नीतिवचन 22:13
आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं गलियों में फाड़ा जाऊँगा।
आलसी लोगों के पास हमेशा बहाने होते हैं! उन्हें किसी भी काम में कठिनार्इ ही दिखती है। वे सफल मनुष्यों की अच्छी समझ को कि एक कार्य अच्छे से किया जा सकता है, दंभपूर्वक रीति से अस्वीकार करते हैं (नीति 26:16)। वे सुस्त होते हैं, और वे अपने दंभी दिमागों का उपयोग स्वयं को और दूसरों को यह यकीन दिलाने में लगाते हैं कि कैसे काम करने से बचा जा सकता है।
चुनौतियां अवसर हैं! उनका तात्पर्य है कि आलसी प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे, इसलिए आपके लिए और भी बहुत कुछ अवसर होंगे। उनका तात्पर्य है कि पारिश्रामिक अथवा लाभ अधिक होगा। उनका तात्पर्य है कि कुछ पूर्ण करने का सम्मान अधिक ऊंचा होगा। उनका तात्पर्य है कि प्राप्त किया गया कौशल और अनुभव अधिक होगा। इस पर विचार करें!
कठिनार्इयां परिश्रमी के लिए चुनौतियां होती हैं, लेकिन आलसी के लिए बहाना। परिश्रमी के लिए विपत्ति का अर्थ है कि थोड़ा और प्रयास, किंतु यह आलसी को तुरंत परास्त कर देती है। कोर्इ भी कठिनार्इ उसके लिए अपनी योजनाओं को वापस लेने और छोड़ने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि गलियों में बैठा शेर उसे मार सकता है!
वह जीवन की अच्छी वस्तुओं को पाना चाहता है, किंतु उसके हाथ मेहनत करने से इंकार करते हैं (नीति 19:24; 21:25), अत: वह स्वयं को न्यायोचित ठहराने के लिए हास्यास्पद बहाने बनाता है। वह अपने बिस्तर या तुच्छ चीजों को प्राथमिकता देता है (नीति 6:9-10)। वह तनाव, द्दढ़ता, या दर्द के ख्याल से डरता है। हांलाकि वह और समस्त बुद्धिमान मनुष्य जानते हैं कि शेर पहाड़ियों और जंगलों को पसंद करते हैं, तौभी वह काम से बचने के लिए बेतुके बहाने बनाता है।
ये एक आलसी व्यक्ति के शब्द हैं। वह जानता है कि शहर की गलियां इतनी खराब नहीं हैं, परंतु वह दूसरों के सामने स्वयं को सही ठहराने के लिए अपने असभ्य बहाने का प्रयोग करता है। आलसी जो बहाने काम में लेते हैं, वे सेना हैं। जब तक आलसी रहेंगे, शेर व अन्य खतरनाक जानवर शहरों में घूमेंगे और जान का खतरा बना रहेगा! ऐसे बहाने इतने आम हैं, यहोवा परमेश्वर ने इस नीतिवचन के लिए एक समरूप उदाहरण छोड़ दिया है (नीति 26:13)!
सात सफल व्यक्ति सिद्ध कर सकते हैं कि कोर्इ शेर नहीं है, लेकिन एक व्यक्ति जो काम से नफरत करता है फिर भी बहस करेगा कि खतरा है (नीति 26:16) उसने प्रयत्न करने से बचने के लिए स्वयं को कठिनार्इ को लेकर आश्वस्त किया हुआ है; परिश्रमी व्यक्तियों के द्वारा दिए गए ठोस तर्क आसानी से दरकिनार कर दिए जाते हैं! आलसी व्यक्ति हजार हास्यास्पद बहाने दे-देकर अपने उत्तरदायित्वों से पल्ला झटक सकते हैं।
उसका आलस्यपूर्ण झूठ स्वयं को संतुष्ट करने वाला हो सकता है, क्योंकि आलसियों को आसान काम करने में भी कठिनार्इ लगती है (नीति 15:19) जितना अधिक एक आलसी व्यक्ति काम को कठिन समझता है, वह काम उतना ही कठिन होगा। उसके अधूरे मन से किए गए प्रयासों से बांबी भी पहाड़ जैसे लगती है। वह शेर से डरने का दावा करता है, किंतु भूल जाता है कि मनुष्य शेरों के स्वामी हैं और वे मात्र खेल के लिए उनका शिकार कर सकते हैं (जिन देशों में शिकार की अनुमति है)।
ऐसा कहा गया है कि जब परिस्थितियां कठिन हो जाती हैं, मज़बूत चरित्र वाले और दृढ़ निश्चयी हो जाते हैं। ये शब्द एक आलसी व्यक्ति से नहीं उपजे हैं, क्योंकि कठिन मेहनत ही उसके लिए कार्य छोड़ने और आसान कार्य को तलाशने का कारण है। परिश्रमी व्यक्ति उन पर भरोसा रखते और अभ्यास में लाते हैं, और वे व्यापार में अपने उत्साही और अथक प्रयासों के लिए स्वयं की आत्माओं में तथा एक-दूसरे से प्रतिफल प्राप्त करते हैं (नीति 14:14; 22:29)।
जानबूझकर विलंब करना और स्वकाय दुश्चिंता पाप हैं। ये कायर और आलसी व्यक्तियों के बहाने हैं (रोमियों 12:11)। किसी आलसी व्यक्ति से पूछिए कि वह प्रसन्न क्यों नहीं है, और वह उसके दर्द व पीड़ा सुनाकर आपके कान भर देगा। आप सोचेंगे कि प्रत्येक पीढ़ी में अय्यूब मौजूद है! एक आलसी व्यक्ति से पूछिए कि उसने आज काम क्यों नहीं किया तो वह यह सुनाकर आपके कान भर देगा कि आने वाला कल किस तरह बेहतर और निश्चित होगा। समस्या यह है कि कल वह यही बातें अगले दिन के लिए दोहराएगा!
विचलित होना (काम से मन भटकना) पाप है। यदि आपके पास नौकरी अथवा व्यवसाय है, तो परिश्रम करना परमेश्वर की आज्ञा है (रोमि 12:11)। विश्वासयोग्यता एक गुण है (नीति 13:17; 25:13; 28:20)। यह आपका परमेश्वर-प्रदत्त कर्तव्य है कि चीजों को अधिकतम संभव बनाने के लिए जितना हो सके उतनी बुद्धिमानी से प्रयास करें। क्या आपका वार्षिक वेतन अथवा शुद्ध लाभ आपकी उम्र से दुगुना है? यह एक संकेतक है। आप पीछे हैं, तो क्यों? किस चीज ने आपके ध्यान को विचलित किया?
कर्तव्यत्याग करना पाप है। यदि आपके पास एक परिश्रमी और विश्वसनीय जीवनसाथी है तो इतना होना आपको परमेश्वर के सम्मुख आपके समस्त उत्तरदायित्वों से मुक्त नहीं करता है, जब तक कि यह परमेश्वर के वचन के परामर्श से और बुद्धिमान परामर्शदाताओं के परामर्श करने के बाद पूर्ण पारस्परिक सहमति से न हो। खड़े हो जाए और बाहर निकले – बाहर कोर्इ शेर नहीं है! लेकिन यहूदा के गोत्र का शेर (अर्थात् यीशु मसीह) आलसी व्यक्तियों का पीछा करेगा, क्योंकि उसके राज्य में सिर्फ परिश्रमी निर्माता पाए जाते हैं।
भय और आलस्य का क्या इलाज है? गली में निकल जाइए! अपने कर्तव्यों को उमंग से भर दीजिए! जब आप विपक्ष का सीधे सामना करते हैं, तो आप यह देखकर चकित हो जाएंगे कि विपक्ष की गलियां कितनी खाली हैं। सुबह तभी ठंडी और अंधेरी होती है, जब आप गर्म बिस्तर में बत्ती बुझाकर लिपटे हुए होते हैं। बिस्तर से उठिए और उजाला कीजिए, और आपको हैरानी होगी कि चीजें पहले से ही बेहतर हैं!
दस डरपोक और आलसी जासूस परमेश्वर के उन महान कार्यो को भूल गए जो उन्हें मिस्र से बचाकर लाने में किए गए थे और उन्होंने इज़रायल को बताया कि कनान को लेना उनके लिए बहुत कठिन कार्य होगा (गिनती 13:26-33)। गलियों में शेर के स्थान पर उन्होंने राक्षसों और टिड्डों का बहाना बनाया। ‘‘फिर हम ने वहां नपीलों को, अर्थात नपीली जाति वाले अनाकवंशियों को देखा, और हम अपनी द्दष्टि में तो उनके साम्हने टिड्डे के समान दिखार्इ पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी द्दष्टि में मालूम पड़ते थे (गिनती 13:33)। बेचारे लड़कें! विश्वास की कमी और प्रतिज्ञा किए गए देश को लेने में परिश्रम की कमी के कारण वे निर्जन में कुत्तों की तरह मर गए!
यीशु ने तीन व्यक्तियों को अलग-अलग धनराशि दी (मत्ती 25:14-30)। दो ने अपने हिस्से का निवेश किया और अच्छा लाभ पाया और अपने प्रभु से प्रशंसा भी पायी। दूसरा, एक आलसी परास्त व्यक्ति था जिसने अपने तोड़े को कायरता और आलसीपन के कारण भूमि में गाड़ दिया। उसका बहाना था कि उसका प्रभु अपनी अपेक्षाएं रखने में बहुत कठोर था। बेचारा लड़का! उसका तोड़ा ले लिया गया और जिसके पास दस तोड़े थे, उसे दे दिया गया। यीशु मसीह के राज्य में धनी और धनी बन जाते हैं और निर्धन और निर्धन बन जाते हैं।
यीशु मसीह ने प्रतिदिन आपको अपना क्रूस उठाने के लिए बुलाया है (लूका 9:23)। आप किस तरह प्रतिक्रिया देंगे? क्या आप प्रयास से डर जाएंगे और अपने कार्य से पीछे हटकर दैहिक पथभ्रष्टता को अपना लेंगे (फिलि 3:18-19; इब्रा 10:38-39)? अथवा आप अपने अतिप्रिय खजांची की महिमा के लिए चुकाने वाली कीमत और श्रम को पूरा गिनेंगे (लूका 14:25-33)? क्या आप इसे आज उठाएंगे, प्रिय पाठक?
अगर आप किसी स्वाभाविक या आत्मिक परियोजना के मार्ग में शेर को देखते हैं, तो उसकी अनमोल प्रतिज्ञा को स्मरण कीजिए, ‘‘तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा’’ (भजन 91:13)। आपके विषय में यह बात कभी न कही जाने पाए, ‘‘एप्रैमियों ने तो शस्त्राधारी और धनुर्धारी होने पर भी, युद्ध के समय पीठ दिखा दी’’ (भजन 78:9)।
जब आत्मिक कर्तव्यों को पूरा करने और स्वर्ग में परमेश्वर को प्रसन्न करने की बात आती है, तो वास्तव में गलियों में एक शेर होता है जो आपको निगलना चाहता है – स्वयं शैतान (1 पत 5:8)। परंतु शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा (याकूब 4:7)। यदि आप बिस्तर से बाहर निकल आएंगे और परमेश्वर का प्रदान किए गए सब हथियार धारण कर लेंगे, तो आप उसकी चालों के सामने खड़े रह सकते हैं (इफि 6:10-18; 5:14-16; 4:27)।
परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को मेहनती लोगही प्राप्त करते है, आलसी नहीं (इब्रा 6:9-12)। यीशु ने कर्इ मुकाबलों में शेर का सामना करने और उसे सहन करने के द्वारा मुकुट प्राप्त किया (भजन 22:11-21; मत्ती 4:1-11; इब्रा 12:1-3)। आनंदित होइए, पाठक, यीशु शेर से छिपा नहीं, अन्यथा आप अपने पापों में मर जाते। उसके पवित्र उदाहरण पर विचार करें और अपने समस्त कर्तव्यों में इसका पालन करें!
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