नीतिवचन 20:10
घटते–बढ़ते बटखरे और घटते–बढ़ते नपुए इन दोनों से यहोवा घृणा करता है।
परमेश्वर को भ्रष्टचार से भरे व्यावसायिक लेनदेन से नफरत है, इसलिए अपने सब आर्थिक और व्यावसायिक लेनदेन में सावधान रहें। जब आप फूटपाथ पर लगे किसी अस्थाई दूकान से कोई वस्तु खरीदतें हैं, तो मोल-भाव करके कम भुगतान करने के बजाए सही क़ीमत चुकाना ज्यादा बेहतर होगा, क्योंकि आप दूकानदार को जो कम भुगतान कर रहें हैं, परमेश्वर उसे उसके नुकसान की भरपाई किसी अन्य तरीके से तो कर ही देगा, लेकिन आपको समस्त पृथ्वी के इस भयानक न्यायाधीश से कोई भी नहीं बचा पाएगा।
एक दूधवाला प्रतिदिन 60 रूपये प्रति लीटर से 100 लीटर दूध बेचता है, जिसमें वह 10 लीटर पानी मिलाता है, तो वह एक महीने में कितनी चोरी कर रहा है? इसका हिसाब लगाने के लिए आपको कोई गणितज्ञ होने की आवश्यकता नहीं है। यह व्यवसाय और व्यक्तिगत ईमानदारी के बारे में एक चरित्र परीक्षण है। महीने की चोरी की राशि पुरे 18,000 बनती है, जो उसे हवालात में बंद करवाने के लिए काफी है! फिर भी यह इतना मामूली था कि कोई इसका पता भी नहीं लगा सका। लेकिन जिस भयानक और ख़ौफ़नाक परमेश्वर ने इस नीतिवचन को अपनी प्रेरणा से लिखवाया उसने यह सब देखा है।
समझो आपका वेतन 30,000 रूपये महिना है, और प्रतिदिन आप ऑफिस में केवल 15 मिनट व्यक्तिगत फ़ोन कॉल, व्हाट्सएप, फेसबुक या ट्वीट पर समय बिताते हैं, तो इस हिसाब से आप महीने में कितनी नौकरी की चोरी करते हैं? 900 रूपये! अगर यह प्रतिदिन 30 मिनट हो तो? 1800 रूपये महिना! यदि आप देर से पहुंचने, चाय-कॉफी पीने, अपने व्यक्तिगत बिलों का भुगतान करने, इंटरनेट सर्फिंग, दोपहर का भोजन, और जल्दी निकल जाने 18 मिनट और जोड़ दें तो कितना होगा? यह होगा 48 मिनट, और चोरी की कमाई होगी लगभग 98 रूपये प्रतिदिन, तो फिर आपने 2,940 रूपये चोरी के कमाए हैं। हर कोई यह कर रहा है? हाँ! परन्तु ख्रिश्चन कामगार अपने नियोक्ताओं से चोरी नहीं करते।
इस नीतिवचन का सबक आर्थिक और व्यक्तिगत ईमानदारी है। सुलैमान के दिनों में, वस्तुएँ व्यापारियों के तराजू पर तौलकर या व्यापारियों के नाप-तोल से मापकर खरीदी जाती थीं। यदि वे घटते–बढ़ते बटखरे और घटते–बढ़ते नपुए का उपयोग करते, तो वे आसानी से प्रत्येक ग्राहक से थोड़ा-थोड़ा चुरा सकते थे। यहोवा ऐसे व्यापारिक लेनदेन के व्यवहारों से घृणा करता था, उसका तिरस्कार करता था, और उससे उब गया था। और वह आज भी वैसा ही है। क्या आप पैसों के मामले में हमेशा निष्कलंक और ईमानदार रहते हैं?
दूधवाले के लिए अपना दूध बिना किसी मिलावट के बेचना कहीं बेहतर होगा। अपने नियोक्ता को धोखा देने के बजाए इमानदारी से और यहाँ तक कि कुछ अतिरिक्त घन्टे, जिसके लिए बॉस अतिरिक्त भुगतान करेगा, काम करना कहीं ज्यादा बेहतर होगा। अपने आप को छोटा करना कैसे बेहतर हो सकता है? आप इससे प्रमाणित करते हैं कि आप शुद्ध अंतःकरण और इज्ज़तदार व्यक्ति हैं; यह कि आपके ग्राहक या नियोक्ता आपसे प्रसन्न हैं और आप पर भरोसा करते हैं; और स्वर्ग का परमेश्वर आसानी से उस हानि की भरपाई उन तरीकों से कर सकता है जिन्हें कैलकुलेटर द्वारा मापा नहीं जा सकता। परमेश्वर की महिमा!
अपने शब्दों का ज्ञान बढ़ाने के लिए इस पाठ को सिख लें। पौलुस ने तीतुस से कहा कि वह कर्मचारियों को शिक्षा दे कि वे कभी चोरी चालाकी न करें, पर सब प्रकार से पूरे विश्वासी निकलें (तीतुस 2:9-10)। यहाँ ‘चोरी चालाकी’ का क्या अथ है? इसका अर्थ है अपने काम से समय चुराना, थोड़ा-थोड़ा करके चुराना। चोरी करने की तरह ही, ये सभी छोटी-मोटी चोरी या एक समय में कम मात्रा में चोरी करने की क्रियाएं हैं। ओह! क्या इसका मतलब उपरोक्त दो उदाहरणों की तरह है जिसे कई बार गुणा किया जा सकता है? हाँ!
पौलुस ने तीतुस से कहा कि वह कर्मचरियों को काम के प्रति निष्ठापूर्ण रहने की शिक्षा पूरे अधिकार के साथ दे (तीतुस 2:15)। परमेश्वर आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में धोखाधड़ी से नफरत करता है, और यह मसीह के सुसमाचार के विपरीत है। जो कर्मचारी कभी भी किसी नियोक्ता का फायदा नहीं उठाते हैं, वे काम पर अपनी निष्ठा – श्रद्धा, ईमानदारी, वफादारी और विश्वसनीयता (तीतुस 2:9-10) के द्वारा यीशु मसीह के सिद्धांत को सुशोभित कर सकते हैं। क्या आपका व्यावसायिक चरित्र और प्रतिष्ठा सुसमाचार को सुशोभित करती है, या उस पर दाग लगाती है? धर्मपरायण कर्मचारी हर समय, सभी मामलों में, बिना कोई उलटा जवाब दिए, अपने नियोक्ताओं की आज्ञा मानते हैं और उन्हें प्रसन्न करते हैं।
क्या आप अपने बिलों का भुगतान समय पर करते हैं? अनुग्रह अवधि में धोखा दिए बिना? क्या आप ग्राहक से उसकी भूल से अधिक भुगतान पाने पर उसे तुरंत रूपये लौटा देते हैं? जब आप कोई सामान दुकानदार को लौटते हैं, तो क्या आप उसे उसी अच्छी दशा में लौटाते हैं जिस दशा में वह सामान खरीदते समय था? क्या आप दिहाड़ी मजदूरों को उसी दिन भुगतान करते हैं? क्या आप उन सभी सेवा कर्मचारियों को उदारतापूर्वक टिप देते हैं जो आजीविका कमाने के लिए टिप पर निर्भर रहते हैं? क्या आप अपने नियोक्ता के लिए पूरा दिन या उससे अधिक काम करते हैं? क्या आप संपूर्ण और ईमानदार से टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं? ये नीतिवचन आपके लिए है।
क्या आप अपनी कमाई की रिपोर्ट भरने में पूरी तरह सावधान हैं? नियोक्ता चाहे आपकी तनख्वाह में कितनी भी बढ़ोतरी करे, क्या आप फिर भी अपने प्रति दिन के खर्च को कम करते हैं? अगर आप अपनी पुरानी कार बेचते हैं तो क्या आप बताते हैं कि उसमें क्या क्या खराबी है? क्या आप खरीदारों को अपने घर या व्यवसाय की समस्याओं के बारे में सूचित करते हैं? क्या आप उधार ली गई वस्तुएं समय पर और उसी बेहतर स्थिति में लौटाते हैं जब वे आपको दी गई थीं?
क्या आप अपने पड़ोसी की संपत्ति पर अतिक्रमण करते हैं? क्या आप अपने कुत्ते के भौंकने देने से पड़ोसी की शान्ति भंग करते हैं, या उसकी पोट्टी से उसका आँगन गन्दा करते हैं? क्या आप इस बात के प्रति सचेत हैं कि दूसरे आपकी मदद करने के लिए कुछ कर रहे हैं, और जब यह एक या दो बार से अधिक हो जाता है तो क्या आप उन्हें मुआवजा देते हैं? जब हिस्सेदारी की बात आये तो क्या आप हिसाब में हेराफेरी करते हैं, और बाकि भागीदारों को धोखा देकर कम मुनाफ़ा देते हैं? क्या आप कीमतें सुनकर शिकायत करते हैं, कुडकुड़ाते औरधमकाते हैं, या दूसरों से उनकी बिक्री की कीमतें कम करने की बात करने की कोशिश करते हैं?
महान परमेश्वर व्यापारिक, आर्थिक या व्यक्तिगत धोखाधड़ी से नफरत करता है। यदि आप थोड़ी मात्रा में भी दूसरों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे तो वह आपको पीसकर चकनाचूर कर देगा। कुछ ऐसे गरीब भी हैं जिनकी बातें सुनकर हैरत होती है, जो सोचते हैं कि आगे बढ़ने के लिए उन्हें धोखा देने का अधिकार है। अंदाज़ा लगाओ? इसीलिए तो वे गरीब हैं! उदार व्यक्ति, जो गरीबों की मदद करने और परमेश्वर के सामने स्वच्छ प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अपना पैसा खुले दिल से खर्च करता है, वह उस व्यक्ति से आगे निकल जाता है जो उसे पीछे खिंचने की कोशिश करता है (नीतिवचन 11:24-26)।
आज आपके पास अवसर होंगे कि आप निष्पक्ष, उदार, ईमानदार, धर्मपरायण और बलिदानी बने। यदि आप स्वयं को बचाने और किसी और को धोखा देने का निर्णय लेते हैं, भले ही राशी बहुत मामूली हो, तो आपका सृष्टिकर्ता परमेश्वर क्रुद्ध हो जाएगा और सुनिश्चित करेगा कि आप जीवन में हार जाएं। यदि आप विचारशील, मेहनती, वफादार और भरोसेमंद होने का फैसला लेते हैं, तो आप यीशु मसीह के सुसमाचार की महिमा को बढ़ा सकते हैं। ईमानदार व्यक्ति प्रमाणित करके दिखाता है कि वह परमेश्वर की सच्ची संतान है (भजन 15:1-5; रोमियों 12:17)।
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