नीतिवचन 20:14
मोल लेते समय खरीदार कहता है, “वस्तु अच्छी नहीं है।” पर कम कीमत पर वस्तु खरीद लेने के बाद वह शेखी मारता है।
कम दाम में कोई चीज़ खरीदना जोखिम से भरा हो सकता है। किसी चीज़ की कीमत कम करवाने के लिए विक्रेता को उसकी खामिया बताना और फिर कम दाम में ख़रीदकर अपने दोस्तों या परिवार के लोगों के सामने अपनी चालाकी की डींगें मारना झूठ बोलने और चोरी करने का पाप है। ईश्वरभक्ति और सत्य दोनों ही हमसे मांग करते हैं कि हम उचित मूल्य दें और मन से ईमानदार रहें।
स्वर्ग का परमेश्वर छोटी-छोटी बातों की परवाह करता है। बाइबल के ख्रिश्चन विश्वास में आपके जीवन की छोटी-छोटी बातें भी मायने रखती हैं (भजन 119:96; व्यवस्थाविवरण 22:6-7; मत्ती 5:19)। वह निरिक्षण करता और मन को तौलता है कि आप दूसरों से चीजें कैसे खरीदते हैं। यदि आप किसी विक्रेता को कम दाम में वस्तु बेचने मना लेते हैं और फिर अपनी खूबी पर घमंड करते हैं, तो वह इसे पाप मानता है।
बाइबल अक्सर कुटिल विक्रय प्रथाओं की निंदा करती है, जैसे झूठे बाट और तराजू (नीतिवचन 11:26; 16:11; 20:10,23; लैव्य 19:36; व्यवस्थाविवरण 25:13; मीका 6:11)। लेकिन यहां इस नीतिवचन में परमेश्वर आपको पापपूर्ण और कुटिल खरीदारी की प्रथाओं के बारे में चेतावनी दे रहा है।
देह-स्वभाव से चलनेवाले मनुष्य को वस्तुएं सस्ते दाम पर खरीदने और फिर उन्हें ऊंचे दाम पर बेचने की लालसा होती है, यहां तक कि अगर वह किसी चीज को जिस व्यक्ति से खरीदता है, और बाद में विक्रेता अगर उस चीज को वापस खरीदना चाहे तो जिसने पहले ख़रीदा था वह वही चीज उसी मनुष्य को दाम बढाकर बेचेगा! आदम से चोर पैदा हुए। इसलिए मनुष्यों में मोलभाव करने की प्रवृत्ति होती है – वे मुंह मांगी कीमत नहीं चुकाना चाहते। विक्रेता से उसकी कीमत कम करवाने के लिए वे कई कपटपूर्ण तकनीकों का उपयोग करते हैं। वे कुछ इस तरह कहें, “यह चीज़ ठीक नहीं है, इसमें तो खोट है; यह कुछ भी नहीं है; यह उस कीमत के लायक नहीं है जो आप बता रहे हैं; वह दुकानदार तो इसे सस्ते में बेच रहा है, फिर आप क्यों..; यह वह नहीं है जो मैं ढूँढ रहा था; या फिर सच कहूँ तो मुझे इसकी ज़रूरत ही नहीं है। ठीक हैं आप रहने दो।”
लेकिन जब ये लोग इसे कम कीमत पर खरीदने के बाद दोस्तों और परिवार के लोगों से मिलते हैं, तो वे इस बात पर शेखी बघारते हैं कि उन्हें बहुत बढ़िया सौदा किया है। उनके शब्दों क्यों बदल जाते हैं? कहानी में और उनके बताने सुर में क्यों बदल जाता है? झूठ यह है: उन्होंने विक्रेता को यह क्यों नहीं बताया कि यह एक अच्छा सौदा था? उन्होंने विक्रेता से यह क्यों कहा कि उनके लिए कम कीमत में खरीदना बड़ा मुश्किल था?
ऐसे लोग झूठे होते हैं, और चूँकि उन्होंने झूठ का इस्तेमाल दूसरे की संपत्ति हासिल करने के लिए किया, इसलिए वे चोर हैं। इन लोगों की एक सामान्य अभिव्यक्ति होती है जिसके द्वारा वे अपना अपराध मान लेते हैं, तब जब वे शेखी बघारते हैं, “मैंने चोरी की है!” इस पर विचार करें, पाठक। चोर अपना अपराध और पाप स्वीकार कर रहा है, और वह भी तब जब वह शेखी बघार रहा होता है!
ये लोग अक्सर तर्क देंगे, “मैंने उसे कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर नहीं किया। यह एक मुक्त बाज़ार और एक मुक्त अर्थव्यवस्था है। वह खुद एक समझदार व्यक्ति था। अगर उसे नहीं लगता कि यह उचित सौदा है, तो उसने इसे उस कीमत पर मुझे नहीं बेचा होता। ये लोग टेढ़े, विकृत मन के, और दुष्ट हैं।
यदि आप अपने इस मोलभाव पर घमंड करते हैं, तो आप स्पष्ट रूप से स्वीकार कर रहे हैं कि आपने विक्रेता का फायदा उठाया हैं, खासकर यदि आपने इसे बताई गई कीमत से कम दाम में खरीदा हो। यदि आपने विक्रेता का फायदा नहीं उठाया, तो आप किस बात का घमंड कर रहे हैं? आपका शेखी बघारना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आपने झूठ बोला और माल चुरा लिया। आपने विक्रेता को यह क्यों नहीं बताया, “मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि आप इसे इतनी कम कीमत पर बेच रहे हैं; आप वास्तव में इसे मुफ्त में ही दे रहे हैं”?
यहोवा धोखाधड़ी का बदला लेता है, जिसमें ‘खरीद और बिक्री’ भी शामिल है (लैव्य 19:11; 25:14-17; 1 थिस्स 4:6)। आर्थिक लेन-देन में पालन करने योग्य नियम क्या है, अर्थात् सभी आदान-प्रदानों और संबंधों में पालन करने योग्य नियम क्या है? बाइबल का सुनहरा नियम पढ़े (मत्ती 7:12)! जो खरीदार ख्रिश्चन है वह विक्रेता के साथ ऐसा व्यवहार करेगा, मानो भूमिकाएँ उलट गई हों, अर्थात्, आप स्वयं फायदा दिलानेवाले की भूमिका निभाते हैं। और केवल इस नियम के द्वारा ही आप परमेश्वर और मनुष्यों के सामने निष्पाप हो सकते हैं और उसकी महिमा के लिए सब कुछ कर सकते हैं (प्रेरितों 24:16; 1 कुरिन्थ 10:31)।
बाकि दुनिया कहती है, “मेरी आर्थिक तरक्की के लिए मुझे मोलभाव तो करना ही होगा। मैं ज़्यादा नहीं कमाता, इसलिए मुझे चीज़ें यथासंभव सस्ते में खरीदनी चाहिए।” क्या आपने देखा है कि ऐसे पुरुष आमतौर पर बहुत गरीब होते हैं? इसका एक कारण है। परमेश्वर उनके पापपूर्ण तरीकों को उनके ही सिर पर उलट देता है। अगर आप किसी गरीब दूकानदार को थोड़ा अतिरिक्त भुगतान करते हैं, तो परमेश्वर आपको तरक्की देगा (नीतिवचन 11:18,24-28; 28:8; सभोपदेशक 11:1-6; लूका 6:38)।
एक ईमानदार आदमी उसी भाषा का उपयोग करेगा, और विक्रेता के साथ उतनी ही खुलकर बात करेगा, जितना वह अपने परिवार के साथ करेगा। किसी वास्तु को खरीदने के बाद वह अपनी कहानी नहीं बदलता, क्योंकि उसने उचित मूल्य चुकाया है और झूठ नहीं बोला है। वह इस बात पर घमंड नहीं करता कि उसने बाजार-मूल्य से कम दाम में खरीदारी करते समय विक्रेता के साथ क्या किया। परमेश्वर सभी झूठ, झूठी गवाही, गलत बयानी और धोखाधड़ी से नफ़रत करता है, जिनमें से कुछ इस नीतिवचन में अपराध कहलाते हैं (नीतिवचन 12:17,19,22; 20:17; 26:18-19,24-28)।
अवश्य है कि आप सभी मनुष्यों की दृष्टि में जो सही है वही करें (रोमियों 12:17)। यहाँ प्रभु आपको बताता है कि वह आपसे कितना ईमानदार होने की अपेक्षा करता है। आपको व्यवसाय में भी दोस्तों और परिवार के साथ उतनी ही खुलकर और ईमानदारी से बात करनी चाहिए। यदि आप ऐसा दावा करते हैं जैसे आप निजी बातचीत में लोगों का फायदा उठा रहे हैं, तो आप निश्चित रूप से झूठ बोल रहे हैं और अपनी सार्वजनिक जीवन में चोरी कर रहे हैं।
विक्रेताओं को इस नीतिवचन की शिक्षा के अर्थ पर विचार करना चाहिए। वे अपने फायदे के लिए किसी वस्तु की कीमत बढ़ाचढ़ाकर नहीं बता सकते हैं। उन्हें अपने ग्राहकों के साथ उतना ही ईमानदार और खुला होना चाहिए जितनी कि वस्तु का वास्तविक मूल्य है। उन्हें अपने ग्राहकों के साथ उतना ही ईमानदार और खुला होना चाहिए जितना वे अपनी माताओं के प्रति हैं।
क्या आप नौकरी पाने के लिए अपनी योग्यताओं को बढ़ा-चढ़ाकर बता सकते हैं, और फिर ऐसी नौकरी पाने का दावा कर सकते हैं जिसके लिए आप योग्य नहीं हैं? क्या आप ऋण प्राप्त करने के लिए अपनी देनदारियों को कम करके आंक सकते हैं, और फिर सफलतापूर्वक लोन पाने का दावा कर सकते हैं जिसके आप हकदार नहीं थे? क्या आप अधिक वेतन-वृद्धि प्राप्त करने के लिए अपनी वित्तीय आवश्यकता को बढ़ा-चढ़ाकर बता सकते हैं, और फिर अपेक्षा से अधिक वेतन वृद्धि प्राप्त करने का दावा कर सकते हैं? क्या आप छुट्टी पाने के लिए बॉस को बता सकते हैं कि आप बीमार हैं, और फिर गोल्फ खेलते समय अपने दोस्तों से उसे बेवकूफ बनाने का दावा कर सकते हैं? क्या आप किसी पुलिसकर्मी को यह बता सकते हैं कि आप केवल 40 की गति से गाड़ी चला रहे थे, और फिर 60 या 80 की गति से गाड़ी चलाने के बावज़ूद चालान न कटने का दावा कर सकते हैं? प्रिय पाठक, अपने प्रत्येक शब्द का परिक्षण इस नीतिवचन के नियम से करें।
पवित्रता और ईमानदारी का कितना सुंदर मानक! परमेश्वर की महिमा हो! यहोवा के समान कोई परमेश्वर नहीं है। वह चट्टान है, और उसमें कोई बुराई नहीं है। और प्रभु यीशु मसीह उसका पुत्र है, जिसने सब मनुष्यों से अधिक सत्य और धार्मिकता से प्रेम किया और अधर्म से बैर किया। प्रभु की स्तुति हो!
बाइबल के समान पवित्र कोई पुस्तक नहीं है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि मूसा ने इस्राएल से कहा कि परमेश्वर की विधियाँ अन्य सब राष्ट्रों के सामने उनका जीवन, बुद्धि और धार्मिकता थीं। यदि इंसान ऐसी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर चले तो किसी भी प्रकार का युद्ध या बखेड़ा नहीं होगा। परन्तु अफसोस, मनुष्य का हृदय सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला और अत्यंत दुष्ट है: इसे कौन जान सकता है (यिर्मयाह 17:9)?
पवित्रता रविवार की सुबह परमेश्वर की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से कहीं अधिक बढ़कर है। आराधना में परमेश्वर के सभी नियमों का सख्त और सावधानीपूर्वक पालन करना शामिल है; आराधना करने का अर्थ है किसी भी बुराई के साथ समझौता करने से नफरत करना; यह जीवन की बहुत छोटी-छोटी घटनाओं पर लागू होता है; और इसमें आपका मानसिक रवैया और शब्द शामिल हैं। खरीदार सावधान हो जाएँ!
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