नीतिवचन 20:7

धर्मी जो खराई से चलता रहता है, उसके पीछे उसके बाल–बच्चे धन्य होते हैं।

आपके परिवार का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज अपना जीवन कैसे जीते हैं। आपके बच्चों पर आपका सबसे बड़ा प्रभाव है आपका सच की राह पर चलना। सत्य के मार्ग पर चलनेवाले पुरुषों के बच्चे अपने साथियों की तुलना में अधिक चरित्रवान और बुद्धिमान बनते हैं, इसलिए उन्हें इस दुनिया में कई प्रकार की सफलताएँ प्राप्त होती हैं। लेकिन उससे भी बढ़कर, परमेश्वर स्वयं अलौकिक रूप से भक्तिमान मनुष्यों के बच्चों पर अनुग्रह करेगा।

एक निष्कलंक चरित्रवाला इन्सान खराई से चलता है; वह अच्छाई के बारे में जितना सोचता है या जितना दावा करता है, उसका जीवन-स्तर उससे कहीं अधिक ऊँचा होता है (नीतिवचन 20:6)। वह सिर्फ बातें नहीं करता, बल्कि उनपर चलता भी है। वह परमेश्वर के भय मानकर और यीशु ख्रीस्ट में विश्वास रखकर, सभी आज्ञाओं का पालन करते हुए अपना जीता है। परमेश्वर उसके वंशजों पर आशीष और अनुग्रह भेजेगा। यहाँ एक ऐसा नीतिवचन है जिसमें अद्भुत आशिषों की प्रतिज्ञा की गई है। जो खराई से चलते हैं, वे इसे थाम लें!

स्थिति को समझें। यह व्यक्ति आज का वह ईसाई नहीं है जो देह-वासना से चलता है, जो रविवार को चर्च जाता है, और अन्य विश्वासियों के साथ सब विषयों पर बात करता है और उनके जैसे काम करने का दिखावा भी करता है, लेकिन फिर पूरे सप्ताह के दौरान घर पर या दुनिया में एक अलग ही जीवनशैली जीता है। यहाँ एक धर्मी मनुष्य है, वह वही करता है जो परमेश्वर की दृष्टि में सही और पवित्र है। वह पूरे हृदय से परमेश्वर को खोजता है। और वह प्रतिदिन इसी क्रम में चलता है।

यहाँ एक साफ़ विवेक वाला व्यक्ति है, जो अपने सब काम परमेश्वर के वचन की परख से करता है। वह अपने पापों मानता है, और उन पर पश्चात्ताप करके खुद में बदलाव लाता है, और परमेश्वर और मनुष्यों के सामने निर्दोष ठहरता है। वह अपना मन ऊपर स्वर्ग की बातों पर एकचित्त करता है, और वह मसीह के लिए अपनी पापपूर्ण अभिलाषाओं को क्रूस पर चढ़ा देता है। वह परमेश्वर के वचन से कांपता और थरथराता है और दीन मन से अपने परमेश्वर के साथ चलता है।

उसमें कोई आत्म-धार्मिकता नहीं है। अपने या अपने परिवार के बारे में उसकी कोई ऊंची राय नहीं है। वह ख़ुशी-ख़ुशी निर्धन वर्ग के लोगों से प्रेम करने और किसी भी तरह से उनकी सेवा करने की कृपा करता है। वह जानता है कि वह छोटा आदमी है; वह परमेश्वर द्वारा अपने पापों की क्षमा से प्रसन्न होता है; और इसके कारण वह दूसरों को बहुत जल्दी और पूरी तरह से माफ कर देता है। वह अपने मन की जांच करता है और वहां से सभी कड़वाहट या घमंड को निकाल देता है।

वह जानता है कि परमेश्वर उसे इस बात से मापता है कि दूसरों के साथ उसके संबंध कैसे हैं (मलाकी 4:5-6; लूका 1:17)। वह अपनी सरकार, चाहे किसी की भी हो, अपने अधिकारियों, नियोक्ताओं, माता-पिता, पास्टर, पत्नी और बच्चों के प्रति अपने सभी कर्तव्यों का सावधानीपूर्वक और उत्साहपूर्वक निर्वहन करता है – वह जानता है कि बाइबल में ये सब बाते सिखाई गई है। वह एक परोपकारी और समाज में मेल-मिलाप करानेवाला होता है, विशेषकर गरीब लोगों के लिए, और यहां तक कि अपने शत्रुओं के लिए भी (लूका 6:27-36; 14:12-14; रोमियों 12:16)।

इस नीतिवचन में जो वादा किया गया है, उसे समझें। स्वर्ग का पवित्र परमेश्वर खराई पर चलनेवाले मनुष्यों को उनकी भावी पीढ़ी पर अपनी आशीषों को भेजकर पुरस्कृत करता है। यदि वे बच्चे या पोते पाप करते हैं, तो उन्हें अपने अधर्म का दंड भुगतना पड़ेगा, लेकिन परमेश्वर बाकियों की तुलना में उके साथ अधिक दयालुता से निपटेगा। यदि उसके बच्चे भी उसी के समान धर्मी जीवन जीते हैं, जैसा कि उन्होंने अपने पिता को देखा है, तो इसकी अधिक संभावना है, परमेश्वर उनके न्यायपूर्ण पिता (या माता) की खातिर उनकी सहायता करेंगे और उन्हें आशीर्वाद देंगे।

दाऊद पर विचार करें, जो परमेश्वर के मन के अनुरूप व्यक्ति था, जो बतशेबा के साथ अपने पापों को छोड़कर, परमेश्वर की दृष्टि में परिपूर्ण था (1 राजा 15:3-5)। दाऊद के खराई के जीवन का सम्मान करने के लिए, परमेश्वर ने उसके वंशजों पर बार-बार दया दिखाई (1 राजा 11:12,32,36; 15:4; 2 राजा 8:19; 2 इतिहास 21:7)। दाऊद ने धर्मीजन का वर्णन कुछ इस प्रकार किया, “उसके वंश पर आशीष फलती रहती है” (भजन 37:26)। साथ ही, “वह कौन है जो यहोवा का भय मानता है? यहोवा उसको उसी मार्ग पर जिस से वह प्रसन्न होता है चलाएगा। वह कुशल से टिका रहेगा, और उसका वंश पृथ्वी का अधिकारी होगा” (भजन 25:12-13)।

माताओं और पिताओं! क्या आप अपने बच्चों से सच्चा प्यार करते हैं? अपने पोते-पोतियों से? कॉलेज की शिक्षा भूल जाओ। निर्देश और प्रशिक्षण भूल जाओ। इस नीतिवचन की प्राथमिकता समझिए। दीन मन से जियो और परमेश्वर के सामने खराई से चलो, और वह तुम्हारे जीवन के कारण तुम्हारे बाल-बच्चों को आशीर्वाद देगा। अय्यूब का खराई का जीवन ऐसा था कि वह अपने बच्चों की जन्मदिन की पार्टियों के बाद उन के लिए पाप बलियां भी चढ़ाता था (अय्यूब 1:1-5)।

पीनहास और योनादाब, जो धर्मिजनों के उदाहरण थें, को एक धर्मी वंश का वादा किया गया था (गिनती 25:11-13; यिर्मयाह 35:18-19)। ख्रिश्चन विश्वासी, क्या ये वादे केवल दूसरों के लिए हैं? पुनः विचार करें। “क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है! उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी” (भजन 112:1-2)।

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि आपको आप का पाप लगेगा (गिनती 32:23)। आप पापों को अपने विचारों, अपने शयनकक्ष या कहीं और नहीं छिपा सकते (सभो 10:20; यिर्मयाह 23:23-24)। परन्तु परमेश्वर की आंखें सब कुछ देखती हैं (नीतिवचन 15:3)। शुरुआत अपने आत्म-परिक्षण से करें और उसमें से उस हर चीज़ से छुटकारा पाएं जो परमेश्वर के वचन के उच्चतम मानक से मेल नहीं खाती है (नीतिवचन 4:23; भजन 139:23-24; याकूब 4:9)।

परमेश्वर आपको खराई का जीवन जीने के लिए पुरस्कृत करने बाध्य नहीं है, विशेष रूप से आपके वंशजों को आशीर्वाद देने और उपकार करने जैसे पुरस्कार देने के लिए। आपको तो वैसे भी परमेश्वर के भय और उससे प्रेम के कारण ऐसा जीवन जीना चाहिए, जैसा पौलुस ने किया (2 कुरिन्थ 5:9-15)। परन्तु परमेश्वर ऐसे वादे करता है, और वह चाहता है कि आप उन पर विचार करें (इफिसियों 6:2-3)। अपने परिवार के कल के उज्ज्वल भविष्य के लिए आज खराई पर चलनेवाले व्यक्ति बनें।

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