नीतिवचन 22:3

चतुर बुराई को पहले से देखकर अपने को छिपाता है : परंतु भोले लोग उस में आगे बढ़कर दण्ड पाते हैं। (KJV)

आगे खतरा है! अपने स्वयँ के जोखिम पर आगे बढ़े! यदि आप ने एक पुल पर ये चेतावनी देखी होती, तो आप सुरक्षित रहने के लिए अन्य रास्ता ढूंढते। गाड़ी चलनेवाले मूर्ख चालक, जिन में से कुछ पीये हुए, तो कुछ व्हाट्सऐप या फेसबुक पर लगे हुए होते हैं, गाड़ी चलाते समय तेजी से आगे बढ़ जाते हैं और सम्भवतः मर जाते हैं। जीवन के अन्य कई चेतावनी-चिन्हों को लेकर आप कितने सावधान और सतर्क हैं?

बुद्धिमान लोग दूरदर्शी और खतरे को पहले ही भांप लेनेवाले होते हैं – वे सम्भावित संकट को पहले ही देख लेते हैं। वे आज उनके निर्णयों में बदलाव लाकर एक पीड़ादायक भविष्य को टालते हैं। मूर्ख निकटदृष्टि के होते हैं – वे उनके कार्यों के जोखिम और भविष्य के परिणामों की परवाह किये बिना, बड़े आत्मविश्वास के साथ जल्दबाजी करते हैं। वे चेतावनियाँ जिन की उन्होंने अनदेखी की, वास्तविक संकट में बदल जाती हैं जो उन्हें दण्डित करती हैं, बहुधा गम्भीर रूप से।

चतुर मनुष्य जिन में विवेक और बुद्धि होती हैं, खतरे को पहले ही देख लेते हैं, अतः वे इससे बचते हैं। वे चोट नहीं खाना चाहते, इसलिए वे दिशा बदल लेते हैं। भोले लोग, मूर्ख और जल्दबाजी करनेवाले बिना ज़रूरी सावधानी के आगे बढ़ते हैं और चोट खाते हैं। उस क्षण में जकड़कर वे उनके भविष्य को बचाने में असफल रहते हैं। ये नियम इतना महत्वपूर्ण है कि इस के समरूप एक और नियम है (नीति. 27:12)।

बुद्धि सन्तुलित ढंग से निर्णय लेने से पूर्व आगे की ओर देखती है। ये जानती है कि आशावाद से निराशावाद अधिक सुरक्षित है। आपने यह सच्ची कहावत सुना है, “एक छटाक रोकथाम, एक सेर उपचार से बेहतर है”। पौलुस सावधानी के इस दृष्टीकोन को चौकस (सतर्क) रहने के रूप में वर्णन करता है – हर दिशा में जानेवाले कोने कोने का निरीक्षण, चारों ओर से सावधानी (इफि. 5:15)।

निकटदृष्टिता जोखिम से भरी होती है, क्योंकि अब जो काम का और सुरक्षित दिखाई दे रहा है, भविष्य में उसके बुरे नतीजे निकलकर आ सकते हैं। पश्च-दृष्टि 20-20 देख सकती है, किन्तु यह व्यर्थ है। परिणामों के आने के बाद कौन ध्यान देता है कि आपको क्या करना चाहिए था? सफलता परिणामों को पहले ही देख लेने पर निर्भर करती है। एक बुद्धिमान मनुष्य परमेश्वर की आशीष के साथ भविष्य को व्यापक रूप में पहले से देख सकता है।

विभिन्न विपत्तियों के बाद कुछ मिस्री लोग, जब उन्होंने सुना कि मूसा ने ओला वृष्टि की धमकी दी है, अपने अपने पशुओं को बाड़े में ले आये (निर्ग. 9:20-21)। एक विशाल खतरे को देखकर उन्होंने इस्रालियों प्रति उनकी घृणा को अनदेखा किया। परन्तु मूर्ख फिरौन क्रोधपूर्ण मूढ़ता में उसके रथ को लाल समुद्र में ले गया। जहां एक ओर उसकी प्रजा ने अपने पशुओं को आनेवाले एक विशिष्ट विनाश से बचा लिया; तो वही फिरौन को समुद्र में डुबाकर दण्डित किया गया।

जल्दबाजी बर्बादी का कारण बनती है! धीमे हो जाए! सोचे! आपको देखने की आवश्यकता है कि क्या हो सकता है? किन क्षेत्रों में आप चेतावनी के चिन्हों के विरुद्ध हठीले हो जाते हैं? यदि आप जल्दबाजी करने को प्रवृत्त होते हैं, तो इस नियम की आप को अन्य सभी से ज्यादा नितांत जरूरत है। यदि आप हठीले हैं, तो अपने को नम्र करें। क्या आपने सावधानीपूर्वक सभी विकल्पों का उनके सम्भावित परिणामों को लेकर मूल्याकन कर लिया है? यदि आप ने नहीं किया तो अभी करें। अन्यथा आप दण्ड पाएंगे।

युद्ध पर विचार करें। एक बुद्धिमान सेनाध्यक्ष एक युद्ध को तौलता है और लड़ने से पीछे हट जाता है ताकि एक अन्य समय पर बेहतर परिस्थितियों में लड़े। शत्रु, उसके अपने लोग, और उसका हृदय उसे एक डरपोक मनुष्य कह सकते हैं। परन्तु वह जानता है कि समझबूझ दिलेरी से बेहतर है। वह लड़ने से पूर्व सम्भावनाओं को अपने पक्ष में चाहता है। एक मूर्ख सेनाध्यक्ष, एक भव्य प्रदर्शन के साथ अपनी ही सेना का विनाश करने आगे बढ़ता है।

व्यापार पर विचार करें। मूर्ख प्रबन्धक, आर्थिक या राजनीतिक वातावरण में आते हुए बदलाव को अनदेखा करते हुए, जो दीर्घ काल में उन्हें मंहगा पड़ेगा, वर्तमान लाभ के लिए अल्पकालिक निर्णय लेते हैं। बुद्धिमान लोगों के पास भविष्य की वृद्धि व सुरक्षा के लिए एक सन्तुलित रणनीतिक योजना होती है, भले ही यह अल्प-कालिक लाभों को नुकसान पहुंचा सकती है। वे आनेवाले संकटों से अपने उद्योगों को बचा लेते हैं।

निवेश के सुअवसरों पर विचार करें। एक बुद्धिमान व्यक्ति त्वरित धन की कहानियों पर हँसता है, क्योंकि वह जानता है कि दोपहर का भोजन मुफ्त नहीं है। वह सुन्दर छपाई, झूठे प्रमाणपत्रों, और पदोन्नति की युक्तियों पर नज़र रखता है। मूर्ख परिश्रम से बचने और महत्वपूर्ण होने की अपनी आतुरता में मात्र ये जानना चाहता है कि कहाँ हस्ताक्षर करना है और पैसा जमा करना है। वे हर एक शब्द पर विश्वास कर लेते हैं जो वे सुनते हैं। उनका दण्ड निश्चित है।

विवाह पर विचार करें। मूर्ख विवाह के समय विचाराधीन जीवनसाथी को परखने पर कम ध्यान देते हैं, और सुन्दरता और भावनाओं के पीछे जाते हैं। उनका विवाह दर्दनाक अवस्था में पहुंचता है और वे उनके अधैर्यपूर्ण, आवेगशील, और अज्ञानी चुनाव के कारण, उनके शेष जीवन में दण्ड पाते हैं। बुद्धिमान लोग बहुत से परामर्शदाताओं और परमेश्वर प्रदत्त मापदण्डों का उपयोग करते हैं ताकि दोषपूर्ण चरित्र वाले व्यक्ति से बचें और एक महान विवाह के लिए योग्य प्रत्याशी ढूंढ सकें।

याद रखे, घृणास्पद स्त्री और पराई स्त्री केवल उनके वर्तमान प्रभावों पर ध्यान न देने से जानी जाती हैं (नीति. 6:25; 30:23)। विवाहार्थ मुलाकातों के दौरान उनका रूप अत्यंत आकर्षक होता है, किन्तु उनका भविष्य दुःखद कष्ट है। इसके पहले कि आप आसक्ति या ज़रूरत के कारण जीवन भर के रिश्ते में कूद पड़े, सात बुद्धिमान विवाहित जोड़ों से उनके ईमानदार मूल्यांकन के लिए पूछे।

शिक्षा पर विचार करें। यदि एक व्यक्ति उद्यम के एक लाभकारी क्षेत्र के लिए अपने आप को पर्याप्त रूप से तैयार नहीं करता, उसे उसके बुद्धिमान संगी-साथियों की तुलना में कम पैसों के लिए अधिक कठिन काम करने के दण्ड को सहना होगा। अल्प रोजगार का दीर्घकालिक कष्ट, बास्केटबॉल या वीडियो गेम्स खेलने, एक भड़कीली स्पोर्टस् कार चलाने, या सरल जीवन जीने की अल्पकालिक खुशी को मिटा देता है।

आर्थिक मसलों पर विचार करें। मूर्ख उनके पैसों को खर्च करते हैं और उनके पास संकट के समय के लिए कोई सुरक्षा या व्यापार के सुअवसरों के लिए कोई पूंजी नहीं होती। बुद्धिमान व्यक्तियों के पास खर्च को सीमित करने और सारी आमदनी का एक हिस्सा बचत में अलग करने के द्वारा उनके परिवार की रक्षा व समृद्धि और सम्पत्ति दोनों के लिए होता है। जो मनुष्य आगे देखता है केवल वही आज की कमाई के विषय में सही चुनाव करेगा।

बच्चों के प्रशिक्षण पर विचार करें। बुद्धिमान माता-पिता उनके बच्चों का मूल्यांकन करते हैं और आगे आने वाली परेशानियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षण में बदलाव करते हैं। मूर्ख माता-पिता, जो मूल्यांकन और प्रशिक्षण में अति-आलसी होते हैं, अपने अभिभावकिय लकीर के अन्दर रहते हैं और विद्रोही बच्चों के दुःखदायी परिणामों का कष्ट उठाते हैं। एक बुद्धिमान मनुष्य सफल बच्चों का भविष्य का प्रतिफल प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण की कठिनाई का चुनाव करता है (नीति. 22:6; 29:15, 17)।

पाप पर विचार करें। बुद्धिमान मनुष्य उन प्रलोभनों को टालते हैं जो पाप की ओर ले जाते हैं (रोमि. 13:14)। वे बुराई की उपस्थिति से भी दूर रहते हैं (1 थिस्स. 5:22)। परन्तु मूर्ख, शिमशोन व दाऊद के समान उन पापों की ओर तेजी से बढ़ते हैं जिनके कारण उन पर भविष्य में भयावह दण्ड आता है। एक बुद्धिमान मनुष्य जानता है कि आज रात टेलीविज़न देखना, उसके प्राण व परिवार के लिए भविष्य में पीड़ादायक हो सकता है।

‘न्याय के दिन’ पर विचार करें। बुद्धिमान मनुष्य संकट को आते हुए देख लेते हैं और इस के प्रकाश में एक पवित्र जीवन जीते हैं (2 कुरि. 5:10-11)। परन्तु मूर्ख अपने कामों की सनातन पीड़ा को अनदेखा करते हुए एक अवधि के लिए पाप के सुख से प्रेम करते हैं। अल्पकाल का “सुख”, दीर्घ काल का दण्ड लाता है। सारा संसार विक्षिप्त की रीति पर मूर्ख है वे सनातन आतंक के इस आनेवाले दिन को पूर्णतः अनदेखा करते हैं।

प्रभु यीशु मसीह शीघ्र प्रगट होगा। उसका आना उन के लिए, जिन्होंने यहाँ भोग-विलास का जीवन जिया है, खौफ का दिन होगा। परन्तु वह दिन उन के लिए अनंतकाल के सुख का आरम्भ होगा जिन्होंने यहाँ अपना जीवन उस के लिए जिया है। पाठक, बुद्धिमान बने। स्वयं को नम्र करें, आने वाली विपत्ति को देखें, और स्वयं को मसीह में छिपा लें।

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