देना शापित है (नीतिवचन 22:16; लूका 14:12-14)।
आप उदारतापूर्वक किसकी मदद कर सकते हैं? दिमाग पर ज़ोर देकर सोचें। जरूरतमंदों की मदद करना आपके जीवन की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह रोमहर्षक होना चाहिए! परमेश्वर ने आपको दुनिया के सभी गरीबों की मदद करने के लिए बाध्य नहीं किया है, लेकिन वह आपके रास्ते में अवसर लाएगा (लूका 10:25-37)। और वह हर्ष से देने वाले से प्रसन्न होता है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप देने में बिल्कुल भी अनिच्छा न करें (II कुरिन्थ 9:7; प्रेरित 20:35; रोमियों 12:8)।
विश्व में सबसे उदार आँखें स्वर्ग के धन्य परमेश्वर, प्रभु यहोवा की है। वह सभी मनुष्यों पर, यहाँ तक कि अपने शत्रुओं पर भी धूप, बारिश और फलदायी मौसम भेजता है (मत्ती 5:45; प्रेरितों 14:17)। “यहोवा सभो के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है” (भजन 145:9)। लेकिन दैनिक प्राकृतिक आशीर्वादों से परे, उसने अपने एकलौते पुत्र को उन लोगों के लिए मरने के लिए दे दिया जिनके पास अपनी मदद करने की ताकत नहीं थी (रोमियों 5:6; 2 कुरिन्थ 8:9; 9:15)।
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