नीतिवचन 20:4
आलसी मनुष्य शीत के कारण हल नहीं जोतता; इसलिये कटनी के समय वह भीख माँगता, और कुछ नहीं पाता।
आलसी लोगों के पास कड़ी मेहनत से बचने के लिए हमेशा कोई न कोई बहाने होते ही हैं। कोई भी कठिनाई या तकलीफ़ दिखाई देने पर उन्हें काम को दूसरे दिन पर टालने के लिए बहाना मिल जाता है। यदि थोड़ी सी भी कोशिश या सख्ती की जरूरत हो तो वे उसे टाल देते हैं। वे दूसरों से सहायता या सरकार से सब्सिडी चाहते हैं, लेकिन उन्हें ऐसी सहायता देने या उनकी कोई भी मदद करने के बजाए उन्हें भूखा छोड़ दिया जाना ज्यादा सार्थक साबित होगा!
यहां प्रत्येक परिवार, व्यवसाय, चर्च और राष्ट्र के लिए बहुमूल्य बुद्धि है। ये नीतिवचन गुप्त बातें हैं, लेकिन परमेश्वर आपसे उम्मीद करता है कि आप इनमें छुपे हुए सत्य और ज्ञान को खोजें और सीखें। आलसी लोग मेहनती लोगों से भीख माँगते हैं या उन से अपेक्षा करते हैं कि वे उनकी ज़रूरतों को पूरा करें, लेकिन मेहनती लोगों को आलसी लोगों पर अंकुश लगाना चाहिए!
यहां उदाहरण एक ठंठ के मौसम की सुबह का है जब जुताई करनी होती है, लेकिन आलसी को अपने गर्म बिस्तर में रहना अच्छा लगता है। जब कुछ महीनों बाद फसल आती है और मेहनतकश किसानों के पास नकद रूपया आ जाता है, तो भीख मांगने वाले ऐसे आलसी को भगा दिया जाना चाहिए। इस पर विश्वास करो!
आलसी लोग सुस्त भालू होते हैं। आलसी शब्द का अर्थ है, “वह जो स्वभाव ही से या आदतन धीमा, सुस्त, ढीला या निष्क्रिय होता है; जो किसी भी प्रकार के काम या परिश्रम के प्रति अनिच्छुक हो; सोकर रहनेवाला सुस्त भालू या नालायक व्यक्ति।” आपने आलसियों को देखा है; शायद आप भी उन में से एक हो।
सुलैमान ने आलसियों से कहा कि वे परिश्रम करना चींटी से सीखें (नीतिवचन 6:6) और ज़रूरत से ज्यादा न सोए (नीतिवचन 6:9); वह आलसियों का वर्णन करते हुए कहता है कि वे अपने मालिकों के चिड़चिड़ेपन का कारण बनते हैं (नीतिवचन 10:26), वे हमेशा उस चीज का लालच करते है जिसे पाने के लिए वे कोई मेहनत नहीं करेंगे (नीतिवचन 13:4), और अपने आलस्य के लिए बहाने बनाने में दुस्साहसी होते हैं (नीतिवचन 26:16)।
आलसी सर्दी के मारे हल नहीं जोतेगा। ज़मीन को पतझड़ या वसंत ऋतु में जोता जाना होता है, लेकिन ठंड का मौसम आलसी को हतोत्साहित करता है। उसे घर में ही गर्म बिस्तर में पड़े रहना अच्छा लगता है। ठंड में काम करने का विचार उसके लिए मानों अत्याचार है। वह की मामूली बहाना बना लेता है और कुछ नहीं करता।
वह ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहता जो कठिन या तनावपूर्ण हो। उसके लिए बस जीवन आसान होना चाहिए, ऐसा वह मन ही मन सोचता है। लेकिन एक मेहनती व्यक्ति तापमान या अन्य परिस्थितियों जैसी छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देता है। उसे काम करना है और वह पूरी लगन से काम पूरा कर लेता है। वह आराम के लिए अपने शरीर में गर्मी पैदा करता है!
निःसंदेह, आलसी व्यक्ति आसानी से अपने बहानों या डर से विचलित नहीं होता। वह दस कारण बता सकता है कि क्यों यह काम या वह काम करने का अभी अच्छा समय नहीं है, वह इसे बाद में क्यों करेगा, या ऐसा काम उसके लायक क्यों नहीं है। उसके ऐसे दयनीय प्रयास सिर्फ़ खुद को एक आलसी मुफ्तखोर होने की लज्जा से बचाने के लिए ही होते हैं।
उसके पास हमेशा कोई न कोई बहाना होगा, क्योंकि समस्या उसके दिल में है, उसकी परिस्थितियों में नहीं। हालाँकि सात आदमी उसे कड़ी मेहनत और इनाम के बारे में सच्चाई बताते हैं, लेकिन वह अहंकारपूर्वक उनकी सलाह को अपनाने से इनकार कर देता है और बिस्तर पर वापस लौट जाता है (नीतिवचन 26:16)। परन्तु यहोवा जानता है कि उसे कैसे सिखाना है! एक आलसी नौजवान को वीडियो गेम से नफरत और कड़ी मेहनत से प्रेम करना सिखाने का एक उपाय है – भूख!
आलसी भीख मांगता है। जब दूसरों को उनकी तनख्वाह मिलती है, तो वह उस में से कुछ अपने लिए मांगना चाहता है, भले ही उसने वही अवसर गँवा दिया हो। आलसी स्वभाव ही से समाजवादी और साम्यवादी होते हैं। वे चाहते हैं कि आप, एक मेहनतकश व्यक्ति, उनकी मदद करें। राजनेता अपने वोट पाने के लिए श्रमिकों से लेकर आलसियों को धन बाँट-बांटकर उन्हें सब्सिडी देते हैं – परमेश्वर की इच्छा और वचन के विरुद्ध।
परिश्रम को पुरस्कृत करने और आलस्य को दंडित करने के इस महत्वपूर्ण नैतिकता में परमेश्वर और सुलैमान पूंजीवादी हैं। इस पर विश्वास करो। सुलैमान ने लिखा, “काम–काजी लोग प्रभुता करते हैं, परन्तु आलसी बेगार में पकड़े जाते हैं” (नीतिवचन 12:24)। और यह भी, ” आलसी का प्राण लालसा तो करता है, और उसको कुछ नहीं मिलता, परन्तु काम–काजी हृष्ट पुष्ट हो जाते हैं” (नीतिवचन 13:4)।
आलसी को कोई आर्थिक मदद नहीं की जानी चाहिए। परमेश्वर की कल्याण प्रणाली सरल है – हम तुझे भूखा रखकर मेहनत करना सीखने में मदद करेंगे! पौलुस ने लिखा, “क्योंकि जब हम तुम्हारे यहाँ थे, तब भी यह आज्ञा तुम्हें देते थे कि यदि कोई काम करना न चाहे तो खाने भी न पाए” (2 थिस्स 3:10)। और उसे न केवल भूखा रखा जाना चाहिए, बल्कि उसे चर्च से बाहर निकाल देना चाहिए (2 थिस्स 3:6,14)।
भूख मनुष्य को मेहनत करने में मदद करती है (नीतिवचन 16:26)। नाभि रीढ़ के जितनी करीब आती है, काम के प्रति इच्छा और प्रयास उतना ही अधिक बढ़ता जाता है। इस पर विश्वास करो। जब तक कोई आलसी व्यक्ति काम करने का निश्चय नहीं कर लेता, तब तक उसे किसी भी आर्थिक सहायता से वंचित रखा जाना चाहिए, ऐसा न हो कि आप उसके पाप के भागिदार बनें। परमेश्वर की व्यवस्था ऐसी काम करती है जिसमें मेहनती लोग आलसी लोगों की जब्त की गई संपत्ति के मालिक बन जाते हैं (लूका 19:12-26)।
ख्रिश्चन उदारता केवल जरूरतमंदों पर लागू होती है, और वह भी केवल मौलिक ज़रूरतों पर – रोटी, कपडा, मकान, या आपातकालीन चिकित्सकीय देखभाल, और उसके बाद केवल परमेश्वर के कार्यों के लिए; ख्रिश्चन उदारता का उपयोग कभी भी आलस्य को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए (प्रेरितों 2:44-45; 11:27-30; याकूब 1:27)। परमेश्वर गरीबों से अपेक्षा करता है कि वे खेतों में उनके लिए छोड़ी गई बालों को चुने। पर उसे चुनने के लिए उन्हें खुद जाना पड़ता था, चाहे ठंड में बाहर निकलना पड़े (लैव्य 19:9-10; 23:22; व्यवस्था 24:19-21)।
आर्थिक मदद करना आपको भी आलसी के आलस्य के पाप में भागीदार बनाते हैं। आपकी सहायता उसके आलस्य को प्रोत्साहित और समर्थन करती है, चाहे आप कुछ भी कहें। आप क्या कहते हैं, इसकी उसे कोई परवाह नहीं है, जब तक आप उसे देते रहते हैं – उसके खाने, सोने और खेलने के लिए भुगतान करते रहते हैं। यीशु के एक और दृष्टांत पर विचार करें; बुद्धिमान कुँवारियाँ अपना बहुमूल्य तेल मूर्ख कुँवारियों के साथ नहीं बाँटतीं (मत्ती 25:1-13)।
सच कहें तो, आलसी का एक भाई होता है – एक मेहनती व्यक्ति जो मूर्खतापूर्ण खर्च या निवेश करके अपनी कमाई बर्बाद करता है (नीतिवचन 18:9; 13:23; 21:17,20)। यदि आप उसे आर्थिक मदद देते हैं, तो आप फिर से पाप के भागीदार हैं। लोगों को अपनी क्षमता के भीतर रहने, बुद्धिमानी से खर्च करने, उचित बीमा कराने, विवेकपूर्ण ढंग से निवेश करने, लोन में किसी का ज़मानतदार बनने से बचने और इस तरह की सभी चीजों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
अभिभावकों! अगर आप अपने किसी बच्चे में आलस्य को देख लेते हैं, तो समय रहते ही उसके आलसीपन को तुरंत कुचल दें। आपके जीवनसाथी, आपके परिवार और अन्य घर के बाकि सब के लिए भविष्य में कई बड़ी बड़ी तकलीफ़ों का सामना करना होता है। कर्तव्य और परिश्रम का आनंद दिखाओ और सिखाओ। उन्हें पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करें, लेकिन केवल तभी जब वे काम करें। अच्छे से किए गए कार्य की प्रशंसा करें, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप ने उन्हें जो जो काम दिएँ थें वे सभी कार्य पूरी तरह और सही ढंग से और समय पर कर लिए गएँ हैं। और यह अच्छी तरह याद रखें, भोजन कोई अधिकार नहीं है!
परमेश्वर ने अपने और आपके बीच एक ऊँचा मानक रखा है। आपको न केवल जीवित रहने के लिए आवश्यक मेहनत करनी है, बल्कि आपको परमेश्वर को वापस लौटाने के लिए (सकल का 10%), बचाने के लिए (सकल का 10%), और सच्ची ज़रूरत में दूसरों को देने में सक्षम होने के लिए पर्याप्त कमाई भी करनी है, क्योंकि परमेश्वर ज़रूरतमंदों को आपके जीवन के मार्ग पर ले आता है। ये कर्तव्य हैं, विकल्प नहीं (नीतिवचन 3:9; 6:8; 30:25; इफि 4:28)। यह एक ख्रिश्चन के रूप में आपके पवित्रीकरण का हिस्सा है, जिसके विषय सुसमाचार सिखाता है (1 थिस्स 4:11-12; रोमियों 12:11)।
नीतिवचन और उनकी व्याख्या हर दिन मुफ़्त पाएँ। चैनल खोलें, “फ़ॉलो करें” पर टैप करें और नोटिफ़िकेशन की घंटी चालू करें।